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Coronavirus: लॉकडाउन पर कोई भी फैसला राज्यों को भरोसे में लेकर लिया जाए- अशोक गहलोत

विनोद अग्निहोत्री, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 08 Apr 2020 05:27 PM IST
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अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
अशोक गहलोत (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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सार

लॉकडाउन को लेकर केंद्र जो भी फैसला ले वह राज्यों को विश्वास में लेकर करना चाहिए। क्योंकि आखिरकार जमीनी स्तर पर केंद्र के फैसले को लागू करना और कोरोना से निबटना राज्य सरकारों की ही जिम्मेदारी है।
 

विस्तार

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि 14 अप्रैल को खत्म होने वाले राष्ट्रीय लॉकडाउन के बारे में कोई भी फैसला लेने से पहले केंद्र सरकार को राज्यों को विश्वास में लेना चाहिए। गहलोत ने कहा कि अगर केंद्र को लॉकडाउन खत्म हटाने या बढ़ाने का फैसला राज्यों पर छोड़ देना चाहिए।
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क्योंकि हर राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति और आंकड़े अलग अलग हैं, इसलिए यह निर्णय राज्य सरकारों पर छोड़ देना चाहिए कि वह अपने-अपने राज्यों की परिस्थितियों और जरूरतों के मुताबिक किस सीमा तक पाबंदियां लगाएं। उन्होंने कहा कि हालांकि यह उनकी अपनी राय है और केंद्र सरकार जो भी फैसला करेगी राजस्थान सरकार उसका पालन करेगी।
जयपुर में अपने आवास से अमर उजाला से फोन पर बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को लेकर केंद्र जो भी फैसला ले वह राज्यों को विश्वास में लेकर करना चाहिए। क्योंकि आखिरकार जमीनी स्तर पर केंद्र के फैसले को लागू करना और कोरोना से निबटना राज्य सरकारों की ही जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाहिर की राजस्थान में कोरोना संक्रमण पर काबू पा लिया जाएगा। गहलोत ने कहा कि भीलवाड़ा में जिस तरह स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मुस्तैदी से काम किया है वह सिर्फ राजस्थान के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए कोरोना के खिलाफ लड़ाई का एक मॉडल है।

गहलोत ने उम्मीद जाहिर की केंद्र सरकार कोरोना से लड़ने के लिए उनके बकाए का भुगतान जल्दी करेगी और अतिरिक्त धन व संसाधन मुहैया कराएगी।

गहलोत ने कहा कि राजस्थान में स्थितियां लगभग काबू में आ गईं थी, लेकिन दिल्ली के निजामुद्दीन के तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए कुछ लोगों के लौटने से यहां हालात फिर बिगड़े। लेकिन प्रशासन ने चुस्ती से संक्रमित लोगों को क्वारंटीन करके हालात पर नियंत्रण पा लिया है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह पुलिस प्रशासन और डाक्टर व चिकित्साकर्मी राज्य में काम कर रहे हैं उससे उन्हें पूरी उम्मीद है कि राज्य को कोरोना से मुक्ति मिल जाएगी।

गहलोत ने सवाल किया कि जब भारत में कोरोन संक्रमण का पहला मामला 30 जनवरी को सामने आ गया था और फरवरी में यह संख्या बढ़ने लगी थी, तब मार्च में तब्लीगी जमात के दिल्ली कार्यक्रम को अनुमति क्यों दी गई और बाहर से आने वालों के वीसा क्यों नहीं रद्द किए गए या उन्हें हवाई अड्डे पर ही क्यों नही क्वारंटीन किया गया।

उन्होंने कहा कि आयोजकों और प्रशासन की इस लापरवाही ने पूरे देश की चिंता बढ़ा दी। गहलोत ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में राजस्थान सरकार पूरी तरह केंद्र सरकार से तालमेल बनाकर काम कर रही है।

लेकिन राज्य को ज्यादा से ज्यादा जांच किट, दवाओं और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पीपीई किटों की आवश्यकता है। केंद्र यह सब जल्दी से जल्दी मुहैया कराए। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को जो पांच सुझाव दिए हैं, सरकार को उन पर तत्काल अमल करना चाहिए।
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