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जोधपुरः फलोदी में सेना का ट्रक पलटा, छह जवान घायल

अस्पताल में दो दिन रहने के बाद आसाराम की जेल वापसी, सीने में दर्द की थी शिकायत

स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम बापू को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराने के दो दिन बाद गुरुवार को वापस जोधपुर केंद्रीय जेल लाया गया। बता दें कि आसाराम को मंगलवार आधी रात को एमडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था और विस्तृत जांच के बाद छुट्टी दे दी गई थी।

हृदय रोग विशेषज्ञ संजीव संघवी ने बताया कि उन्हें सीसीयू में निगरानी में रखा गया था। संघवी ने कहा,'विस्तृत जांच के बाद, हमने उन्हें एंजियोग्राफी कराने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने यह कराने से फिलहाल इनकार कर दिया और बाद में कराने को कहा। इसलिए हमने उन्हें कुछ दवाएं दी हैं।'

अस्पताल अधीक्षक एमके असेरी के मुताबिक उनके ब्लैडर में संक्रमण था, जिसके बाद उन्हें एक यूरोलॉजिस्ट के पास रेफर कर दिया गया, जिन्होंने उन्हें एंटीबायोटिक लिख दिए। असेरी ने कहा कि दो दिन तक उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखने के बाद दोपहर में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

उल्लेखनीय है कि जब आसाराम को अस्पताल से जेल वापस लाया जा रहा था, तब बड़ी संख्या में उनके अनुयायी वहां जुट गए। इन्हें वहां से हटाने के लिए पुलिस को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आसाराम के कई अनुयाइयों ने तो मरीज बनकर अस्पताल में घुसने की कोशिश भी की।
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जोधपुर जेल में आसाराम की तबीयत बिगड़ी, इमरजेंसी वार्ड में भर्ती

राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद आसाराम की तबीयत अचानक से बिगड़ गई, जिसके चलते आसाराम को महात्मा गांधी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। आसाराम को बेचैनी और सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। आसाराम जोधपुर की सेंट्रल जेल में नाबालिग का यौन शोषण करने के मामले में कारावास की सजा काट रहा है। 
मंगलवार रात आसाराम को जेल में बेचैनी महसूस हुई, तो पहले जेल की डिस्पेंसरी में एक घंटे तक प्राथमिक उपचार दिया गया। उसके बाद महात्मा गांधी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया, जहां आसाराम ने बताया कि उसका बीपी बढ़ जा रहा है, उसे बेचैनी हो रही है, वह ठीक से सांस नहीं ले पा रहा है। उसके घुटने भी काम नहीं कर रहे हैं। जब आसाराम को इमरजेंसी लाया गया, तो उसके संगठन के कुछ लोग भी वहां पहुंच गए, जिन्हें पुलिस ने आकर बाहर निकाला। 



अस्पताल के बाहर बड़ी तादाद में समर्थक पहुंचे
महात्मा गांधी अस्पताल में कई तरह की जांच होने के बाद आसाराम को मथुरादास माथुर अस्पताल के सीसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। जीवन कारावास काट रहे आसाराम के बीमार होने की खबर पहुंचते ही आसाराम के समर्थक अस्पताल के बाहर बड़ी तादाद में पहुंच गए।
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राजस्थान: पाकिस्तान से विस्थापित लोगों को लगा कोरोना का टीका, आधार ना होने पर दिखाया पासपोर्ट

राजस्थान के जोधपुर में पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए लोगों को पासपोर्ट दिखाने के बाद कोरोना वैक्सीन की डोज़ लगाई गई। एक व्यक्ति ने बताया, "वैक्सीन लगाने के लिए सरकार का बहुत धन्यवाद। हमारा आधार कार्ड नहीं बन रहा है फिर भी सरकार ने हमारे पासपोर्ट के आधार पर हमें वैक्सीन लगाई।"



बीकानेर में डोर टू डोर वैक्सीनेशन कैंपेन 
बता दें कि सोमवार से राजस्थान में घर-घर जाकर लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। राजस्थान के बीकानेर से इसकी शुरुआत होगी। 14 जून से बीकानेर में डोर टू डोर कैंपेन शुरू होगा। इसके तहत 45+ उम्र के लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। 

बता दें कि जानकारी के मुताबिक, डोर टू डोर कैंपेन में जब तक 10 लोगों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, तब तक वैक्सीनेशन वैन रवाना नहीं होगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वैक्सीन की एक शीशी में दस लोगों को वैक्सीन लगाई जाती है, इसलिए 10 लोगों का रजिस्ट्रेशन जरूरी है। 
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राजस्थान के जोधपुर में पाकिस्तान से विस्थापित लोगों की लगी वैक्सीन राजस्थान के जोधपुर में पाकिस्तान से विस्थापित लोगों की लगी वैक्सीन

शर्मनाक: छठी की छात्रा को फेल करने की धमकी देकर कई बार दुष्कर्म, गर्भवती हुई तो खुला राज

राजस्थान के जोधपुर में शिक्षक और छात्रा का रिश्ता कलंकित होने का मामला सामने आया है। यहां फेल करने की धमकी देकर छठी की एक छात्रा से कई बार दुष्कर्म किया गया। इस घिनौनी वारदात को दो शिक्षकों ने अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। साथ ही, मामले की जांच शुरू कर दी है। 

यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शेरगढ़ थाना अंतर्गत स्थित एक उच्च प्राथमिक विद्यालय की बताई जा रही है। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि मार्च के अंतिम सप्ताह में उसकी नाबालिग बेटी स्कूल के परिसर में थी। यहां सहीराम और सुजाराम विश्नोई नाम के शिक्षक ने उनकी छात्रा को छठी कक्षा में फेल करने का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। 

ऐसे सामने आई हकीकत
जब छात्रा की तबीयत खराब हुई तो परिजन उसे इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले गए। छात्रा की जांच के बाद पता चला कि वह गर्भवती है। इससे परिजनों के होश उड़ गए। उसके बाद पीड़िता ने रो-रोकर दोनों शिक्षकों की करतूत बताई। पुलिस के मुताबिक, बच्ची सरकारी स्कूल की छठी कक्षा में पढ़ती है। स्कूल परिसर में ही उसके साथ तीन-चार बार रेप किया गया। आरोपी शिक्षक फेल करने की धमकी देकर बार-बार उसके साथ दुष्कर्म करते थे।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
पीड़िता के परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपी शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। फिलहाल, दोनों आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। वहीं, दबिश देने के लिए कई टीमें भी बनाई गई हैं। पुलिस के अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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कोरोना: राजस्थान हाईकोर्ट ने टीकों के अलग-अलग दाम पर केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब

राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और राज्य सरकार से कोरोना के टीकों की अलग-अलग कीमतों को चुनौती देने वाली याचिका पर 24 मई तक जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया कि केंद्र सरकार राज्यों और निजी अस्पतालों के लिए टीकों की खरीद के लिए घोषित अलग-अलग कीमतों ने नागरिकों के मौलिक और सांविधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया।

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित कोविशील्ड की कीमत केंद्र के लिए 150 रुपये, राज्यों के लिए 400 रुपये और निजी अस्पतालों के लिए 600 रुपये है। वहीं, हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक के कोवाक्सिन की कीमत केंद्र के लिए 150 रुपये, राज्य सरकारों के लिए 600 रुपये और निजी अस्पतालों के लिए 1,200 रुपये है। दोनों टीकों को दो खुराक में दिया जाता है।
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जोधपुर: कोरोना संक्रमित आसाराम की तबीयत बिगड़ी, आईसीयू में कराया गया भर्ती

राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद आसाराम की तबीयत बिगड़ गई है। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। बता दें कि नाबालिग के यौन शोषण मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम भी कोरोना की चपेट में आ चुका है। कुछ दिन पहले उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उसका इलाज जेल में ही चल रहा था। बताया जा रहा है कि बुधवार (5 मई) की रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह अभी आईसीयू में भर्ती है। 

आसाराम समेत 12 कैदी संक्रमित
जानकारी के मुताबिक, जोधपुर जेल में बंद रेप के दोषी आसाराम की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे महात्मा गांधी अस्पताल के कोविड सेंटर भर्ती कराया गया। आसाराम ने बेचैनी होने की शिकायत की थी। फिलहाल उसका इलाज जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है। गौरतलब है कि बीते दिनों आसाराम जेल के 12 अन्य कैदियों के साथ संक्रमित पाया गया। 

फरवरी में भी बिगड़ी थी तबीयत
बता दें कि फरवरी 2021 में भी आसाराम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस वक्त उसने सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत की थी। गौरतलब है कि एससी-एसटी कोर्ट ने 25 अप्रैल 2018 को यौन उत्पीड़न के मामले में आसाराम को दोषी ठहराया था। साथ ही, आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 
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इंतजाम: ऑक्सीजन-बेड नहीं मिल रहे, लेकिन राजस्थान सरकार कराएगी मुफ्त अंतिम संस्कार

आसाराम
कोरोना काल में राज्य सरकार मरीजों को ऑक्सीजन, बेड या दवा तो मुहैया नहींं करा पा रही है, लेकिन शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए अलग से व्यवस्था जरूर बना दी है। राजस्थान सरकार ने पूरे प्रदेश में एक नया फरमान जारी किया है कि कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार जो फंड अंतिम संस्कार के लिए जारी कर रही है, उससे तो मरीजों की जान बचाई जा सकती है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए सरकार पूरा खर्च उठाएगी। साथ ही शव को अस्पताल से श्मशान-कब्रिस्तान ले जाने के लिए मुफ्त एंबुलेंस या वाहन की सुविधा भी देगी। सीएम गहलोत ने व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू करने के भी निर्देश दिए हैं। 

मुफ्त वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश
दरअसल, जोधपुर उत्तर नगर निगम की ओर से यह व्यवस्था लागू की गई । जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी कलेक्टरों, शहरी निकायों और अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं। शवों का अस्पताल या घर से श्मशान, कब्रिस्तान तक सम्मानपूर्वक परिवहन सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल से पार्थिव देह ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिले तो ऐसी हालत में जिला परिवहन अधिकारी वाहनों का अधिग्रहण करवाकर व्यवस्था करने में सहयोग करे।   मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था के बारे में प्रचार प्रसार करने के लिए शहरी निकायों के कंट्रोल रूम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कंट्रोल रूम से मिलेगी एंबुलेंस
कंट्रोल रूम को इसके लिए टोल फ्री नंबर भी जारी करने को कहा गया है। पार्थिव देह को निशुल्क ले जाने के लिए वाहन या एंबुलेंस की व्यवस्था शहरी निकाय के कंट्रोल रूम के अधीन रहेगी। कंट्रोल रूम में एंबुलेंस के लिए कॉल आने पर उसका पूरा ब्योरा दर्ज कर किया जाएगा। बता दें कि राजस्थान में कोरोना की रफ्तार तेज है। शनिवार को यहां पर कोरोना से 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। जबकि करीब 6 हजार नए मामले सामने आए हैं। सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि जल्द ही इसे काबू कर लिया जाएगा। 
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जोधपुर: 'राज' छिपाने के लिए किया ननद का कत्ल, फिर बक्से में शव छिपाकर बोलने लगी यह झूठ

राजस्थान से एक ऐसा मामला सामने आया है, भाभी-ननद के रिश्ते को शर्मसार कर देगा। एक भाभी ने अपनी ननद की इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वो उसके फोन पर बात करने के लिए टोकती थी। अपनी ननद की हत्या करने के बाद भाभी ने ननद की लाख कपड़े में लपेटकर बक्से में डाल दी। 

हत्या के तीन दिन बाद जब वहां से शव के सड़ने की बदबू आने लगी तो भाभी की करतूत के बारे में सभी को पता चला। ये मामला जोधपुर झंवर इलाके का है। जांच अधिकारी किशन लाल विश्नोई के मुताबिक, बड़ेलिया गांव के भीलों की ढाणी में रेखा अपने बच्चों के साथ रहा करती थी। 

एक हफ्ता पहले उसकी भाभी पूजा उनके घर रहने आई थी। पूजा जब से वहां आई थी, वो दिन भर वहां फोन पर बात करती रहती थी। ये देखकर रेखा ने पूजा से कहा कि वह अपने भाई को बता देगी कि वो पूरे दिन किसी ना किसी से फोन पर बात करती रहती है। इसके बाद पूजा को लगा कि अगर रेखा ने ऐसा कर दिया तो इससे बात बिगड़ जाएगी। 

यही सोचकर पूजा ने मंगलवार रात रेखा के सिर पर  धारदार हथियार से हमला कर दिया। पूजा ने हमला उस समय किया जब रेखा सो रही थी और ये वार इतना तेज था कि रेखा की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या करने के बाद पूजा को उसका राज खुल जाने का डर सताने लगा, जिसके बाद पूजा ने रेखा की लाश को कपड़े में लपेटकर बक्से में बंद कर दिया। 

इसके बाद रेखा के बच्चों ने पूजा से पूछा कि उनकी मां कहां है तो पूजा ने बताया कि वो जोधपुर चली गई है। इसके बाद रेखा के बच्चे पास में रहने वाले मामा के घर चले गए। अगले दिन बेटी घर आई तो उसे बदबू आने लगी। उसने जाकर ये बात मामा और परिजनों को बताई।

रेखा की बड़ी बेटी शादीशुदा है, उसने पुलिस को इस बारे में जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तलाशी करने लगी। तलाशी के दौरान पुलिस को बक्से से रेखा की लाश बरामद हुई। इसके बाद रेखा की बेटी ने पूजा पर उसकी मां की हत्या करने का आरोप लगाया और झंवर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने पूजा को हिरासत में लिया और पूछताछ की, जिसके बाद पूजा ने अपना जुर्म कबूल किया।
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राजस्थान: आईआईटी जोधपुर में 52 विद्यार्थी पाए गए कोरोना संक्रमित

राजस्थान के जोधपुर में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में प्रायोगिक कक्षाओं के लिए लौटे 52 विद्यार्थी पिछले एक सप्ताह में कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अपने घरों से ऑनलाइन कक्षाएं पूरी करने के बाद ये विद्यार्थी अनिवार्य प्रयोगशाला सत्रों में शामिल होने के लिए संस्थान में लौटे थे। उनमें से ज्यादातर गुजरात और ओडिशा के हैं।

आईआईटी प्रवक्ता अमरदीप शर्मा ने बताया कि इन सभी विद्यार्थियों को पृथक-वास में भेज दिया गया है और उन्हें आईआईटी छात्रावासों में एक में ठहराया गया है। प्रवक्ता के अनुसार सारी कोविड-विरोधी एहतियात बरती जा रही हैं।

बता दें कि जोधपुर आईआईटी के लगभग 25 छात्रों के कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। छात्रों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद संस्थान के जी-3 ब्लॉक को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। जबकि कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए सभी छात्रों को आइसोलेशन केंद्र में ले जाया गया।आईआईटी, जोधपुर के 25 छात्रों और शिक्षकों के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी जिस्ट्रार अमरदीप शर्मा ने दी थी।

उन्होंने बताया कि इन संक्रमित विद्यार्थियों के संपर्क में आये अन्य छात्रों तथा शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के लिए दो छात्रावास भवन आरक्षित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के फिर से सिर उठाने के बीच आईआईटी प्रशासन परिसर से संक्रमण को दूर रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है।
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कोरोना: जोधपुर आईआईटी के 25 छात्र और शिक्षक हुए संक्रमित, जी-3 ब्लॉक कंटेनमेंट जोन घोषित

राजस्थान में कोरोना संक्रमण लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। राजस्थान के जोधपुर में सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। जोधपुर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के लगभग 25 छात्रों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की खबर है। छात्रों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद संस्थान के जी-3 ब्लॉक को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। जबकि कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए सभी छात्रों को आइसोलेशन केंद्र में ले जाया गया है।आईआईटी, जोधपुर के 25 छात्रों और शिक्षकों के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी जिस्ट्रार अमरदीप शर्मा ने दी।

आईआईटी जोधपुर में एक 25 छात्र और शिक्षक कोरोना संक्रमित मिलने के बाद संस्थान के जी-3 ब्लॉक को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। वहां ब्लॉक जी-3 के सभी छात्र व शिक्षक अपने फ्लैट में ही रहेंगे। वे बिना अनुमति बाहर नहीं निकलेंगे। आईआईटी का बनाया गया सुपर आइसोलेशन सेंटर भी कटेनमेंट जोन में है।





तेजी से कोरोना की गिरफ्त में जा रहा जोधपुर
सीएमएचओ की ओर से जारी सूची के अनुसार, जोधपुर शहर के हर जोन में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जोधपुर शहर में कुल नौ जोन हैं। वहीं ग्रामीण के जोन में 38 नए लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। होली के बाद से अब तक  214 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। जोधपुर में पिछले तीन दिनों में 455 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।

आईआईटी भुवनेश्वर ने हाल ही अपने कैंपस के पूरी तरह से कोरोना वायरस फ्री होने का दावा किया था, लेकिन वहां बनाए गए क्वारंटीन केंद्र से कोरोना वायरस के मामले सामने आए थे। रविवार को आईआईटी भुवनेश्वर के निदेशक, प्रोफेसर आरआरवी राजकुमार ने बताया कि अगर 2020 के पांच मामलों और हाल ही में क्वारंटीन केंद्र में पाए गए मामलों को छोड़ दें, तो संस्थान अब पूरी तरह कोरोना वायरस मुक्त हो गया है।
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राजस्थान: जोधपुर की सेंट्रल जेल में मिले मोबाइल और कंडोम, अधिकारी हैरान

अक्सर जेलों से खबर आती हैं है कि कैदियों के पास से मोबाइल या कोई अन्य अवैध चीज पकड़ी गई। लेकिन इस बार राजस्थान के जोधपुर की सेंट्रल जेल में तलाशी के दौरान कंडोम मिले हैं। इससे कई तरह के सवाल खड़े होते हैं कि जेल में कंडोम क्या काम..

जेल प्रशासन ने सोमवार रात तलाशी अभियान चलाया, इस दौरान बैरक संख्या तीन से दो पैकेट बरामद हुए जिनमें दो-दो मोबाइल मिले, उन्हीं पैकेट से कंडोम मिले। ये देखकर प्रशासन हैरान रह गया। जेल प्रशासन ने जोधपुर के रातानाडा थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

कंडोम को देखकर अधिकारी भी सकते हैं, जोधपुर की सेंट्रल जेल देश की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक है। यहां जेल प्रशासन काफी चुस्त रहता है। चैकिंग के दौरान मोबाइल, अवैध खान पान के होने का पता चला था। लेकिन जेल में कंडोम मिलने का यह पहला मामला है। पुलिस ने इस मामले को लेकर जांच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी जेल से अवैध चीजों पुलिस ने पकड़ा हो। इससे पहले भी राजस्थान पुलिस और जेल प्रशासन के चेकिंग करने पर 17 मोबाइल मिले थे। वहीं बार-बार इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल मिलना जेल प्रशासन से जुड़े लोगों पर ही सवाल खड़े करता है। जोधपुर जेल में ही आसाराम अपनी सजा काट रहा है।
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