बॉडी बिल्डिंग में सांस बहुत खास है

तोयज कुमार सिंह Updated Thu, 17 Jan 2013 10:30 AM IST
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importance of breathe in body building

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सांस बड़ी चीज है, यह बात इसलिए नहीं कही जा रही कि इसके रुकने से जान चली जाती है। सांस लेने और छोड़ने की मूवमेंट बॉडी बिल्डिंग में बहुत मायने रखती है। नए युवाओं की बात छोड़ दें, लंबे समय से जिम कर रहे लोग भी कई बार गलत वक्त पर सांस छोड़ते और लेते हैं।
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इससे फर्क क्या पड़ता है
आपने कराटे के छात्रों को चिल्लाते हुए देखा होगा या सेना के जवानों को चिल्लाते हुए कूदते देखा होगा, इनकी छोड़ें ब्रूसली की फिल्म तो देखी होगी जब को हमला करता है तो कैसी-कैसी आवाजें निकालता है। अब आप गौर कीजिए हर आवाज के साथ पूरी फोर्स के साथ सांस बाहर आती है।
शुरुआती दौर में और एडवांस स्टेज पर सांस लेने और छोड़ने के वक्त का वेट उठाने की काबिलियत पर बहुत असर पड़ता है। चंद एक्सरसाइज ऐसी हैं, जिनमें गलत वक्त पर सांस मसल इंजरी, नस चढ़ने और दर्द उठने की वजह बन जाती है, जैसे एब्स की कसरतें।

हैवी ट्रेनिंग में बेहद जरूरी
हैवी वेट लगाने के बाद एक्सरसाइज करते वक्त सांस की मूवमेंट का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। जहां भी वेट को धकेलना हो, वहां सांस भी धकेली जाएगी।

नोट करें
चेस्ट : वेट को ऊपर की ओर ले जाते वक्त सांस छोड़ें। नॉर्मल वेट के साथ एक्सरसाइज करते वक्त सांस को भी नॉर्मल रखें (यह बात हर पार्ट हर एक्सरसाइज के साथ लागू होगी, इससे आगे हम हैवी वेट के बारे में ही बात करेंगे)। हैवी वेट लगाते वक्त वेट की ऊपर ले जाते वक्त तेजी से सांस छोड़ें। नीचे आते वक्त सांस भरते रहें, इससे आप वेट को होल्ड कर पाएंगे।

बाइसेप्स कर्ल :
वेट ऊपर लाते वक्त सांस छोड़ें, नीचे ले जाते वक्त सांस लें। सांस लेने में ज्यादा वक्त और छोड़ने में कम वक्त लगेगा। ट्राइसेप्स की एक्सरइसाज में भी जब वेट बॉडी के नजदीक आए तो सांस लें और बॉडी से दूर जाए तो छोड़ें।

शोल्डर प्रेस : वेट जब शोल्डर की ओर आए तो सांस लें और तेजी से सांस छोड़ते हुए वेट को ऊपर की ओर धकेलें। शोल्डर की हर एक्सरसाइज में सांस का यही मूवमेंट रहेगा।

स्क्वेट : बैठते वक्त सांस खींचनी है और उठते वक्त सांस छोड़नी है। 45 डिग्री लेग प्रेस में भी यही नियम लागू होगा।

चिनअप/पुलअप : बॉडी को ऊपर की ओर खींचते वक्त सांस छोड़ें और नीचे आते वक्त सांस लें। लैट पुल डाउन में वेट जब चेस्ट के नजदीक आएगा तब सांस छूटेगी।

आम गलती : लोग अक्सर बाइसेप्स कर्ल, लैट पुल डाउन और लेग एक्सटेंशन में सांस की मूवमेंट को उल्टा कर देते हें।

एब्स के लिए खास : एब्स की कोई भी एक्सरसाइज कर रहे हों। जब मसल्स सिकुड़ेंगी तब सांस पूरी बाहर निकाल दीजिए। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो किसी दिन सांस का ही कोई बुलबुला तेज पेट दर्द दे देगा। इसके अलावा एब्स पर सही असर तभी पड़ेगा जब मसल्स को सिकोड़ते वक्त पूरी हवा बाहर निकाल दें।
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