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मेरे अल्फाज़

सिर्फ तुम

Yogank Singh

15 कविताएं

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वो झंकार पायलों की, वो तेरी नज़ाकत,
वो सपनों में आ कर जो करती हो शरारत।

उगते सूरज के संग तेरा धुंधलाता चेहरा,
मेरे ख़्वाबों के किस्सों पर चुप्पी का पहरा।

दिन भर ज़हन में झूमते तेरे ख़्यालात,
जिस पर लिखता हूं तेरा नाम बार बार, वो होता मेरा हाथ।

तेरी याद, तेरे जज़्बात, देती जो मुस्कराहट,
कर रही मेरी धड़कने, तेरी धड़कनों की हिफाज़त।

लगता ही नहीं दिल एक दूसरे से जुदा है,
आप हम पर मेहरबां, हम आप पर फिदा हैं।

दस्तूर-ए-इश्क़ से हमनें दिल लगा लिया है,
आपके मोहब्बत ने हमें आपका बना दिया है।

वो झंकार पायलों की, वो तेरी नज़ाकत,
वो सपनों में आ कर जो करती हो शरारत।

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