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ये हैं सप्ताह की चार भाग्यशाली राशियां, धनलाभ के बनेंगे प्रबल योग
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शर्मनाक: बेटी पैदा होने से गुस्साए पति ने पत्नी और दो बेटियों को कुएं में धकेला, आठ साल की बच्ची की मौत

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में 42 वर्षीय एक व्यक्ति ने बेटा न होने पर कथित रूप से अपनी पत्नी एवं दो बेटियों को कुएं में धकेल दिया, जिससे आठ वर्षीय एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि महिला की आवाज सुनकर वहां से निकल रहे एक ग्रामीण ने महिला और उसकी एक बच्ची को बचा लिया। यह घटना छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर चंदला पुलिस थाना अंतर्गत हुई।

चंदला पुलिस थाना के विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि मृत बच्ची की मां बिट्टी बाई यादव ने पुलिस के समक्ष बयान दिया है कि तीन माह पहले बेटी होने पर पति राजा भैया यादव उसे प्रताड़ित करता था और उसके साथ मारपीट करता था। इसी कारण वह अपनी बच्चियों के साथ एक माह पहले अपने मायके चली गई थी।

पति ने महिला और बच्चों पर पत्थर से किया हमला
उन्होंने बताया कि जानकारी के मुताबिक डढिया गांव का निवासी आरोपी राजा भैया यादव मोटारसाइकिल से पत्नी बिट्टी और दोनों बच्चियों को पन्ना जिले के लौलास गांव स्थित ससुराल से वापस लेकर आ रहा था। रास्ते में भी बेटी होने पर वह पत्नी को भला बुरा कह रहा था। पड़ोई गांव के पास सड़क से तीन-चार खेत दूर स्थित एक कुएं तक वह मोटरसाइकिल से पहुंचा और पत्नी और बच्चियों को कुएं में धकेल दिया।

पुलिस मामले की जांच में जुटी
अधिकारी उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस घटना में उसकी आठ वर्षीय बेटी की मौत हो गई, जबकि महिला, जो कि तैरना जानती थी, ने किसी तरह से तैर कर अपनी बच्ची को बचा लिया। हालांकि, जब वह कुएं से बाहर निकलने का प्रयास कर रही थी तब आरोपी ने उस पर पत्थर से हमला किया जिससे महिला के सिर पर चोट आई है। उन्होंने कहा कि महिला की आवाज सुनकर वहां से निकल रहे एक ग्रामीण ने महिला और उसकी एक बच्ची को कुएं से बाहर निकाला और दोनों को बचा लिया। सिंह ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी फरार है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
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मध्य प्रदेश: कोरोना महामारी के बीच जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल छठे दिन भी जारी

कोरोना महामारी के चलते मध्यप्रदेश हाई कोर्ट द्वारा 24 घंटे पूरे होने के बाद भी जूनियर डॉक्टर काम पर वापस नहीं आए हैं। इसके बाद अब सरकार जूडा के खिलाफ एक्शन के मूड में आ गई है। मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर ने बताया, मेडिकल कॉलेज की सीट छोड़ने वाले जूनियर डॉक्टर को बांड के अनुसार, 10 से 30 लाख रुपए तक देने होंगे।।

निशांत वरवड़े ने बताया, यूजी और पीजी में नीट से सलेक्टेड स्टूडेंट्स को मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में मैरिट के आधार पर एडमिशन के लिए सरकार द्वारा मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा प्रवेश नियम-2018 एवं संशोधन 19 जून, 2019 के अनुसार, पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं।

सरकार ने मेडिकल कॉलेज के डीन को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए हैं गौरतलब है कि एक दिन पहले जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा 468 जूनियर डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद अब नई चेतावनी जारी की गई है।

उपरोक्त नियम की कण्डिका-15 (1) (ख) के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के बाद अभ्यर्थी द्वारा सीट छोड़ने पर उस पर बांड की शर्तें लागू होंगी। आयुक्त वरवड़े बताया, इसके अनुसार 10 लाख रुपये और 30 लाख रुपये (प्रवेश वर्ष 2020) स्वशासी संस्था को देना होगा। प्राइवेट मेडिकल एवं प्राइवेट डेंटल कॉलेज की सीट छोड़ने पर संबंधित कॉलेज में संचालित पाठ्यक्रम में पूरा शैक्षणिक शुल्क देना होगा।

वरवड़े ने बताया कि उपरोक्त नियम वर्ष 2018 से प्रवेशित सभी विद्यार्थियों पर प्रभावशील है। आयुक्त ने कहा कि सभी डीन को निर्देश दे दिए हैं। इस संबंध में संभागायुक्त अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे। लगातार डॉक्टरों की सुविधाएं के लिए कदम उठा रहे हैं। अब कोर्ट के आदेश अनुसार कार्रवाई की जा रही है। अस्पतालों में स्टाफ बढ़ाने के लिए हम पहले से ही कार्रवाई कर रहे हैं।

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खुशखबर: मध्यप्रदेश के 6 लाख सरकारी कर्मचारियों का बढ़ सकता है वेतन, 1200 से 3000 रुपये तक होगा फायदा

मध्यप्रदेश सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। जानकारी के मुताबिक, शिवराज सरकार ने राज्य के 6 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के वेतन वृद्धि पर लगी रोक को हटाने का फैसला लिया है। इन कर्मचारियों में शिक्षक संवर्ग भी शामिल है। वेतन वृद्धि होने के बाद सभी कर्मचारियों को एकमुश्त 1200 रुपये तो अधिकारियों को 3000 रुपये तक का फायदा मिल सकता है। 

मसौदा तैयार
मालूम हो कि एक जुलाई को सरकार को अधिकारी व कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ देना है इसलिए इस काम को तेजी से किया जा रहा है। इसके लिए वित्त विभाग ने मसौदा तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है। यहां मुहर लगते ही इसके आदेश जारी हो जाएंगे। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि रोक हटने के बाद इंक्रीमेंट को कर्मचारियों के जीपीएफ अकाउंट में डाला जाएगा या नकद भुगतान किया जाएगा। इस बात का फैसला अभी सरकार ने नहीं लिया है। 




150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार
बता दें, यह फैसला सरकार को पहले ही लेना था, लेकिन कोरोना और लॉकडाउन की वजह से कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और वार्षिक वेतन वृद्धि आगामी आदेश तक रोक दिया गया था। बताते चलें कि इस वेतन वृद्धि का भुगतान करने के लिए सरकार पर 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। 

इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ
उल्लेखनीय है कि राज्य में 1400 से अधिक ऐसे कर्मचारी भी हैं, जिन्हें वेतन बढ़ोत्तरी का लाभ नहीं मिल सकेगा। यह वे कर्मचारी हैं जो 30 जून को रिटायर हो रहे हैं और छठे वेतन आयोग में सैलरी बढ़ाने की तारीख 1 जुलाई तय की गई थी।हालांकि, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की तरफ से पहले ही कहा गया है कि साल में 365 दिन नौकरी करने वाले कर्मचारियों को एक जुलाई को इंक्रीमेंट पाने का पूरा अधिकार है। इस पर जल्द ही कोई फैसला लिया जा सकता है।
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मध्यप्रदेश: भाजपा नेता को पार्टी करना पड़ा भारी, लगा दस हजार का जुर्माना

भाजपा नेता को पार्टी पड़ी भारी भाजपा नेता को पार्टी पड़ी भारी

गिरी गाज: इंदौर में चोरी के शक में पुलिस ने सब्जीवाले को पीटा, गंदा पानी पिलाया, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

मध्यप्रदेश पुलिस की बर्बरता की खबरें आए दिन चर्चा में रहती हैं। प्रदेश की पुलिस पर आए दिन जांच के नाम पर टॉर्चर करने के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसा ही एक मामला इंदौर के चंदन नगर पुलिस स्टेशन से आया है। यहां के पुलिसवालों पर आरोप है कि चोरी के शक में एक सब्जी बेचने वाले व्यक्ति को पीटा, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। मामला बढ़ता देख दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पुलिसकर्मी एक कथित चोरी के आरोप की जांच कर रहे थे।

चंदन नगर थाना क्षेत्र में सब्जी बेचने वाले अजय गनवणे का आरोप है कि तीन चार महीने पुराने चोरी मामले में पुलिस ने उनसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया। इसी दौरान पुलिसवालों ने इतनी पिटाई की एक हफ्ता से ज्यादा बीतने के बाद भी लगी चोटें ठीक नहीं हुई। थाने में जब पीने के लिए पानी मांगा तो गंदा पानी दिया गया और दोनों हाथों को कुचल दिया गया।

पुलिस ने थाने में बुलाकर पीटा
गनवणे ने कहा कि इतना ही नहीं दोनों पुलिसवाले उन्हें 4 जून को सिरपुर तालाब के पास ले  जाकर प्लास्टिक की पाइपों और डंडों से बेदम पिटाई की। पुलिस की पिटाई से अभी तक चोट के निशान ठीक नहीं हुए हैं। इधर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान तक दोनों पुलिसवालों को निलंबित कर दिया गया है। 
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मध्यप्रदेश : 11 जिलों में हो सकती है भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून अपने सामान्य समय से सात दिन पहले बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश में पहुंच गया। भोपाल मौसम विभाग ने प्रदेश के 11 जिलों में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट तथा 2 दर्जन जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है।

बता दें कि मौसम विभाग, भोपाल के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक पी. के. साहा के मुताबिक एक दिन पहले ही भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर सहित राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई है। मानसून की उत्तर सीमा मध्यप्रदेश के बैतूल और मंडला जिलों से होकर गुजरती है। इसके साथ ही राज्य के कुछ हिस्सों में मानसून पहुंच गया है। आमतौर पर, मानसून का आगमन मध्यप्रदेश में 17 जून को होता है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में मॉनसून शहडोल, जबलपुर, होशंगाबाद संभाग में अधिकांश स्थानों पर पहुंच गया है। इसके साथ ही भोपाल, सागर, रीवा, ग्वालियर संभाग में कुछ स्थानों पर कहीं-कहीं बारिश हुई है। चंबल और उज्जैन संभाग में मौसम शुष्क रहा।

विभाग ने कहा कि इस दौरान प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर छह से 10 सेमी. बारिश दर्ज की गई। विभाग की ओर से ऑरेंज और यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

इन 11 जिलों के लिए है ऑरेंज अलर्ट 
विभाग ने 12 जून के लिए अनूपपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, सीहोर, होशंगाबाद, बैतूल, देवास कुल 11 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां भारी बारिश, बिजली चमकने/गिरने के साथ ही 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

इन स्थानों के लिए यलो अलर्ट जारी
वहीं दूसरी ओर विभाग ने रीवा, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, विदिशा, रायसेन, भोपाल, राजगढ़, हरदा, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, नीमच और मंदसौर के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। यहां गरज के साथ बिजली चमकने/गिरने और 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के लिए यहां
क्लिक करें।
 
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भोपाल: दिग्विजय सिंह समेत 30 के खिलाफ केस दर्ज, पेट्रोलियम मूल्यवृद्धि के खिलाफ किया था प्रदर्शन

पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के खिलाफ बृहस्पतिवार को भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोविड गाइडलाइंस का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया। इसे लेकर भोपाल पुलिस ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत 30 लोगों के खिलाफ भादंवि की धारा 188 और 145 के तहत केस दर्ज किया है। 



भोपाल के एएसपी अंकित जायसवाल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भोपाल की टीटी नगर पुलिस ने यह केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है प्रदर्शनकारियों ने कोविड गाइडलाइंस का उल्लंघन किया है। इसलिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वीडियोग्राफी के जरिए नियम तोड़ने वालों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।

युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी महंगाई को लेकर प्रदर्शन कर किया था। प्रदर्शन में युकां प्रदेशाध्यक्ष विक्रांत भूरिया समेत कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। इसमें भी कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ। इस मामले में नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। 
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राहत टीमें तैयार: सात दिन पहले ही मध्यप्रदेश पहुंचा मानसून, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा
महाराष्ट्र से होता हुआ दक्षिण पश्चिम मानसून बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश पहुंच गया। अपने तय समय से सात दिन पहले पहुंचे मानसून के कारण भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश हुई।

मौसम विभाग के मुताबिक बेतूल, मंडला, खंडवा जबलपुर और शहडोल व आसपास के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी।

इसके अलावा भोपाल, सागर, ग्वालियर और दो अन्य मंडलों व इंदौर समेत नौ जिलों भी अगले दो दिन अच्छी बारिश होगी। मानसून आमतौर पर 17 जून तक प्रदेश में दस्तक देता है। बीते वर्षों में पहली बार है जब यह समय से पहले मध्य प्रदेश पहुंचा है।  

महाराष्ट्र में 15 एनडीआरएफ टीमों ने संभाला मोर्चा
भारी बारिश की चेतावनी के बाद एनडीआरएफ की 15 टीमों ने राहत कार्य के लिए महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों में मोर्चा संभाल लिया है। एनडीआरएफ महानिदेशक एसएन प्रधान ने ट्वीट कर बताया कि चार टीमें रत्नागिरी, मुंबई, सिंधुदुर्ग, पालघर, रायगढ़, ठाणे में दो-दो टीमें और एक टीम कुर्ला में तैनात की गई है। इन टीमों के राज्य सरकार की मांग पर तैनात किया गया है।

रायगढ़ में रेड अलर्ट, 1000 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए
मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में शुक्रवार तक भारी से भीषण बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने 20 गांवों से 1139 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। रायगढ़ में पिछले 24 घंटे में औसत 58 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं 12 व 13 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है।

ओडिशा में अगले पांच दिन भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने ओडिशा के कई जिलों में अगले पांच दिन भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद ओडिशा के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रदीप जेना ने सभी जिला कलक्टरों व नगर आयुक्तों को सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है।

इसमें कहा गया कि 11 जून को उत्तर बंगाल की खाड़ी व आसपास के इलाके में कम दबाव बनने के कारण 10 से 14 जून तक ओडिशा के अधिकतर जिलों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में हादसों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारियां की जाएं। निचले इलाकों से अगर लोगों को हटाने की जरूरत महसूस होती है तो उन्हें कोविड नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
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मध्यप्रदेश: कैबिनेट बैठक में सीएम शिवराज और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा आमने-सामने, जानें क्या है पूरा मामला

मध्य प्रदेश में भाजपा की अंदरूनी कलह सामने आने लगी है। इसी सप्ताह हुई कैबिनेट बैठक में सियासी नजारा दिखने को मिला। कैबिनेट बैठक में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नर्मदा घाटी विकास योजना में बजट से ज्यादा छूट देने के प्रस्ताव का विरोध किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में जिस तरह नरोत्तम मिश्रा ने परियोजनाओं को सरकारी छूट दिए जाने पर आपत्ति जताई वह हैरान करने वाली घटना थी, पहली बार मुख्यमंत्री और गृहमंत्री इस मुद्दे पर आमने-सामने दिखे।
 
दरअसल, कोरोना के बाद पहली बार भोपाल में सभी मंत्री वल्लभ भवन में बैठक करने आए थे। कोरोना के चलते पिछले कई महीनों से वर्चुअल कैबिनेट बैठक हो रही थी। बैठक में नर्मदा घाटी विकास योजना के 8800 करोड़ रुपये के दो प्रोजेक्ट को बजट से ज्यादा छूट देने का प्रस्ताव आया । इस पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विरोध करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं में बांध नहीं बने हैं, लेकिन पाइप पहले ही डाले जा रहे हैं। यह समझ से परे है।

सरकार सीमा से ज्यादा छूट देने पर क्यों सोच रही
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जब कोरोना संकट के दौरान सारे विभागों के बजट में कटौती की जा रही है तो इस विभाग को सरकार सीमा से ज्यादा छूट देने पर क्यों  सोच रही है। हालांकि बैठक में  कुछ दूसरे मंत्रियों ने कहा कि इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी जानी चाहिए, जिसपर मिश्रा ने कहा कि इस पर उनका विरोध दर्ज किया जाए। वह इसके पक्ष में कतई नहीं हैं। मिश्रा के तेवर देख सभी मंत्री हैरान थे। हालांकि कुछ मंत्री गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ थे, तो कुछ उनके खिलाफ में आवाज उठाए। 

बैठक में नरोत्तम मिश्रा के विरोध करने पर भी शिवराज सिंह चुपाचाप बैठे रहे
इतना ही नहीं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस मामले पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस से भी जवाब तलब किया। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चुपचाप बैठे रहे और मिश्रा बैठक से उठकर सीधे भाजपा दफ्तर पहुंचे और और संगठन मंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखी। हालांकि बाद में ये सारे प्रस्ताव पारित कर दिए गए।

कांग्रेस सरकार गिराने में नरोत्तम मिश्रा की अहम भूमिका
दरअसल, पिछले कुछ समय से शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा के बीच मनमुटाव चल रहा है। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराने के पीछे दतिया विधायक नरोत्तम मिश्रा की अहम भूमिका बताई जा रही थी। नरोत्तम मिश्रा और उनके करीबियों क मानना है कि प्रदेश में भाजपा सरकार भले ही सत्ता में आ गई, लेकिन उनका हक नहीं मिला। यही वजह है कि कुछ दिनों पहले उनकी कैलाश विजयवर्गीय, प्रभात झा और प्रह्लाद पटेल से बैठकों की तस्वीरें सामने आई थी उन्होंने इसे सामान्य मेल मुलाकात कहा था।
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बड़ी खबर: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ में कोरोना वायरस के लक्षण, मेदांता में हुए भर्ती

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कमलनाथ पिछले दो दिनों से सर्दी-बुखार से पीड़ित हैं। उनमें बुखार के अलावा कोरोना संक्रमण के अन्य लक्षण भी दिखे हैं। कमलनाथ सुबह 10 बजे मेदांता अस्पताल में चेकअप के लिए पहुंचे, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती होने को कहा। 

इंदौर में लिफ्ट हादसे से बिगड़ी थी तबियत
गौरतलब है कि इसी साल फरवरी महीने में इंदौर के एक निजी अस्पताल में लिफ्ट गिरने के हादसे में कमलनाथ बाल-बाल बच गए थे, लेकिन उस सदमे की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। अस्पताल में ही ब्लड प्रेशर चेक कराया गया था। जहां ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था।




2018 में सीएम बने थे कमलनाथ
मध्यप्रदेश में साल 2018 में हुए विधासभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को बहुमत मिली थी। कांग्रेस क वरिष्ठ नेता कमलनाथ मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन पार्टी में बगावत के एक साल बाद ही कांग्रेस की सरकार प्रदेश में गिर गई। उसके बाद सीएम शिवराज सिंह के नेतृत्व में भाजपा सरकार की राज्य में वापसी हुई। 

हनीट्रैप मामले में कमलनाथ पर एसआईटी का शिकंजा
बता दें कि पिछले दिनों मध्यप्रदेश में हनीट्रैप का मामला जोरों पर था। इसमें कमलनाथ भी कटघरे में आ गए थे। एसआईटी ने नोटिस जारी कर पेन ड्राइव की मांग की थी। दरअसल, कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार की महिला मित्र ने आत्महत्या कर ली थी, इस मामले में उमंग सिंघार पर केस दर्ज हुआ था। उसके बाद कमलनाथ ने उमंग सिंघार का बचाव करते हुए कहा था कि उनके पास भी भाजपा नेताओं के हनीट्रैप की पेन ड्राइव है। इस मामले पर भाजपा ने आपत्ति जताते हुए कमलनाथ की निंदा की थी। इसी सिलसिले में एसआईटी ने उनपर शिकंजा कसा था।
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सियासत: सिंधिया ने जितिन प्रसाद को बताया छोटा भाई, भाजपा में शामिल होने पर किया स्वागत

भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जितिन प्रसाद को अपना छोटा भाई बताते हुए बुधवार को भाजपा में शामिल होने के उनके निर्णय का स्वागत किया।

सिंधिया ने प्रसाद के भाजपा में शामिल होने के फैसले का स्वागत करते हुए यहां संवाददाताओं से कहा कि मैं बहुत खुश हूं, वह मेरे छोटे भाई हैं। सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा के नेतृत्व में देश विकास के मामले में आगे बढ़ रहा है।

इससे पहले बुधवार को दिल्ली में भाजपा कार्यालय में प्रसाद (47) भाजपा में शामिल हुए। प्रसाद के गृह प्रदेश उत्तर प्रदेश में इससे भाजपा को ताकत मिलने की उम्मीद बताई जा रही है। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।

संयोग से, सिंधिया और प्रसाद दोनों अलग-अलग समय पर राजनीतिक तौर पर अहम माने जाने वाले उत्तर प्रदेश के मामलों के कांग्रेस में प्रभारी थे। सिंधिया मार्च 2020 में अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

सिंधिया ने बुधवार को यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा और नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह से मुलाकात की। सिंधिया ने शर्मा के आवास पर आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं के साथ भोजन किया और इसके बाद चौहान के साथ उनके निवास पर बैठक की। यह बैठक लगभग एक घंटे से अधिक समय तक चली।

केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर सिंधिया ने कहा कि मैं केवल लोगों के सेवा की परवाह करता हूं और मैं लोगों से जुड़े रहना चाहता हूं।
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सियासत: एमपी भाजपा ने जाति लिख जारी की कार्यसमिति सदस्यों की लिस्ट, 10 मिनट में सुधारी गलती

भोपाल: दो ट्रांसफार्मर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, सिलेंडरों में ब्लास्ट, उपकरण स्वाहा 

मध्यप्रदेश के भोपाल में अशोका गार्डन थाना क्षेत्र के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में दो ट्रांसफार्मर फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि दो से ढाई घंटे में ही जलकर स्वाहा हो गई। फैक्ट्री में खड़े ऑयल के टैंकर और गैस के सिलेंडर से आग और तेजी से फैली। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड, निगम, भेल के 20 से ज्यादा फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। आग लगने का अभी कोई कारण पता नहीं चल पाया है। 

जानकारी के अनुसार गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में वेस्टर्न ट्रांसफार्मर इंडस्ट्री और अवध ट्रांसफार्मर इंडस्ट्री अगल-बगल में ही हैं। दोनों में ट्रांसफार्मर बनाने का काम होता है। मंगलवार रात 9.30 बजे के करीब वेस्टर्न ट्रांसफार्मर इंडस्ट्री में आग लग गई और देखते ही देखते आग तेजी से भड़क गई। इसके बाद आग ने फैक्ट्री में रखे गैस के सिलेंडर और परिसर में खड़े आयल के टैंकर को अपने चपेट में ले लिया।

इसके बाद सिलेंडरों और टैंकरों में ब्लॉस्ट होने लगे। देखते ही देखते आग ने बगल की अवध ट्रांसफार्मर इंडस्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि दो से ढाई घंटे मे दोनों ही फैक्ट्री धूं धूं कर पूरी तरह से जल गई। आग पर काबू पाने के लिए फायर विभाग, नगर निगम, भेल के फायर टैंडर और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। आग लगने का अभी कोई स्पष्ट कारण पता नहीं चल पाया है।

आग की सूचना के बाद मौके पर मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया समेत कई अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।
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