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विश्व काव्य

अगले जन्म मोहे बिटिया न देना

Iñdu Nàrëñ

7 कविताएं

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मां बहुत दर्द सह कर,
बहुत दर्द दे कर,
तुझसे कुछ कह कर मैं जा रही हूं।

आज मेरी विदाई में जब सखियां मिलने आएंगी,
सफ़ेद जोड़े में लिपटी देख सिसक सिसक मर जाएंगी,
लड़की होने का खुद पे, फिर वो अफ़सोस जताएंगी।
मां तू उनसे इतना कह देना,
दरिंदों की दुनिया में संभल कर रहना.

मां राखी पर जब भैया की कलाई सूनी रह जाएगी,
याद मुझे कर कर जब उनकी आंख भर आएगी,
तिलक माथे पर करने को, मां रूह भी मेरी मचल जाएगी,
मां तू भैया को रोने न देना,
मैं साथ हूं हर पल उनसे कह देना....

मां पापा भी छुप छुप कर बहुत रोयेंगे,
मैं कुछ न कर पाया, ये कह के खुद को कोसेंगे,
मां दर्द उन्हें ये होने न देना,
वो अभिमान है मेरा,सम्मान है मेरा,
तू उनसे इतना कह देना.....

मां तेरे लिए अब क्या कहूं,
दर्द को तेरे,शब्दों में कैसे बांधूं?
फिर से जीने का मौका कैसे मांगू?
मां लोग तुझे सतायेंगे,
मुझे आज़ादी देने का,तुझ पे इलज़ाम लगाएंगे,
मां सब सह लेना पर ये न कहना,
अगले जन्म मुझे बिटिया न देना।

-इंदु रिंकी वर्मा

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