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मजदूरों के पलायन का दर्द: जाने दो साहब! कोरोना ने तोड़ दिए सपने, परदेस में मरना नहीं चाहते

कोरोना के कहर से पूरा विश्व थम गया है। देश के शहरों व गांवों की सड़कें और गलियां सुनी पड़ी हैं।

29 मार्च 2020

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मोहाली

सोमवार, 30 मार्च 2020

तेरा राम जी करेंगे बेड़ा पार, उदासी मन काहे को डरे

जीरकपुर। एक ओर कोरोना का खौफ और दूसरी ओर सड़कों पर पसरा सन्नाटा। लेकिन चिंता किस बात की... राम जी तो आ गए हैं बेड़ा पार करने के लिए। जी हां, यहां बात हो रही है रामानंद सागर की रामायण की। जिसके प्रसारण ने ट्राईसिटी के दर्शकों को न सिर्फ भूले बिसरे दिन याद दिला दिए हैं, बल्कि एक बार फिर से
लोगों को दूरदर्शन की ओर खींच लिया है। इसका नतीजा यह कि सुबह और शाम को 9 बजे से 10 बजे घर में लॉकडाउन हो गया है। जैसे ही रामायण शुरू हुई वैसे ही सारे काम बंद। लॉकडाउन में दर्शकों की भारी मांग के बीच प्रसारित की गई रामायण को पहले दिन जबरदस्त रिस्पांस मिला है। रावण की गर्जना, लक्ष्मण की हुंकार और राम जी का दर्शन करने के लिए घर के प्लान भी चेंज हो गए हैं। ठुमक चलत रामचंद्र बाजे पैजनिया गीत हो या फिर रामायण की चौपाइयां... पुरानी पीढ़ी के साथ नई
पीढ़ी ने भी रामायण के पहले एपीसोड का आनंद लिया। जीरकपुर में सुबह तो थोड़ी बहुत चहल पहल रही, पर जैसे ही रामायण का समय हुआ तो सन्नाटा छा गया।
कोट्स
मुझको मेरे मम्मी पापा ने बताया है कि रामायण में रावण की भूमिका निभाने
वाले अरविंद त्रिवेदी जैसा किरदार फिर कभी नहीं देखा। रावण की अट्टाहस
सुनने के लिए मैं रामायण देख रहा हूं। मुझे इस रामायण को देखने के लिए
काफी उत्सुकता थी।
-रचित, जीरकपुर
मुझको रामायण देखने की लालसा काफी समय से थी। बचपन में मैं इसको नहीं देख
सका, पर सुना जरूर था कि बाहर सड़कों पर सन्नाटा छा जा जाता था, अब रामायण
को मैं अपने बच्चों के साथ बैठकर देख रहा हूं। यह एक खास अनुभव है।
-करण बेदी, वीआईपी रोड
पहले जब रामायण आती थी तो मैं दिल्ली में था। उस समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था और दुकाने बंद हो जाती थी। इक्का दुक्का आदमी ही सड़कों पर दिखाई देते थे। मुझे तो रामायण और महाभारत का क्रेज काफी ज्यादा है। ऐसी रामायण अब नहीं बन सकती।
-कपिल मोहन, लोहगढ़
मैंने आज रामायण देखी और मजा आ गया। लॉकडाउन के समय रामायण के प्रसारण का
फैसला जबरदस्त है। हमारे एरिया में तो सभी ने रामायण देखी। इस रामायण की खूबी है कि इसके दोहे और चौपाइयों का उच्चारण जबरदस्त है। - मनी शर्मा, बलटाना
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शनिवार को कोरोना से बड़ी राहत,

मोहाली। शुक्रवार को एक कोरोना पॉजिटिव केस सामने आने के बाद मोहाली के लिए शनिवार का दिन शुभ रहा। 84 ब्लड सैंपल्स की रिपोर्ट निगेटिव आई। सेक्टर 69 के पॉजिटिव आए दंपती के संपर्क वाले 2 लोगों की ब्लड सैंपल रिपोर्ट आनी बाकी है। इसके अलावा शनिवार को एक और संदिग्ध का ब्लड सैंपल भेजा गया है। मोहाली में अब तक कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 6 है। शनिवार को इसमें कोई इजाफा नहीं हुआ। सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि जिले में होम क्वारंटीन किए गए 480 लोगों की लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज चल रहा है। सभी संक्रमित लोगों की हालत स्थिर है। ... और पढ़ें

प्रशासन की ओर से तय किए गए सब्जियों महंगे दामों का मामला पहुंचा सीएम तक

मोहाली। कर्फ्यू के दौरान जिला प्रशासन की ओर से तय किए गए सब्जी और फलों के महंगे दामों का मामला शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के द्वार पहुंच गया है। मोहाली के पार्षद सुखविंदर सिंह पटवारी ने इस संबंधी सीएम को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा कि सब्जियों के रेट तय करते समय प्रशासन ने मार्केट में चल रहे रेट पर ध्यान ही नहीं दिया। जो रेट तय किए गए थे वह मार्केट में बिक रहे सामान के रेट से डेढ़ से दो गुना ज्यादा थे। जिसके बाद कम रेटों पर सामान बेच रहे वेंडरों ने भी ऊंचे रेट वसूलना शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड के अधिकारियों द्वारा पेश किए रेटों के आधार पर ही यह सब तय किया गया है। उन्हेंने सीएम को लिखे पत्र में साफ किया है कि जो रेट सब्जियों के तय किए गए है, उसमें घोटाले का साफ अंदेशा दिख रहा है। ऐसे में इस मामले की उचित तरीके से जांच करवाई जाए।
इसके साथ ही कर्फ्यू का सामना कर रहे लोगों की मदद की जाए। वहीं, अधिक रेट वसूलने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की तरफ से लोगों को घरों पर डोर-टू-डोर सारी चीजों की सप्लाई की जा रही है। लेकिन शुक्रवार को रेहड़ी-फड़ी वालों द्वारा मनमाने रेट वसूले जा रहे थे। कई इलाकों में यह समस्या आई थी। इसके बाद मामला जिला प्रशासन व पुलिस तक पहुंचा था। अमर उजाला द्वारा भी इस मामले को लेकर प्रमुखता से उठाया गया था। जिसके बाद देर शाम जिला प्रशासन की तरफ शाम को सब्जियों के रेट तय किए गए थे। लेकिन यह रेट काफी ऊंचे थे। इस दौरान आलू के रेट प्रति किलो 50 रुपये और प्याज के रेट 45 रुपये तक तय किए थे।
मोहाली में तय रेट वसूले, खरड़ में रही राहत
शनिवार को मोहाली शहर में रेहड़ी फड़ी वालों ने प्रशासन द्वारा निर्धारित रेट वसूले। वहीं, जिला प्रशासन का दावा था कि इन सब पर नजर रखने के लिए 10 इंस्पेक्टरों की टीम गठित की गई। हालांकि खरड़ के कई इलाकों में लोगों को काफी राहत मिली। इस दौरान प्रशासन द्वारा रेटों से कम कीमत पर सामान मिला। हालांकि यह भी थोड़े मंहगे थे। इस दौरान आलू 30 रुपये किलो, प्याज 40 से 45 रुपये, मटर 60, बंद गोभी 20 रुपये किलो, फूल गोभी 30 से 35 तक बिकी है।
नोट खबर में अमर उजाला में शुक्रवार को छपी खबर सब्जी और फलों की सप्लाई डोर टू-डोर शुरू, लेकिन वसूले मनमाने रेट खबर का ईपीएस लगाए।
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खांसी और बुखार से पीड़ित महिला को पहुंचाया अस्पताल, कोरोना टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल भेजे

मोहाली। सरकार के आदेश है कि अगर किसी को कोरोना बीमारी जैसे लक्षण लगते हैं तो वह तुरंत नजदीकी सिविल अस्पताल में पहुंचे। लेकिन लोगों के जागरूक होने पर भी वह अस्पतालों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
एक ताजा मामला रविवार को फेज-10/11 की लाइट प्वांट पर देखने को मिला। जहां पर पुलिस नाके के दौरान एक महिला को रोका गया। पुलिस उससे घर से निकलने का कारण पूछ पाती कि उससे पहले से ही वह महिला काफी ज्यादा खांस रही थी। उसे बहुत ज्यादा बुखार भी था। जिसे देखते हुए पुलिस ने महिला को वहीं रोक कर एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन काफी देर तक इंतजार करने के बाद एंबुलेंस वहां पर पहुंची और महिला को सिविल अस्पताल में ले जाया गया।
वहीं सिविल सर्जन डाक्टर मनजीत सिंह ने बताया कि उन्हे पुलिस द्वारा पता चला था कि एक महिला जो कोरोना से संदिग्ध लग रही है। उसे फेज-10/11 की लाइट प्वाइट पर रोक कर रखा हुआ है। जिसके बाद उनकी ओर से एंबुलेस के साथ एक टीम को तुंरत महिला को ले जाने के लिए भेज दिया गया। महिला को एडमिट कर लिया गया है, साथ ही उसका ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भी भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग पाएगा कि महिला कोरोना पॉजिटिव है या निगेटिव।
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पलायन : चंडीगढ़ और पंजाब छोड़ जा रहे प्रवासियों की कोई नहीं ले रहा सुध

डेराबस्सी। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश भर में लॉकडाउन किया गया है। वहीं सब-डिवीजन में से गुजर रहे चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर पलायन कर रहे मजदूरों से सड़कें भरी हुई हैं। ये रोजगार छिन जाने के कारण तंग आकर पैदल, रेहड़ियों, साइकिलों पर अपने घरों को निकल पड़े हैं।
इनमें से ज्यादातर प्रवासी अपने परिवारों के साथ हैं जिन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंजाब सरकार व जिला मोहाली प्रशासन इनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। डेराबस्सी से गुजर रही बड़ी संख्या लोगों ने मांग करते हुए कहा कि पंजाब सरकार को उनको घर पहुंचाने व रास्ते में उनके रुकने व खाने-पीने के लिए पर्याप्त प्रबंध करने चाहिए।
जानकारी के मुताबिक रोजगार न होने के कारण इन लोगों को अपने परिवार पालना कठिन हो गया है। इस कारण उन्होंने अब मजबूरीवश अपने घरों की ओर रुख कर दिया है। इतना लंबा सफर वे कैसे पूरा करेंगे, यह उन्हें नहीं पता। वे रास्ते में मांगकर खाने-पीने का इंतजाम कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को आ रही है जिनके साथ महिलाएं व छोटे बच्चे भी हैं।
इस बारे में सतिंदर सिंह, थाना प्रभारी डेराबस्सी ने कहा कि नाकों पर तैनात पुलिस कर्मियों को पैदल जा रहे लोगों को तंग न करने को कहा है। वहीं उनके खाने-पीने का प्रबंध करने के अलावा उन्हें घर पहुंचाने के लिए वाहनों के प्रबंध भी किए जा रहे हैं।
काम छिनने के बाद राशन खत्म होने पर घरों को निकले लोग
अमर उजाला की टीम ने इन लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि ज्यादातर दिहाड़ी, रिक्शा चलाना, सफाई करना आदि काम करके गुजारा करते थे। उनके पास राशन समाप्त हो गया है और दूसरा वह इस मुसीबत की घड़ी में अपने परिवारों के पास जाना चाहते हैं। जीरकपुर व डेराबस्सी में समाजसेवी संस्थाओं की तरफ से इनें लंगर खिलाया जा रहा है पर इनकी गिनती ज्यादा होने के कारण लंगर भी कम पड़ रहा है।
मजदूर बोले- कर्फ्यू लगने से पहले जाने का समय देती सरकार
जीरकपुर व डेराबस्सी में कुछ समाजसेवी संस्थाओं की तरफ से परिवारों के साथ जा रही कुछ परिवारों को यहां कुछ दिन रुकने की भी गुजारिश की पर उन्होंने गांव में छोटे बच्चों और माता-पिता के अकेले होने की बात कहकर जाना जरूरी समझा। उन्होंने रोष प्रगट करते कहा कि सरकार की ओर से कर्फ्यू लगाने से पहले न सूचना दी और न ही निकलने का समय।
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लोगों के साथ मिलकर मोहाली पुलिस की कोरोना के खिलाफ जंग शुरू

मोहाली। कोरोना वायरस के खिलाफ मोहाली जिले की पुलिस अब सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक जंग लड़ रही है। एक तरफ जहां पुलिस उनके इलाके में जाकर लोगों को घरों में रुकने के लिए मजबूर कर रही है। वहीं, पलिस टीमें सोशल मीडिया पर कोरोना को लेकर चलाए जा रहे भ्रामक वीडियो पर नजर रख रही है। जरूरतमंद लोगों को खाने से लेकर अन्य जरूरी चीजे भी मुहैया करवा रही है। इतना ही नहीं अब पुलिस ने हर थाने के एसएचओ से लेकर मुलाजिमों के पुलिस स्पेशल वीडियो बनाकर इलाके के सोशल मीडिया ग्रुपों में प्रसारित करवाए हैं, जिससे लोग इस जानलेवा बीमारी के खतरे को समझें। इस प्रयास को काफी हद तक सफलता भी मिली है। वीडियो में एसएसपी से लेकर थाने के एसएचओ तक के बनाए गए हैं।
एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि यह मैसेज लोगों पर गहरी छाप छोड़ेंगे। वहीं, लोग घरों में रुकेंगे।
इस बारे में रिटायर्ड कर्नल बदलेव सिंह चौहान ने बताया जो चीज हम एक बार देख लेते हैं। वह हमारे दिमाग में काफी गहरा असर छोड़ती है। मोहाली पुलिस की यह 2 मिनट कुछ सेकेंड की वीडियो लोगों को जागरूक करेगी।
कोरोना से लड़ना होगा मिलकर
मैं लोगों से अपील करता हू कि जो कोरोना वायरस के चलते देश में समस्या आई है। इसका हम सबको मिलकर हल निकालना है। सरकार के आदेशों का सभी पालन करें। यह हमारी ड्यूटी भी बनती है, तभी बीमारी से मुकाबला किया जा सकता है।
- कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी मोहाली
घर पर रहो, सुरक्षित रहो
मैं सारी जनता से अपील करता हूं कि पुलिस आपकी सेवा में तत्पर हैै। आप घर पर रहकर पुलिस की मदद कर सकते हो। हम सब मिलकर इस महामारी को हरा सकते हैं। अपने घर रहो, सुरक्षित रहो।
- अमरोज सिंह, डीएसपी एयरपोर्ट
जिंदगी एक बार ही मिलती है
जिंदगी एक बार मिलती है। अपनी और अपने परिवार की जिंदगी की रक्षा करो। घर पर रहो और सुरक्षित रहो। यही मेरी शहर के लोगें से विनती है। उम्मीद है कि लोग उम्मीदों पर पूरा खरा उतरेंगे।
- मनफूल सिंह, इंस्पेक्टर, थाना फेज-1
कोरोना परमाणु बम से भी ज्यादा खतरनाक
मेरी आपसे अपील है कि कोरोना महामारी की वजह से जिस बुरे दौरा से दुनिया गुजर रही है। कोरोना वायरस परमाणु बम से कई ज्यादा अधिक खतरनाक है। मेरी आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि अपने घरों से नहीं निकलें। क्योंकि घर से बाहर निकलते ही जीवन खतरे में पड़ सकता है।
- राजेश चौधरी, एसएचओ थाना फेज-8, मोहाली
घरों में रहकर ही रूकेगी महामारी
कोरोना वायरस काफी खतरनाक है। ऐसे में हम सबको मिलकर इसे फैलने से रोकना है। यह तभी संभव हो पाएगा जब हम सभी अपने घरों में रुकेंगे। ऐसे में मेरी अपील है कि सब अपने घरों में ही रुकें।
- सिमरन, सब इंस्पेक्टर थाना फेज-11
मन में ठानोंगे तो ही रूकेगी महामारी
अगर इस बीमारी से दुनिया को बचाना है तो लोगों को घरों में रुकना होगा। आप मन में ठान लोगे तो ही इस महामारी से बचा जा सकता है। आपसे विनती है कि बहुत ही जरूरी होने पर घर से निकलें, वरना घरों में रहकर अपनी और लोगों की जान बचाएं। - राजीव कुमार, एसएचओ इंस्पेक्टर थाना मटौर
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रविवार को भी राहत: कोई कोरोना पॉजिटिव केस नहीं, तीन लोगों के ब्लड सैंपल भेजे

मोहाली। देश भर मेें बढ़ रहे कोरोना वायरस से पीड़ित मामलोें के मद्देनजर वीआईपी सिटी के लिए रविवार भी राहत भरा रहा। रविवार को कोरोना का न कोई नया मामला सामने आया और न ही संदिग्ध मरीज।
गत शुक्रवार को मोहाली का 6ठां पॉजिटिव केस सामने आने के बाद 2 दिन राहत भरे रहे। सेहत विभाग ने रविवार को 3 लोगों के नए ब्लड सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे हैं। जिले के संक्रमित लोगों की हालत स्थिर बनी हुई है।
मोहाली में 20 मार्च को पहला कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया था। इसके अगले ही दिन शनिवार को 3 पॉजिटिव केस सामने आए थे। गत रविवार को राहत रहने के बाद सोमवार को फिर से एक कोरोना पॉजिटिव सामने आया था। जिसके साथ ही मोहाली में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या 5 हो गई थी। तीन दिन की राहत के बाद शुक्रवार को फिर से एक पॉजिटिव केस सामने आया। पिछले दो दिनों से कोरोना पॉजिटिव की संख्या 6 पर रुकी हुई है। शनिवार को 84 लोगों के ब्लड सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 2 के ब्लड सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार था, जो रविवार को भी नहीं आई है। अब यह रिपोर्ट सोमवार को आने की उम्मीद है।
रविवार को मोहाली के लोगों के 3 नए ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इनमें से 2 सैंपल जीएमसीएच सेक्टर-32 चंडीगढ़ अस्पताल में भेजे हैं, जबकि एक निजी अस्पताल की ओर से भेजा गया है।
सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि अभी 5 ब्लड सैंपल्स की रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी 6 कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज चल रहा है। सभी की हालत स्थिर बनी हुई है।
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कोरोना वायर को लेकर रेलवे ने की ट्रेनों में तैयारी

चंडीगढ़। देश में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। इसके लिए रेलवे ने खास तैयारी की है। उत्तर रेलवे ने मरीजों को अलग-अलग रखने के लिए ट्रेन के कोचों में अलग से आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है। भविष्य में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर रेलवे के इन कोचों का इस्तेमाल संदिग्धों या मरीजों को आइसोलेट करने में किया जा सकता है।
अब तक इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 873 हो गई है। वहीं, इस वायरस से अब तक 19 लोगों की जान जा चुकी है। सीनियर डीसीएम हरि मोहन ने बताया कि उत्तर रेलवे की उत्पादन इकाई जगाधरी वर्कशॉप में मौजूदा संसाधनों को चिकित्सा बुनियादी ढांचे के प्रावधान के अनुरूप बनाने पर विचार किया था और न्यूनतम संशोधन करके स्लीपर क्लास कोच को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में बदल दिया।
प्रत्येक कोच में 10 आइसोलेशन वार्ड होंगे, बेहतर स्पेस के लिए प्रत्येक वार्ड के मध्य बर्थ को हटा दिया गया है। डिब्बे के फर्श को प्लाई बोर्ड से समतल किया गया है। वार्ड को अलग रखने के लिए कंप्रेग बोर्ड की सहायता से विभाजित किया गया है। वहीं प्रत्येक वार्ड में बोतल होल्डर, चिकित्सा उपकरणों के लिए 220 वोल्टेज बिजली के स्विच और हवा के आवागमन के लिए विशेष पर्दे लगाए गए हैं। जबकि कोच को बाहर से विधुत सप्लाई देने के लिए भी 415 वोल्ट का स्विच का भी प्रावधान है।
शौचालय को बाथरूम में कनवर्ट किया
हर कोच के चार शौचालयों में से दो शौचालयों के टॉयलेट पेन को हटाकर उचित प्लाई फर्श लगाकर उसे बाथरूम में कनवर्ट किया गया है। बाथरूम में हैंड शावर, बाल्टी और मग उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं इसकी सफाई के लिए भी खास इंतजाम किया गया है। मंडल रेल प्रबधक गुरिंदर मोहन सिंह ने इसके सन्दर्भ में स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यक हुआ तो, वर्कशॉप की कोचों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में संशोधित करने की क्षमता को सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है।
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अब जिले में 24 घंटे खुले रहेंगी कैमिस्ट्स शॉप्स

मोहाली। कोरोना महामारी के चलते लगाए गए कर्फ्यू के दौरान लोगों को जरूरी चीजें मुहैया करवाने और जरूरी काम के लिए लोगों की आवाजाही को सुचारू चलाने के लिए जिला मेजिस्ट्रेट गिरीश दियालन की ओर से कुछ राहत दे दी गई है। उनके आदेशों में कानून व्यवस्था या इमरजेंसी स्थिति से निपटने वालों में (सरकारी पहचान पत्र के साथ) कार्यकारी मेजिस्ट्रेट पुलिस, पुलिस कर्मचारी, सैनिक, वर्दी में अर्ध सैनिक कर्मचारी, सेहत अधिकारी, बिजली, पानी की सप्लाई, सेनिटेशन, सफाई मुलाजिम, निजी एजेंसियों द्वारा ड्यूटी कार्ड के साथ कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहेंगे।
वहीं, सरकारी कर्मचारियों को विभाग के प्रमुख की ओर से जरूरी ड्यूटी आर्डर के साथ कोविड-19 संबंधी ड्यूटी पर लगाने के लिए आदेश होने चाहिएं। इनमें जिले के अंदर और बाहर जाने के लिए ड्यूटी पर लगाए पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के कर्मचारी शामिल होंगे।
प्रशासन के आदेशों में विशेष तौर पर डीएम, एडीएम, एसडीएम या उनकी तरफ से अधिकृत अधिकारी की तरफ से मंजूर सीमित कर्फ्यू पास वाले व्यक्ति शामिल हैं। जिनके लिए यह आदेश जारी हुए हैं उन व्यक्तियों और वाहनों को इंटर स्टेट और जिले में आवाजाही के लिए पड़ताल करने के बाद ही जाने की अनुमति दी जाएगी।
इनमें डॉक्टरों, नर्सों, फार्मासिस्टो और अन्य स्टाफ को अपने संस्थानों के जैसे ही पीएचसी, सीएचसी, पीजीआई, जीएमसीएच-32 से आईडी कार्ड बनाने के बाद ड्यूटी करने की आज्ञा दी जाएगी। इसके अलावा अस्पताल, कैमिस्ट्स शॉप्स और एटीएम दिन रात खुले रहेंगे। इसे सिविज सर्जन, जेडएलए और एलडीएम क्रमवार यकीनी बनाएंगे।
इस कैटेगरी में भी लोगों को मिली राहत
इसके साथ ही मान्यता प्राप्त पत्रकारों और मीडिया से संबंधित लोगों के पास हरियाणा, यूटी और केंद्र की ओर से जारी किए गए गुलाबी और पीले पास होने चाहिए। इसके अलावा आदेशों में जरूरी वस्तुओं जैसे कि खाने-पीने की चीजें, फल, सब्जियां, डेयरी उत्पाद, दवाईयां, मेडिकल उपकरण, एलपीजी, पोल्ट्री, पशु फीड का उत्पादन लाने-ले जाने के लिए जिले के अंदर आवाजाही शामिल है। इसके साथ ही सब्जियों, करियाने, अंडे, मीट, पशुओं और पोल्ट्री के लिए हरे और सूखे चारे, सूरों की फीड आदि के लिए प्रयोग होने वाले वाहनों, एटीएम कैश वैन, एलपीजी, तेल के कंटेनर, टैंकर, दूध की घर-घर सप्लाई करने वाले, दवाईयां और खाने-पीने वाली चीजों की सप्लाई करने वालों के साथ ही फेरी वाले और दूध सप्लाई शामिल है। इसके अलावा खेतीबाड़ी सहायक सेवाएं भी शामिल है। जिनमें खेतों में काम करने वाले, सब्जियां व चारे की कटाई करने वाले किसान व खेत मजूदर शामिल हैं। खेतों में काम करने वाली मशीनरी जिसमें कंबाईन, वाही करने वाले, फार्मों की पैदावार को ले जाने वाली मशीनरी, आटा मिल, दूध के प्लांट, डेयरियां, खाद की बिक्री, कीटनाशक, रेवले सरकारी एजेंसियों द्वारा खुदरा खरीद से संबंधित कार्य शामिल है।
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बैंकों में सार्वजनिक लेन देन रहेगा बंद
सार्वजनिक वितरण सिस्टम, बैंक जिन में एलडीएम द्वारा चुनी गई शाखाओं समेत खजाना, करेंसी शामिल है। कम से कम स्टाफ से काम करेगी। हालांकि कोई सार्वनिक लेन देन नहीं होगा। इसके अलावा वेटरनरी सेवाएं व सप्लाई, ई कॉमर्स पोर्टल जैसे कि अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्विंगी, जोमेटो व मार्कफेड द्वारा घर-घर डिलीवरी, चिड़ियाघर की संभाल, नर्सियां व पौधे लगाने, बिजली उत्पादन व संचालन, नवीनयोग ऊर्जा स्टेशन, सौर ऊर्जा, पन बिजली, बायोपास शामिल है। इसके अलावा नीचे लिखे संस्थानों के सिर्फ घरेलू डिलीवरी के लिए खुले रहेंगे। इसमें ताजा भोजन, फल सब्जियां, अंडे, मीट, पोल्ट्री, खाना पीने वाले पदार्थ, बेकरी, भोजन तैयारी करने, आम भंडार, करियाने करंसी, पंसारी, ई कॉमर्स डिलीटल सुर्पुदारी, होम डिलीवरी, एलजीपी, रोला, लकड़ी व अन्य पदार्थ शामिल है। सभी संबंधित व्यक्यितों को प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। उपरोक्त उदेश्य के लिए मजदूरो व वाहनों को अनुमति दी जाएगी। जरूरी सप्लाई के लिए दिए पास पूरे जिले में चलेंगे।
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दो गाड़ियां भिड़ीं, चालक बुरी तरह घायल

जीरकपुर। जीरकपुर के लोहगढ़ चौक पर कोहिनूर ढाबे के सामने दो गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हादसे में दोनों चालकों को गहरी चोटें आई हैं। इसके बाद दोनों घायलों को डेराबस्सी के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां दोनों का उपचार चल रहा है।
मामले के संबंध में जीरकपुर थाना के जांच अधिकारी रमेश लाल ने बताया कि जगदीश पटवारी अपनी गाड़ी से लोहगढ़ जाने के लिए रोड क्रॉस कर रहे थे। इस दौरान डेराबस्सी से तेज रफ्तार आ रही गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। गाड़ियों की आपस में भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ियां बुरी तरह से हादसाग्रस्त हो गईं। हादसे के दौरान दोनों चालकों को गंभीर चोटें आई हैं। इसके चलते दोनों चालकों को डेराबस्सी के सिविल अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है और आगे की करवाई उनके बयानों के बाद ही की जाएगी।
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काम छूट गया, जेब खाली.. अब यहां क्या करेंगे

जीरकपुर। एक-दो दिनों में देश की राजधानी दिल्ली में मजदूरों की संख्या फिर से बढ़ने वाली है। 24 घंटों में पूरे ट्राइसिटी से 20 हजार से ज्यादा मजदूर व निजी कंपनियों में काम करते यूपी, बिहार व राजस्थान के निकले हैं। यह खुलासा अमर उजाला की शनिवार की रात और रविवार पूरे दिन की रियलिटी चेक में हुआ है। सभी दिल्ली तक जाएंगे क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि वहीं जाकर उन्हें कुछ मदद मिलेगी।
राशन महंगा, आठ दिनों से काम बंद दिहाड़ीदार मजदूर कहां से लाएं पैसे
मौलीजागरां में रहने वाले ऋषिपाल ने बताया कि चंडीगढ़ में 750 रुपये में दस किलो आटा, पांच किलो चावल, एक किलो दाल व रिफाइंड सहित थोड़ा मसाला दिया जा रहा है। आठ दिनों से काम बंद है। इतने पैसे जेब में नहीं है कि राशन खरीद सकें। मजबूरन अपने गांव यूपी के इटावा के लिए साइकिल से अपनी बहन को घर लेकर जा रहा हूं। साथ में अंकित भी अपनी बहन को लेकर इटावा जा रहा है।
पूरी रात पैदल चलेंगे, एक-दो दिन मेें दिल्ली पहुंच गए तो कोई न कोई बंदोबस्त हो जाएगा
शनिवार की रात चंडीगढ़ से निकले भगवान दास ने बताया कि हमारे साथ करीब पचास दिहाड़ीदार मजदूर हैं, सबको यहां से पैदल लखनऊ तक जाना है। सुना था कि दिल्ली से बसें यूपी तक जा रही हैं। एक-दो दिन में पैदल चलकर हम लोग दिल्ली तक पहुंच गए तो सफर आसान हो जाएगा। अगर वहां मदद मिलती है तो नहीं तो पैदल तो घर जाना ही है, क्योंकि यहां रहे तो कोरोना से बाद में भूख से पहले मर जाएंगे।
चंडीगढ़ से हाथ में एलसीडी और सामान लिए के लिए यूपी पैदल निकले
राजेश पाल ने बताया कि चंडीगढ़ में दिहाड़ी का काम करता हूं। यहां मकान का किराया और खान के लिए पैसे नहीं है। मेरे साथ करीब दस लोग हैं। सबको किसी तरह दिल्ली पहुंचना है, उसके बाद वहां से लखनऊ तक कोई न कोई बंदोबस्त कर लेंगे। यह बंदी कब तक होगी, यह किसी को पता नहीं है, जिस तरह कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखकर ऐसा लग रहा है कि आगे भी लॉकडाउन हो सकता है। ऐसे में अगर पांच से छह दिनों में घर पहुंच गए तो घर पर रोटी तो मिलेगी। यहां रहे तो मकान का किराया और राशन का पैसा कौन देगा।
सोहन लाल रेहड़ी पर परिवार को लेकर इटावा के लिए निकले
चंडीगढ़ के मौलीजागरां से सोहन लाल पत्नी सीमा सहित चार बच्चों को लेकर रेहड़ी पर यूपी के इटावा तक जाएगा। उसका कहना है कि जहां थकेंगे, वहां रुक जाएंगे। हमारे पास पेट पालने के लिए कोई विकल्प भी तो नहीं है, इतने पढ़े-लिखे भी नहीं है कि प्रशासन से मदद की गुहार लगा सके। मदद मिलते-मिलते तो भूख से मर जाएंगे। इसलिए घर निकलना पड़ा है।
पंजाब के होशियारपुर से देहरादून के लिए पैदल निकले
अब्दूल और हुसैन ने बताया कि करीब बारह लोग देहरादून जा रहे हैं। शनिवार को पंजाब के होशियारपुर से निकले थे। रविवार को डेराबस्सी बरवाला रोड पर पहुंचे हैं, कोई साधन भी नहीं मिल रहा है। कोशिश यही है कि किसी तरह घर तक सही-सलामत पहुंच जाए। क्या करें दिहाड़ीदार हैं, चार पांच दिन तो काम चल गया, लेकिन अब मुश्किल था। इसलिए घर के लिए निकल गए।
फैक्ट्री बंद, जेब में पैसे नहीं, इसलिए घर पैदल निकल लिए
डेराबस्सी में रेल का पार्ट बनाने वाली कंपनी में काम करने वाले शिव सागर ने बताया कि कंपनी बंद हो गई है। इनकम कुछ है नहीं, परिवार पालना मुश्किल हो रहा है, सब्जी से लेकर राशन तक महंगा हो गया है। ऐसे में अब इतने पैसे भी जेब में नहीं बचे कि ज्यादा दिनों तक घर का खर्च चल पाएगा। इसलिए पैदल ही पत्नी, छोटी बिटिया, बेटी वंदना व छोटे बेटे आशीष सहित कंपनी के ही अन्य लोगों के साथ हरदोई के लिए पैदल निकले हैं।
यूपी और बिहार के लिए समूह में निकले दिहाड़ीदार
रविवार की रात को राहुल, रणविजय, रंजीत, पप्पू सहित दर्जनों दिहाड़ीदार पैदल निकले हैं। इनमें कुछ लोगों को यूपी तो कई लोगों को बिहार जाना है।
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मजदूरों के पलायन का दर्द: जाने दो साहब! कोरोना ने तोड़ दिए सपने, परदेस में मरना नहीं चाहते

कोरोना के कहर से पूरा विश्व थम गया है। देश के शहरों व गांवों की सड़कें और गलियां सुनी पड़ी हैं। इसी बीच ट्राइसिटी की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर और भूखे प्यासे दिहाड़ीदार सैकड़ों किलोमीटर चलने के लिए बेबस हैं। उनके पास घर में बैठकर कोरोना वायरस से जंग जीतने के लिए कोई विकल्प नहीं है। उनकी जेब में न तो पैसे हैं और न ही खाने के लिए घर में राशन। हां एक बात जरूर है कि कोरोना, संक्रमण और मौत के काउंटडाउन के बीच अपने भविष्य को लेकर वे फिक्रमंद जरूर हैं। पंजाब और हरियाणा के बार्डर से सैकड़ों मजदूर अपने गांव-शहरों की तरफ निकल गए हैं। किसी को 100 तो किसी को 2000 किलोमीटर चलना है, रोजी रोटी का संकट सिर पर है। नंगे पैर, भूखे प्यासे समूहों में ये लोग निकल पड़े हैं। इस आस में पूरे दिन-रात इसलिए चले जा रहे हैं कि किसी तरह वे अपने घर पहुंच जाएं। 
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कर्फ्यू: हर मुसीबत में काम आएंगे ये 15 हेल्पलाइन नंबर, कभी भी कर सकते हैं कॉल

मोहाली के लोगों को कोरोना महामारी के चलते लगाए गए कर्फ्यू में आपको घरों में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न आए, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और इनके हेल्पलाइन फोन नंबर जारी कर दिए गए हैं। जी हां प्रशासन ने आपके लिए 15 हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। इन पर आप 24घंटे कॉल कर सकते हैं और आपकी सुनवाई होगी। इसके साथ ही पहल के आधार पर लोगों की समस्याओं को हल किया जाएगा। वहीं, इसके लिए प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है।
  • पंजाब इमजरेंसी हेल्पलाइन-  112
  • जरूरी चीजों के लिए हेल्पलाइन-  01722219541, 7888556264
  • कोविड-19 मेडिकल हेल्पलाइन-  104, 0172-2270091, 7814641397
  • डिस्ट्रिक कंट्रोल रूम-   0172-2219505, 0172-2219506, 9779816600
  • नोडल अफसर कंट्रोल रूम
  • मेडिकल रिलेटेड क्वैरी 
  • मोहाली-    9888877203
  • खरड़-    9872211756
  • डेराबस्सी-    9256192655
  • सब डिवीजनल कंट्रोल रूम
  • मोहाली-    0172-2219580
  • खरड़-    0160-2280222
  • डेराबस्सी-    0176-2297129
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