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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
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कोरोना से जंग: कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- विदेश यात्रा की सूचना न देने वालों के जब्त होंगे पासपोर्ट

कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के सेवामुक्त होने वाले मुलाजिमों का तीन माह का सेवाकाल बढ़ाए जाने के फैसले को भी मंजूरी दे दी।

5 अप्रैल 2020

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मोहाली

रविवार, 5 अप्रैल 2020

बलटाना पुलिस चौकी इंचार्ज पर ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप, सस्पेंड

जीरकपुर। पुलिस विभाग ने ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में बलटाना पुलिस चौकी इंचार्ज एएसआई जगपाल सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उनकी जगह अभी खाली है, बल्कि चौकी का कार्यभार जीरकपुर पुलिस थाना के इंचार्ज को सौंपा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बलटाना चौकी इंचार्ज जगपाल सिंह ने दो माह पहले यहां पदभार संभाला था। उन्होंने गैर-कानूनी तरीके से एक भुक्की वाले वाहन को कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ दिया था। वहीं, यह मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में आने के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
कोट्स
चौकी इंचार्ज जगपाल सिंह ने एक वाहन को गैरकानूनी रूप से छोड़ दिया था। इसकी सूचना मिलने पर जगपाल सिंह को सस्पेंड करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
-हरमन हंस, एसपी (इंवेस्टिगेशन), पुलिस विभाग मोहाली।
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सामान बांटते समय लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए तैयार की विशेष ट्रॉली

मोहाली। कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए जहां सरकार अपनी तरफ से प्रयास कर रही है। वहीं, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के टेक्निकल एंड मेंटेनेंस विभाग ने एक विशेष ट्रॉली तैयार की है। जिससे कि जरूरतमंद लोगों को खाना परोसने से लेकर अन्य सामान वितरित करते समय सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहेगी।
विभाग के सुपरवाइजर राकेश कुमार नेगी ने बताया कि जरूरतमंदों को खाना बांटने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए एक विशेष ट्रॉली बनाई है। जब उन्होंने टेलीविजन (टीवी) पर एक संगठन द्वारा जरूरतमंद लोगों को भोजन परोसते समय उचित दूरी बनाए रखने के कानून का उल्लंघन करते हुए देखा तो तभी इस ट्रॉली के निर्माण का विचार उनके दिमाग में आया। नेगी ने कहा कि ट्रॉली के निर्माण में उन्हें केवल दो दिन लगे। इसकी ख़ास बात यह है कि इसे वेस्ट मैटीरियल से तैयार किया गया है। जिस कारण इस पर ज्यादा खर्च नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस ट्रॉली में एक समय में 25 से 30 किलो भोजन लोगों को परोसा जा सकता है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते यूनिवर्सिटी द्वारा स्थनीय गांवों में रोजाना सुबह-शाम करीब बीस हजार जरूरतमंद लोगों को खाना परोसा जाता है, जो कि यूनिवर्सिटी की मेस में ही तैयार किया जाता है।
--बॉक्स
यूनिवर्सिटी के स्टाफ ने दी एक दिन की सैलरी
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए ‘सीयू एड’ मुहिम का आगाज किया है। यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि इस अभियान के तहत जरूरतमंदों की मदद के लिए यूनिवर्सिटी के स्टाफ की ओर से एक दिन का वेतन एकत्रित कर दान किया गया है। जिसकी सहायता से यूनिवर्सिटी के सदस्यों द्वारा जरूरतमंद लोगों को भोजन और अन्य सेवाएं प्रदान करने संबंधी गतिविधियों में तेजी लाई जाएगी। वहीं यूनिवर्सिटी की ओर से लोगों को जानलेवा कोरोना से बचने के लिए जागरूकता अभियानों के दौरान हैंड सैनिटाइजर औरा मास्क वितरित किए जा रहे हैं।
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कोरोना से मौत की स्थिति में संस्कार का विरोध करना गलत

मोहाली। कोरोना की वजह से अगर किसी व्यक्ति की मौत होती है तो उसके संस्कार का विरोध करना गलत है। कोरोना कोविड-19 के मरीज का संस्कार करने से कोई अधिक खतरा नहीं होता है। यह बात सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू ने प्रसिद्घ रागी भाई निर्मल सिंह की कोरोना से हुई मौत के बाद दाह संस्कार के बाद पैदा हुए हालातों के मद्देनजर कही है।
श्मशानघाट में दाह संस्कार की क्रिया करवाने वालों और शवों को दफनाने वाले कर्मचारियों को जागरूक करते हुए सिद्घू ने कहा कि उचित प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। संस्कार से कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है और राख से कोई खतरा नहीं होता है। अंतिम संस्कार की सभी रस्मों के लिए राख उठाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि सेहत और परिवार मंत्रालय की तरफ से जारी दिशा निर्देश के मुताबिक श्मशानघाट और कब्रिस्तान में शव दफनानेवाले कर्मचारियों को हाथों की सफाई, मास्क और दस्तानों का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। इसके अलावा रिश्तेदारों को मुंह दिखाना और धार्मिक रस्मेें जैसे की धार्मिक पाठ पढ़ना, पवित्र जल का छिड़काव और कोई अंतिम रस्म जिससे शरीर को छूने की जरूरत, लाश को दिखाने के लिए बैग को खोलने की आज्ञा नहीं दी जा सकती है। मृतक देह को नहलाना, चूमना, गले लगाने की आज्ञा भी नहीं है। दाह संस्कार और शव दफनाने के दौरान मौजूद सभी कर्मचारियों और पारिवारिक मेंबरों को क्रिया के बाद हाथों की अच्छी तरह से सफाई जरूर करनी होगी। इसके अलावा श्मशानघाट और कब्रिस्तान में ज्यादा संख्या में पारिवारिक मेंबरों को जमा होने की अनुमति नहीं है।
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कोरोना से ठीक होकर लौटे युवक का अनुभव- डटकर करें मुकाबला...संदिग्धों को अस्पताल पहुंचाओ, तभी जीतेंगे

कोरोना महामारी से जंग संदिग्ध लोगों को घर से निकालकर अस्पताल पहुंचाने से जीती जा सकती है। साफ-सफाई और सामाजिक दूरी का पूरी तरह से ध्यान रखना होगा। आसपास विदेश से आए जो लोग छिपकर बैठ हैं, उनकी जानकारी प्रशासन को देना जरूरी है। 

इसमें समाज के सभी जिम्मेदार लोगों के साथ गांवों के सरपंचों और लोगों को अहम भूमिका निभानी होगी। उन्हें बाहरी लोगों को रोकने के लिए डंडे लेकर गांव के प्रवेश द्वार पर खड़े होने की उतनी जरूरत नहीं है, जितनी कि विदेश से आए एनआरआई या यात्रियों की जानकारी प्रशासन को देने की है। क्योंकि ऐसे लोगों के अस्पताल ले जाने के बाद कोरोना टेस्ट होंगे, तभी इस महामारी को रोका जा सकता है। लोगों को इस बारे में एकजुट करना होगा। 

यह बात सेक्टर-69 निवासी युवक ने बताई है, जो कि कोरोना से 14 दिन की लड़ाई लड़कर अब स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं। वह जिले के पहले व्यक्ति हैं, जो कि कोरोना को हराकर घर पहुंचे हैं, हालांकि उनकी पत्नी अभी अस्पताल में है। उन्हें उम्मीद है कि वह भी जल्दी ही स्वस्थ होकर घर पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि अपने देश में तो यह बीमारी अभी बेसिक स्टेज से गुजर रही है।
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कोरोना वायरस कोरोना वायरस

मास्क पहन दो जोड़ों ने लिए फेरे, बरात में आए पांच-पांच लोग, कर्फ्यू के बीच पेश की मिशाल

कोरोना वायरस की वजह से पंजाब में कर्फ्यू लगा है। इस बीच मोहाली के फेज-4 स्थित गुरुदारा श्री कलगीधर सिंह सभा में दो शादियां संपन्न हुईं। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सभी निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया गया। 

दोनों शादियों में करीब 15 लोग शामिल हुए। इस दौरान दोनों जोड़ों ने सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा और मास्क लगाकर फेरे लिए। शादी में मौजूद लोगों ने भी मास्क लगाए। इस मौके पर परिवार के सभी सदस्य काफी उत्साहित थे। उनका कहना है कि दोनों शादियां काफी सादगी से संपन्न हुई हैं और ऐसा करके उन्होंने पूरे सामाज को एक नई दिशा दी है। इतना ही नहीं उन्होंने ऐसा कर कोरोना महामारी को मात देने में आहुति डाली है। 

इस बारे में सेक्टर-105 निवासी धर्मवीर सिंह और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर ने बताया कि उनका अपना कारोबार है। उन्होंने अपने बेटे विक्रमजीत सिंह (बिजनेसमैन) की शादी चंडीगढ़ निवासी नवनीत कौर से तय की थी। उनकी बहू चंडीगढ़ पुलिस में तैनात हैं। जबकि बेटी भूपिंदर कौर की शादी गुरदासपुर के नामी बिजनेसमैन रमनदीप सिंह से तय की थी। दोनों शादियां पहले 27 और 29 मार्च को तय थी। शादियों के लिए मैरिज पैलेस भी बुक हो चुके थे। कार्ड तक छपकर बांटे जा चुके थे। 
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कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए एक दिन में की 3615 लोगों की जांच

मोहाली। नयागांव, जगतपुरा, कुंभड़ा और मौली बैदवान गांव में कोरोना संक्रमण के कई संदिग्ध मरीज आने के बाद कोरोना वायरस के खिलाफ सेहत विभाग और पुलिस की टीमें पूरी ताकत से दिनरात युद्घस्तर पर जुटी हैं।
इसके चलते शनिवार को सेहत विभाग की टीमें करीब 723 घरों में सर्वे के लिए पहुंची और इस दौरान 3615 लोगों की सेहत की जांच की गई। यह जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि इस बीमारी को लोगों के सहयोग से हराया जा सकता है। अगर आप इस महामारी से बचने के लिए कुछ दिन और अपने घरों में रहे तो इस बीमारी को आसानी से हराने में मदद मिलेगी।
मिली जानकारी के मुताबिक यह सर्वे जिला नोडल अफसर डाक्टर हरमनजीत कौर और सीनियर मेडिकल अफसर डाक्टर कुलजीत कौर की अगुवाई में चला गया। इसके अलावा सेहत विभाग की 13 टीमें नयागांव के शिवालिक बिहार, आदर्श नगर, गोबिंद नगर, कुमाऊ कालोनी, विकास नगर आदि में जांच करने पहुंचीं। यहां पर घर-घर जाकर लोगों को कोरोना वायरस के प्रति समझाया भी और उनकी जांच भी की। लेकिन वहां भी कोरोना से संक्रमित मरीज नहीं मिला।
सैंपल लेने का मतलब यह कतई नहीं कि संदिग्ध मरीज कोरोना संक्रमित ही है
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि जिन लोगों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहें हैं। वह यह कतई नहीं समझें कि वह कोरोना संक्रमित ही हैं। यह सैंपल तो एहतियात के तौर पर टेस्ट के लिए जमा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव मौली बैदवान से 23 लोगों के सैंपल लेकर पीजीआई जांच के लिए भेजे हैं। सेक्टर-68 में पॉजिटिव पाए गए मरीज के 6 करीबियों के सैंपल भी लिए हैं। अगर किसी व्यक्ति को खांसी, जुकाम, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ की समस्या है तो वह स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन नंबर-104 पर संपर्क करें।
नयागांव में राहत, नहीं आया कोई नया केस
डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि नयागांव में शनिवार को सर्वे पूरा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम 1352 घरों में गई जहां उन्होंने कुल 6026 लोगों की जांच की। जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए।
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मुख्यमंत्री कैप्टन ने बलौंगी के सरपंच को किया फोन... कर्फ्यू में लोगों को कोई दिक्कत तो नहीं आ रही

मोहाली। कोरोना महामारी कोविड-19 के चलते लगे देश भर में लगे कर्फ्यू और अन्य हालातों से निपटने में जहां जिला प्रशासन पूरी ताकत से जुटा हुआ है, वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद भी काफी सक्रिय हैं।
इसके चलते शनिवार को उन्होंने बलौंगी के सरपंच बहादुर सिंह को फोन पर वीडियो कॉल करके लोगों का हालचाल जाना और इस महामारी से लड़ने के लिए जोश भरा। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने मुश्किल के इस समय में राज्य सरकार द्वारा निचले स्तर पर चलाए जा रहे राहत कार्यों के बारे में भी जानकारी ली। जाट महासभा दिल्ली की प्रधान और समाज सेविका दीपिका देसवाल ने सीएम की गांव के सरपंच से बात करवाई। दीपिका ने बताया कि उनका मकसद ऐसी संकट की घड़ी में जहां गांवों में जाकर लोगों की मदद करना है। वहीं, मुख्यमंत्री के साथ गांव के सरपंच की बात करवाना है, जिससे सीएम और पंचायतों का सीधा संपर्क बना रहे। समाज सेविका ने गांव बलौंगी में जरूरमंदों को राशन की मदद करने के अलावा सैनिटाइजर भी बांटे।
इससे पहले उन्होंने मोगा के गांवों में भी लोगों की इसी तरह मदद की है।
बता दें कि कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में कर्फ्यू लगा है। लॉकडाउन में लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं है। ऐसे में लोगों को कोई दिक्कत न आए, इसके लिए प्रशासन की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा कोई गरीब भूखा न रह जाए इसके लिए लोगों की ओर से लंगर लगाए जा रहे हैं।
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जीरकपुर-पटियाला हाईवे पर तेज रफ्तार फॉरच्यूनर ने एक्टिवा को मारी टक्कर...

जीरकपुर। जीरकपुर-पटियाला हाईवे पर स्थित एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट पर शुक्रवार एक फॉरच्यूनर कार ने सड़क क्रॉस कर रहे एक्टिवा सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में एक्टिवा सवार वेटरिनरी डाक्टर की मौत हो गई है। पुलिस ने मृतक के बेटे की शिकायत पर कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मृतक की पहचान गांव छत के रहने वाले करनैल सिंह पाबला के रूप में हुई है, वह एक वेटरिनरी डाक्टर थे।
पुलिस को दी शिकायत में एक पंजाबी अखबार के पत्रकार अवतार सिंह पाबला ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे उनके पिता करनैल सिंह अपने एक्टिवा स्कूटर पर सवार होकर दयालपुरा में एक बीमार पशु का इलाज करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान जब वह एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट के पास पहुंचे तो बनूड़ की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार फॉरच्यूनर कार चालक ने लापरवाही करते हुए सड़क पार कर रहे एक्टिवा को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में उनका सिर नीचे सड़क पर टकरा गया और वह गंभीर जख्मी हो गए। इसके बाद उन्हें पुलिस की मदद से एंबुलेंस में पहले एमकेयर हॉस्पिटल पहुंचाया गया। यहां पर उनकी गंभीर हालत को देख डॉक्टरों ने पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में दाखिल करनैल सिंह दम तोड़ दिया। जांच अधिकारी एएसआई मनदीप सिंह ने बताया कि अवतार सिंह पाबला की शिकायत पर पुलिस ने कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
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डेराबस्सी में सरेआम उड़ रहीं सामाजिक दूरी की धज्जियां

डेराबस्सी। कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए लागू लॉकडाउन में सामाजिक दूरी की डेराबस्सी में धज्जियां उड़ाईं जा रही हैं।
वहीं इसको लागू करवाने वाले प्रशासनिक अधिकारी भी लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। रोजाना डेराबस्सी सब्जी मंडी व डेराबस्सी की सड़कों इसका उल्लंघन किया जा रहा है। उल्लंघन करने वालों में प्रशासनिक अधिकारी व नेता भी शामिल हैं। डेराबस्सी मंडी में सुबह से ही सब्जी आदि विक्रेताओं और खरीददारों की भीड़ जमा होती है। रोजाना सुबह पांच बजे से आठ बजे यह मंडी लगती है। ऐसे में यदि कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज मंडी में आ गया तो स्थिति गंभीर हो जाएगी।
लंगर बांटने वाले भी नहीं कर रहे नियमों का पालन
इस संकट की घड़ी में लंगर बांटने वाली सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं द्वारा नेक काम किया जा रहा है। लेकिन देखने में यह आया है कि कुछ संस्थाएं जिनमें ज्यादा संख्या नेताओं की है, सामाजिक दूरी का ध्यान नहीं रख रहे हैं।
चंडीगढ़-अंबाला मुख्य सड़क पर स्थित बीडीपीओ कार्यालय में बीडीपीओ की हाजिरी में पंचायतों को मिलने वाले कैमिकल बांटने के दौरान नियमों का उल्लंघन किया गया।
रसूखदारों को मिले कर्फ्यू पास
कर्फ्यू के दौरान किसी भी एमरजेंसी के लिए पंजाब सरकार ने कर्फ्यू पास जारी करने का फैसला किया है। लेकिन सब डिवीजन डेराबस्सी में यह पावर एसडीएम डेराबस्सी को दी गई है। देखने में यह आ रहा है कि सत्ताधारी पार्टी के नेताओं व उनके इशारे में कुछ रसूखधार लोगों को धड़ल्ले से पास जारी किए जा रहे हैं। कुछ नेता अपने घर से ही पास जारी कर रहे हैं। जिनके पास पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों के साईन किए हुए पास पड़े हैं जो कि गैरकानूनी है।
इस संबंधी एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बावा ने कहा कि पूरी जांच के बाद ही पास जारी किए जा रहे हैं। अगर कोई सामाजिक दूरी का उल्लंघन कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सब्जी मंडी में जल्द ही सारे नियम लागू करवाए जाएंगे।
कैप्शन- डेराबस्सी बीडीपीओ कार्यालय में पंचायतों को सैनिटाइजर बांटने के दौरान किया जा रहा सामाजिक दूरी का उल्लंघन।
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कोरोना का पॉजिटिव केस आने के बाद गांव चतामली सील

कुराली। गांव चतामली में कोरोना वायरस का पॉजिटिव केस सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। गांव को पूरी तरह सील करके पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। पीड़ित परिवार के 7 सदस्यों को आइसोलेेशन वार्ड और कुराली के सिविल अस्पताल के 8 स्टाफ सदस्यों के सैंपल लेकर उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
गांव चतामली वासी मोहन सिंह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। अचानक सेहत खराब होने कारण उन्हें कुराली के सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने चंडीगढ़ रेफर कर दिया था। चंडीगढ़ के सेक्टर-16 के सिविल अस्पताल में उपचाराधीन मोहन का शुक्रवार शाम कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। पुलिस और सेहत विभाग की टीमों ने गांव पहुंचकर गांव को पूरी तरह से सील कर दिया। सेहत विभाग ने मोहन सिंह की पत्नी और पुत्र सहित परिवार के 7 सदस्यों को रूपनगर के सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा हुआ है।
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कोरोना के डर से बढ़ रही मानसिक मरीजों संख्या

जीरकपुर। कोविड-19 वायरस ने लोगों की लाइफ स्टाइल बदल कर रख दी है। इस बीमारी से बच्चों से लेकर बूढे़ तक परेशान हैं।
एक ओर जहां लोगों पर डिप्रेशन हावी होने लगा है, वहीं लोग एंग्जाइटी जैसी बीमारी से भी ग्रसित होने लगे हैं। कोरोना वायरस के चलते तो कुछ लोगों को आर्थिक तंगी ने नींद उड़ा दी है। सबसे ज्यादा परेशान निजी कंपनियों में काम करके आठ से10 हजार रुपये की मासिक तनख्वाह पाने वाले मुलाजिम हैं।
क्योंकि 21 दिनों के लॉकडाउन के आधे पड़ाव में ही आर्थिक तंगी उन्हें सताने लगी है। इस तरह के मामले मनोरोग चिकित्सकों के पास आ रहे हैं। डॉक्टर व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए पहले मरीज की काउंसलिंग कर रहे हैं और उसके बाद उनका उपचार। इसका खुलासा डॉ. राजीव त्रेहन ने किया है। डॉ. त्रेहन ने बताया कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल व यूपी से उन्हें व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए लोग अपनी समस्याएं बता रहे हैं। उनके पास पूरे दिन में रोजाना 20 से 25 कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से बचना है तो 21 दिनों तक लॉकडाउन का निष्ठा के साथ सबको पालन करना चाहिए। तभी इस बीमारी से निजात मिल सकती है। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखें।
कई लोगों में चिड़चिड़ापन
डॉ. त्रेहन ने बताया कि कई लोगों में लॉकडाउन के दौरान चिड़चिड़ापन देखने को मिल रहा है। ये चिड़चिड़ापन कई वजहों से हो सकता है। हो सकता है वो घर से बाहर जाना चाहते हों लेकिन वह जा नहीं पा रहे हों। हो सकता है उन्हें अपनी नौकरी जाने का डर हो या ये भी हो सकता है कि उन्हें ये डर सता रहा हो कि कहीं उनको या उनके किसी परिवार के सदस्य को कोरोना अपना शिकार न बना ले। डॉक्टरों की भाषा में इसे एंग्जाइटी कहते हैं। इसे सही समय पर कंट्रोल करना बहुत जरूरी है नहीं तो आगे जाकर ये डिप्रेशन बन सकती है।
डर से बचने का उपाय है खुद को समझाना
डॉक्टर त्रेहन ने बताया कि लोगों के मन में कोरोना का डर बना हुआ है। इस डर से बचने का एक उपाय है खुद को समझाएं कि आप अकेले नहीं है जिस पर ये परेशानी आई है। पूरी दुनिया भर में लोग भी इस बीमारी की चपेट में हैं, ये बीमारी अचानक नहीं होगी और न ही सिर्फ आपको होगी। फिलहाल दो परिस्थितियां हैं उन पर गौर करें और स्थिति को समझने की कोशिश करें। इस बात को समझें की कोरोना से मरने वाले मरीजों की तादाद बेहद कम है, जबकि इससे ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है। इसलिए घर में रहिए और सुरक्षित रहिए।
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जनता नाकाः खबरदार! न कोई गांव में आएगा न जाएगा

जीरकपुर। जीरकपुर के कई गांवों में अब ग्रामीणों ने बाहरी व्यक्ति या वाहन को न घुसने देने के लिए पहरा लगाना शूरू कर दिया है।
ऐसा लोहगढ़, पभात और नाभा गांव में किया गया है। इन तीनों ही गांव के निवासियों ने
गांव में पहरे की व्यवस्था इसलिए की है क्योंकि यहां से बाहर की गाड़ियां निकलती थीं। ऐसी स्थिति में अब इन गांव से होकर बाहर की गाड़ियां नहीं निकलेंगी।
पभात के पूर्व एमसी सुरेंद्र सिंह छिंदा ने बताया कि गांव से होकर कई गाड़ियां गुजरती थीं। ऐसी स्थिति में गाड़ियों को रोकने के लिए यहां रस्सी लगाकर पहरा देने की शुरुआत की गई है।
इमरजेंसी में देते हैं छूट
यदि कोई ऐसी गाड़ी आती है जिसको इमरजेंसी है तो उसको जाने दिया जाता है।
नाभा के लकी ने बताया कि गांव में तीन दिन पहले से रस्सी बांधकर पहरे की व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत दो-दो लोगों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रयास यह है कि बेवजह कोई भी व्यक्ति घर से न निकले। लोहगढ़ के गुरचरण सिंह चन्नी
ने बताया कि लॉकडाउन में नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए यहां जनता नाका लगाया गया है। प्रयास यह है कि यहां से बेवजह न तो कोई गाड़ी आए और न ही जाए। यदि गांव से भी कोई बाहर जाता है तो वह भी स्पष्ट कर देता है कि कहां जा रहे हैं।
लोहगढ़ में दो जगह रास्ता बंद
लोहगढ़ में दो जगह गांव के लोगों ने रास्ता बंद किया गया है। एक जगह तार और दूसरी जगह बांस से रास्ते को घेरा गया है। इन दोनों जगहों पर लोग नियमित पहरेदारी भी कर रहे हैं। सिर्फ इमरजेंसी में आने जाने वालों के लिए रास्ता खोला जा रहा है। गांव के लोगों का मानना है कि लॉकडाउन का पालन करेंगे तभी कोरोना वायरस से निजात मिल सकती है।
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कोरोना: मोहाली में फंसे लिथुआनिया के नागरिक को 'बजरंगी भाईजान' ने पहुंचाया वतन, बोला- थैक्यू

दुनिया भर में कोरोना महामारी के चलते भारत में लगे कर्फ्यू के दौरान मोहाली में फंसे एक लिथुुआनिया के नागरिक को उसके देश पहुंचाने के लिए पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर ने बड़ी बजरंगी भाईजान की भूमिका निभाई है। पुलिस इंस्पेक्टर के प्रयास से जहां विदेशी युवक अपने देश सकुशल पहुंच पाया है। वहीं, उक्त विदेशी ने अपने देश में जाकर वहां पंजाब पुलिस के प्रयास की प्रशंसा की और भारत के तुरंत कोरोना मुक्त होने की दुआ भी मांगी है।

इस लिथुुआनियन नागरिक ने भारत के लोगों से अपील की है कि कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंस बनाए रखें। इस नेक काम को अंजाम देने वाले हैं थाना फेज-8 के एडिशनल एसएचओ सब इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह। जी हां अमनदीप सिंह का कहना है कि उन्होंने बस अपना काम किया है। ये ही सच्ची मानवता है और वह आगे भी इसी तरह अपनी ड्यूटी निभाते रहेंगे।

फेज-9 की मार्केट में परेशान घूम रहा था लिथुुआनियन नागरिक आर्थर
एडिशनल एएसचओ अमनदीप सिंह ने बताया कि गत 25 मार्च सुबह करीब साढ़े 9 बजे वह ड्यूटी के दौरान राउंड पर निकले हुए थे। जब वह फेज-9 की मार्केट में पहुंचे तो उन्हें अचानक एक विदेशी युवक दिखाई दिया। जब वह उसके पास गए तो वह फोन पर किसी से बात कर रहा था। जब उन्होंने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका नाम आर्थर है और वह लिथुुआनिया का रहने वाला है।

भारत में लॉकडाउन की वजह से वह परेशानी में है। उन्होंने उससे पूछा कि वह उसकी क्या सेवा कर सकते है तो आर्थर ने जवाब दिया कि वह अपने देश की अंबेसी से संपर्क कर रहा है। इस पर अमनदीप सिंह ने आर्थर से कहा कि मेरा फोन नंबर नोट कर लो अगर आपकी अंबेसी में बातचीत नहीं हो पाती तो मेरे फोन पर कॉल कर लेना। इसके बाद वह उसे अपना फोन नंबर देकर आ गए।
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