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Dhongi baba

मेरे अल्फाज़

ढोंगी बाबा

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राम नाम को साथ जोड़कर,
विष्ठा जो फैलाते हैं।
ऐसे ढोंगी बाबाओं को
ईश्वर हाथ लगाते हैं।

अधम निशाचर पापी को अब,
जीने का अधिकार नहीं।
मार-मारकर सूली टांगों
करना तनिक विचार नहीं।

लंपट नीच और खलनायक
छोटी सभी उपाधि हुई,
लाज शरम जैसे भावों की
इसके हाथ समाधि हुई।

जो खुद को भगवान बताए
बचना ऐसे सनकी से,
केश पकडकर धूल चटाना
डरना मत तुम धमकी से।


औरत को जो जूती समझे
मिल जाता वो माटी में,
दे इतिहास गवाही इसकी
भारत की परिपाटी में।

- अंकिता

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