सियासी दलों के नेताओं की गांवों में नो एंट्री

Punjab Bureauपंजाब ब्‍यूरो Updated Tue, 25 Aug 2020 09:36 PM IST
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लहरागागा के गांव खोखर कलां में किसानों द्वारा की गई नाकाबंदी के दौरान किसान नेता।
लहरागागा के गांव खोखर कलां में किसानों द्वारा की गई नाकाबंदी के दौरान किसान नेता। - फोटो : SANGOOR

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केंद्र सरकार की ओर से खेती संबंधी लाए जा रहे बिलों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां ने गांवों में सियासी दलों के नेताओं के आने पर रोक लगा दी है। ब्लॉक लहरागागा के 25 गांवों में नाकाबंदी की गई है।
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लहरागागा के अध्यक्ष धर्मेन्द्र पिशौर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाई गई खुली मंडी, ठेका खेती नीति 2018 और बिजली एक्ट 2020 किसानों को कतई मंजूर नहीं है। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की आड़ में किसानों की फसल लूटने और जमीन से वंचित करने का जो फैसला लिया है उसका विरोध किया जाएगा। किसानों के विरोध से बचने के लिए सरकार ने धारा 144 लगा दी है। सरकार इससे शहरों में विरोध करने से रोक सकती है तो वह नाकाबंदी करके नेताओं की अपने गांवों में एंट्री बंद कर सकते हैं। सरकार ने खेती संबंधी लाए उक्त बिलों को रद्द न किया तो किसान संगठन गांवों में सरकार की एंट्री पक्के तौर पर बंद करके आरपार की लड़ाई करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। मौके पर किसान नेता बिक्कर सिंह खोखरकलां, मास्टर गुरचरण सिंह, मिल्खा सिंह मौजूद थे।
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