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कैसे पूरा होगा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संकल्प', कूड़ेदान में फेंक दी जाती हैं नवजात बेटियां

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 29 Oct 2020 12:00 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स

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भारत सरकार का नारा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' कैसे पूरा होगा? जब भारतीय समाज का ही एक सच ये सामने आए कि लगभग 67 फीसदी नवजात बच्चियां कूड़ेदान में फेंक दी जाती हैं। वैसे तो किसी समाज में बच्चे का यूं फेंका जाना काफी शर्मनाक है। उसपर अगर ये आंकड़ा भी लड़का और लड़की में भेद दिखाए तो? आंकड़े की माने तो हर साल नवजात शिशुओं को फेंके जाने की संख्या बढ़ती ही जा रही है। सबसे खास बात कि इन्हें किसी अनाथाश्रम में भी नहीं छोड़ा जाता। बल्कि सड़क के किनारे या फिर झाड़ियों में मरने के लिए फेंक दिया जाता है। 
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