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मेरे अल्फाज़

सावन का महीना

Twinkle Verma

4 कविताएं

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सावन का महीना
°°°°°°°°°°°

प्रभु तुझे
शत-शत नमन,
नव-जीवन है,
पुलकित तन-मनl

सावन का
महीना आया हैl
खुशियाँ भी
साथ लाया हैl

प्रकृति भी हरे रंग के
परिधान किए हैll
अबुंद साथ बरसात
की बौछार लाए हैl

धरा झूम रही
है, मगन मेंl
न मुरझाए खुशियाँ
कभी जीवन मेंl

खिल-खिलाती
हँसती सखियाँ,
मन में लहर
उठती जैसे नदियाँl

पपीहा, कोयल की मधुर
स्वर मनमोह लेती हैl
प्रिय से मिलन को जी
झकझोर देती हैl

मन:पटल पर
तुम ही विराजे हो,
बारह मास में एक
तुम ही प्यारे होl

ओ....सावन
अतरंगी सा खेल है, तेराl
सतरंगी सा भेष तेराl

तेरे आते ही
जग झूम उठा हैl
प्यास बुझाने में
तू कभी न चूका हैl

निदाध हर
लेता है, तूl
शीतलता सा जीवन
दान देता है, तूl

सावन का महीना प्रतिक है,
बेटियों काl
जीवन में सदा ख़ुशहाली छाए,
बरसात की तरह
सारे दुःख बरस जाएl
नवांकुर के समान
फिर से शुरुआत की जाएl

-ट्विंकल वर्मा, आसनसोल(प.बं)


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