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कुछ रसों का अनुपम संग्रह

Anonymous User

7 कविताएं

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कुछ रसों का अनुपम संग्रह
कुछ शब्द , कुछ पंक्तियाँ क्रमशः
कुछ अल्फाज,कुछ भावों का संग्रह
कविता बन जाती है।

कुछ प्यारी-प्यारी बातें
कुछ प्यारी-प्यारी यादें
कुछ प्यारी सी मुस्कान
कुछ पलों की दास्तान
कविता बन जाती है।

कभी प्यारी सी रातें
कुछ लोगों की यादें
कभी मौसम के रंग में
कुछ अपनों के संग में
कविता बन जाती है।

कुछ चाँदनी रातें,
कुछ लोगों की आवाजें
कुछ प्रेमी-प्रेमीयो की बातें,
कुछ दर्द भरे नगमों की
कविता बन जाती है।

प्रकृति सौन्दर्य और नारी गरिमा,
प्रकृति की परिकल्पना।
नारी सौन्दर्य और वतन की गरिमा,
कवि की सु-मधुर कल्पना
कविता बन जाती है।

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