विज्ञापन
विज्ञापन
इस पौष पूर्णिमा कराएं लक्ष्मी नारायण यज्ञ, खत्म होगी धन की सारी समस्या
Puja

इस पौष पूर्णिमा कराएं लक्ष्मी नारायण यज्ञ, खत्म होगी धन की सारी समस्या

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

आतंक के गढ़ 'दक्षिण कश्मीर' से निकला कोहिनूर, 20 साल की उम्र में पायलट बना ये युवक

आतंक का गढ़ कहे जाने वाले दक्षिण कश्मीर में युवा अब विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमा रहे हैं। पुलवामा जिले के एक 20 वर्षीय युवक ने पायलट बनकर अपने परिवार...

17 जनवरी 2021

विज्ञापन
Digital Edition

जम्मू-कश्मीरः हाईवे पर फंसे वाहन में दो लोगों की मौत, गुस्साई भीड़ का प्रदर्शन-पथराव

जवाहर टनल के पास बर्फबारी से बंद हाईवे पर बनिहाल में फंसे एक मालवाहक वाहन में दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान शब्बीर अहमद मीर (22) और मजीद गुलजार मीर (30) दोनों निवासी क्रालपोरा कुपवाड़ा के रूप में हुई है। दोनों वाहन में बेहोशी की हालत में मिले थे, जिन्हें अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 

मौके पर वाहन से कोयला और कांगड़ी मिली है। उधर, दो लोगों की मौत पर गुस्साए चालकों और फंसे यात्रियों ने प्रदर्शन कर घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। भीड़ में से कुछ लोगों ने पथराव भी किया। इस घटना से रेलवे चौक बनिहाल में तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि बाद में पुलिस ने स्थिति को शांत करवाया। 

जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को शनिवार सुबह बर्फबारी होने पर बंद कर दिया गया था। जवाहर टनल के पास बर्फ और फिसलन से बंद हाईवे के दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन फंस गए। इन्हीं में शामिल एक मालवाहक वाहन में सवार दो लोगों की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि वाहन से कांगड़ी और कोयला मिला है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। 

रेलवे चौक बनिहाल में फंसे वाहन चालकों और यात्रियों को जब दो लोगों की मौत की सूचना मिली तो उनका गुस्सा भड़क गया। कुछ लोगों ने बैरिकेड से तोड़फोड़ भी की और पथराव भी किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बनिहाल-काजीगुंड सुरंग को हाल ही में पूरा कर लिया गया है। ऐसी परिस्थितियों में सुरंग को कम से कम फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। हाईवे पर फंसे लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया जाता है, जिसके चलते दो लोगों को ठंड से जान तक गंवानी पड़ी है।

 एसएसपी हसीब उर रहमान और डीसी मसरत इस्लाम सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कारणों का पता लग पाएगा। वाहन के अंदर से कोयला और कांगड़ी मिली है और मामले की जांच जारी है।
... और पढ़ें
हादसे के बाद... हादसे के बाद...

कश्मीर से नजीरः पंडित के शव को 10 किमी कंधे पर लेकर गांव तक गए मुस्लिम, कराया संस्कार

कश्मीर में एक बार फिर कश्मीरियत की झलक दिखी, जब शनिवार को एक कश्मीरी पंडित के शव को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बर्फ के बीच 10 किलोमीटर पैदल चलकर घर तक पहुंचाया। निधन के बाद शव को घर तक पहुंचाने के अलावा मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ही अंतिम संस्कार का पूरा प्रबंध किया। 

जिले के इमामसाहिब इलाके के परगोची गांव में रहने वाले कश्मीरी पंडित भास्कर नाथ का शनिवार की सुबह श्रीनगर के स्किम्स में निधन हो गया। उनका शव एंबुलेंस से शोपियां लाया गया, लेकिन भारी बर्फबारी के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंची। इस पर भास्कर के परिवार वालों ने पड़ोसी मुस्लिम परिवारों से कहा तो वे सहर्ष तैयार हो गए। उन्होंने शव गांव तक पहुंचाया। 

इस दौरान काफी संख्या में मुस्लिमों ने घर पर पहुंचकर शोक जताया। गांव में अंतिम संस्कार में भी जवान, बुजुर्ग व बच्चों ने सहयोग किया। भास्कर के रिश्तेदार शमी लाल ने बताया कि मुस्लिम भी इसी समाज का हिस्सा रहे हैं। 1989 में पंडितों को घाटी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इसके बाद भी कुछ पंडित परिवारों ने घाटी नहीं छोड़ी और मुस्लिमों के साथ सगे भाई की तरह रहते आए हैं। 

कभी महसूस नहीं हुआ कि वे यहां अल्पसंख्यक हैं। सभी भाईचारे और सौहार्द के साथ रहते आए हैं। गांव के रशीद अहमद ने कहा, हम लोग एक दूसरे के शादी ब्याह और अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं। हर सुख-दुख में शामिल होते हैं। यह वैसा ही है जैसा कि एक पड़ोसी को करना चाहिए।
... और पढ़ें

पाकिस्तान की 'भूमिगत साजिश', छह महीने में चौथी और अबतक 10वीं नापाक हरकत, देखिए तस्वीरें

जम्मू-कश्मीर में 11 महीने बाद पहली फरवरी से खुलेंगे स्कूल, बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध

सेना के जवान बने देवदूत
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 11 महीने बाद फरवरी महीने से चरणबद्ध तरीके से स्कू ल खोले जाएंगे। कोरोना महामारी की वजह से पिछले साल मार्च महीने में स्कूल बंद कर दिए गए थे। पहले चरण में एक फरवरी से जम्मू संभाग के समर जोन के स्कूलों में कक्षा नौ से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू होंगी। दूसरे चरण में आठ फरवरी से कक्षा एक से आठ तक की कक्षाएं चलेंगी। यह आदेश सरकारी तथा निजी दोनों शिक्षण संस्थानों पर लागू होंगे। स्कूलों को खोलने में कोरोना निर्देशावली का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि एक फरवरी से स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन सुचारु हो जाएगा। प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाई भले ही आठ फरवरी से होगी, लेकिन शिक्षकों को एक फरवरी से ही नियमित रूप से आना होगा। कश्मीर और जम्मू संभाग के विंटर जोन के स्कूल निर्धारित किए गए समय पर ही खुलेंगे। स्कूलों के खुलने के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों को पूर्ण तरीके से कोविड-19 के निर्देशों का पालन करना होगा। 

इन निर्देशों में विद्यार्थियों को एक-दूसरे से 2 मीटर की दूरी पर बिठाना होगा। यदि कक्षाओं में एक साथ बच्चों को बैठाने में मुश्किल हो तो ऐसे में रोटेशन और शिफ्ट में कक्षाएं सगानी होंगी। शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। हाथ धोने की जगह पर विद्यार्थियों के लिए साबुन उपलब्ध करना अनिवार्य होगा। यदि हाथ धोने का इंतजाम न हो तो सैनिटाइजर का उपयोग करें। इसके अलावा आस-पास सफाई बनाए रखना,  स्कूल आते और जाते समय सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखा जाना अनिवार्य है। 

यह भी पढ़ेंः
रहस्यों से भरी 'जन्नत' में जमीन के अंदर है मंदिर, बेहद खूबसूरत हैं कश्मीर के ये स्थान    

स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित
शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव बीके सिंह की ओर से जारी आदेश में स्कूलों को निर्देश दिए गए है कि वह नियमित रुप से विद्यार्थियों के लिए कोरोना संबंधित वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन करवाए। बीमार विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए अलग से कमरा होना चाहिए। निदेशालय स्कूल शिक्षा विभाग जम्मू द्वारा 24 घंटे काउंसलिंग सुविधा दी जाएगी। स्कूलों में किसी भी बाहर के व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

किताबों का लेन-देन न करने की हिदायत
हिदायत दी गई है कि सभी बच्चे व शिक्षक अपना खुद का स्टेशनरी व किताब लेकर आएं। पेंसिल, पेन सब कुछ साथ लेकर आना है। किसी से लेन-देन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में मिली एक और सुरंग, हीरानगर सेक्टर के पानसर में पाकिस्तान की नापाक हरकत

सीमा सुरक्षा बल ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में हीरानगर के पानसर में एक सुरंग का पता लगाया है। इसकी लंबाई 150 मीटर है। पाकिस्तानी खुफिया विभाग ने आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ कराने के लिए इसका निर्माण किया था। सीमा सुरक्षा बल द्वारा 10 दिनों में दूसरी सुरंग का पता लगाया गया है। 

अधिकारियों ने बताया कि विशिष्ट खुफिया सूचना पर, बीएसएफ ने एंटी टनलिंग ड्राइव की श्रृंखला में जम्मू के पानसर क्षेत्र में एक और सुरंग का पता लगाया है। बीपी नंबर 14 और 15 के बीच सुरंग का पता चला है। सुरंग लगभग 150 मीटर लंबी और 30 फीट गहरी है। 

बीएसएफ ने जून 2020 में इसी इलाके में हथियारों और गोला-बारूद ले जा रहे एक पाकिस्तानी हेक्साकॉप्टर को मार गिराया था। सैनिकों ने नवंबर 2019 में इसी क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश को भी नाकाम कर दिया था। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अब तक जम्मू संभाग में दसवीं और पिछले छह महीने में चौथी सुरंग मिली है।

बीएसएफ के आईजी जम्मू एन. एस. जम्वाल ने बताया कि पानसर क्षेत्र में इंटेलिजेंस एजेंसी की तरफ से एक टनल के बारे में इनपुट मिला था। पाकिस्तान ने ये सुरंग जीरो लाईन से खोदी है। अनुमान है कि ये सुरंग भारतीय सीमा में 140-150 मीटर लंबी और 25-30 फीट गहरी है। आदमी बैठकर या रेंगकर इसे पार कर सकता है। उन्होंने कहा कि आईएसआई, पाकिस्तानी रेंजर्स और पाकिस्तानी सेना की मदद के बगैर जीरो लाइन के पास टनल बनाना संभव नहीं है। जीरो लाइन पर उनकी अनुमति के बिना कोई नहीं पहुंच सकता है।

यह भी पढ़ेंः 
पाकिस्तान की 'भूमिगत साजिश', छह महीने में चौथी और अबतक 10वीं नापाक हरकत, देखिए तस्वीरें
... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में मिला आतंकी ठिकाना, भारी मात्रा में हथियार-गोला बारूद बरामद

पुंछ जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। तलाशी अभियान के दौरान हाडीगुडा गांव में एक आतंकी ठिकाना मिला है। जिसे नष्ट कर भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद किया गया है। तलाशी अभियान अभी जारी है।

यह भी पढ़ेंः 
पाकिस्तान की 'भूमिगत साजिश', छह महीने में चौथी और अबतक 10वीं नापाक हरकत, देखिए तस्वीरें

खुफिया सूचना के आधार पर शनिवार को बीएसएफ, सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया था। इस दौरान जंगल में बनाया गया एक आतंकी ठिकाना मिला। जहां से सुरक्षाबलों द्वारा एक एके-47 राइफल,  एके-47 राइफल की तीन मैगजीन, 82 कारतूस, चीन निर्मित तीन पिस्टल, पिस्टल की पांच मैगजीन, 33 कारतूस, चार ग्रेनेड, एक यूजीबीएल के साथ ही अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम द्वारा शुरू किया गया तलाशी अभियान अभी भी जारी है।

यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीर में मिली एक और सुरंग, हीरानगर सेक्टर के पानसर में पाकिस्तान की नापाक हरकत 
... और पढ़ें

अब और आसान हुआ जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक इकाइयां लगाना, भूमि आवंटन नीति 2021-30 लागू

जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक इकाइयां लगाना अब और आसान हो गया है। सरकार ने इसके लिए भूमि लेने की प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब औद्योगिक भूमि के लिए निवेशकों को अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने होंगे। भूमि आवंटन की प्रक्रिया 30 से 45 दिन में पूरी कर ली जाएगी। निवेशकों को प्रारंभिक अवधि के लिए लीज पर 40 साल और बाद में विस्तार करके 99 साल तक भूमि दी जाएगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक विकास के विस्तार के लिए जम्मू-कश्मीर औद्योगिक भूमि आवंटन नीति 2021-30 को मंजूरी दी गई।

नई भूमि आवंटन नीति के तहत ब्लॉक और नगर निगम क्षेत्र में औद्योगिक जोन को स्थापित करना प्रस्तावित है। इससे ग्रामीण स्तर पर औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। जम्मू-कश्मीर में पहले से ही औद्योगिक भूमि बैंक के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को भूमि स्थानांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। नई नीति के तहत औद्योगिक भूमि से जुड़े सभी मुद्दों को प्राथमिकता पर हल करने का काम किया जाएगा। नई औद्योगिक भूमि आवंटन नीति में स्वास्थ्य संस्थान, मेडिसिटी, शिक्षण संस्थान और शिक्षा शहर को कवर किया जाएगा।

यह भी पढ़ेंः
रहस्यों से भरी 'जन्नत' में जमीन के अंदर है मंदिर, बेहद खूबसूरत हैं कश्मीर के ये स्थान 

इस नीति में औद्योगिक विकास के मौजूदा स्तर, प्रस्तावित क्षेत्र और शहरीस्तर सहित विभिन्न कारकों को ध्यान में रखा जाएगा। नई नीति में 30 दिन के भीतर औद्योगिक भूमि के आवंटन के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच के लिए संभाग स्तरीय परियोजना मूल्यांकन और मूल्यांकन समितियों का गठन किया जाएगा। एपेक्स स्तरीय भूमि आवंटन कमेटी, उच्च स्तरीय भूमि आवंटन समिति और संभाग स्तरीय भूमि आवंटन समिति 200 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के आवेदन में भूमि आवंटन की मंजूरी देगी। इसमें 50 से 200 करोड़ की परियोजनाएं शामिल होंगी।

नीति के तहत प्रारंभिक अवधि के लिए 40 साल और बाद में विस्तार करके 99 साल पर लीज पर भूमि दी जाएगी। इससे पहले वर्ष 2016 से भी प्रारंभिक अवधि के लिए 40 साल और विस्तार के बाद 99 साल के लिए औद्योगिक भूमि का आवंटन किया जा रहा था, हालांकि इससे पहले 99 साल की अवधि पर भूमि आवंटन होना था। नई नीति से साफ है कि निवेशकों को 99 साल तक लीज पर ही भूमि मिलेगी ना कि उन्हें मालिकाना हक मिलेगा।
... और पढ़ें

नए अधिकारियों को केंद्रीय डेपुटेशन पर रखे जाने से मिल रहा फायदा: जितेंद्र सिंह

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि नए आईएएस अधिकारियों को पहले केंद्रीय डेपुटेशन पर रखे जाने का फैसला बड़ा सुधार करने वाला रहा है। उन्होंने कहा 2015 में इस सुधार को शुरू किया गया। 2013 बैच के अधिकारियों को तीन महीने के केंद्रीय डेपुटेशन के तहत सहायक सचिव के तौर पर काम करने दिया गया।

यह भी पढ़ेंः
रहस्यों से भरी 'जन्नत' में जमीन के अंदर है मंदिर, बेहद खूबसूरत हैं कश्मीर के ये स्थान    

उन्होंने कहा कि इससे युवा आईएएस अधिकारियों को सरकार के काम करने के तरीकों की जानकारी मिली और करियर के शुरुआती दौर में ही उन्हें पता चला कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं। उन्होंने कहा योजना 2015 से सफलतापूर्वक जारी है। कोरोना काल की वजह से 2018 बैच के आईएएस अधिकारियों की तैनाती के काम में हालांकि देरी हुई है।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X