पाकिस्तान की बढ़ी कूटनीतिक ताकत, भारत के लिए बढ़ रही है चिंता

Rajesh Badalराजेश बादल Updated Wed, 19 Feb 2020 07:39 PM IST
विज्ञापन
पेरिस में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की बैठक में तो पाकिस्तान को एक जीवनदान मिलना तय था।
पेरिस में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की बैठक में तो पाकिस्तान को एक जीवनदान मिलना तय था। - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
परदे के पीछे कुछ तो जरूर घटा है। आर्थिक मृत्युशैय्या पर पड़े पाकिस्तान की धड़कनें अचानक सामान्य सी चलती दिखाई देने लगी हैं। दुनिया भर के वित्त चिकित्सक मरीज की इस हालत को देखकर हैरान हैं। पाकिस्तान की अप्रत्याशित परिपक्वता के पीछे कहीं अमेरिका का दोहरा चरित्र तो नहीं है। यह बात इन दिनों जानकारों को मथ रही है। 
विज्ञापन

पेरिस में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की बैठक में तो पाकिस्तान को एक जीवनदान मिलना तय था। चीन इन दिनों संस्था का प्रमुख है, इसलिए उसके कार्यकाल में तो इस आतंकी मुल्क को ब्लैक लिस्ट करने का सवाल ही नहीं उठता था।
मलेशिया और तुर्की की कश्मीर नीति और पाक का साथ देने की नीति तो जग जाहिर थी, लेकिन बीते दिनों जिस तरह वे भारत के खिलाफ आक्रामक हुए हैं, वह चौंकाता है। अभी तक वे संभवतया इस कारण चुप थे कि पाकिस्तान की आबादी के बराबर मुस्लिम हिंदुस्तान में हैं और वे सुख से जी रहे हैं। भारत के लिए यह चेतावनी भरी घंटी है।
हमारी विदेश नीति हालिया वर्षों में पटरी से उतरी हुई है। इसे कहने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। एक ब्यूरोक्रेट भारत का विदेश मंत्रालय संभालने में कहां चूक कर रहा है इसकी पड़ताल भी होनी चाहिए।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X