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खुद के भविष्य के साथ पर्यावरण की सेहत सुधार रहे लखनऊ के ये युवा

कोरोना काल में खुद को व्यस्त रखने के लिए लखनऊ के कई युवाओं के समूहों ने पर्यावरण के लिए काम करना शुरू कर दिया है। इनका कहना है कि कोरोना संक्रमण से लड...

28 नवंबर 2020

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Digital Edition

सियासी डगर और भाजपा की नजरः तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में पैर जमाने के लिए योगी पर भरोसा

ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) चुनाव में प्रचार के लिए गए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा में जिस तरह भीड़ उमड़ी और ‘आया-आया शेर आया’, ‘योगी-योगी जय श्रीराम’, और वंदेमातरम’ की गूंज हुई, उससे भाजपा को भी भरोसा हो चुका है कि वह योगी के जरिए ही मुस्लिम ध्रुवीकरण की राजनीति करने वालों को सटीक जवाब दे सकती है। योगी के काम, नाम, वेशभूषा और वाणी के सहारे तुष्टीकरण की राजनीति को जवाब देने की यह भाजपा की रणनीति है।

अन्य राज्यों की तरह हैदराबाद में भी योगी के स्वागत ने फिर बता दिया कि उनकी सभा उम्मीदवारों के लिए वोट मांगना भर नहीं है, बल्कि भाजपा की हिंदुत्व व राष्ट्रवाद के सहारे दक्षिण में पैर मजूबत करने की रणनीति का हिस्सा भी है। लोकसभा चुनाव में तेलंगाना में चार सीटों और उपचुनाव में विधानसभा की तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) की सीट पर कमल खिलने से उत्साहित भाजपा ने जीएचएमसी चुनाव के जरिये दक्षिण के राज्यों में 2023 के विधानसभा चुनाव के लिए पकड़ व पहुंच बढ़ाने की तैयारी की है। इसमें तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के सामाजिक समीकरण में योगी का योगदान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

ये हैं समीकरण
तेलंगाना के वरिष्ठ पत्रकार हरपाल सिंह कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के दूरदराज इलाकों में भी  हिंदुत्व की उम्मीदों का चेहरा बनते जा रहे हैं। लोगों को लगता है कि ये व्यक्ति मुस्लिम राजनीति करने वालों को सटीक जवाब दे सकता है। खासतौर से ओवैसी के भाषणों का योगी जिस तरह जवाब देते हैं उससे भी हिंदुओं के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। जहां तक ओवैसी का सवाल है तो वे तेलंगाना में सिर्फ  पुराने हैदराबाद इलाके में ही अच्छा प्रभाव रखते हैं। शेष में अब हिंदू स्वाभिमान व सम्मान का सवाल लोगों के बीच गंभीर चर्चा बनने लगा है। इसकी झलक इन नगर निगम चुनाव के प्रचार में दिख भी रही है। भाजपा ने शायद इसे ही वोटों में बदलने और ओवैसी की ताकत के गुब्बारे की हवा निकालने की तैयारी की है। इसमें  योगी अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसका परीक्षण भाजपा ओवैसी के घर हैदराबाद नगर निगम चुनाव से कर रही है।

तेलंगाना में हिंदुत्व की थाह लेने की कोशिश
हरपाल की बातों से साफ  लगता है कि भाजपा ने जीएचएमसी चुनाव को तेलंगाना में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट मानते हुए बड़े चेहरों को मैदान में प्रचार के लिए उतारा है। योगी के सहारे कोशिश सिर्फ  ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम का चुनाव जीतने की नहीं है, बल्कि इसके सहारे तेलंगाना में हिंदुत्व की धारा की गति नापने की भी कोशिश है। जिससे दक्षिण में पार्टी के विस्तार की संभावनाओं को जमीन पर उतारा जा सके। यही वजह है कि पहली बार किसी नगर निगम के चुनाव में राष्ट्रीय मुद्दे गूंज रहे हैं। भाजपा ने निजाम हैदराबाद की देश विरोधी नीति तक को मुद्दा बनाते हुए ओवैसी की राजनीति पर हमला बोला है तो ओवैसी की तरफ  से नागरिकता संशोधन कानून और तीन तलाक जैसे मुद्दों के जरिए मुस्लिम ध्रुवीकरण की कोशिश हो रही है। दरअसल, दक्षिण में भाजपा के पास अभी सिर्फ  कर्नाटक ही है। लेकिन जिस तरह लोकसभा चुनाव और उपचुनाव में तेलंगाना में भाजपा की उम्मीदें परवान चढ़ी हैं उससे भाजपा के रणनीतिकारों को लगता है कि ओवैसी को हैदराबाद में पटकनी देकर हिंदुत्व की राजनीति को और पुख्ता किया जा सकता है और तेलंगाना में 2023 में उम्मीदों का कमल खिलाया जा सकता है।

इसलिए भी योगी
तेलंगाना के सामाजिक ढांचे पर शोध कर रहे रूपेश पांडेय कहते हैं कि औवैसी के चलते योगी तेलंगाना की राजनीति में भाजपा के लिए तुरुप का पत्ता साबित हो सकते हैं। कारण गाय, मंदिर, अयोध्या की दिवाली, बरसाना की होली और काशी की देव दीपावली, सरयू आरती, मंदाकिनी आरती, चित्रकूट का विकास, कांवड़ यात्रा पर पुष्पवर्षा, लव जिहाद और धर्मांतरण पर कड़े तेवर जैसे अनेक कामों से योगी इस राज्य के हिंदुओं को भी लुभाने लगे हैं। गांवों में लोग उनकी चर्चा करते हैं। यूपी और बिहार के लोग बड़ी संख्या में हैदराबाद में भी रहते हैं। भाजपा भी शायद इसे समझ रही है। इसीलिए उसने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की विदाई, तीन तलाक, नागरिकता संशोधन कानून जैसे मुद्दों को लेकर  हिंदुत्ववादी छवि और तीखे तेवरों की राजनीति करने वाले अमित शाह के साथ योगी को भी मैदान में उतारकर भविष्य के लक्ष्य पर अभी से राजनीतिक निशाना साधने की कोशिश की है।
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योगी आदित्यनाथ... योगी आदित्यनाथ...

यूपी में 'लव जिहाद' और धर्मांतरण रोकने का कानून लागू

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा प्रस्तावित धर्मांतरण संबंधी अध्यादेश को शनिवार को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी। उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश के मसौदे को राज्यपाल से अनुमोदन के लिए बुधवार को राजभवन भेजा गया था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस अध्यादेश के मसौदे को राज्यपाल के पास भेजा गया था। 

अब राज्यपाल से मंजूरी मिलते ही यह अध्यादेश के रूप में यूपी में लागू हो गया है। अब इस अध्यादेश को छह माह के भीतर विधानमंडल के दोनों सदनों में पास कराना होगा।

बता दें कि योगी सरकार झूठ बोलकर, झांसा देकर या छल-प्रपंच कर धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए यह अध्यादेश लाई है। इसके लागू होने के बाद झांसा देकर, झूठ बोलकर या छल-प्रपंच करके धर्म परिवर्तन करने-कराने वालों के साथ सरकार सख्ती से पेश आएगी।

अगर सिर्फ शादी के लिए लड़की का धर्म बदला गया तो ऐसी शादी न केवल अमान्य घोषित कर दी जाएगी, बल्कि धर्म परिवर्तन कराने वालों को 10 साल तक जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है।

राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही यह कानून प्रभावी हो गया है और अब ऐसा अपराध गैर जमानती माना जाएगा। अध्यादेश के अनुसार किसी एक धर्म से अन्य धर्म में लड़की का धर्म परिवर्तन सिर्फ एकमात्र प्रयोजन शादी के लिए किया जाता है तो ऐसा विवाह शून्य (अमान्य) की श्रेणी में लाया जा सकेगा।

अध्यादेश के अनुसार एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए संबंधित पक्षों को विहित प्राधिकारी के समक्ष उद्घोषणा करनी होगी कि यह धर्म परिवर्तन पूरी तरह स्वेच्छा से है। संबंधित लोगों को यह बताना होगा कि उन पर कहीं भी, किसी भी तरह का कोई प्रलोभन या दबाव नहीं है। 
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दबंगों ने साथी समेत पत्रकार को जिंदा जलाया, अस्पताल में राकेश चीख-चीखकर...

दबंगों ने घर में मौजूद पत्रकार को साथी समेत जिंदा जला दिया। पत्रकार ने अस्पताल में मौत से पहले दिए गए बयान में दबंगों पर जलाने का आरोप लगाया है। पत्रकार के पिता ने भी दबंगों पर घर में घुसकर बेटे और उसके साथी पर बम से हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

थाना कोतवाली बलरामपुर देहात के ग्राम कलवारी में राकेश सिंह निर्भीक (35) पत्रकार अपनी पत्नी व दो बेटियों के साथ रहते थे। बीते दिन उनकी पत्नी विभा सिंह बेटियों के साथ नगर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी अपनी ननद के यहां गई थी। शुक्रवार रात राकेश ग्राम विशुनीपुर निवासी अपने मित्र पिंटू साहू (36) के साथ अपने घर में थे। मध्यरात्रि कमरे में अचानक आग लग गई। आग में राकेश और पिंटू बुरी तरह से झुलस गए। कमरे की एक दीवार भी धमाके के साथ क्षतिग्रस्त हो गई। झुलसने के चलते पिंटू साहू की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची फायर सर्विस तथा पुलिस की टीम ने आग पर काबू पाया और राकेश को इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय ले गई।

अस्पताल में राकेश चीख-चीखकर कह रहा था कि वह एक बड़ी खबर लिख रहा था। इसी वजह से पंच व प्रधान आदि लोगों ने उसे जिंदा जला दिया। हालांकि उसने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया है। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। पुलिस ने उसे लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान राकेश ने भी दम तोड़ दिया।

 
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राज्य सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि : योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। इसे ध्यान में रखकर मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत धान खरीद प्रक्रिया पूरी सक्रियता से संचालित की जाए। उन्होंने सभी क्रय केन्द्रों के नियमित व सुचारु संचालन के साथ किसानों की उपज का भुगतान 72 घंटे के अंदर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री शनिवार को अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित का हवाला देते हुए बनाए गए कानून के खिलाफ किसानों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान आया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शुरू से ही किसानों के कल्याण एवं हित के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करते ही किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये की ऋणमाफी का निर्णय लिया। कोरोना काल में भी प्रदेश की सभी 119 चीनी मिलों का संचालन कराया गया। सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता पर पूर्ण कराया गया। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
 
सभी अधिकारी सीयूजी फोन पर रिस्पांड करें
मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी कार्यालयों में समय से अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि उपस्थिति के सत्यापन के लिए समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अफसरों को हिदायत दी है कि वे सीयूजी मोबाइल फोन पर रिस्पांड करना सुनिश्चित करें। अपरिहार्य कारणों से यदि कॉल अटेंड नहीं कर पा रहे तो बाद में कॉल बैक करें।
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सीतापुर जेल में डीएम, एसपी सहित भारी पुलिस फोर्स के साथ छापेमारी, खंगाली गई आजम खान की बैरक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
डीएम विशाल भारद्वाज व एसपी आरपी सिंह ने शनिवार को लाव-लश्कर के साथ जेल में छापेमारी की। प्रशासनिक टीम ने करीब एक घंटे तक जेल की एक-एक बैरक चेक की। जेल में बंद सांसद आजम खान व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की भी बैरक को भी खगाला गया। इनकी बैरक की भी सघन तलाशी ली गई। हालांकि छापेमारी के दौरान जेल से कोई आपत्ति जनक वस्तु नहीं मिली। सबकुछ सामान्य रहा। अफसरों ने जेल की बैरकों के अलावा अस्पताल, भोजनालय आदि का भी निरीक्षण किया। कुछ बंदियों से समस्याएं भी सुनी। महिला बैरक को भी चेक किया गया।

सांसद आजम खान की पत्नी तंजीन फात्मा महिला बैरक में बंद हैं। जानकारी को सीतापुर कारागार में पूर्व कैबिनेटमंत्री व सांसद आजम, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा, बेटा अब्दुल्लाह आजम के अलावा पश्चिमी व पूर्वी यूपी के कई खूंखार अपराधी बंद हैं। सीातपुर जेल में प्रदेश के कई नामचीन माफिया गैंग के सदस्य निरूद्व हैं। जिसके चलते सीतापुर जेल काफी संवेदनशील मानी जाती है।

निरीक्षण कर निकले डीएम विशाल भारद्वाज ने कहा कि जेल का निरीक्षण किया गया है। बैरकों में जाकर जांच पड़ताल की गई है। निरीक्षण में सबकुछ सामान्य मिला। जेलर आरएस यादव ने बताया कि डीएम, एसपी सहित अफसरों की बड़ी टीम ने जेल का औचक निरीक्षण किया है। जेल में बंद सांसद आजम खान की बैरक की भी जांच जुई है। जेल में निरीक्षण के दौरान सबकुछ सामान्य मिला। निरीक्षण में डीएम, एसपी के अलावा एडीएम विनय पाठक, एएसपी एनपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट शिशिर कुमार, एसडीएम अमित भट्ट, सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह, महिला थाना प्रभारी निरीक्षक पूनम रानी, कई थानों की पुलिस शामिल थी।


 
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यूपी में एमएलसी चुनाव के कारण 48 घंटे तक नहीं बिकेगी शराब, तीन दिसबंर को भी बंदी

ब्लैकमेलिक से तंग आकर हिंदू रक्षा वाहिनी के पदाधिकारी ने दी जान , सुसाइड नोट भी लिख छोड़ा

हरगांव (सीतापुर) थाना क्षेत्र में एक युवक ने कुछ लोगों से तंग आकर जहरीला पदार्थ पी लिया। जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक ने पिता को संबोधित एक सुसाइड नोट भी लिख छोड़ा है। जिसमें उसने गांव के ही कुछ लोगों को परेशान करने की बात कही है और उसने उन लोगों की प्रताडना से तंग आकर ऐसा कदम उठाने की बात भी लिखी है। हालांकि इस सिलसिले में मृतक के परिवार के लोगों ने कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

हरगांव इलाके के खमौना गांव निवासी अवधेश त्रिवेदी (25) पुत्र शिवशंकर त्रिवेदी हिंदू रक्षा वाहिनी का पदाधिकारी बताया जाता है। उसने शनिवार की सुबह जहरीला पदार्थ पी लिया। उसकी हालत बिगड़ी तो परिवार के लोग पहले सीएचसी, फिर जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल से चिकित्सकों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। जिसके बाद परिवार के लोग शव को घर ले गए। बाद में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची। घटना में एक सुसाइड नोट भी मिला है। दावा किया जा रहा है कि जहरीला पदार्थ पीने से पहले मृतक ने सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें उसने अपने पिता को संबोधित करते हुए गांव के ही कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उसने गांव के ही कुछ लोगों के नाम लिखते हुए कहा कि उसने ब्लैकमेल किया जा रहा है। एक लड़की के चक्कर में यह लोग उससे करीब 50 से 60 हजार रुपए शराब पीने, खाने लिए ले चुके हैं। उससे दो लाख रुपए की मांग की जा रही है। उसने पहले ही लोगों से कर्ज लेकर आरोपियों को दिया है। लेकिन वह उसे बराबर परेशान करते हैं। इसी से तंग आकर उसने ऐसा कदम उठाया है। इस बाबत एसओ विनोद कुमार मिश्रा का कहना है कि सूचना मिलने पर युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी तक कोई तहरीर नहीं आई है। मृतक के परिवार के लोगों ने सुसाइड नोट भेजा है। यदि तहरीर आती है तो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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अधिक संक्रमण वाले जिलों में बेहतर करें बचाव, उपचार की व्यवस्था : योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 से बचाव तथा उपचार की व्यवस्था निरंतर सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कोरोना को लेकर थोड़ी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसलिए हर स्तर पर पूरी सावधानी व सतर्कता आवश्यक है।

मुख्यमंत्री अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिक संक्रमण दर वाले जिलों में कोविड-19 से बचाव तथा उपचार की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। उन्होंने लखनऊ व मेरठ पर विशेष ध्यान देकर इन जिलों की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने केजीएमयू की चिकित्सा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। कहा कि वरिष्ठ चिकित्सक नियमित राउंड लेकर मरीजों को देखें। मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री कार्यालय जिलों के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में होने वाली बैठकों की स्थिति की समीक्षा करें। पूरे प्रदेश में आईसीयू बेड की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। कोविड-19 की लक्ष्य आधारित टेस्टिंग की जाए।  

शादी समारोह में व्यवधान न डालें
योगी ने कहा, शादी समारोह में कोई व्यवधान न पैदा किया जाए। लोगों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रचार माध्यमों के साथ-साथ पब्लिक एड्रेस सिस्टम का व्यापक उपयोग करते हुए आमजन को कोविड-19 से बचाव की जानकारी दी जाए। कोविड-19 के प्रोटोकॉल के पालन के लिए जनता को प्रोत्साहित किया जाए। 
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सपा लव जिहाद के खिलाफ बने कानून का विरोध करेगी : अखिलेश यादव

सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि किसानों पर इतना अन्याय कभी नहीं हुआ। अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर आंसू गैस छोड़ना, बौछार करना और लाठियां बरसाना कहां की सभ्यता है। यह सरकार का आतंकी हमला है। उन्होंने कृषि कानूनों का विरोध करते हुए पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी व अन्य प्रदेशों के किसानों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने पूछा कि भाजपा की केंद्र सरकार बताए कि किसानों की आय दोगुनी करने का कानून कब लाएगी ?

अखिलेश यादव शनिवार को सपा मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। उनके समक्ष अलीगढ़ के पूर्व सांसद व चार बार विधायक रहे बिजेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक जफरुल्ला खां, दर्जा प्राप्त मंत्री रहे सहारनपुर के लियाकत अली समेत बसपा व कांग्रेस छोड़कर कई नेता सपा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इन लोगों केआने से सत्ता में बैठकर अन्याय, अत्याचार करने वालों को हटाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों से वादा किया था कि उनकी आय दोगुनी करेंगे। लागत का ड्योढ़ा मूल्य देंगे। इन वादों का क्या हुआ ? भाजपा राज में धान की लूट हुई है, किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिला।

जेवर एयरपोर्ट में अधिग्रहीत जमीन को ऊसर बंजर बताकर किसानों को मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान की मदद करनी है तो सरकार उनको बाजार के भरोसे न छोड़े। किसान व व्यापार का पुराना रिश्ता है। भाजपा ने खेती और व्यापार दोनों को बर्बाद किया है। जब से भाजपा सरकार आई है, किसी न किसी बहाने किसानों को बर्बाद किया जा रहा है।



अंतर्धार्मिक विवाह पर रोक के कानून का विरोध करेगी सपा
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा उस अध्यादेश का विरोध करेगी जिसमें अंतर्जातीय, अंतधार्मिक विवाह रोकने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ  अंतर्जातीय व अंतर्धार्मिक शादियों पर 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दे रही है, तो दूसरी इसे रोकने के लिए कानून ला रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के लोगों को संविधान का अनुच्छेद 21 पढ़ना चाहिए। सपा ऐसे किसी भी कानून के पक्ष में नहीं है।
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