आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Waqt
Waqt

मेरे अल्फाज़

वक़्त

547 Views
वक़्त

वक़्त को आज़माना चाहा
वक़्त ने ग़ुलाम कर लिया।
वक़्त को अपनाना चाहा
वक़्त ने यू ठुकरा दिया।
वक़्त को सीखना चाहा
वक़्त ने मुंह मोड़ लिया।
वक़्त के साथ चलना चाहा
वक़्त ने राहों को रोक दिया।
वक़्त को अब बदलना चाहा
वक़्त के हमें हीं बदल दिया।

-अनुकेश


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!