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पंजाब में शिक्षा विभाग हुआ सख्त, नवंबर और दिसंबर में अध्यापक नहीं ले पाएंगे छुट्टियां

साल के आखिरी दो महीनों में पंजाब के सरकारी स्कूलों में तैनात अध्यापकों द्वारा अचानक ली जाने वाली छुट्टियों पर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। शिक्षा विभाग ने तय किया है कि नवंबर व दिसंबर महीने में अध्यापक दो से अधिक अचानक छुट्टियां नहीं ले पाएंगे। क्योंकि यह समय बच्चों की पढ़ाई के लिए सबसे अहम होता है।

अध्यापकों की छुट्टियों से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। शिक्षा विभाग की तरफ से इस संबंध में सभी स्कूलों व जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेज दिए गए हैं। साथ ही हिदायत दी गई है कि नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में सभी अध्यापकों से सहयोग की अपील की गई है।

एक तो कोविड काल चल रहा है, ऐसे में उस हिसाब से पहले ही पढ़ाई नहीं हो रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों को लिखे गए पत्र में साफ किया गया है कि नवंबर और दिसंबर साल के आखिरी महीने होते हैं। ऐेसे में अध्यापक अपनी छुट्टियां खत्म करने के लिए अचानक छुट्टियां करना शुरू कर देते हैं। इन आदेश की शिक्षा विभाग द्वारा देखरेख की जाएगी। नियम तोड़ने वाले अध्यापकों पर कार्रवाई भी होगी।। इस संबंधी आदेश डायरेक्टर शिक्षा विभाग की तरफ से जारी कर सभी विभागों को भेज दिए गए हैं।

हर साल सात हजार विद्यार्थी देते हैं बोर्ड परीक्षाएं
पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ली जाने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षा में हर साल सात लाख विद्यार्थी बैठते हैं। राज्यों के स्कूलों में हजारों अध्यापक काम करते हैं, जिन पर यह आदेश लागू होंगे। हालांकि शिक्षा विभाग की तरफ से सिलेबस महीने के हिसाब से बांटा हुआ है। लेकिन सरकार की कोशिश है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

ऑनलाइन करवाई जा रही है पढ़ाई
जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग की तरफ से अधिकतर कक्षाओं की ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है। शिक्षा विभाग की तरफ से बच्चों को टीवी, रेडियो और अन्य संचार साधनों की मदद से पढ़ाई करवाई जा रही है। इसके साथ ही पढ़ाई को दिलचस्प बनाने के लिए कई अन्य कदम भी उठाए जा रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर। सांकेतिक तस्वीर।

हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी- आरोपी की गोली पीड़ित को नहीं लगी, इस आधार पर नहीं दी जा सकती जमानत

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट कर दिया कि याची की चलाई गोली पीड़ित को नहीं लगी, इस आधार पर जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। याचिका दाखिल करते हुए लुधियाना निवासी जतिंदर सिंह ने हाईकोर्ट से 31 मई को दर्ज हत्या के प्रयास मामले में अग्रिम जमानत की मांग की थी। 

याची ने बताया कि उसने शिकायतकर्ता के पिता पर नहीं हवा में गोली चलाई थी। याची ने कहा कि गोली जब किसी को छुई तक नहीं तो कैसे हत्या के प्रयास की धारा उस पर लगाई जा सकती है। जमानत का विरोध करते हुए पंजाब सरकार ने कहा कि शिकायतकर्ता के पिता पर ही गोली चलाई गई थी लेकिन निशाना चूकने के कारण वह बच गए। इसके साथ ही याची की हिरासत आवश्यक है क्योंकि अभी तक हथियार बरामद नहीं हुआ है।

 हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर कि शिकायतकर्ता का पिता बच गया हत्या के प्रसास की धारा से याची को बचाने के लिए काफी नहीं है। जिन परिस्थितियों का हवाला दिया जा रहा है वह, ट्रायल कोर्ट को तय करना है। लेकिन याची से हिरासत में पूछताछ जरूरी है ताकि हथियार बरामद किया जा सके। अभी दी गई जमानत जांच को प्रभावित कर सकती है। इन्हीं टिप्पणियों के साथ हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
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पंजाब में बस संचालकों को बड़ी राहत, टैक्स में 100 फीसदी छूट, बकाया राशि जमा कराने की तारीख बढ़ी

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य के बस संचालकों को शुक्रवार को एक बड़ी राहत दी है। सभी स्टेज कैरिज, मिनी और स्कूल बसों के लिए मोटर व्हीकल टैक्स पर 100 प्रतिशत टैक्स माफी 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही टैक्स की बकाया राशि, ब्याज और जुर्माने के बिना अदायगी को भी 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दिया गया है। 

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस कदम से परिवहन क्षेत्र को 100 करोड़ रुपये का कुल वित्तीय लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने परिवहन मंत्री रजिया सुल्ताना को यह भी निर्देश दिए हैं कि मिनी प्राइवेट बस मालिकों की समस्याएं अगले हफ्ते तक निपटा दी जाएं। मुख्यमंत्री द्वारा इन फैसलों और दिशानिर्देशों का एलान राज्य की विभिन्न प्राइवेट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों के साथ एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के दौरान किया गया। इस मौके पर परिवहन मंत्री रजिया सुल्ताना के अलावा वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और परिवहन विभाग के सचिव के शिवा प्रसाद भी मौजूद रहे। 

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर अवकाश
पंजाब सरकार ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के मौके पर 31 अक्तूबर को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 के तहत अवकाश घोषित कर दिया है। 31 अक्तूबर को पंजाब सरकार के सभी दफ्तरों, बोर्ड-निगमों और सरकारी शैक्षिक संस्थानों में छुट्टी रहेगी। पंजाब सरकार ने 23 दिसंबर, 2019 के अपने नोटिफिकेशन में महाशिवरात्रि, रामनवमी और जन्माष्टमी पर्व को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 के तहत वर्ष 2020 के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था लेकिन महर्षि वाल्मीकि जयंती को इस सूची में शामिल नहीं किया गया था। आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कांफेडरेशन (पंजाब) द्वारा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से किए आग्रह के बाद पंजाब सरकार ने 31 अक्तूबर को अवकाश की घोषणा करते हुए इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
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आपको कैसे लगी नशे की लत, स्वास्थ विभाग करेगा पता, अपनाएगा जांच का ये तरीका

पंजाब के युवाओं को नशे की आदत कैसे लगी, यह जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों के पेशाब की जांच कराकर आदत डालने वाली दवाओं और अन्य नशीले पदार्थों के उपयोग की जानकारी ले सकेगा। अभी विभाग ने सूबे के दो जिलों संगरूर और तरनतारन में पायल प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है।

पंजाब के युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए पंजाब सरकार लगातार इस पर अंकुश लगाने के प्रयास कर रही है। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो भविष्य में इसे अन्य जिलों में भी शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि अब तक चार हजार से अधिक मरीजों की जांच की जा चुकी है, जिससे उनके शरीर में आदत डालने वाली दवाएं और नशीले पदार्थों की तीव्रता की जांच की जा सके।

इस जांच के अनुसार उनका मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा इलाज करवाया जा सके। इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य इन नशामुक्ति और पुनर्वास केंद्रों की निगरानी की तरफ ध्यान केंद्रित करना है, जिससे मरीजों को उनकी डॉक्टरी जरूरतों के अनुसार मानक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें।

35 सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में भी शुरू हुई व्यवस्था
यह सेवाएं 35 सरकारी नशामुक्ति केंद्रों और 199 सरकारी ओट क्लीनिकों के नेटवर्क द्वारा दी जा रही हैं और साथ ही राज्य में 135 निजी नशामुक्ति केंद्रों को भी इलाज के लिए अधिकृत किया गया है। नशामुक्ति मुहिम में लोगों को नशामुक्ति इलाज सेवाएं मुहैया करवाने के लिए एक प्रोग्राम में पीड़ितों का विश्वास बनाए रखने के लिए इन दो जिलों के केंद्रों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किए गए हैं।

5.95 लाख मरीज हुए पंजीकृत
अब तक 5.95 लाख मरीजों को नशामुक्ति प्रोग्राम के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है। मरीजों को इलाज मुहैया करवाने के लिए 9 केंद्रीय जेलों में भी यह मुफ्त सेवाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य बड़े स्तर पर निवेश, बड़े स्तर पर सुविधाएं मुहैया करवाना ही इस प्रोग्राम का मुख्य लक्ष्य है।
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हरियाणा में कोरोना से 11 की मौत, पंजाब में 19 ने गंवाई जान, 433 नए पॉजिटिव मिले

सांकेतिक तस्वीर।
हरियाणा में कोरोना वायरस से 11 और मरीजों की मौत हो गई, जबकि 210 मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है। गुरुग्राम में तीन, हिसार में चार, पंचकूला में दो, कुरुक्षेत्र में एक व यमुनानगर में एक मरीज ने संक्रमण से ग्रस्त होकर दम तोड़ दिया है। पिछले 24 घंटों में 1650 नए कोरोना केस सामने आए हैं। तो वहीं 1179 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं।

हरियाणा में अब कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 165467 हो गई है। इसमें 151839 मरीज ठीक हो गए हैं। 11851 मरीज अभी भी वायरस से ग्रस्त हैं। रिकवरी रेट 91.76 प्रतिशत है, जबकि संक्रमण की दर 6.29 प्रतिशत है। संक्रमण से मृत्यु दर 1.07 प्रतिशत है। प्रदेश में स्वास्थ्य महकमे ने 192273 मरीजों को मेडिकल सर्विलांस के दायरे में रखा है। वहीं 5235 संदिग्ध मरीजों की सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है। प्रदेश में अब तक इस संक्रमण से कुल 1777 मरीज दम तोड़ चुके हैं।

पंजाब में कोरोना से 19 की गई जान 
पंजाब में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 433 नए मामले आए। वहीं 19 मरीजों की जान चली गई। इसके अलावा ठीक हुए नए मरीजों की संख्या 577 है। शुक्रवार तक संदिग्ध मामलों की संख्या 2582787 रही। दिनभर में इकठे नमूनों की संख्या 21682 थी।

पंजाब में लुधियाना में 65, जालंधर में 65, पटियाला में 28, एसएएस नगर में 49, अमृतसर में 36, गुरदासपुर में 11, बठिंडा में 29, होशियारपुर में 27, फिरोजपुर में 10, पठानकोट में 16, संगरूर में 4, कपूरथला में 8, फरीदकोट में 17, मुक्तसर में 20, फाजिल्का में 24, मोगा में 6, रोपड़ में 6, फतेहगढ़ साहिब में 3, तरनतारन में 2, एसबीएस नगर में 3 और मानसा में 2 और बरनाला में 2 मरीज मिले हैं।
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जायदाद के बंटवारे का डर, गर्भवती होने के शक में सौतेली मां और पिता को मार डाला

बलाचौर सदर थाने के गांव बुर्ज के एक युवक ने सौतेली मां के गर्भवती होने पर मां- बाप दोनों की हत्या कर दी। पुलिस की प्राथमिक जांच में आरोपी को शक था कि उसकी सौतेली मां गर्भवती थी। जायदाद में एक और वारिस के आने की आशंका से वह नाराज था और उसने मां-बाप की हत्या को अंजाम दे दिया। 

डीएसपी दविंदर सिंह घुम्मण ने बताया कि मृतक के भाई जंगबहादुर सिंह के बयान पर हरदीप सिंह (23) के खिलाफ मां-बाप की हत्या का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जंगबहादुर सिंह ने शिकायत में बताया कि उनका भाई जोगिंदर पाल उर्फ किंग (55) करीब 30 वर्ष पहले लेबनान गया था। वहां उसने श्रीलंका निवासी कामिनी नामक महिला से शादी कर ली। 

कामिनी से जोगिंदर पाल के तीन बच्चे हैं और आरोपी हरदीप सबसे छोटा है। 24 साल पहले जोगिंदर पाल व कामिनी भारत आए और तीनों बच्चों को यहां दादा-दादी के पास छोड़कर वापस लेबनान लौट गए। वहां उनमें तलाक हो गया और कामिनी वापस श्रीलंका चली गई और जोगिंदर भारत आ गया। 

इसके बाद जोगिंदर पाल ने 2004 में परमजीत कौर (40) निवासी पटियाला से दूसरी शादी कर ली। वर्तमान में कामिनी का बेटा हरदीप गांव बुर्ज में अपने पिता व सौतेली मां के साथ रहता था। हरदीप का बड़ा भाई कुछ वर्ष पहले ग्रीस चला गया और बेटी की शादी हो चुकी है।  डीएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हरदीप को अपनी सौतेली मां परमजीत के गर्भवती होने का शक था। जायदाद में एक और वारिस के आने की आशंका से वह नाराज था। 

उसने गुरुवार रात करीब 9 बजे सौतेली मां और पिता दोनों के गले और सिर पर तेजधार हथियार से वार कर कत्ल कर दिया।  जंगबहादुर ने जब भाई जोगिंदर पाल के चीखने की आवाज सुनी तो वह दौड़कर वहां पहुंचा और भतीजे को पकड़ने की काफी कोशिश की लेकिन हरदीप अपनी गाड़ी में फरार हो गया।
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छह साल की मेहनत रंग लाई, कैंसर पर अब अधिक असर करेंगी दवाएं, पीयू के शोधार्थियों को मिली सफलता

अमृतसर में गैंगस्टरों का पीछा कर ही पुलिस टीम पर फायरिंग, गोली लगने से कांस्टेबल घायल

अमृतसर में शुक्रवार रात गैंगस्टरों ने पीछा कर रही सीआईए स्टाफ की टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसके बाद पुलिस टीम ने भी जवाबी फायरिंग की। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों में करीब 20 राउंड से ज्यादा फायरिंग की गई। गोली लगने से एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। हालांकि घटना को लेकर कोई पुलिस अधिकारी पुष्टि नहीं कर रही है।

वारदात के बाद पुलिस कमिश्नर से लेकर एसीपी स्तर के अधिकारियों की गाड़ियां तेजी से बाइपास की तरफ मूव होती दिखाई दीं। रंजीत एवेन्यू थाना, सदर थाना, मजीठा रोड थाना और वेरका थाने की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। जानकारी के मुताबिक सीआइए स्टाफ को शुक्रवार की रात सूचना मिली थी कि कुछ गैंगस्टर कार में सवार होकर नशीले पदार्थ की सप्लाई करने मजीठा रोड बाइपास से गुजरने वाले हैं। इसके बाद सीआईए की टीम ने मजीठा रोड बाइपास पर नाकाबंदी कर दी।

पुलिसकर्मियों ने एक कार को आते देख रुकने का इशारा किया गया लेकिन आरोपियों ने नाका तोड़कर कार भगा ली। सीआईए स्टाफ की तीन कारों ने कार का पीछा शुरू कर दिया। बताया जाता है कि खुद को बाइपास पर घिरते देख गैंगस्टरों ने पुलिस टीम पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इसके बाद पुलिस की टीम ने भी जवाबी फायरिंग की। बताया जा रहा है कि पुलिस और गैंगस्टरों में 20 राउंड से ज्यादा फायरिंग हुई। फायरिंग के दौरान एक गोली नवप्रीत सिंह नाम के कांस्टेबल की बाजू में लगी। बताया जाता है कि गोली नवप्रीत सिंह की बाजू को छूकर निकल गई। नजदीकी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
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