विज्ञापन
विज्ञापन
समस्त बाधाओं का निवारण करने हेतु अचूक उपाय है यह विशेष कृष्ण पूजन,अभी बुक करें !
Puja

समस्त बाधाओं का निवारण करने हेतु अचूक उपाय है यह विशेष कृष्ण पूजन,अभी बुक करें !

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

अमेरिका में रिसर्च छोड़कर वापस आए डॉ संदीप, बच्चों को विज्ञान के प्रति कर रहे जागरूक

डॉ. संदीप सिंह अमेरिका में पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च छोड़कर वापस अपने देश आ गए हैं और ग्रामीण बच्चों को विज्ञान और तकनीक के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

13 अक्टूबर 2020

विज्ञापन
Digital Edition

राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 11 प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन, एक निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में

राज्यसभा की 10 सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई। मंगलवार को भाजपा के सभी आठ प्रत्याशियों व एक निर्दलीय उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल किया। इस तरह कुल 11 उम्मीदवार मैदान में हैं।

वाराणसी के प्रकाश बजाज ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरा है। वह पेशे से वकील है। बता दें कि इसके पहले भाजपा की तरफ से नौ उम्मीदवार उतारे जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन भाजपा ने आठ प्रत्याशी ही उतारे।

भाजपा ने आठ उम्मीदवारों को घोषित करते समय राज्य में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जातीय समीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। भाजपा के आठ उम्मीदवारों में दो ब्राह्मण, दो ठाकुर, दो पिछड़ा, एक एससी और एक सिख है। सभी उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है।

भाजपा केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप पुरी, राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और नीरज शेखर को दूसरी बार यूपी से राज्यसभा भेजेगी। पूर्व मंत्री हरिद्वार दुबे, पूर्व डीजीपी पुलिस बृजलाल, पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी, सिडको के अध्यक्ष बी एल वर्मा  और पूर्व प्रदेश मंत्री गीता शाक्य को उम्मीदवार बनाया गया है। नामांकन के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश सरकार के मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
... और पढ़ें
प्रत्याशियों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य। प्रत्याशियों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य।

बसपा के दिग्गज नेता त्रिभुवन दत्त व पूर्व केंद्रीय मंत्री सहित कई कार्यकर्ता सपा में शामिल, अखिलेश ने दिलाई सदस्यता

बहुजन समाज पार्टी के दिग्गज नेता व कोऑर्डिनेटर पूर्व सांसद त्रिभुवन दत्त, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम शेरवानी सहित कई नेता व कार्यकर्ता मंगलवार को सपा में शामिल हो गए।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। हरदोई के शाहाबाद से बसपा विधायक रहे आसिफ उर्फ बब्बू खां व हापुड़ की धौलाना सीट से बसपा विधायक असलम चौधरी की पत्नी भी सपा में शामिल हो गईं।

इस मौके पर अखिलेश यादव ने प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि कोरोना काल में सरकार ने अपनी पूरी जिम्मेदारी नहीं निभाई। पूरी दुनिया कोरोना से लड़ रही है और यूपी में टेस्ट कम हो रहे हैं। मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है। मंत्री, विधायक व अधिकारियों की कोरोना से मौत हुई है।

वहीं, प्रदेश में निवेश को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे दावों पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दो बार भूमि पूजन हुआ, एमओयू हुआ पर जमीन पर कुछ भी नहीं नजर आ रहा है।

अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार में 1090 और 112 जैसी योजनाएं शुरू की गईं थीं जिनका लाभ इस सरकार में जनता को नहीं मिल पा रहा है। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं। वहीं, उपचुनाव में प्रचार पर न जाने पर उन्होंने कहा कि जब चुनाव परिणाम आएंगे तब बात करेंगे।
... और पढ़ें

बढ़ती कीमतों ने फीका किया खाने का स्वाद, बढ़े सब्जियों और दालों के दाम, यहां देखें- कीमत 

बढ़ती महंगाई के बीच दाल की कीमतों ने आम आदमी को पहले से ही बेहाल कर रखा है। ऐसे में सब्जियों की आसमान छूती कीमतों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दो सौ से तीन सौ रुपये की दैनिक मजदूरी करने वाले आम नागरिक की थाली से दाल पहले ही गायब हो चुकी थी। अब गरीबों की सब्जी माना जाने वाला आलू और प्याज भी आम आदमी की पहुंच से दूर हो गया है। एक महीना पहले 14 से 15 रुपये किलो बिकने वाला आलू 40 से 45 रुपये पहुंच गया है। तो वहीं सभी तरह की सब्जियों के साथ मिक्स होने वाला प्याज खुले बाजार मे 60-70 रुपये किलो तक बिक रहा है। इन दोनों सब्जियों की बढ़ी हुई कीमतों ने आम आदमी की टेंशन बढ़ा दी है। ऐसे में अब गरीब जनमानस मेथी, सोया व पालक जैसे सागों की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहा है। लेकिन इस समय उसका भी दाम आसमान छू रहा है।

 
... और पढ़ें

रायबरेली: ट्रैक्टर में पीछे से भिड़ी एक तेज रफ्तार कार, बालक की मौत, पांच घायल

रायबरेली के गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र में सोमवार की देर रात देदौर गाँव के पास एक अनियंत्रित कार ट्रैक्टर के पीछे जा घुसी। इस घटना में कार सवार 5 लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये, जबकि एक 11 वर्षीय लड़के की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

सभी घायलों को मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया, जहाँ हालत गंभीर देखते हुए सभी को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।

जानकारी के अनुसार, नगर कोतवाली क्षेत्र के सोनिया नगर निवासी मंगल प्रसाद की पत्नी गीता अपनी तीन बेटियों पारुल, मानसी, खूबी और बेटे मानस तथा इन्द्रानगर निवासी अपने देवर जीतेन्द्र और उसकी पत्नी अल्का के साथ अपनी कार से गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र के ठकुराइन खेड़ा गाँव अपनी ननद के यहाँ मुण्डन कार्यक्रम में आई थी।

रात में वापस रायबरेली जाते समय देदौर गाँव के पास कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रैक्टर के पीछे घुस गई। इस घटना में कार सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

मानस (11) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए गीता, पारुल, मानसी, जीतेन्द्र और अल्का को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। जहां सभी का इलाज चल रहा है।
... और पढ़ें

ओला और उबर टैक्सी में छावनी होकर सफर करना अब पड़ेगा महंगा, लगाया टोल टैक्स, देने होंगे इतने रुपये

हादसे के बाद का एक दृश्य।
लखनऊ के लोगों को ओला, उबर की टैक्सियों में छावनी क्षेत्र होकर सफर करना अब महंगा पड़ेगा। छावनी परिषद ने 22 अक्तूबर से इन पर प्रति राउंड 30 रुपये का टोल टैक्स लगा दिया है। इस आदेश के तहत ओला, उबर की टैक्सी यात्री को लेकर जितनी बार छावनी में प्रवेश करेंगी, उतनी बार उन्हें 30 रुपये का टैक्स भरना पड़ेगा। इसका असर आठ हजार टैक्सी ऑपरेटरों पर पड़ेगा। 

छावनी बोर्ड ने भले ही यह टैक्स इन टैक्सी कंपनियों पर लगाया हो, लेकिन इसकी भरपाई असल में जनता की जेब से ही होगी। टैक्स के बाद ओला, उबर टैक्सी का छावनी होकर सफर करना महंगा हो गया है। इस संबंध में मुख्य अधिशासी अधिकारी ने 22 अक्तूबर काे आदेश जारी करते हुए निजी फर्म को टैक्स की वसूली का ठेका दिया है। इसकी वसूली अर्जुनगंज, दिलकुशा, तेलीबाग, जेल रोड, लोको, मखनिया, मोहाल पॉइंट पर होगी।
... और पढ़ें

दिवाली बाद कोरोना की दूसरी लहर की आशंका, स्वास्थ्य विभाग ने मांगा तैयारियों का ब्यौरा

चिकित्सा विशेषज्ञों ने दिवाली के बाद कोरोना की दूसरी लहर की आशंका जताई है। इसे देखते हुए लखनऊ में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके पीछे तर्क है कि त्योहारी सीजन में आवागमन बढ़ा है, जिससे वायरस फैलेगा। इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सा संस्थानों से तैयारियों का ब्यौरा मांगा है।  

स्वास्थ्य विभाग ने अभी कोरोना की सेकंड वेव को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की है, लेकिन आशंका जताई है कि दीपावली बाद मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में सामान्य व गंभीर मरीजों को रखने के इंतजाम की पड़ताल शुरू हो गई है। हालांकि, ज्यादातर लेवल-1 के अस्पतालों को नॉन कोविड में बदला जा चुका है, लेकिन लेवल टू और 3 को लेकर होमवर्क शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि यूरोप के 31 देशों में सेकंड वेव का असर देखा जा रहा है। अकेले फ्रांस में 40 हजार से ज्यादा नए केस मिले हैं। अन्य देशों में भी एक बार फिर मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। इसे देखते हुए भारत में भी अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। 

अभी टला नहीं है खतरा 
त्यौहार पर आवागमन बढ़ा है। लोग घर से बाजार पहुंच रहे हैं, जहां भीड़ है। यही वायरस के प्रसार की वजह बनती है। बेहतर होगा कि लोग घर से निकलें तो पूरी सावधानी बरतें। मास्क जरूर लगाएं। यह समझने की जरूरत है कि अभी खतरा टला नहीं है। दूसरी लहर को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। यही वजह है कि अभी लिंब सेंटर और मुख्य परिसर दोनों जगह आईसीयू चलाई जा रही है।  - डॉ. डी हिमांशु, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट, केजीएमयू 
... और पढ़ें

यूपी : बगैर अनुमति दाढ़ी-बाल नहीं बढ़ा सकेंगे पुलिसकर्मी, स्टाइलिश दाढ़ी-बाल की भी अनुमति नहीं, निर्देश जारी

बागपत में सब इंस्पेक्टर की दाढ़ी पर मचे बवाल के बाद डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने नए सिरे से निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि सिख धर्म के लोगों को छोड़कर कोई भी बिना इजाजत दाढ़ी-बाल नहीं बढ़ा सकता।

दरअसल, डीजीपी ने यह सर्कुलर बागपत में एक सब इंस्पेक्टर द्वारा अपनी दाढ़ी कटवाने से इनकार करने पर उठे विवाद के बाद जारी किया है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर जमकर तर्क-वितर्क किए जा रहे थे।

डीजीपी ने सर्कुलर में कहा है कि धार्मिक आधार पर अस्थायी अवधि के लिए दाढ़ी रखने और लंबे बाल रखने की अनुमति कार्यालय के प्रमुख द्वारा दी जा सकती है। स्टाइलिश दाढ़ी-बाल के लिए कोई अनुमति नहीं होगी। पुलिस कर्मी अपनी मूंछ इच्छानुसार रख सकते हैं। लेकिन मूंछें ट्रिम्ड होनी चाहिए और उनका रखरखाव अच्छा होना चाहिए। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि वे गलत वर्दी और दाढ़ी-बाल को लेकर टोकाटाकी जरूर करें जिससे अनुशासन बना रहे।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X