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नवरात्रि के समय क्यों करना चाहिए ललिता सहस्रनाम पाठ ?
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अमेरिका में रिसर्च छोड़कर वापस आए डॉ संदीप, बच्चों को विज्ञान के प्रति कर रहे जागरूक

डॉ. संदीप सिंह अमेरिका में पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च छोड़कर वापस अपने देश आ गए हैं और ग्रामीण बच्चों को विज्ञान और तकनीक के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

13 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

तोहफा : यूपी से बिहार के लिए शुरू हुई बस सेवा 

उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम ने दीपावली से पहले यूपी से बिहार के बीच बस सेवा शुरू कर लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। निगम ने बृहस्पतिवार को राजधानी के आलमबाग बस अड्डे से गया के लिए बस सेवा का शुभारंभ कर दिया। इसके साथ ही जल्द ही गोरखपुर समेत पांच जिलों से बिहार के लिए 85 बसें चलायी जाएंगी। इसके लिए रूट, समय सारणी और किराए को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि अभी इसमें कुछ संशोधन की संभावना है।
 
मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) पीआर बेलवारियार के अनुसार, दोनों राज्यों से अनुमति मिलने के बाद बस संचालन का खाका तैयार कर लिया गया है। किराए और परमिट पर समझौता होने के बाद संचालन पर सहमति बन गई है। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गोरखपुर क्षेत्र से छपरा, सिवान, मोतिहारी, रक्सौल, पटना, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर व गोपालगंज, वाराणसी से डेहरी, भभुआ, बक्सर, गया, पटना, औरगांबाद, आजमगढ़ से बक्सर वाया फेफना, बयानी, बलिया से छपरा और गाजियाबाद से पटना, किशनगंज, नालंदा व बक्सर के लिए बसें चलायी जाएंगी।

लखनऊ से गया तक किराया 685 रुपये 
चारबाग डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय ने बताया कि बृहस्पतिवार को बिहार के गया वाया औरंगाबाद के लिए साधारण सेवा की बस का शुभारंभ किया गया है। आलमबाग से एक यात्री का किराया 685 रुपये तय किया गया है। कुछ दिन बाद इसमें मामूली संशोधन भी हो सकता। बस रोज सुबह साढ़े आठ बजे चलेगी और 606 किलोमीटर की दूरी तय कर रात नौ बजे गया पहुंचेगी। 
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up bus up bus

आज फैसला नहीं तो दीवाली तक बोनस का इंतजार 

केंद्र ने अपने कर्मचारियों के लिए दशहरा त्योहार से पहले बोनस का एलान कर दिया लेकिन प्रदेश के कर्मचारियों को बोनस देने पर अभी फैसला बाकी है। दशहरे से पहले केवल एक कार्यदिवस बाकी है। ऐसे में बोनस पर निर्णय दीवाली के आसपास ही होने की संभावना जताई जा रही है।

प्रदेश सरकार अराजपत्रित कर्मचारियों को कभी दशहरा व कभी दीवाली के पहले बोनस देती रही है। इस बार केंद्र ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सुस्त पड़े बाजार में खरीदारी बढ़ाने के लिए दशहरा त्योहार के पहले ही बोनस का एकमुश्त भुगतान का एलान किया है। उम्मीद की जा रही थी कि प्रदेश सरकार भी केंद्र सरकार की तरह अपने कर्मचारियों के बोनस का भुगतान दशहरा से पहले कर देगी। कर्मचारी दशहरे से पहले ही केंद्र की तरह बोनस का पूरा नकद भुगतान चाहते हैं।

पर, शासन स्तर पर बृहस्पतिवार को इस संबंध में कोई फैसला नहीं हो पाया। अब शासन स्तर पर दशहरा से पहले केवल शुक्रवार एक ही कार्यदिवस बाकी है। ऐसे में यदि शुक्रवार को भी इस पर फैसला नहीं हुआ तो कर्मचारियों को दीवाली तक बोनस का इंतजार करना पड़ सकता है। बोनस के दायरे में समूह घ, ग के सभी तथा समूह ख के अराजपत्रित कर्मी आते हैं। प्रदेश में करीब 14.24 लाख कर्मचारियों को एक माह का बोनस मिलता है। बोनस भुगतान पर करीब 967 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च आता है।

पूरा बोनस नकद दें या कम, इस निर्णय पर नजर
प्रदेश के वित मंत्री सुरेश कुमार खन्ना बोनस भुगतान का पहले ही स्पष्ट संकेत कर चुके हैं। लेकिन यह तय होना बाकी है कि इसका भुगतान केंद्र सरकार की तरह दशहरा के पहले हो या दीवाली से पहले। इसके अलावा यह भी बड़ा निर्णय होना है कि कर्मचारियों को बोनस का पूरा एकमुश्त भुगतान किया जाए या पूर्व की तरह दो तिहाई हिस्सा जीपीएफ में व एक तिहाई नकद दिया जाए अथवा कोई अन्य फॉर्मूला तय किया जाए।

पिछले वर्ष एक चौथाई हिस्सा ही मिला था नकद
तदर्थ बोनस के रूप में एक महीने के वेतन के रूप में अधिकतम 7000 रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। सरकार 30 दिन की परिलब्धियां 6908 रुपये मानकर भुगतान करती है। पिछले कई वर्ष से सरकार बोनस का कुछ हिस्सा जीपीएफ में जबकि कुछ नकद देती रही है। पिछले साल बोनस का 75 प्रतिशत हिस्सा जीपीएफ में व 25 प्रतिशत नकद भुगतान किया गया था।

 
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यूपी व अन्य राज्यों को मुफ्त वैक्सीन क्यों नहीं: अखिलेश

सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कोरोना वैक्सीन को बिहार विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में शामिल करने पर भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह संकीर्ण और अवसरवादी राजनीति की पराकाष्ठा है।

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, भाजपा अपने घोषणा पत्र में कह रही है कि बिहार के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन का टीका मुफ्त लगवाएगी। बीजेपी ने ऐसी घोषणा उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों के लिए क्यों नहीं की ? ऐसी अवसरवादी व संकीर्ण राजनीति को आने वाले चुनावों में प्रदेश व देश की जनता अवश्य जवाब देगी।

एक अन्य ट्वीट में अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है कि बिहार चुनाव में कश्मीर कथा बांचने वाले स्टार प्रचारक से कोरोना की मार झेलने वाला अपना प्रदेश तो संभल नहीं रहा है और दुनिया को सीख दे रहे हैं। आर्थिक बदहाली, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई से 365 दिन त्रस्त रहने वाली बदलहाल जनता को 370 के फायदे गिना रहे हैं।
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विकास कार्यों के शिलापट पर अंकित करें सांसद, विधायकों के नाम

राज्य सरकार ने जनता के हित में कराए जा रहे विकास कार्यक्रमों में सांसद व विधायकों को आमंत्रित करने और शिलापट पर उनका नाम अंकित करने के निर्देश दिए हैं। इस सबंध में प्रमुख सचिव संसदीय कार्य जेपी सिंह द्वितीय ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, पुलिस महानिदेशक, मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को जरूरी निर्देश भेजे हैं।

जेपी सिंह ने कहा है कि प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने निर्देश दिए हैं कि भारत सरकार की गाइड लाइंस की तरह ही राज्य सरकार व राज्य सरकार की मदद से जनहित में कराए जा रहे विकास कार्यक्रमों में क्षेत्र के सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य को आमंत्रित किया जाए और शिलापट पर उनका नाम लिखवाया जाए। प्रोटोकॉल के अनुसार उनके बैठने की व्यवस्था की जाए।
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चार नेताओं के भगोड़ा घोषित होने से उपचुनाव में बसपा की बढ़ी मुश्किल

शिलापट्ट को तैयार करता मिस्त्री
प्रदेश सरकार में मंत्री स्वाति सिंह के परिवार की महिलाओं व बेटी के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में बसपा के चार प्रमुख नेताओं को कोर्ट से फरार घोषित किए जाने से पार्टी की चुनौती बढ़ गई है।

प्रदेश में सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव (तत्कालीन सचिव) मेवालाल के पास चुनाव से संबंधित कई जिम्मेदारी है। इसी तरह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर पिछड़े समाज के मजबूत नेता माने जाते हैं। नौशाद अली और एमएलसी अतर सिंह राव भी कई मंडलों का संगठनात्मक काम देख रहे हैं।

उपचुनाव में ये सभी सक्रियता से लगे हुए थे। लेकिन ऐन उपचुनाव के बीच इन नेताओं को कोर्ट से फरार घोषित किए जाने से पार्टी के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। कोर्ट में पेश होने से पहले अब इन सबका राजनीतिक व पार्टी गतिविधियों में पहले की तरह सक्रियता से हिस्सा लेना आसान नहीं रह गया है।
 
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यूपी: बाढ़ प्रभावित 19 जिलों के किसानों को मुख्यमंत्री योगी ने किया 113 करोड़ का भुगतान

केंद्र से सहायता मिलने का इंतजार किए बिना ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को 19 जिलों के 3,48,511 बाढ़ प्रभावित किसानों के खातों में 113.21 करोड़ की राशि ऑनलाइन हस्तांतरित की। यह पहली बार है, जब शासन स्तर से बाढ़ मुआवजे का भुगतान डीबीटी के जरिए किसानों के बैंक खाते में किया गया है। पहली बार ही पारदर्शी तरीके से प्रत्येक लाभार्थी का खाता और गाटा वार ब्योरा सरकार के पास उपलब्ध हुआ है। इससे किसानों के नाम पर किए जाने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और उन्हें बिना किसी बिचौलिए लाभ मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शीघ्र ही बाढ़ की समस्या का स्थायी हल निकालेगी। इस संबंध में कार्ययोजना तैयार हो रही है। जब तक ऐसा नहीं होता तब तक बाढ़ से सुरक्षा के लिए सभी संवेदनशील जगहों पर समय से मानक के अनुसार काम होगा। यह हो भी रहा है। यही वजह है कि हिमालय से लगे तराई के इलाकों में इस साल औसत से बहुत अधिक बारिश होने के बावजूद कहीं भी बाढ़ के कारण गंभीर समस्या उत्पन्न नहीं हुई।
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UPSSSC: यूपी आबकारी सिपाही भर्ती परीक्षा 2016 का परिणाम घोषित किया गया

उत्त्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अंतर्गत आबकारी सिपाही भर्ती परीक्षा 2016 का परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिया गया।

बता दें कि 405 पदों पर आबकारी सिपाही की भर्ती के लिए 25 सितंबर 2016 को परीक्षा का आयोजन किया गया था। गुरुवार को लखनऊ के पिकअप भवन में हुई बैठक में परिणाम व कटऑफ अंकों पर निर्णय करते हुए परिणाम जारी कर दिया गया।




शारीरिक परीक्षा का कार्यक्रम आयोग की वेबसाइट के माध्यम से जारी किया जाएगा। परीक्षा योजना के अनुसार स्क्रीनिंग परीक्षा में प्राप्त अंकों को चयन के अगले चरण में नहीं जोड़ा जाएगा। बता दें कि 2016 में आयोजित हुई इस परीक्षा में पांच लाख 52 हजार 602 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। शारीरिक परीक्षा के लिए 4902 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।
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48 घंटे में धान का मूल्य भुगतान करने के निर्देश, सत्यापन न करने वाले लेखपालों पर होगी कार्रवाई

सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने धान खरीद में ऑनलाइन पंजीकरण का सत्यापन न करने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों का पंजीकरण और उनका सत्यापन कराएं। जो लेखपाल सत्यापन नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने किसानों को धान के मूल्य का भुगतान 48 घंटे में करने के निर्देश दिए हैं। 

दरअसल, मंत्री ने धान खरीद की व्यवस्था की पड़ताल के लिए सीतापुर के क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उनसे किसानों ने पंजीकरण का लेखपाल द्वारा सत्यापन न करने की शिकायत की थी। इस पर उन्होंने ये निर्देश दिए। सीतापुर के बिसवां ब्लॉक की साधन सहकारी समिति कैमहरा कला धान क्रय केंद्र के निरीक्षण में नमी मापक मशीन ठीक से कार्य न करने की शिकायत मिली।

इस पर उन्होंने नई मशीन खरीदने के निर्देश दिए। इसी तरह उन्होंने अन्य केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सभी पीसीएफ व धान खरीद से जुड़े अधकिारियों को धान खरीद में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

 
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जेम पोर्टल पर लंबित भुगतान के  त्वरित निस्तारण के निर्देश

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. नवनीत सहगल ने जेम पोर्टल पर विभिन्न विभागों के लंबित भुगतान के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने को कहा है। विशेषकर एमएसएमई इकाइयों के  भुगतान तुरंत कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा विभागों में खरीद के बाद भुगतान की समयसीमा निर्धारित है, फिर भी कुछ विभाग द्वारा एमएसएमई इकाइयों को विलंब से भुगतान किया जा रहा है।

डा. सहगल ने ये निर्देश निर्यात प्रोत्साहन भवन में जेम की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ विभागों के क्रेताओं द्वारा जेम पोर्टल पर उपलब्ध उत्पाद एवं सेवाओं की खरीद ई-टेण्डर  के माध्यम से की जा रही है जबकि मुख्य सचिव के स्पष्ट निर्देश है कि जो उत्पाद व सेवाएं जेम पोर्टल पर उपलब्ध हैं उनकी खरीद अनिवार्य रूप से जेम पोर्टल से ही की जाएगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि जेम पोर्टल पर उपलब्ध उत्पाद/सेवा का क्त्रस्य अन्य माध्यम से करने वाले खरीदारों पर विभागाध्यक्ष द्वारा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल पर 2020-21 में अक्तूबर तक कुल 1665 करोड़ रुपये की खरीदारी की गई एवं कुल 60,017 पंजीकृत हो गए हैं। इनमें 15473 एमएसएमई इकाइयां है।

 
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