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त्रासदी के छह सालः सद्दल के 132 विस्थापितों को नहीं मिला आशियाना, कुछ ऐसे बसर हो रही जिंदगी

त्रासदी के छह वर्ष बाद भी सद्दल गांव के 132 विस्थापित परिवारों को आशियाना नहीं मिला है। अप्रैल 2020 में सरकार ने विस्थापित परिवारों को लीज पर पांच मरल...

6 सितंबर 2020

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Digital Edition

जम्मू-कश्मीर में अब कोई भी खरीद सकता है जमीन, गृह मंत्रालय ने जारी की सूचना

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर: घुसपैठ की नाकाम कोशिशों से बौखलाए आतंकी, दिवाली पर फिदायीन हमले की रच रहे साजिश

बार-बार घुसपैठ की नाकाम कोशिशों से बौखलाए आतंकी दिवाली पर फिदायीन हमला करने की साजिश रच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जम्मू, सांबा, कठुआ, पंजाब के इलाकों में आतंकी हमला करने की फिराक में हैं। 

खुफिया एजेंसियों ने आतंकियों, पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई की आपस में होने वाली बातचीत को इंटरसेप्ट किया है। इसके बाद सरहद पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। सैन्य और अन्य सुरक्षा ठिकानों की सुरक्षा भी पुख्ता की गई है। 

श्रीनगर में भी सुरक्षाबलों को अलर्ट कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों ने कहा है कि आतंकी हमला करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि पुंछ, राजोरी, कुपवाड़ा, बारामुला, बांदीपोरा में एलओसी पर पाकिस्तान की बार्डर एक्शन टीम (बैट) भी सक्रिय हो गई है। 

जो सेना पर हमला करने के फिराक में है। यही नहीं, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी प्रदेश में दंगे भी भड़काना चाहती है। आतंकियों की नापाक साजिश के बाद रेलवे स्टेशन, सैन्य प्रतिष्ठानों, नेशनल हाइवे और पुलिस थानों की सुरक्षा बढ़ाई गई है।

सीमा पार आतंकी घुसैपठ की फिराक में
प्रदेश में कुछ दिन में ही जिला परिषद के चुनाव भी होने जा रहे हैं। साथ ही दिवाली भी आने लगी है। इसे देखते हुए प्रदेश पुलिस ने कमर कस ली है। सोमवार को जम्मू संभाग के आईजी मुकेश सिंह ने पुंछ जिले का दौरा भी किया। यहां पर सुरक्षा के कई पहलुओं पर बातचीत हुई। 

सैन्य प्रवक्ता का कहना है कि सीमा पार बड़े स्तर पर आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। वह हर एक खास अवसर पर कुछ करना चाहते हैं। बार-बार घुसपैठ की असफल कोशिशें कर रहे हैं। सेना पाकिस्तान की हर एक साजिश का जवाब देने के लिए सक्षम और तैयार है।
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एलओसी पर 250-300 आतंकी घुसपैठ की फिराक में, लेफ्टिनेंट जनरल राजू बोले, सेना स्थिति से निपटने को तैयार

सेना की 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने कहा कि एलओसी पर स्थिति नियंत्रण में है। सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं में भी कमी आई है। इस बार घुसपैठ की कोशिशों को नियंत्रण में रखने में काफी हद तक सफल हुए हैं। अभी भी 250-300 आतंकी लौंचिंग पैड्स पर तैयार बैठे हुए हैं। जल्द ही सर्दियां शुरू होने वाली हैं और उससे पहले घुसपैठ की कोशिशें तेज हो सकती हैं। लेकिन सेना के एलओसी पर तैनात जवान किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। किसी भी घुसपैठ की कोशिश को कामयाब होने नहीं देंगे। जीओसी सोमवार को बडगाम जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल यूसमर्ग में आयोजित ‘यूसमर्ग फेस्टिवल’ में बोल रहे थे।

राजू ने कहा कि हर साल यह फेस्टिवल करवाते हैं। उन्होंने कहा कि तीन साल पहले जब वे जीओसी विक्टर फोर्स थे उस समय भी आयोजित किया गया था, लेकिन आज इसमें अवाम की उपस्थिति ज्यादा है। काफी ज्यादा संख्या में लोग इसका लुत्फ  उठा रहे हैं। फेस्टिवल के सफल आयोजन के लिए उन्होंने अवाम और सेना को बधाई दी। 

आतंक का रास्ता त्यागने का आह्वान
जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने कहा कि आतंकवाद का रास्ता बर्बादी की तरफ ले जाएगा, इसलिए कश्मीरी युवाओं को जो अवसर और समय मिल रहा है उसका पूरा फायदा उठाएं। जम्मू-कश्मीर में अच्छा माहौल है और हम सही राह पर चल रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि हमने पहले भी कई बार यह संदेश दिया है कि जो कोई भी हथियार उठाता है, उस पर हम कार्रवाई करेंगे। लेकिन अगर कोई ऐसा हो, जिसने हथियार उठाया है और वापस मुख्यधारा में आना चाहता है, हम उसे वापस आने का पूरा मौका देना चाहते हैं। इसके दो-तीन उदाहरण हाल ही में देखने को मिले हैं। 

राजू ने कहा कि हम आगे भी यही पैगाम देना चाहते हैं कि कोई भी नौजवान जो आतंकवाद के रास्ते पर चला है, हम उसको वापस लाने के लिए तैयार हैं। आतंकवाद का रास्ता कहीं ले जाने वाला नहीं है, इसलिए जो अवसर यहां उनको मिल रहे हैं, उनका पूरा फायदा उठाएं।
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आईबी पर पाकिस्तानी ने साढ़े छह घंटे की गोलाबारी, कई घरों को हुआ भारी नुकसान

प्रतीकात्मक तस्वीर
अंतराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर पाकिस्तान बिना उकसावे के गोलाबारी कर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहा। रविवार रात हीरानगर सेक्टर के मनियारी और चक चंगा गांवों पर पाकिस्तानी सेना ने लगभग साढ़े छह घंटे भारी गोलाबारी की। लोगों के घरों पर अंधाधुंध मोर्टार के गोले दागे, जिससे तीन घरों की छत व कई घरों की दीवारों को नुकसान पहुंचा। कई पशु भी जख्मी हो गए। पाकिस्तान की नापाक हरकत का भारतीय सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया।

जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब दस बजे पाकिस्तानी रेंजर्स ने गोलाबारी शुरू की जो सुबह साढ़े चार बजे तक जारी रही। मनियारी के बूटा राम और चक चंगा के सुंदरलाल व मुकेश कुमार के घरों पर गोले गिरने से छतों को भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा कई घरों की दीवारों, छतों पर रखी पानी की टंकियों को भी नुकसान हुआ। मनियारी के कालिदास के खेतों में गोला फटने से वहां बंधी भैंस घायल हो गई। 

लगातार तीसरे दिन पाक रेजरों ने संघर्ष विराम का किया उल्लंघन
सांबा जिले के राजपुरा तहसील के सीमावर्ती क्षेत्रों मे चल रहे सुरक्षा डिच के निर्माण को रोकने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स ने आईबी पर सीजफायर का उल्लंघन कर गोलाबारी की।गोलबारी का उद्देश्य विकास कार्यों को बाधित करना था। 

रक्षा सूत्रों के अनुसार, की बंई नाला क्षेत्र मे एक पुली का निर्माण कार्य चल रहा है। जिस पर पिछल तीन दिनों से पाक रेंजर रुक-रुक कर गोलीबारी कर रहे हैं। रविवार रात भी सीमा पार से गोलाबारी की गई। हालांकि किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
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जम्मू-कश्मीर : पीडीपी के तीन नेताओं ने दिया इस्तीफा, कहा- महबूबा की टिप्पणी से देशभक्ति की भावनाएं आहत हुई

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) नेता टीएस बाजवा, वेद महाजन और हुसैन ए वफा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को एक पत्र में तीनों नेताओं ने कहा कि उनके द्वारा की गई टिप्पणी से देशभक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं।



मालूम हो पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा था कि मैं तब तक कोई भी झंडा हाथ में नहीं उठाएंगी जब तक जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा और उनका संविधान वापस नहीं लौटाया जाएगा। लोगों को नाउम्मीद नहीं होना चाहिए, हम अनुच्छेद 370 और अपना विशेष दर्जा वापस लेकर ही रहेंगे।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के तिरंगे के अपमान के विरोध में सोमवार को भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने पीडीपी कार्यालय में तिरंगा फहराया और नारेबाजी की। इससे पहले शनिवार को भी कई प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में तिरंगा फहरा दिया था।

इस दौरान कार्यालय में मौजूद पीडीपी नेताओं की प्रदर्शनकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। पीडीपी प्रवक्ता एवं पूर्व एमएलसी फिरदोस टाक ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि कार्यालय पर हमला हुआ है। उनके साथ और पीडीपी के अन्य नेता परवेज वफा के साथ हाथापाई की गई।

लालचौक पर झंडा फहराने पहुंचे भाजपाई गिरफ्तार
श्रीनगर के लालचौक पर सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर तिरंगा फहराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कई भाजपा कार्यकर्ता गिरफ्तार भी किए गए।
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लेह विकास परिषद के चुनाव नतीजे आज, भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर, मुकाबला कांग्रेस से 

मतगणना सुबह नौ बजे से एसएसके सभागार लेह में शुरू हो जाएगी। शाम चार बजे तक सभी नतीजे घोषित हो जाएंगे। लेह प्रशासन ने एसएसके सभागार में काउंसिल की सभी 26 सीटों की मतगणना के लिए व्यापक प्रबंधों को अंतिम रूप रविवार देर शाम तक दे दिया। 

अनुच्छेद 370 के समाप्त होने और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार हुए लेह विकास परिषद के चुनाव में भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है। 2015 के चुनाव में भाजपा को 26 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज हुई थी। भाजपा ने इस बार चुनाव में 25 सीटें पार का नारा लगाया है और सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं। वहीं कांग्रेस ने भी सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं।

2015 के चुनाव में कांग्रेस को पांच सीटों पर ही जीत दर्ज हुई थी लेकिन इससे पहले के सभी चुनावों में कांग्रेस का ही यहां पर वर्चस्व रहा है। ऐसे में कांग्रेस खोई सियासी जमीन को पुन: हासिल करने की उम्मीद कर रही है। 

चुनाव में कुल 94 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है। भाजपा और कांग्रेस के 26-26 उम्मीदवारों के अलावा आम आदमी पार्टी ने 19 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं। 23 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। नेकां और पीडीपी ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस में ही मुख्य मुकाबला है और लेह विकास परिषद की सत्ता भाजपा को मिलती है या कांग्रेस को, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।  

लेह काउंसिल के चुनाव की मतगणना एसएसके सभागार में होगी और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मतगणना होगी। सायं चार बजे से पहले सभी नतीजे घोषित हो जाएंगे। 
-सोनम चोसगर, अतिरिक्त जिला उपायुक्त लेह
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पहाड़ों पर बदला मौसमः द्रास और गुलमर्ग में बर्फबारी, मुगल रोड वाहनों के लिए बंद

पहाड़ों पर रविवार को मौसम ने करवट बदली। केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुगल रोड, गुलमर्ग और द्रास में रविवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई। इसको देखते हुए एहतियातन मुगल रोड पर यातायात की आवाजाही को बंद कर दिया गया है। 

वहीं, हिमाचल में दोपहर बाद से रोहतांग सहित लाहौल के घेपन पीक, लेडी आफ केलांग, मुलकिला, नीलकंठ, कुगती पास के अलावा शिकराअप की पहाड़ियों पर बर्फ के फाहे गिरे। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और लद्दाखियों की लाइफ लाइन कहे जाने वाले श्रीनगर-लेह हाईवे पर लद्दाख के प्रवेश द्वार द्रास सेक्टर में श्रीनगर लेह हाइवे पर हिमपात के लगातार जारी रहने की सूरत में जोजिला दर्रा बंद होने के आसार बन गए हैं। 

सामान्य रूप से जोजिरा दर्रा नवंबर माह में बंद होता है। पहले ही सीजन में निर्धारित समय से पहले बर्फबारी का असर जोजिला दर्रे पर 14.2 किमी लंबी सुरंग के निर्माण पर पड़ सकता है। 

कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में  आज बारिश-बर्फबारी के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार अगले 24 घंटों में कश्मीर संभाग के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी या बारिश के आसार हैं। जम्मू संभाग में मौसम हालांकि शुष्क ही बना रहेगा। 
एलएसी पर बढ़ेंगी दुश्वारियां
लद्दाख में एलएसी के पास की चोटियों पर पारा माइनस में पहुंच चुका है। सर्दी सीजन अपने सामान्य शेड्यूल से पहले शुरू होने पर अग्रिम इलाकों में तैनात सैन्य जवानों की दुश्वारियां भी बढ़ सकती हैं। हालांकि सेना की ओर से जवानों के लिए हीटिंग सिस्टम से लेकर रहने-खाने की पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं।  

जोजिला सुरंग के काम पर भी होगा असर
दशकों इंतजार के बाद जोजिला दर्रे पर 14.2 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण 15 अक्तूबर से शुरू किया गया है। निर्माण एजेंसी अभी भी मशीनरी समेत अन्य सामान पहुंचाने में जुटी हुई है। पहले ही सीजन में निर्धारित समय से पहले बर्फबारी का असर सुरंग निर्माण पर पड़ सकता है। मेघा कंस्ट्रक्शंस के एक प्रतिनिधि ने बताया कि समुद्रतल से अत्यधिक ऊंचाई और मौसम की दुश्वारियों के बीच समय से निर्माण चुनौती है। पहला साल चूंकि सर्दियों की आमद पर शुरू हो रहा है, ऐसे में आगामी कुछ महीनों में काम की ज्यादा गति निकलना मुश्किल है। हालांकि हर संभव व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर निर्माण जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।
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