बुजर्गों की सेहत के प्रति महकमा गंभीर नहीं है। मरीजों के परिजनों के फोन के बाद भी न तो टीम पहुंच रही है और न कोई रिस्पांस दिया जा रहा है। जबकि होम आइसोलेट मरीजों की सुविधा के लिए 23 आरआरटी (रैपिड रिस्पांस टीम) टीमें बनाई गई हैं। इसके बावजूद न तो मरीजों को दवा मिल पा रही और न ही टीम उन तक पहुंच रही है। पीड़ितों ने मामले की शिकायत डीएम से लेकर सीएम और सीएमओ से की है।