आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Viral Kavya ›   Deepali Agrawal hindi kavita kuch awaaz tumhari ot kuch awaaz
Deepali Agrawal hindi kavita kuch awaaz tumhari ot kuch awaaz

वायरल

वो लाठी जिन पर नाम लिखे थे हिंदू और मुसलमां के...

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

231 Views
कुछ आवाज़ तुम्हारी हो
और कुछ आवाज़ हमारी हो
फिर इतनी ज़ोर से चीखें हम
कि सारी लाठी डर जाएं
वो लाठी जिन पर नाम लिखे थे
हिंदू और मुसलमां के
वो लाठी जो कि सनी हुई है
किसी बेगुनाह की जां से
डर जाए वो लाठी भी जो चलनी थी
पर चली नहीं
रुक सकती थी उससे हिंसा पर उसको आज्ञा
मिली नहीं

सुन सुन कर चीख हमारी जब
शांत सभी हो जाएंगे
तो हम भी चुप हो जाएंगे

अपने अपने हाथों में
फिर हम भी लाठी लाएंगे
जब कोई गिरता दिखे तुम्हें
उसको एक हाथ थमा देना
जब कोई खाई मिले तुम्हें
लाठी से राह बना देना

तुम उस लाठी को ले आना
कि बांध तिरंगा जिस पर हम
सीना ताने गाएंगे
राष्ट्रगीत और जन गण मन

हम वो लाठी लेकर आएंगे
जिससे भारत आज़ाद हुआ
जो सबको लेकर चलती थी
जिससे सद्भाव का नाद हुआ

अपने लोगों के नाम यहां
बापू की पाती लाएंगे
हम गिरता देश उठाने को
बापू की लाठी लाएंगे 
- दीपाली अग्रवाल 
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!