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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
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नेशनल

शनिवार, 4 अप्रैल 2020

चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस को कैसे हमने महामारी बना दिया?

चीन की सरहदों को पार करते हुए दुनियाभर में अपना पांव पसार चुके कोरोना वायरस का संक्रमण किस जानवर से इंसानों तक फैला यह बहस का विषय है। कोई चमगादड़ को कसूरवार ठहराता है तो कोई पैंगोलिन को जिम्मेदार बता रहा है। इस बीच कैलिफोर्निया में जेनेटिक सिक्वेंसेस को लेकर हुए एक रिसर्च में इस संभावना से इनकार किया जा चुका है कि इसे प्रयोगशाला में तैयार किया जा सकता है।

कोरोना वायरस फैलने के बाद चीन के वुहान का यह मार्केट बंद कर दिया गया। यहां एक वन्य जीव सेक्शन था, जहां अलग-अलग जानवर जिंदा और उनके कटे मांस बेचे जाते थे। जिसमें ऊंट, कोआला, भेड़िये का बच्चा, झींगुर, बिच्छू, चूहा, गिलहरी, लोमड़ी, सीविट, जंगली चूहे, सैलमैन्डर, कछुए और घड़ियाल के मांस मिलते थे।

कोरोना वायरस से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़कर अब 60 हजार से पहुंच चुका है। साल 2002 से 2003 के बीच जिस तरह से सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिन्ड्रोम (सार्स, SARS) ने तबाही मचाई थी, उससे कहीं ज्यादा बड़ी महामारी बनकर अब कोविड-19 उभरा है। हालांकि सार्स से 774 मौत ही हुई थी।

2017 के एक पेपर में, उन्होंने यह निर्धारित किया कि चमगादड़ के चार अलग-अलग प्रजातियों के कई व्यक्तियों में कोरोनवीरस कैसे पाए गए हैं, जिनमें से एक को मध्यवर्ती हॉर्सशू बैट कहा जाता है, क्योंकि त्वचा के आधे-अंडाकार फ्लैप के कारण इसके नथुने के चारों ओर तश्तरी की तरह फैला हुआ है। उस वायरस का जीनोम वुहान वायरस के समान 96% है। और उन दोनों को अन्य ज्ञात कोरोनवीर से अलग जोड़ा जाता है, जिसमें एसएआरएस भी शामिल है। इस अर्थ में, nCoV-2019 उपन्यास है - और संभवतः अन्य कोरोनवीरस की तुलना में मनुष्यों के लिए और भी खतरनाक है।
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कोरोना 'पॉजिटिव' : लॉकडाउन में खुद को बिजी रखने का ये तरीका आएगा आपके काम

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पीएम मोदी ने देशवासियों से दीया जलाने का किया आह्वान, साझा की पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी की कविता

पीएम मोदी पीएम मोदी

सिर्फ घरों की लाइटें बंद करें, स्ट्रीट लाइट और घरेलू उपकरण नहीं: बिजली मंत्रालय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नौ मिनट घर की लाइटें बंद करने की अपील से बिजली ग्रिड फेल होने की आशंकाओं पर बिजली मंत्रालय ने बयान जारी किया है। मंत्रालय ने कहा कि पीएम मोदी ने पांच अप्रैल को रात 9:00 बजे से 9:09 बजे के बीच स्वेच्छा से लाइटें बंद करने की अपील की है। कुछ आशंकाएं व्यक्त की गई हैं कि इससे ग्रिड और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव हो सकता है जो बिजली के उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसी आशंकाएं गलत हैं।
 



बिजली मंत्रालय ने आगे कहा कि स्ट्रीट लाइट या घरेलू उपकरणों को बंद करने के लिए नहीं कहा गया है। केवल घरों की लाइटों को बंद किया जाना चाहिए। अस्पतालों और अन्य आवश्यक जगहों पर लाइटें जलती रहेंगी। स्थानीय निकायों को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए स्ट्रीट लाइटें चालू रखने की सलाह दी गई है।

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में देश की ‘सामूहिक शक्ति’ के महत्व को रेखांकित करते हुए रविवार पांच अप्रैल को देशवासियों से अपने घरों की बालकनी में खड़े रहकर नौ मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाने की अपील की है।

बता दें कि भारत में अब तक कोरोना वायरस महामारी से 68 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस वायरस से देशभर में 2900 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार की तरफ से देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है। जनता कर्फ्यू के बाद यह प्रधानमंत्री की देश के लोगों से इस तरह की दूसरी अपील है।
 
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तब्लीगी जमात के कारण 17 राज्यों में फैला संक्रमण, कोरोना से संक्रमितों में 40 फीसदी युवा

भारत में 14 मार्च के बाद से कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इस वायरस से दुनिया भर में करीब 11 लाख लोग संक्रमित हैं और मरने वालों की संख्या 59,131 के पार पहुंच गई है। वहीं केवल भारत में ही कोरोना के 2902 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। जिनमें से 68 लोगों की मौत हो चुकी है।

भारत में कोरोना संक्रमण को लेकर सामने आई स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक 30 फीसदी संक्रमण तब्लीगी जमात के मरकज से लौटे लोगों की वजह से फैला है। अन्य देशों में जहां इस वायरस ने बुजुर्गों को ज्यादा नुकसान पहुंचाया है वहीं भारत में इसकी तस्वीर ठीक उलट है। अब तक मिले संक्रमितों में 42 फीसदी मरीजों उम्र 21 से 40 साल के बीच है। वहीं 33 फीसदी मरीज 41 से 60 उम्र के बीच हैं।

इसके अलावा 60 साल से ऊपर के केवल 17 फीसदी मरीज हैं और 0 से 20 साल के बीच सिर्फ 9 फीसदी मामले ही सामने आए हैं। 

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राज ठाकरे के बिगड़े बोल, कहा- तब्लीगी जमात के सदस्यों को इलाज के बजाए गोली मार देना चाहिए

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को कहा कि अस्पताल में पृथक इकाई में रखे जाने के दौरान महिला चिकित्सा कर्मियों के साथ बदसलूकी करने वाले तब्लीगी जमात के सदस्य किसी साजिश में शामिल हैं और उन्हें गोली मार देनी चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों को चिकित्सा सुविधा देने पर भी सवाल उठाया।

मनसे प्रमुख ने मांग की कि लोगों के भीतर भरोसा जगाने के लिए ऐसे लोगों की पिटाई की जानी चाहिए और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लड़ रहा है उस समय लोग ज्यादा संतुष्ट होते अगर प्रधानमंत्री मौजूदा परिस्थितियों के बारे में बात करते बजाए कि केवल मोमबत्ती और दीया जलाने के बारे में।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम दिए अपने संदेश में लोगों से कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता प्रकट करने के लिए रविवार रात नौ बजे नौ मिनट के लिए अपने घरों की बालकनी, छतों आदि पर दीया, मोमबत्ती, टॉर्च और मोबाइल की बत्ती जलाने का आह्वान किया।

पुलिस और चिकित्सा कर्मियों पर हमले पर ठाकरे ने कहा कि हम देख रहे हैं कि स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे पुलिस कर्मियों पर हमले किए जा रहे हैं उनके के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि दिल्ली के तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले ऐसे लोगों को गोली मार देनी चाहिए। क्यों उनका इलाज किया जा रहा है? एक अलग हिस्सा बनाया जाना चाहिए और उनका इलाज रोक देना चाहिए। 
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चीन को किसी न किसी स्तर पर कोरोना से जुड़ी जानकारी साझा करनी होगी: अकबरुद्दीन

राज ठाकरे (फाइल फोटो)
पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से संघर्ष कर रही है। अंतरराष्ट्रीय संगठन भी कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए समन्वय स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। कोरोना वायरस का प्रभाव दुनिया के मुल्कों के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। इसे लेकर चीन की तरफ लगातार उंगलियां उठ रही हैं। इसे लेकर भारत सतर्क प्रतिक्रिया दे रहा है।  

ऐसी खबरें हैं कि मार्च के महीने के लिए 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करने वाले चीन ने कोविड-19 पर किसी भी चर्चा को रोक दिया था। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत सैयद अकबरुद्दीन से जब इंडिया टुडे न्यूज चैनल ने इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद अपनी प्रक्रियाओं और कार्यसूची का स्वामी है। हम इस समय वहां पर नहीं हैं। इसलिए, मुझे इस पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए कि उन्हें क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए। मैं समझता हूं कि एक अनौपचारिक परामर्श चल रहा है और जल्द ही या बाद में हमें इसके परिणाम का पता चल जाएगा।

लेकिन, महामारी के मूल और इसके पूर्ण प्रभाव को समझने के लिए चीन द्वारा जानकारी साझा करने की आवश्यकता पर पूछे एक विशिष्ट सवाल पर राजदूत अकबरुद्दीन ने कहा कि एक वैश्वीकृत दुनिया में यह सार्वजनिक भलाई के लिए आवश्यक है।

राजदूत ने कहा कि हम एक वैश्विक समाज में हैं। वैश्वीकरण को सुचारू रूप से आगे बढ़ने के लिए हमें वैश्विक व्यवहार का पालन करने की आवश्यकता है। एक ऐसा वैश्विक सार्वजनिक व्यवहार जो वैश्वीकरण के लिए आवश्यक है कि वैश्विक प्रभाव पड़ने वाले किसी भी मुद्दे की जानकारी और समझ को साझा किया जाए। 

हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करने का नहीं है, बल्कि इस समय सबको साथ आकर इस मौजूदा खतरे से लड़ने के लिए कदम उठाना चाहिए। 
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भारत में कोरोना: कल से अब तक 601 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं

रेलवे ने खाली पड़े डिब्बों को बनाया आइसोलेशन वार्ड
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कोरोना से निपटने की तैयारी के लिए 261 रेल डिब्बों को पृथक वॉर्ड में बदलना है जिनमें 46 कोचों में काम पूरा कर लिया गया है। वहीं, बिहार की राजधानी पटना में पूर्व मध्य रेलवे द्वारा आइसोलेशन कोच का निर्माण किया गया है। राजेंद्र नगर टर्मिनल रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेनों में ये तैयारियां की गई हैं।


मध्यप्रदेश के मोरेना में दस नए मामले
मध्यप्रदेश के मोरेना में दस नए संक्रमित पाए गए हैं। कलेक्टर प्रियंका दास ने बताया कि सभी संक्रमित दुबई से लौटे संक्रमित युगल के रिश्तेदार हैं। हालांकि, परिवार के 18 सदस्यों के रिपोर्ट नेगेटिव आए हैं।
 


यहां पढ़ें 03 अप्रैल (शुक्रवार) के सभी अपडेट ... और पढ़ें

महज पांच मिनट में कोरोना की होगी जांच, अप्रैल के मध्य तक देश में आ सकती है खास किट

कोरोना वायरस से भारत में अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस संक्रमण से अब तक 2,902 लोग प्रभावित हैं। हालांकि, संकट की इस घड़ी में एक राहत देने वाली खबर सामने आई है, आने वाले कुछ दिनों में कोरोना वायरस की टेस्टिंग में काफी तेजी आएगी। दरअसल कोरोना वायरस को टेस्ट करने वाली रैपिड किट जल्द भारत में आने वाली है। इस किट को अमेरिका की एबॉट कंपनी बनाती है। यह किट भारत में अप्रैल के तीसरे हफ्ते में आएगी। रिपोर्ट्स की मानें तो देश में यह 18 अप्रैल तक उपलब्ध हो जाएगी। एबॉट की इस टेस्टिंग किट से केवल पांच मिनट में कोरोना पॉजिटिव केस की जानकारी मिल जाएगी। वहीं, कोरोना निगेटिव बताने में इस किट को 13 मिनट लगेंगे।

एबॉट की यह टेस्टिंग किट बहुत छोटी और हल्की है। इससे इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा सकता है। एबॉट का लक्ष्य महीने भर के अंदर करीब 50 लाख टेस्टिंग किट बनाना है। यह उन जगहों के लिए सबसे कारगर साबित हो सकती है, जहां कोरोना वायरस के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। एबॉट की इस किट में जांच के लिए केवल खून की एक बूंद की जरूरत होगी। 

यह टेस्टिंग किट केवल सरकारी या मंजूरी के बाद प्राइवेट लैब में बेची जाएगी। इस किट की न बिक्री होगी और न इसे सीधे ग्राहकों को दिया जाएगा। प्रति टेस्ट की कीमत 500 रुपये से 1000 रुपये तक के बीच तय की जाएगी। दुनियाभर में जहां इसकी भारी मांग है वहां भारत में इसकी कितनी सप्लाई होती है यह देखना होगा। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक भारतीय बाजार को देखते हुए कंपनी सबसे पहले भारत में ही सप्लाई करेगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एबॉट के पोर्टफोलियो में प्वांट-ऑफ-केयर टेस्ट किट COVID-19 डायग्नोस्टिक किट्स में से एक है। कंपनी ने हाल ही में COVID-19 के लिए अपने पोर्टेबल पॉइंट-ऑफ-केयर मॉलिक्यूलर टेस्ट के लिए USFDA की आपातकालीन स्वीकृति ली थी।



दरअसल भारत में टेस्टिंग किट की कमी की वजह से यहां दूसरे बड़े देशों के मुकाबले बहुत कम लोगों की टेस्टिंग की गई है। ऐसे में किट को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पांच लाख टेस्टिंग किट अमेरिका से मंगवाई गई थी।
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इस दिग्गज कोच की नजर में रोहित शर्मा और डेविड वार्नर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टी-20 ओपनर

पूर्व ऑलराउंडर टॉम मूडी ने शनिवार को भारत के रोहित शर्मा और ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर को टी-20 में सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज के तौर पर चुना। मूडी मशहूर कोच और कॉमेंटेटर हैं। एक सवाल-जवाब सत्र में मूडी ने चेन्नै सुपरकिंग्स (CSK) को अपनी पसंदीदा आईपीएल टीम और महेंद्र सिंह धोनी को पसंदीदा कप्तान बताया।

जब उनसे टी-20 में सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज के बारे में पूछा गया तो 54 वर्षीय इस पूर्व क्रिकेटर ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, 'बहुत मुश्किल है, लेकिन मैं डेविड वॉर्नर और रोहित शर्मा का नाम लूंगा।'

भारत में क्रिकेट की अपार प्रतिभा मौजूद है, लेकिन मूडी को लगता है कि इनमें शुभमन गिल सबसे बेहतर हैं। गिल ने भारत के लिए दो वन-डे खेले हैं और टेस्ट टीम में भी जगह बना चुके हैं, लेकिन इस फॉर्मेट में अभी उनका डेब्यू करना बाकी है।

मूडी कई बार आईपीएल टीमों में कोचिंग दे चुके हैं। उनका मानना है कि न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन की क्रिकेट की समझ बहुत अच्छी है और उनके लिए पसंदीदा भारतीय क्षेत्ररक्षक रवींद्र जडेजा हैं। पसंदीदा भारतीय क्रिकेटर के बारे में पूछने पर उन्होंने कप्तान विराट कोहली का नाम लिया।
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Uttarakhand Lockdown Live: उत्तराखंड में सामने आए छह नए मामले, पांच नैनीताल के और एक रुड़की का

तब्लीगी जमात में गए उत्तराखंड निवासी 12 लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाया जा चुका है। शुक्रवार को छह और लोग कोरोना पॉजिटिव सामने आए। इसमें पांच देहरादून और एक बाजपुर से है। गुरुवार को भी तीन जमाती कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे।

Live Update: 

- उत्तराखंड में शनिवार को कोरोना संक्रमण के छह नए मामले सामने आए हैं। जिसमें पांच संक्रमित नैनीताल के और एक रुकड़ी का बताया जा रहा है। अब राज्य में कोरोना के कुल 22 पॉजिटिव मामले हो गए हैं। 
 
- चमोली जिले में कोरोना संदिग्ध एक युवती समेत दो लोगों को आइसोलेशन में भर्ती किया गया है। दोनों की रिपोर्ट अभी तक हल्द्वानी से नहीं आई है। जिले में 90 लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों से जिले में पहुंचे 21 सौ लोगों को होम क्वारंटीन में रखा गया है।
 
- नैनीताल के जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेशों के क्रम में रानीबाग स्थित एएचमटी के खाली पड़े आवासीय भवनों को कोरोना संक्रमण के मद्देनजर अधिग्रहित कर लिया गया है। अधिग्रहण आदेश अपर जिलाधिकारी एसएस जंगपांगी के स्तर से जारी किया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं नियन्त्रण हेतु तात्कालिक आवश्यकताओं को दृष्टिगत आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2006 के तहत एचएमटी के खाली पड़े आवासीय भवनों को अग्रिम आदेशों तक अधिग्रहित किया जाता है। आदेश में स्ष्पट किया गया है कि जिन आवासीय भवनों में लोग रह रहे हैं। ऐसे भवनों को अधिग्रहण से मुक्त रखा गया है।
 
- देशव्यापी महामारी कोविड-19 से जूझने के लिए भारतीय ओलंपिक संघ ने 13 नेशनल खेल संघ, 09 राज्य संघ और छह अन्य संघों के योगदान से पीएम केयर फंड में 71 लाख 14 हजार दो रुपये भेजे हैं। उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. डीके सिंह ने कहा कि पीएम केयर फंड में उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से पांच लाख रुपये की धनराशि दी गई है।

- उत्तराखंड जनरल-ओबीसी एम्पलाइज एसोसिएशन की ओर से शनिवार को कोरोना से बचाव के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में पांच लाख रुपये का योगदान दिया गया। जिला एसोसिएशन के दीप चंद्र जोशी ने कहा कि यह सब प्रांतीय अध्यक्ष दीपक जोशी व उनकी टीम के द्वारा संभव हुआ है।

- रुड़की में पुलिस और प्रशासन ने मौलवी को साथ लेकर लॉकडाउन का पालन करने की अपील की। इस दौरान मौलवी ने सभी से कोरोना संक्रमण रोकने के लिए घर पर रहने की अपील की।
 
- पंतनगर विवि  में क्वारंटीन बाजपुर के दो अन्य जमातियों को भी शनिवार को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भेज दिया गया। मुरादाबाद की जमात से लौटे इन दोनों जमातियों को पुलिस ने बृहस्पतिवार की देर रात पंतनगर में क्वारंटीन किया था।  बृहस्पतिवार को रामपुर जमात से पैदल पटरी किनारे लौट रहे हल्द्वानी के 13 जमातियों को रूद्रपुर रेलवे स्टेशन से पकड़ कर कृषक भवन में क्वारंटीन किया गया था। इनकी सैंपल रिपोर्ट में तीन लोगों के कोरोना पाजिटिव पाए जाने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया और इन सभी को शुक्रवार को एसटीएच हल्द्वानी में आइसोलेट कर दिया गया। देश में कोरोना पाजिटिव में जमातियों की अधिकतम संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार को एहतियातन मुरादाबाद की जमात से लौटे बाजपुर के दोनों जमातियों को भी एसटीएच भेज दिया है।

- रानीखेत में दिल्ली में तब्लीगी जमात से लौटे चार जमातियों के ब्लड सैंपल जांच के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भेजे गए हैं। ये चारों क्वारंटीन पर हैं।
 
- ऊधमसिंह नगर के सितारगंज में सड़क पर खड़े दो गुटों में बहस के बाद फायरिंग हो गई। जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। सरकड़ा चौकी प्रभारी ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी का 151 में चालान किया गया है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप पर इन पर मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
 
- नैनीताल के जिलाधिकारी सविन बंसल ने आदेश दिए हैं कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल को कोरोना स्पेशलिस्ट अस्पताल के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए उन्होंने एक समिति गठित की है। उन्होंने कहा कि मातृ प्रसूति विभाग का संचालन सुशीला तिवारी अस्पताल में ही किया जाएगा। उन्होंने इसके तहत व्यवस्था बनाने के आदेश दिए हैं और कहा कि यदी किसी भी उपकरण की आवश्यकता हो तो जरूर अवगत कराएं। जिसके लिए उन्होंने दो दिन यानी छह अप्रैल तक का समय दिया है।

- वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी जिले रुद्रप्रयाग के गांवों में प्रशासन ड्रोन से निगरानी कर रहा है। यहां होम क्वारंटीन में रहने वाले लोगों की रोज मॉनिटरिंग की जा रही है।
 
- देहरादून घंटाघर स्थित मुख्य डाकघर में आज से रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट सेवाएं शुरू कर दी गयी हैं। लेकिन, पार्सल सिर्फ एसेंशियल सर्विस के ही लिए जा रहे हैं। पहले दिन डाकघर में बेहद कम लोग पहुंचे हैं। वहीं, डाकघर ने कर्मचारियों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था तो की है, लेकिन लोगों के लिए फिलहाल सैनिटाइजर की सुविधा नहीं दी जा रही है। चीफ पोस्ट मास्टर अमरेंद्र कुमार ने कहा कि वह मुख्यद्वार पर गार्ड को प्रत्येक आदमी को सैनिटाइजर मुहैया कराने को कहेंगे।
 
- पौड़ी जिले के श्रीनगर में एक महिला सुनीता गैरोला ने अपने बेटे द्वारा दिए गए पचास हजार रुपए मुख्यमंत्री राहत कोष में जरूरतमंदों की आर्थिक सहायता के लिए दे दिए हैं। सुनीता गैरोला के बेटे अमन गैरोला सेना में अफसर हैं।

- हल्द्वानी में रामपुर रोड पर स्थित मेडिकल स्टोर पर लगी लोगों की भीड़ लगी है। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है। वहीं इंदिरा नगर में दुर्गा मंदिर के पास पानी की लाइनों में गंदा पानी आ रहा है। कोरोना संक्रमण फैलने के दौरान लोग इससे खासे परेशान हैं। लोगों ने जलसंस्थान पर आरोप लगाया और कहा कि पिछले 12 दिनों से यहां पीने के पानी की किल्लत हो रही है।

- गरीबों, मजदूरों की मदद को अब रानीखेत में राजकीय शिक्षक संघ की ताड़ीखेत इकाई भी आगे आई है। संगठन ने जरूरतमंदों के लिए खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराई। वहीं रानीखेत के मजखाली में रसोई गैस सिलिंडर लेने के लिए लोग उमड़ पड़े। राजस्व पुलिस ने इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व्यवस्था बनाई।
 
- कोटद्वार से गौचर तक तेल के टैंकर में और यहां से मैठाणा तक बाइक में, फ़िर 13 किलोमीटर पैदल चलकर एक युवक गोपेश्वर पहुंचा। थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर क्वारंटीन के लिए भेज दिया है।

- देहरादून के दून अस्पताल में शुक्रवार को कोरोना संदिग्ध जमातियों द्वारा किए गए हंगामे के बाद पुलिसकर्मी, पीएसी के चार जवान, एसडीआरएफ के जवान और एलआईयू के जवान तैनात किए गए हैं।

- श्रीनगर में मंत्री धन सिंह रावत ने अधिकारियों संग कोरोना संक्रमण की जागरुकता फैलाने और लॉकडाउन के मद्देनजर बैठक की। इसके बाद वह पुलिस कर्मियों को किट वितरित करेंगे। वहीं गोपेश्वर में सब्जी की दुकानों में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नहीं दिखे।

- पिथौरागढ़ जिले के सीमावर्ती झूलाघाट क़स्बे में लॉकडाउन की अवधि में ढील के समय दूध की दुकान में सामाजिक दूरी बनी है। राशन की दुकानों में इसका पालन नहीं हो रहा है। लोग सामान ख़रीदने के लिए बाज़ार में कम आ रहे हैं।
 
- लॉकडाउन के दौरान उत्तराखंड के बाजारों में भीड़-भाड काफी कम है। बैंकों में भी कम लोग दिखाई दिए। वहीं पुलिस चौराहों और बैंक के बाहर व्यवस्था बनाने में मुस्तैद है। 

- राामनगर, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चिलियानोला में बाजार सुनसान पड़े हैं। यहां बैंक, राशन आदि में लोग न के बराबर दिखाई दिए। आलम ये है कि ढील के दौरान कस्बाई इलाकों में भी भीड़ नहीं दिख रही है।

- राजधानी देहरादून में घंटाघर सहित सभी चौराहों पर पुलिस का पहरा लगा हुआ है। लोगों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। चौपहिया वाहनों को आगे जाने नहीं दिया जा रहा है।

- शुक्रवार को देहरादून जिले में 64 और जमातियों को होम क्वारंटीन किया गया है। जबकि दो और जमाती सुद्धोवाला क्षेत्र में संस्थागत क्वारंटीन में रखे गए हैं। अब तक जिले में कुल 185 जमातियों को क्वारंटीन किया जा चुका है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें जिले में विभिन्न जगह इनकी तलाश में जुटी है। बकायदा ब्लॉकवार घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है।

- लॉक डाउन के दौरान जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए तमाम सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और लोगों के प्रयास जारी हैं। अलग-अलग स्थानों पर दानदाताओं ने लोगों तक मदद पहुंचाई। ज्यादातर स्थानों पर प्रशासन और पुलिस के सहयोग से जरूरतमंदों तक पका हुआ भोजन व रसद पहुंचाई जा रही है।

- शुक्रवार को निरंजनपुर मंडी में करीब 600 लोगों के लिए खाने की व्यवस्था शुरू की गई। भाजयुमो महानगर अध्यक्ष श्याम पंत ने बताया कि क्षेत्र में करीब 600 दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा टेंपो चालकों के लिए खाने की व्यवस्था की गई है। अगले कई दिनों तक यह व्यवस्था चलती रहेगी। उन्होंने बताया कि इसमें बाजार पुलिस चौकी और मंडी से आढ़ती गुलाबचंद सोनकर, रिंकू शंकर, सौरभ कपूर, आशीष बंसल, कृष्णा राठौर, मिथुन सोनकर, अमित बिष्ट समेत अन्य सहयोग कर रहे हैं।

- दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल ने कोरोना से लड़ाई के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। व्यापार मंडल के मुख्य संरक्षक पृथ्वीराज चौहान और अध्यक्ष पंकज मैसन ने कहा कि इस भीषण बीमारी से लड़ाई में व्यापार मंडल पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने बताया कि पंकज मैसन, पंकज डिडान, विनीत मिश्रा, सुशील अग्रवाल, विश्वनाथ कोहली, सुरेंद्र भाटिया, विनय नागपाल, अनिल आनंद, अशोक अग्रवाल, महेश मेंदीरत्ता, राकेश किशोर गुप्ता, शेखर फुलारा, हेम रस्तोगी, सुरेंद्र जायसवाल, हरीश गुप्ता, हरीश विरमानी, रवि मल्होत्रा, सुरेश गुप्ता और चरणजीत सिंह बत्रा ने इसमें सहयोग किया है।

- बाजार में डिमांड कम होने के कारण देहरादून की निरंजनपुर मंडी में सब्जियों के ढेर लगने लगे हैं। कुछ सब्जियों के सड़ने की तक नौबत आ गई है। लॉक डाउन के बाद फुटकर बाजार में सब्जियां काफी कम बिक रही हैं। इसके कारण उत्पाद लेकर मंडी पहुंच रहे किसानों को भी परेशान होना पड़ रहा है।
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राहुल और ममता ने साधा पीएम मोदी पर निशाना, कहा- ताली और दीयों से समस्या हल नहीं होगी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंती ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारत में कोरोना की पर्याप्त जांच नहीं हो रही है और ऐसे में लोगों से तालियां बजवाने एवं दीये जलवाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

राहुल गांधी ने दुनिया के कई प्रमुख देशों और भारत में कोरोना की जांच के आंकड़े से जुड़ा एक ग्राफ साझा करते हुए ट्वीट किया, 'भारत कोविड-19 से लड़ने के लिए पर्याप्त जांच नहीं कर रहा है।' उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर तंज कसते हुए कहा, 'लोगों से ताली बजवाने और दीये जलवाने से समस्या हल नहीं होगी।'

मैं इस मामले में नहीं पड़ना चाहती: ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कहा कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मामलों में नहीं पड़ना चाहती हैं। उन्होंने कहा, 'अभी मैं राजनीति करूं या फिर कोरोना वायरस महामारी को रोकूं'। सीएम ममता बनर्जी ने आगे कहा, क्यों आप एक राजनीतिक जंग की शुरुआत करवाना चाहते हैं? इस मामले पर अपनी राय रखते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "जिसे भी प्रधानमंत्री मोदी की बात सही लगती है वो उनकी बात मानें। अगर मुझे सोना होगा तो मैं सोऊंगी। यह मामला पूरी तरह से निजी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में देश की ‘सामूहिक शक्ति’ के महत्व को रेखांकित करते हुए रविवार पांच अप्रैल को देशवासियों से अपने घरों की बालकनी में खड़े रहकर नौ मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाने की अपील की।

बता दें कि भारत में अब तक कोरोना वायरस महामारी से 68 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस वायरस से देश भर में 2900 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार की तरफ से देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है। जनता कर्फ्यू के बाद यह प्रधानमंत्री की देश के लोगों से इस तरह की दूसरी अपील है।
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