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साड़ी प्रकरण में गायत्री को जमानत

अमर उजाला ब्यूरो , फतेहपुर Updated Sun, 19 Nov 2017 12:34 AM IST
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कोर्ट नंबर 11 से बाहर निकलते पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति।
कोर्ट नंबर 11 से बाहर निकलते पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति। - फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा चुनाव में असनी पुल से साड़ियों से भरा लोडर पकड़े जाने के मामले में सपा के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को जमानत मिल गई। एक घंटे चली बहस में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने साड़ियों पर कमल का फूल बने होने के मुद्दे पर जिरह की, जिसे सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 20-20 हजार रुपये की जमानत पर बेल दे दी।
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सुबह 10 बजे लखनऊ कारागार से पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को पुलिस वाहन से लाया गया था। दोपहर पौने एक बजे कोर्ट नंबर 11 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार द्वितीय की अदालत में पेशी हुई। गायत्री के अधिवक्ता सैय्यद नाजिश रजा ने न्यायाधीश के सामने बचाव की दलील पेश की।
अधिवक्ता ने बताया नाम को लेकर उनके मुवक्किल को फंसाने का काम किया गया है, जबकि जो साड़ियां बरामद हुईं हैं, उनमें अंग्रेजी में राधे-राधे बीजेपी एक्सक्लूसिव फैंसी सारीज विद ब्लाउज छपा है।
रसीद में गायत्री प्रजापति भर लिखे होने से अपराध साबित नहीं होता। उनके मुवक्किल को यदि साड़ी बांटनी होती तो वे सपा के चुनाव चिन्ह छपवाते, कमल का फूल नहीं। अधिवक्ता के मुताबिक पूरे प्रकरण को सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पौने तीन बजे के आसपास दो जमानतदारों के आधार पर 20-20 हजार की जमानत पर बेल दे दी।

बोलने से कतराए गायत्री
फतेहपुर। साड़ी प्रकरण पर पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति मीडिया के सवालों का जवाब देने की बजाय पुलिस के वाहन पर जाकर बैठ गए। पूर्व सांसद राकेश सचान ने उनकी ओर से इा प्रकरण पर बात की। उन्होंने भाजपा सरकार पर गायत्री को प्रताड़ित कर फर्जी ढंग से फंसाए जाने का आरोप लगाया। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव, विपिन सिंह यादव भी मौजूद रहे।

 
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