राम मंदिर के सवाल पर संबित पात्रा ने कहा- ये रोम और राम की कहानी है, इसमें राम जीतेंगे रोम नहीं

चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Sun, 25 Nov 2018 07:09 PM IST
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 पर सबसे अहम चर्चा, सबसे बड़े मंच पर हो रही है। अमर उजाला संवाद में राजनीति के दिग्गजों ने अपने विचारों से जनता को अवगत कराया। प्रदेश की जनता क्या चाहती है? क्या नेताओं के पास हैं उनके सवालों के जवाब? प्रदेश की राजधानी भोपाल में अमर उजाला ने अपने सहयोगी डीएनएन के साथ बेहद खास कार्यक्रम संवाद का आयोजन कर रही है। 28 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले ये एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें जनसरोकारों और आम आदमी की बात हुई। इस कार्यक्रम को आप Amarujala.com पर लाइव देख सकते हैं। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में हिस्सा लिया। 
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने तेजी से हो रहे विकास को लेकर अपनी योजनाएं बताई और अपनी बात कहीं।
भाजपा की ओर से संबित पात्रा ने केंद्र की योजनाओं पर फोकस किया। पीएम नरेंद्र मोदी के पांच सालों के विकास का खाका खींचा। उन्होंने बेरोजगारी के सवाल पर रोजगार सृजन के बारे में बताया। इस बीच राम मंदिर का मुद्दा भी गरमाया। इस मुद्दे को लेकर गरमागर्म बहस हुई। 


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अमर उजाला ने कार्यक्रम को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए एक-एक करके नेता को मंच पर आमंत्रित किया और सीधे जनता से संवाद कराया गया। 

संबित पात्रा से हुई सीधी बात

सवाल- मध्यप्रदेश में 15 साल से सरकार है। कितना विश्वास है कि आप जीतेंगे और क्यों? 

जवाब- कभी पार्टी में नोकझोंक नहीं हुई। मैं ऋणी हूं विषय रखने के लिए। यह स्पष्ट करते हैं चौथी बार भी हम सरकार बनाने जा रहे हैं। विगत 15 सालों में अमृतय योजनाओं को आगे बढ़ाया है। जो हमारा दृष्टि पत्र जारी हुआ है। उसपर एलिमेंट्री रूप से बात होगी। इसी कारण से यहां के कार्यकर्ता और पार्टी के सभी वरिष्ठ कार्यकर्तागण के सहयोग से हम सरकार बनाने जा रहे हैं। हमने मूलभूत सुविधाएं सड़क, बिजली और पानी से उठकर बीमारू राज्य से उठाकर समृद्ध राज्य बनाने का काम किया है। शिवराज ने उजाला फैलाया है। आज बीमारी से जुझारू की ओर प्रदेश बढ़ रहा है। अमित शाह के बूथ मैनेजमेंट का भी बड़ा लाभ मिलेगा। 

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मैं जब पीएम और अमित शाह जी को टीवी पर देखता हूं कि कुछ लोग इतनी मेहनत कर सकते हैं। मैं आज अनकही बात बताऊंगा। लोकसभा चुनाव के समय मीडिया सेंटर में अमित शाह जी दिन भर की भागदौड़ के बाद रात एक बजे दफ्तर आते थे। यहां चर्चा रात 3.30 तक चलती थी। हम युवाओं की आंखें भारी हो जाती थीं। हम सोचते थे ये कब सोएंगे, कब जागेंगे, लेकिन वह 3.30 बजे जाते थे। और सुबह देखो तो उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं होती थी। हम हैरान रह जाते थे।

सवाल- तीसरी पारी में मौका बहुत रिस्की होता है। भाजपा ने सोचा था बिहार, पंजाब, कर्नाटक जैसे राज्यों में हमारी स्थिति बहुत मजबूत है और विजय प्राप्त करेंगे, लेकिन वहां हार मिली।

जवाब- किसी भी राज्य में राजनैतिक दृष्टिकोण में देखें तो चुनावी माहौल में राजनीति का माहौल पता चल जाता है। इस दौरान चायवाला, टैक्सी वाला बता देते हैं। उन्होंने इस सवाल पर कुछ ऐसे गाना गाकर जवाब दिया कि 'बहारों फूल बरसाओ, भाजपा की चौथी बार सरकार आई है'। 

सवाल- मध्य प्रदेश में यह पहला चुनाव है, जहां चुनाव में शिवराज और राकेश सिंह पर बगावत के अंगारे बरस रहे हैं।

जवाब- ये चुनाव का मौका है। ये लोकतंत्र में बिना स्पर्धा के न हो तो इसका कोई मतलब नहीं होता है। मैं अंगारे नहीं कहता हूं। वह प्रतिस्पर्धा है। प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। वह भी कायदे में रहकर। उत्तराखंड में पार्टी के कार्यालय में पत्थर चल गए थे। वहां भी हमने प्रचंड बहुत के साथ सरकार बनाई। ज्यादा प्रतिस्पर्धा हमारी पार्टी में है, तो अच्छी बात है। लोगों को लग रहा है कि भाजपा सरकार बना रही है। हर कोई जीतने के साथ जाना चाहता है।

सवाल- शिवराज जी अकेले पड़ गए, ताई रूठी हैं, कैलाश जी अपने बेटे के प्रचार में लगे हैं, तोमर जी ग्वालियर में हैं... इस बार भाजपा नेता मिलकर चुनाव लड़ते नहीं दिख रहे हैं। 

जवाब- लीडरशिप और कोइशिप में अंतर दिख रहा है, जो वोटर महसूस कर रहे हैं। पार्टी में बिखराव दिख रहा है। नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर देख रहे हैं। कैलाश जी मालवा देख रहे हैं। राकेश जी जबलपुर देख रहे हैं। कोई अकेला नहीं है। मुट्ठी एक साथ है। ग्वालियर में तोमर जी पूरे दमखम से लगे हुए हैं। कैलाश मालवा के शीर्ष नेता हैं, कैलाश जी पूरी ताकत लगाए हैं। यही हालत राकेश जी के साथ है। नरेंद्र जी दमखम के साथ लगे हुए हैं। सीएम के बारे में क्या कहें, एक दिन में 12-12 सभाएं कर रहे हैं। सभी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सीएम से बात करते हैं। सुबह सभी नेता पीएम के साथ बात करते हैं। ये खूबी हमारी पार्टी में हैं। 

सवाल- सरकार बदलती हैं तो खाली खजाना मिलता है। लेकिन तीन बार भी आपकी सरकार है। कहा जाता है कि सरकार के पास 1 लाख 90 हजार का कर्ज है। इस कर्ज को रखते हुए आप जनता से किए वादे कैसे पूरा करेंगें।

जवाब- वित्तीय विषय की कोई बात नहीं है। बीमारू राज्य को भाजपा ने समृद्ध बनाया है। जीडीपी बढ़ी है। इसकी केंद्र में कोई रिवोल्यूशन नहीं हुआ है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि केंद्र अपना कार्य पूरा करेगा। 

सवाल- गुजरात, कर्नाटक में पीएम ने कई दौरे किए। जबकि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों को मिलाकर इतने दौरे नहीं हुए। मध्य प्रदेश में उनका चेहरा भी पोस्टरों में नहीं दिखाई दिया है।

जवाब- मोदी जी ने कई राज्यों में अपनी सभाएं की हैं। कल उन्होंने मिजोरम राज्य में कीं। हर दिन कार्य करना पड़ता है। पार्टी ने सभी को अपने दायित्व दिए हैं। केंद्र में रहकर पीएम जितनी मेहनत कर रहे हैं, उतनी ही आज भी कर रहे हैं। उसमें कोई संशय नहीं है। इस दौरान पांच राज्यों में चुनाव हैं। उन्होंने पोस्टर के सवाल पर कहा कांग्रेस को घेरा। कहा कि एक अनुभवी है और एक सुंदर है। कांग्रेस नेताओं की क्लियरटी स्पष्ट नहीं है। हमारी क्लियरटी स्पष्ट है। हम पीएम के निर्देश पर मध्यप्रदेश में कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस में चुटकी लेते हुए कहा कि वहां एक नेता, एक अभिनेता और पीछे कन्फूयजन।

सवाल- शिवसेना चार साल बाद चुनाव के दौरान मंदिर का मुद्दा बना रही है। इस मुद्दे पर आप कहीं पीछे दिख रहे हैं।

जवाब- इस मुद्दे पर मैं सीना ठोक कर कहता हूं। भगवान राम हिंदू का विषय है। भाजपा इस विषय पर कभी बैकफुट पर नहीं रहेगी। 

सवाल- राम मंदिर बनाने के लिए पूर्ण बहुमत जनता ने दिया था। अब आरोप है कि चुनाव के दौरान फिर बात की जाने लगी है।

जवाब- मैं इस पर दो शब्द ही कहूंगा, जो शिरडी के सांई मंदिर में लिखा है श्रद्धा और सबूरी। थोड़ा ही सब्र रखिए। उस पर जल्दी ही सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। जैसे ही फैसला आएगा। वैसे ही जनता की मंदिर को लेकर भरपाई की जाएगी।

सवाल- ये संयोग कहा जाए कि मंदिर के दरवाजे खुले, मूर्तियां रखी गई, और मस्जिद टूटी, वह सभी कांग्रेस के समय हुआ। तो कांग्रेस ने रोड़े अटकाए हैं या हटाए हैं?

जवाब- गाय बछड़े की राजनीति कांग्रेस करती है। केरल में गाय को चौराहे पर काटने का कार्य कांग्रेस के नेता करते हैं। इसी में एक सवाल पर कहा कि बीफ मतलब गाय नहीं होता। 

जनता के सवाल

सवाल- 10 लाख लोगों को रोजगार देने की बात कही गई। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी की वजह से दो युवा हर दिन आत्महत्या कर रहे हैं। कैसे भरोसा करें आप पर।

जवाब- रोजगार बड़ा मुद्दा है। पीएम ने रोजगार के बारे में ध्यान दिया है। आईटी सेक्टर में बढ़ा है। स्वरोजगार लोन बेरोजगार युवाओं को मिला है। इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा है। सरकार आने पर उसे निरंतर बढ़ाया जाएगा। 

सवाल- मोदी जी आयोध्या में रामजी के दर्शन कब करेंगे।

जवाब- ये रोम और राम की कहानी है, इसमें राम जीतेंगे रोम नहीं।
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