होटल-रेस्टोरेंट के साथ ऑनलाइन बुकिंग से भी परहेज

news desk amar ujala prayagraj Updated Sun, 12 Jul 2020 12:56 AM IST
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prayagraj - फोटो : prayagraj

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कोरोना संक्रमण के भय के बीच शहरियों ने होटल और रेस्टोरेंट से तो दूरी बना ही ली है, खाना-नाश्ते की ऑनलाइन बुकिंग का कारोबार भी काफी प्रभावित हुआ है। लॉकडाउन के पहले से तुलना करें तो 35 से 40 फीसदी ही कारोबार रह गया है। इसमें भी उत्तर भारतीय थाली की मांग में ज्यादा कमी आई है।
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स्थिति यह है कि रेस्टोरेंट, होटल संचालकों के साथ ऑनलाइन डिलेवरी करने वाली संस्थाओं को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे जुड़े एक अफसर का कहना है कि सिर्फ ब्रांड वैल्यू बचाए रखने तथा बाजार में बने रहने के लिए यह सेवाएं दी जा रही हैं। अनलाकडाउन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ होटल-रेस्टोरेंट खुल गए हैं लेकिन इनमें गिनती के ही लोग पहुंच रहे हैं।कई रेस्टोरेंट तो बंद हो गए हैं।
बदली परिस्थितियों तथा दफ्तर आदि खुलने के बाद ऑनलाइन बुकिंग में तेजी की उम्मीद की जा रही थी लेकिन, यह कारोबार भी 35 से 40 तक सिमट गया है। इसमें भी ज्यादातर बुकिंग बर्गर, पिज्जा, केक आदि की है। थाली या उत्तर भारतीय अन्य खानों की मांग बहुत कम है। जोमैटो के प्रतीक का कहना है कि बिजनेस पर काफी असर पड़ा है।
स्विगी के प्रतिनिधि तुषार बताते हैं कि ऑनलाइन खाना या अन्य वस्तुएं मंगाने वालों में छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक होती है लेकिन, इन दिनों छुट्टी चल रही है। इसकी वजह से भी ऑनलाइन बुकिंग पर असर हुआ है। इसके अलावा बैठकों, सेमिनार आदि गतिविधियां भी ठप हो गई हैं। इनमें शामिल होने वालों के लिए भी लंच पैकेट की ऑनलाइन बुकिंग होती थी। 

 
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