विज्ञापन
विज्ञापन
विवाह में आ रही है दिक्कत,जन्म कुंडली से जानें निवारण का उपाय
JANAM KUNDALI

विवाह में आ रही है दिक्कत,जन्म कुंडली से जानें निवारण का उपाय

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

कैप्टन बोले- दिल्ली में चौंकाने वाले दृश्य, कुछ तत्वों द्वारा हिंसा अस्वीकार्य, किसानों से सीमा पर लौटने की अपील

दिल्ली में किसान परेड के चलते बेकाबू हो रहे हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आंदोलनकारी किसानों से अपील की है कि वह तुरंत दिल्ली खाली कर बॉर्डर पर अपने धरना स्थलों पर लौट आएं। लाल किले पर किसानों द्वारा कब्जा कर अपना झंडा लहराए जाने के दृश्य से हैरान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि दिल्ली में दृश्य चौंकाने वाले हैं। कुछ तत्वों द्वारा फैलाई जा रही हिंसा अस्वीकार्य है।

उन्होंने चिंता जताई कि यह हालात शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे किसानों द्वारा स्थापित सद्भावना को नकार देगा। कैप्टन ने आगे लिखा कि किसान नेताओं ने खुद को अलग कर लिया है और ट्रैक्टर रैली को निलंबित कर दिया है। कैप्टन ने लिखा कि मैं सभी वास्तविक किसानों से दिल्ली को खाली करने और सीमाओं पर लौटने का आग्रह करता हूं।



दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर जो हुआ वह निदंनीय : भारत भूषण आशु
गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में जो भी हुआ है, वह निंदनीय है। इस तरह के मामले देशहित में नहीं है। यह बात पंजाब के कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु ने कही। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कोई भी किसान यूनियन इस तरह की हिंसा नहीं चाहती है लेकिन कुछ शरारती तत्व है, जिन्होंने इस तरह का हंगामा किया है। हम आज भी यही चाहते है कि केंद्र सरकार इन तीन कानूनों को वापस ले। क्योंकि कानून किसान और पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।
... और पढ़ें
कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)

दिल्ली में तनाव के मद्देनजर पंजाब में हाई अलर्ट जारी, कैप्टन ने डीजीपी को दिया ये निर्देश

दिल्ली में मंगलवार को किसान परेड के दौरान कुछ तत्वों द्वारा की गई हिंसा को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने असहनीय बताया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे दिल्ली को तुरंत छोड़ दें और सीमा पर वापस आ जाए, जहां वे पिछले दो महीनों से  शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हिंसा और तनाव को देखते हुए पंजाब में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।  

मुख्यमंत्री ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि राज्य में किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था को न बिगड़ने दिया जाए। स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा स्पष्ट रूप से कुछ लोगों द्वारा शुरू की गई थी। जिन्होंने दिल्ली पुलिस और किसान यूनियनों के बीच आपसी समझौते में ट्रैक्टर मार्च के लिए निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया। 

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन असामाजिक तत्वों ने किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को बाधित किया। कैप्टन ने ऐतिहासिक लाल किले और राष्ट्रीय राजधानी में कुछ अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर हुई घटनाओं की निंदा भी की।  कैप्टन ने कहा कि आंदोलनकारी किसानों को तुरंत राष्ट्रीय राजधानी को खाली करना चाहिए और सीमा पर वापस आ जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा असहनीय है। यह किसानों के आंदोलन पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।  किसान नेताओं ने खुद को दूर किया और ट्रैक्टर रैली को निलंबित कर दिया। कैप्टन ने किसानों को संयम बरतने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों द्वारा लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था को हर कीमत पर बनाए रखा जाना चाहिए।
... और पढ़ें

रवनीत बिट्टू बोले- योगेंद्र यादव व केजरीवाल ने रची मुझ पर हमले की साजिश, दोनों अर्बन नक्सलवाद के जन्मदाता

सिंघु बॉर्डर पर रविवार को हुए हमले के बाद सांसद बिट्टू सोमवार को अपने फेसबुक पेज पर लाइव हुए। उन्होंने कहा कि वे सिंघु बॉर्डर पर किसानों के पास नहीं गए थे बल्कि गुरु तेग बहादुर मेमोरियल में रखे जन संसद समारोह में हिस्सा लेने गए थे। उन्होंने कहा कि जिस अर्बन नक्सलवाद की बात की जा रही है उसके जन्मदाता योगेंद्र यादव और केजरीवाल हैं। दोनों मिले हुए हैं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि हमले की साजिश भी योगेंद्र यादव और केजरीवाल ने रची थी। इसका सबूत है कि हमले में शामिल एक व्यक्ति पट्टी में आम आदमी पार्टी का इंचार्ज है। उसकी फोटो उन्होंने फेसबुक पर दिखाई। उन्होंने कहा कि हमले की जांच चाहे पंजाब पुलिस करे या दिल्ली पुलिस। वह कोई शिकायत नहीं देंगे। 

सांसद बिट्टू ने कहा योगेंद्र यादव ने ही हरियाणा के किसान नेता चढूनी को एक साजिश के तहत बाहर किया है। योगेंद्र यादव खुद हरियाणा में अपना राजनीतिक मैदान तलाश रहे हैं। किसान नेता चढूनी को राजनीतिक मंच साझा करने की बात कहकर बाहर किया गया। वहीं रविवार को जन संसद समारोह में योगेंद्र यादव किस हैसियत से एक घंटा संबोधित करके गए हैं। इस समारोह में देशभर से विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के सांसद व विधायक थे। किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान नेताओं को यह जवाब अब योगेंद्र यादव से लेना चाहिए। उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए, तभी यह किसान आंदोलन कामयाब होगा। 

बिट्टू ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिरकार किसान नेताओं ने योगेंद्र यादव जैसे लोगों को आगे क्यों लगा रखा है। उनके पास न तो ट्रैक्टर-ट्राली और न ही कोई जमीन। योगेंद्र यादव सीएम की तरह एक बड़ी कुर्सी लेकर बैठते हैं जबकि हमारे किसान नेता उनके सामने ऐसे ही बैठ जाते हैं। जैसे सबसे ज्यादा समझदार वही हों। जन संसद मंच पर हुए हमले पर बिट्टू ने कहा कि एक हमलावर के पास पिस्तौल भी थी। 

वह उसे निकाल रहा था लेकिन एक गुरसिख युवक ने आगे आकर उन्हें बचाया। यहीं नहीं हमलावरों में लाल पगड़ी में हलका पट्टी में आम आदमी पार्टी का इंचार्ज था। उसे केजरीवाल का दाहिना हाथ माना जाता है। उसके साथ के लोग कह रहे थे कि इन तीनों को जिंदा नहीं जाने देंगे। इन बातों से साफ है कि हमले के पीछे योगेंद्र यादव और केजरीवाल थे। बिट्टू ने कहा कि उन पर हमले की जिम्मेदारी गुरिल्ला फ्रंट ने ली है जो जालंधर का है।
... और पढ़ें

किसान परेड को पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में जबरदस्त समर्थन, लोगों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च

पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में कृषि कानूनों के विरोध में और किसान आंदोलन के समर्थन में कई जगह ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। पंजाब के तरनतारन के गांव पलासौर में पूर्व सरपंच परमिंदर सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टरों पर आस पड़ोस के विभिन्न गांव में ट्रैक्टर मार्च निकाला। 

मार्च निकाल रहे किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर कृषि कानून वापस लेने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि यदि केंद्र सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेती तो उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।



बठिंडा में कृषि कानूनों के विरोध में गांव भिसिआना के छोटे बच्चों ने किसानों के हक में 15 किलोमीटर तक साइकिल पर रोष मार्च निकाला। किसानों ने मेन हाईवे से लेकर दाना मंडी तक 8 किलोमीटर लंबा ट्रैक्टर मार्च निकाला। साइकिल मार्च में शामिल बच्चों गुरमन सिंह और लवप्रीत सिंह ने कहा कि मोदी सरकार देश के किसानों की मांग माने और कृषि कानूनों को वापस ले। अगर किसानों की जमीन बचेगी, तभी उन जैसे किसानों के बच्चे स्कूलों में पढ़ पाएंगे। उन्होंने बताया कि वे आस पास के 15 किलोमीटर एरिया में पड़ते सभी गांव से साइकिल मार्च को निकाल कर लोगों को अपने साथ जोड़ेंगे। 

अमृतसर में किसान जत्थेबंदियों और कामरेड जत्थेबंदियों ने विभिन्न इलाकों से ट्रैक्टर मार्च और मोटरसाइकिल मार्च निकाला। वहीं जालंधर में किसानों के समर्थन में स्थानीय व्यापारियों और कांग्रेसी नेताओं ने रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तीनों कानून किसानों के लिए काले कानून हैं। मार्च कंपनी बाग चौक तक गया। संगरूर में भी किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला।



मोहाली के लालडू में कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने गांव में रोष रैली निकाली और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने गांव के महाराणा प्रताप गेट के सामने एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।  
 
... और पढ़ें

कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुखबीर बादल ने किसानों से परेड में शांति बनाए रखने की अपील की

अमृतसर में मार्च निकालते लोग।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों द्वारा गणतंत्र दिवस पर निकाली जा रही ट्रैक्टर परेड को भारतीय गणराज्य और इसके सांविधानिक नैतिक मूल्यों का जश्न करार दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने किसानों को ट्रैक्टर परेड के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से भी एक बार फिर भारतीय गणतंत्र की सच्ची भावना में किसान समुदाय का संकट सुलझाने के लिए उनकी आवाज सुनने की अपील की है।

कैप्टन ने कहा कि यह बड़े दुख की बात है कि हमारा संघीय ढांचा मौजूदा हुकूमत के अधीन सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है। जिस मनमर्जी से बिना किसी बहस या विचार-चर्चा के तीन कृषि कानून लागू किए गए, वह ढंग दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में बर्दाश्त करने योग्य नहीं हो सकता।

केंद्र सरकार के पास कृषि जैसे राज्यों से संबंधित विषय पर कानून बनाने का कोई अधिकार है ही नहीं और कृषि कानूनों को लागू करना हमारे संविधान और संघीय ढांचे के सिद्धांत का सरासर उल्लंघन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक साझी लड़ाई है, जिसमें उनकी सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
... और पढ़ें

निकाय चुनाव : किसान आंदोलन के कारण भाजपा को उम्मीदवारों का संकट, पदाधिकारियों को बनाया विकल्प  

पंजाब में विधानसभा चुनाव में अकेले कूदने का मन बना चुकी भारतीय जनता पार्टी को किसानों का विरोध देखते हुए निकाय चुनाव में ही रणनीति बदलनी पड़ रही है। कमजोर उम्मीदवारों के बजाय पार्टी ने अपने पदाधिकारियों को ही चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। इसमें बूथ, मंडल, जिला और प्रदेश पदाधिकारियों को पार्टी टिकट देगी। चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में पार्टी को संबंधित सीट से पदाधिकारियों को मजबूत विकल्प देना होगा।

कृषि कानूनों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई इन दिनों बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही है। भाजपा के नेता पिछले दो माह से कृषि कानूनों को लेकर किसानों का विरोध झेल रहे हैं। निकाय चुनाव के दौरान भी प्रचार प्रसार करने वाले पार्टी के नेताओं को किसानों का विरोध झेलना पड़ रहा है। ऐसे में निकाय चुनाव में पार्टी के सामने उम्मीदवारों का संकट खड़ा हो गया था।


कार्यकर्ताओं ने तो प्रदेश स्तरीय बैठकों में बिना पार्टी सिंबल के चुनाव लड़ने की वकालत तक कर दी थी। इन सब मुश्किलों के बीच में भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम ने बड़ा फैसला किया है। कोर कमेटी की बैठक में भाजपा प्रभारी ने उम्मीदवारों के संकट से उबारने के लिए अब संगठन पदाधिकारियों को चुनाव लड़ने के निर्देश दिए हैं। भाजपा प्रभारी ने कहा है कि यदि संबंधित सीट से संगठन पदाधिकारी चुनाव नहीं लड़ता है तो उसे एक बेहतर विकल्प पार्टी को देना होगा।

उन्होंने संगठन पदाधिकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा है कि भाजपा तब भी पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ती थी, जब प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो जाती थी, लेकिन अब तो पार्टी का जनाधार बढ़ने के साथ ही पार्टी के विधायक और सांसद भी हैं।

वरिष्ठ पदाधिकारी भी लड़ेंगे चुनाव
निकाय चुनाव में इस बार भाजपा बूथ, मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को चुनाव में उतारेगी। पार्टी के सूत्रों के अनुसार भाजपा में उम्मीदवारों को लेकर गहन मंथन चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि 27 या 28 जनवरी तक उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी। इधर, भाजपा प्रभारी ने दावा किया है कि आज भले ही परिस्थितियां कुछ भी हों, लेकिन पार्टी इस सेमीफाइनल और फाइनल दोनों को जीतेगी।

लुधियाना में बनेगा चुनाव कार्यालय
निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी चुनाव कार्यालय चंडीगढ़ के बजाय लुधियाना में बनाएगी। 30 जनवरी से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद पार्टी का मुख्यालय चंडीगढ़ से लुधियाना स्थानांतरित कर दिया जाएगा। जहां से प्रदेश स्तर के पदाधिकारी चुनाव को लेकर नजर रखेंगे और रणनीति तय करेंगे।

पंजाब में आसान नहीं है डगर
किसान आंदोलन को देखते हुए एनडीए के घटक में से अकाली दल पहले ही अलग हो चुका है। अकालियों ने अपने लिए अलग राह चुन ली है। जिसे देखते हुए पार्टी का पूरा ध्यान पंजाब पर है। हरियाणा में निकाय चुनाव के नतीजों की बानगी पार्टी के सामने आ चुकी है। यहां किसान आंदोलन के कारण पार्टी को तीन में से निगम की एक ही सीट हासिल हुई। ऐेसे में पंजाब में भी डगर आसान नहीं है।
संगठन चुनाव के लिए ही तैयार किया जाता है, परिस्थितियां चाहे सम हों या विषम। निकाय चुनाव में इस बार जो भी संकट आ रहे हैं उनसे मुस्तैदी के साथ भाजपा लड़ेगी और जीत सुनिश्चित करेगी। संगठन पदाधिकारियों को भी बैठक के दौरान कुछ जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं, जिन पर सख्ती से पालन करने को कहा है। - दुष्यंत गौतम, भाजपा प्रभारी, पंजाब राज्य
... और पढ़ें

वंदेमातरम के नारों से गूंजा अटारी बॉर्डर, देखें- बीटिंग रिट्रीट में जवानों का शौर्य, भयजदा हुआ दुश्मन

पटियाला में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फहराया तिरंगा, पढ़ें - पंजाब में कहां किसने किया ध्वजारोहण 

पंजाब में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। राज्य स्तरीय समारोह पटियाला में आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। इस दौरान सीएम ने कहा कि वह किसानों के साथ हैं। 

बठिंडा के हॉकी स्टेडियम में कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने की रस्म अदा की। कोरोना के कारण समागम में केवल पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। इस बार स्कूली बच्चों की परेड भी नहीं हुई।  रोपड़ में पंजाब सरकार के मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने नेहरू स्टेडियम में राष्ट्रीय झंडा फहराया। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को सिलाई मशीनें बांटीं और सतलुज दरिया पर लगे गेटों का उद्घाटन किया।



लुधियाना में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह गुरुनानक देव स्टेडियम में आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य मेहमान कैबिनेट मंत्री सुखबिंदर सरकारिया थे। उन्होंने तिरंगा झंडा फहराने की रस्म अदा की और परेड की सलामी ली। गणतंत्र दिवस समारोह में दौरान बेहतरीन काम करने वालों को सम्मानित किया गया।  अमृतसर में गुरु नानक स्टेडियम में पंजाब के मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने तिरंगा झंडा फहराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक पंजाब सरकार इन कानूनों के विरुद्ध संघर्ष जारी रखेगी। कांग्रेस किसानों के इस आंदोलन को पूरा समर्थन देती रहेगी।    



कपूरथला के गुरु नानक स्टेडियम में कैबिनेट मंत्री ओपी सोनी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस समय दौरान विभिन्न विभागों की ओर से झांकियां पेश की गई। कोरोना के समय बेहतरीन कार्य करने वालों और विभिन्न क्षेत्रों में बढिया प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया।  



मुक्तसर के गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में मनप्रीत सिंह बादल ने पहुंचकर राष्ट्रीय ध्वज फहाराया। जलालाबाद-टिब्बी साहिब रोड के पास शहीद भगत सिंह स्मारक पर शहीद भगत सिंह क्लब की ओर से जवानों व किसानों को समर्पित गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया गया।  



जालंधर में गणतंत्र दिवस में कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी ने तिरंगा फहराया। इस दौरान कोरोना काल में मुख्य भूमिका निभाने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। वहीं संगरूर में स्थानीय पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस दौरान झंडा फहराने की रस्म कैबिनट मंत्री गुरप्रीत सिहं कांगड़ ने अदा की। फतेहगढ़ साहिब में मंगलवार को गणतंत्र दिवस पर पंजाब के खाद्य आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने की रस्म अदा की। ... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

विज्ञापन
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X