लव आज कल: रैगिंग के दौरान एक-दूसरे को दिल बैठे थे, जाति की दीवार तोड़ की शादी

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Updated Mon, 10 Feb 2020 01:52 PM IST
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अलीगढ़ से विजेता दंपती
अलीगढ़ से विजेता दंपती - फोटो : अमर उजाला

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सार

-दोनों के प्यार ने ढहा दी थी परिजनों के गुस्से की दीवार
-प्यार को परवान चढ़ाने में अंचल के भाई व जितेंद्र के दोस्त ने की थी मदद

विस्तार

किसी ने खूब कहा है कि प्यार किया नहीं जाता है, बल्कि हो जाता है। प्यार को न तो जाति दिखता है और न ही धर्म। क्योंकि वह लालच का लबादा नहीं ओढ़े होता है, तभी तो प्यार कहीं और किसी से भी हो सकता है।
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ऐसा ही डॉ. अंचल पांडेय व डॉ. जितेंद्रवीर सिंह के साथ भी हुआ है, जिन्हें सीएसजीएमयू कानपुर में रैगिंग के दौरान प्यार हो गया था। हालांकि, दोनों को एक साथ रहने के लिए काफी संघर्ष भी करना पड़ा है। परिवारीजनों के उलाहने व गुस्से के घूंट भी उन्हें प्यार से पीना पड़ा था।
अपने प्यार को परिवारीजनों का प्यार मिले। इसके लिए उन्हें सालों तक इंतजार करना पड़ा। आखिरकार दोनों के प्यार से परिजनों के गुस्से की दीवार ढह गई। छत्रपति शाहूजी महराज यूनिवर्सिटी (सीएसजीएमयू) कानपुर में मेडिकल की पढ़ाई के लिए ग्रीन पार्क निवासी जितेंद्रवीर ने वर्ष 2004 में दाखिला लिया था।
वर्ष 2005 में भी लखनऊ की रहने वालीं अंचल पांडेय ने भी इसी यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। बकौल डॉ. जितेंद्र, ‘मेरे साथी जूनियर की रैगिंग ले रहे थे। वो भी साथियों के साथ थे। इसी दौरान मेरी नजर अंचल (डॉ. अंचल) पर पड़ी। इत्तेफाक से उनकी नजर भी मुझ पर थी। दोनों मुस्करा दिए। सच कहूं तो यहीं प्रेम का बीज पड़ा। दो-चार दिन के बाद फिर मिले।
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प्यार पर भारी पड़ रही थी जाति

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