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इस हफ्ते की किताब

शब्द की शमशीर

Prabhat Harendra Singh

10 कविताएं

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कविता लिखना नहीं सरल है,
दो धारी तलवारों से ।
कोरा कागज लड़े लेखनी ,
बिन शोणित बौछारों से ।

कवि से पूछो क्या करता है ,
स्याह शून्य की कलमों से ।
'सूर , निराला, तुलसी' आये ,
अपने-अपने कर्मों से।

कवि भी कैसे नये शब्द को ,
तुक से लय में पाता है ।
जब मोती जैसे इन्हें मिलाता ,
तब वह रचना लाता है।

-प्रभात हरेन्द्र सिंह

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