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क्या नौकरी में आ रही परेशानियां वर्ष 2021 में हो जाएंगी समाप्त ? जानिए अनुभवी एस्ट्रोलॉजर्स से
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अमेरिका में रिसर्च छोड़कर वापस आए डॉ संदीप, बच्चों को विज्ञान के प्रति कर रहे जागरूक

डॉ. संदीप सिंह अमेरिका में पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च छोड़कर वापस अपने देश आ गए हैं और ग्रामीण बच्चों को विज्ञान और तकनीक के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

13 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

सपा समर्थित प्रकाश बजाज का नामांकन रद्द, सभी दस उम्मीदवारों निर्विरोध निर्वाचन तय

दिनभर चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद आखिरकार राज्य सभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी ने समाजवादी पार्टी (सपा) समर्थित प्रकाश बजाज के नामांकन को रद्द कर दिया। राज्यसभा की दस सीटों पर हो रहे चुनाव में भाजपा के आठ, बसपा और सपा के एक-एक उम्मीदवारों सहित सभी दस उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है।

इससे पहले बुधवार को सुबह 11 बजे बसपा के चार विधायक असलम चौधरी, असमल राइनी, हाकिमचंद बिंद और मुजतबा सिद्दीकी ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष पहुंचकर बसपा उम्मीदवार रामजी गौतम के नामांकन पत्र से अपना प्रस्ताव वापस लेने की अर्जी दी। 

उन्होंने कहा कि नामांकन पत्र पर जिस क्रमांक में दस्तखत है वह उनके नहीं है। बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, विधानसभा में बसपा के नेता लालजी वर्मा और विधायक उमाशंकर सिंह ने रामजी गौतम के बचाव में नामांकन के समय की वीडियो फुटेज और फोटोग्राफ प्रस्तुत करते हुए नामांकन को सही बताया। दूसरी तरफ  बसपा ने अलग-अलग बजाज के नामांकन पत्र पर आपत्ति की।

सपा और बसपा की तरफ से बुधवार को दिनभर चले तर्क-वितर्क के बाद आखिरकार देर शाम निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने सपा समर्थित प्रकाश बजाज के नामांकन पर आपत्तियों को स्वीकार करते हुए उनका परचा खारिज कर दिया। साथ ही बसपा उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर आई आपत्तियों को खारिज कर दिया। निर्वाचन अधिकारी के निर्णय के बाद राज्यसभा चुनाव में सभी दस सीटों पर दस उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया। 2 नवंबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकते हैं, नाम वापसी का समय बीतने के बाद सोमवार को सभी दस उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

ये चुने गए निर्विरोध
राज्यसभा की दस सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार एवं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, पूर्व डीजीपी ब्रजलाल, नीरज शेखर, हरिद्वार दुबे, गीता शाक्य, सीमा द्विवेदी और बीएल वर्मा निर्विरोध निर्वाचित होना तय है। वहीं सपा के प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव भी निर्विरोध चुने जाएंगे। बुधवार को दिनभर चली मशक्कत के बाद बसपा के रामजी गौतम भी राज्यसभा जाना तय हो गया है।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

राज्यसभा चुनाव से पहले मायावती को झटका, अखिलेश से मिले बसपा के पांच बागी विधायक

राज्यसभा चुनाव के लिए बसपा प्रत्याशी रामजी गौतम के प्रस्तावक के तौर पर नाम वापसी की अर्जी देने वाले बसपा विधायकों ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। विधायकों के इस फैसले से बसपा प्रत्याशी की उम्मीदवारी पर संकट खड़ा हो गया है।

बता दें कि विधायकों की इस बगावत से बसपा मुश्किल में पड़ गई है। इन विधायकों में असलम राईन, असलम चौधरी, गोविंद भार्गव, हाकिम सिंह बिंद और मुज्तबा सिद्दीकी हैं। इन सभी ने प्रस्तावक के रूप में नाम वापस लेने की अर्जी दे दी है। बता दें कि रामजी गौतम ने राज्यसभा के उम्मीदवार के रूप में 26 अक्तूबर को नामांकन किया था तब उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा व कई अन्य नेता मौजूद थे।

भिनगा के बसपा विधायक मो. असलम राईन ने फोन पर बताया कि चार विधायकों ने लिखकर दिया है कि राम जी गौतम के प्रस्तावक के रूप में उन लोगों ने दस्तखत नहीं किया। उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए हैं।

राईन ने कहा कि कूटरचित हस्ताक्षर के लिए वह विधिक कार्रवाई करेंगे। फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत करने वाले विधायकों में मुज्तबा सिद्दीकी, हाकिम लाल बिंद व असलम चौधरी हैं।
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राज्यसभा चुनाव: बसपा से 6 विधायकों की बगावत, अखिलेश यादव से मिलकर नए सियासी ठिकाने का दिया संकेत

बुधवार का दिन राजधानी लखनऊ में नाटकीय घटनाक्रम का रहा। राज्यसभा चुनाव की तैयारी में जुटी बसपा को बुधवार को करारा झटका लगा। बसपा के 6 विधायकों ने बगावत का बिगुल बजा दिया। उन्होंने सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर नए सियासी ठिकाने का संकेत दे दिया। इससे पहले इनमें से चार विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार रामजी गौतम के प्रस्तावक के रूप में अपना नाम वापस लेने की अर्जी पेश तक हड़कंप मचा दिया। उन्होंने बसपा को नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया, भाजपा के इशारे पर काम करने और अपनी अनदेखी का आरोप लगाया।

विधानसभा के सेंट्रल हॉल में बुधवार को 11 बजे से नामांकन पत्रों की जांच का काम शुरू हुआ। भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं चुनाव प्रबंधन प्रभारी जेपीएस राठौर के नेतृत्व में भाजपा के उम्मीदवार या उनके एजेंट नामांकन पत्रों की जांच के लिए पहुंचे। नामांकन पत्रों की जांच का सिलसिला शुरू ही हुआ था कि करीब साढ़े ग्यारह बजे बसपा विधायक असलम चौधरी, असलम राइनी, हाकिम लाल बिंद और मुजतबा सिद्दीकी ने सेंट्रल हॉल पहुंचकर निर्वाचन अधिकारी के समक्ष बसपा उम्मीदवार रामजी गौतम के प्रस्तावक के रूप में अपना नाम वापस लेने की अर्जी पेश कर सभी को चौंका दिया। प्रदेश ही नहीं, देश के राजनीतिक इतिहास में शायद  शायद पहला मौका था जब किसी राजनीतिक दल के विधायकों ने इस तरह पार्टी से बगावत की हो। राइनी ने तो अपने हस्ताक्षर कूटरचित होने का आरोप लगाया।

बसपा विधायकों के इस बगावती पत्र से बसपा में हड़कंप मच गया। प्रदेश में सियासी चर्चाएं एकाएक तेज हो गईं। कुछ ही देर बाद ये विधायक सपा मुख्यालय में अखिलेश यादव से मिलने पहुंच गए। इनके साथ धौलाना (हापुड़) से बसपा विधायक असलम चौधरी और जाफराबाद (जौनपुर) से बसपा विधायक सुषमा पटेल भी सपा कार्यालय गई। बसपा के इन 6 विधायकों की अखिलेश यादव से काफी देर तक बातचीत हुई। सपा कार्यालय से निकलकर इन विधायकों ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा। कहा कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा के इशारे पर नामांकन किया गया। बसपा में उनकी उपेक्षा की जा रही है। कोआर्डिनेटर तक उनसे बात नहीं करते हैं।
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बेरोजगारी के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है यूपी: लल्लू

नामांकन पत्र देते रामजी गौतम। (फाइल फोटो)
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं में रोजगार को लेकर हताशा को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने भाजपा सरकार पर चुनाव के समय 70 लाख रोजगार देने के वादे से मुकरने का आरोप लगाया। कहा कि मौजूदा सरकार छात्र-युवाओं के प्रति संवेदनहीन है।

अजय कुमार लल्लू ने बुधवार को बयान में कहा कि प्रदेश चौतरफा अव्यवस्था से जूझ रहा है। विकास अवरुद्ध है, जनता आर्थिक रूप से टूट चुकी है, छात्र नौजवान बेरोजगारी की मार झेल रहे है। वैश्विक महामारी में प्रदेश के लाखों लोग अन्य राज्यों में अपने काम धंधे छोड़ कर घर आने पर विवश हुए थे। लॉकडाउन के चलते लाखों लोगो ने अपना रोजगार खोया था, मुख्यमंत्री योगी उनको समायोजित करने के बजाए लाई चना बिकवाने का प्रहसन कर उनका मजाक उड़ा रहे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी समेत भाजपा नेताओं ने चुनाव पूर्व घूम-घूम कर 70 लाख रोजगार सृजित करने, यानी हर वर्ष 14 लाख रोजगार देने का वादा किया था। पर, साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद मुख्यमंत्री ने मंगलवार को खुद स्वीकार किया है कि साढ़े तीन वर्षों में 3 लाख लोगो को रोजगार दिया है। इससे यह साबित होता है कि बेरोजगारी कि स्थिति बहुत भयावह है।

एक साल में दोगनी हुई बेरोजगारी
लल्लू ने कहा कि प्रदेश के श्रम मंत्री ने उनके प्रश्न के जवाब में कहा था कि प्रदेश में बेरोजगारी की स्थिति भयावह है। रोजगार के अवसर कम हुए है। वर्ष 2018 के मुकाबले 2019 में बेरोजगारी दोगुनी हुई है। श्रम मंत्री ने लिखित जवाब में कहा है कि 2018 में बेरोजगारी दर 5.92 प्रतिशत थी जो 2019 में बढ़ कर 9.97 प्रतिशत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे पाई है। भाजपा राज में कारखाना, पीएसयू की स्थापना नहीं हुई। पिछले सालों में जो भी भर्ती की परीक्षा हुई है, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं।
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एस्टीमेट जमा होने के एक माह में चालू हो जाएं नलकूप : ऊर्जा मंत्री

किसानों को नलकूप कनेक्शन मिलने में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने एस्टीमेट की धनराशि जमा होने के एक माह में नलकूपों को चालू कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि औपचारिकता पूरी होने के बाद उपभोक्ता को जल्द और आसानी से कनेक्शन मिले।

ऊर्जा मंत्री ने बुधवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर झटपट कनेक्शन, निवेश मित्र पोर्टल तथा निजी नलकूपों के कनेक्शन जारी करने के काम में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ये योजनाएं शुरू की गई हैं इसलिए काम समयबद्ध ढंग से होना चाहिए। उन्होंने निजी नलकूपों के ऊर्जीकरण एवं निवेश मित्र पोर्टल के लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी तरह के उत्पीड़न या लापरवाही की शिकायत मिलती है तो दोषी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कृषि कनेक्शनों में विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पावर कार्पोरेशन के एमडी को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा

ऊर्जा मंत्री ने बिजली कंपनियों के कामकाज की समीक्षा करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन की सतत मॉनिटरिंग के साथ-साथ उपभोक्ताओं को समय से सही बिल भेजने के भी निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि निवेश मित्र पोर्टल पर101 आवेदन लंबित हैं जबकि  झटपट पोर्टल पर 5445 आवेदन लंबित है। इसी तरह निजी नलकूप पोर्टल पर 5029 आवेदन लंबित हैं। पावर कार्पोरेशन के एमडी एम. देवराज ने ऊर्जा मंत्री के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी बिजली कंपनियों के एमडी के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए प्रभावी कार्यवाही करने को कहा है।
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तस्वीरें: मकान में धमाके से लगी आग, छाया रहा धुएं का गुबार, दहल उठा पूरा इलाका

यूपी में उपचुनाव को लेकर पुलिस की तैयारियां तेज, अपराधियों के 58 गिरोह निशाने पर

यूपी में उपचुनाव को लेकर पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में उपचुनाव के पहले अपराधियों के 58 नए गिरोह पुलिस ने रजिस्टर कर दिए हैं।

बता दें कि कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने मतदान स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

प्रदेश में 10 अक्तूबर से अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा, अभी तक 133 अपराधियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। वहीं, गुंडा एक्ट के तहत 62 मामले दर्ज कर 1527 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। गैंगस्टर एक्ट के तहत 189 मामलों में 649 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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