विज्ञापन
विज्ञापन
गुरु का मकर राशि में गोचर, फ्री जन्मकुंडली बनवाएं और जानें शुभ-अशुभ प्रभाव
Kundali

गुरु का मकर राशि में गोचर, फ्री जन्मकुंडली बनवाएं और जानें शुभ-अशुभ प्रभाव

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

हिमानी का एमबीबीएस में चयन, कड़ी मेहनत से पूरा किया सपना

विकास खंड मैहला के छोटे स गांव बंदला गांव की रहने वाली हिमानी ठाकुर का चयन एमबीबीएस के लिए हुआ है। इससे पूरे इलाके में खुशी की लहर है।

22 नवंबर 2020

विज्ञापन
Digital Edition

हिमाचल के बद्दी में बनेगी रूस की कोरोना वैक्सीन, दिसंबर से शुरू हो सकता है उत्पादन

रूस की कोरोना वैक्सीन हिमाचल के बद्दी में तैयार की जाएगी। इसके लिए बद्दी की कंपनी पनेशिया से करार हुआ है। दिसंबर में कंपनी रूस के स्पूतनिक टीके का उत्पादन भी शुरू कर देगी। यही नहीं, पांवटा में स्थापित मैनकाइंड कंपनी के साथ दवा की मार्केटिंग को लेकर बातचीत चल रही है। सूत्रों के अनुसार पनेशिया से करार से पहले बद्दी की दो और कंपनियों डा. रेड्डी और हेट्रो से वैक्सीन तैयार करने के लिए रूस की ओर से बातचीत चल रही थी, लेकिन उत्तर भारत में वैक्सीन बनाने वाली पनेशिया ही एकमात्र कंपनी है।

इसलिए रूस ने इसी कंपनी के साथ करार किया है। जहां पर रशिया इसे तैयार कराएगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि पनेशिया फार्मा कंपनी में रिसर्च एवं डेवलपमेंट प्लांट तो नहीं है, इसलिए यह कंपनी दूसरों के लिए ही काम कर सकती है। रूस भारत की दवा कंपनी मे इस वैक्सीन को तैयार कराना चाहता है।

इसलिए बद्दी की कंपनी इसे तैयार करेगी। बताया जा रहा है कि इसकी वैक्सीन बनाने के लिए कंपनी को तकनीक ट्रांसफर हो चुकी है। कंपनी के प्लांट हेड राजेश चोपड़ा ने बताया कि उन्हें इस बारे में कुछ भी बताने का अधिकार नहीं है। यहां जो भी हो रहा है, उसके लिए पीएम कार्यालय बता सकता है या केंद्र सरकार। 

बद्दी स्थित पनेशिया कंपनी वैक्सीन तैयार करेगी। पनेशिया उत्तर भारत की ऐसी कंपनी है जो वैक्सीन बनाती है। - मनीष कपूर, अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर 
... और पढ़ें
कोरोना वैक्सीन कोरोना वैक्सीन

कोरोना मरीजों के लिए कम पड़े बिस्तर, नेताओं समेत किसी को नहीं मिलेगा स्पेशल वार्ड

हिमाचल में हर दिन रिकॉर्ड़तोड़ सामने आ रहे कोरोना पॉजिटिव मरीजों के कारण अब प्रदेश के अस्पतालों में बिस्तर कम पड़ने लगे हैं। इस कारण मरीजों को होम आइसोलेट किया जा रहा है। स्थिति गंभीर होने पर ही उन्हें अस्पताल को सूचित करने के लिए कहा जा रहा है। इसके बाद एंबुलेंस से इन्हें अस्पताल लाया जाएगा। शिमला, टांडा, नेरचौक और अन्य मेडिकल कॉलेजों में बढ़ते जा रहे मामलों के कारण प्रदेश सरकार के हाथ भी खड़े होने लगे हैं।

सरकार ने फैसला लिया है कि सूबे के अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए अब स्पेशल वार्ड नहीं मिलेगा, चाहे किसी भी पार्टी का नेता ही क्यों न हो। सभी कोरोना मरीजों को 2 से 4 बिस्तर वाले वार्ड में भर्ती होना होगा। इनके लिए शौचालय भी कॉमन रहेंगे। कोरोना मरीजों के लिए तीन फेब्रिकेटिड वार्ड भी बनाए जाने हैं, जिनका अभी तक ढांचा भी तैयार नहीं हो सका है। जिला शिमला में मौत का आंकड़ा 150 से पार हो गया है।

कांगड़ा में भी मौत का आंकड़ा 100 पार कर चुका है। प्रदेश के तीन जिलों शिमला, कुल्लू और मंडी में कोरोना ने कहर बरपाया है। शिमला जिले में सबसे ज्यादा एक्टिव मामले 2000 से पार हैं। दूसरे नंबर पर जिला मंडी है। यहां आंकड़ा 1500 पार हो गया है। सरकार ने प्रतिदिन साढ़े 6000 से ज्यादा कोरोना के सैंपल लेने को कहा है। सरकार ने मरीजों को उपचार करने और डेथ रेट कम करने के लिए सीनियर डॉक्टरों की ड्यूटी सेंटर में लगाने का फैसला लिया है।

अस्पतालों में बढ़ेंगे बिस्तर, खनेरी और रोहड़ में बनेंगे कोविड अस्पताल
सरकार ने कोरोना के मामले बढ़ने के बाद अस्पतालों में मरीजों के लिए बिस्तर बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके अलावा सरकार रामपुर के खनेरी और शिमला जिले के रोहडू में कोविड अस्पताल खोलने जा रही है।
... और पढ़ें

हिमाचल में पुरानी सिक्योरिटी राशि पर ही मिलेंगे बिजली के कनेक्शन, उपभोक्ताओं को मिली राहत

हिमाचल में अब बिजली के नये कनेक्शन पुरानी सिक्योरिटी राशि पर ही मिलेंगे। राज्य बिजली बोर्ड ने कई गुना बढ़ाई गई सिक्योरिटी राशि के आदेश स्थगित कर दिए हैं। एडवांस कंज्यूमर डिपॉजिट की नई दरें तय करने के लिए जल्द विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। आयोग द्वारा नई दरें तय करने तक प्रदेश में पुरानी सिक्योरिटी राशि पर ही नए बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे।

शुक्रवार को बोर्ड प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सिक्योरिटी राशि की नई दरों पर स्टे दे दिया है। इससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल गई है। बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक आरके शर्मा ने बताया कि सिक्योरिटी की नई दरें तय होने तक प्रदेश में पुरानी दरें लागू रहेंगी। बिजली बोर्ड ने घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शनों पर एडवांस कंज्यूमर डिपॉजिट में भारी बढ़ोतरी कर दी थी।

घरेलू कनेक्शन के लिए 360 रुपये प्रति किलोवॉट की जगह 1158 रुपये तय कर दिए थे। बड़े उद्योगों को एक केवीए (किलोवॉट एम्पेयर) के लिए एक हजार से बढ़ाकर 4882 रुपये कर दी थी। लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को प्रति केवीए 500 रुपये की जगह 2047 से 2221 रुपये तक चुकाने को कहा था। अस्थायी मीटर पर प्रति केवीए 850 की जगह 7826 रुपये कर दिया था। वाटर पंप सप्लाई के मीटर 350 रुपये प्रति केवीए की जगह 4873 रुपये कर दिए थे।

सरकार के लिए भी स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए प्रति केवीए 500 रुपये की जगह 3525 रुपये कर दिया था। हाईकोर्ट में विचाराधीन इस मामले में बोर्ड प्रबंधन ने जल्दबाजी में दरों में बढ़ोतरी की दी थी। प्रदेश भर में विरोध के बाद सरकार ने बढ़ाई दरें वापस लेने का एलान किया था। शुक्रवार को बोर्ड प्रबंधन ने नई दरों के आदेश को स्थगित करते हुए पुरानी सिक्योरिटी राशि के मुताबिक ही नया बिजली कनेक्शन देने का फैसला लिया है।

अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मामला
अमर उजाला ने 31 अक्तूबर के अंक में हिमाचल में नया बिजली कनेक्शन लेना हुआ चार गुना महंगा शीर्षक से खबर प्रकाशित कर बढ़ोतरी का खुलासा किया था। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के समक्ष भी अमर उजाला ने इस मामले को उठाया था। ऊर्जा मंत्री ने इसे कम करने की बात कही थी। 
... और पढ़ें

Coronavirus in Himachal: कोरोना से 11 और ने तोड़ा दम, 815 संक्रमित

हिमाचल में कोरोना संक्रमण से मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। शुक्रवार को कोरोना से 11 लोगों की मौत हो गई। एसपी बिलासपुर दिवाकर शर्मा समेत 815 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में कुल्लू जिले के बंजार के मंगलौर क्षेत्र के 58 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति और हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र की 30 वर्षीय संक्रमित महिला ने दम तोड़ दिया। लाहौल-स्पीति के 77 साल के व्यक्ति की भी मौत हो गई। टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में रक्कड़ के 30 वर्षीय व्यक्ति और फतेहपुर के 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। 

शिमला के शिलारू निवासी 52 वर्षीय व्यक्ति की सोलन के एमएमयू अस्पताल में मौत हो गई। शिमला में कोरोना से 5 लोगों की मौत हुई। उधर, शुक्रवार को शिमला 189, कांगड़ा 106, मंडी में 148, हमीरपुर में 91, चंबा में 29, सोलन में 56, बिलासपुर में 53, किन्नौर में 25, कुल्लू में 73, सिरमौर 10, लाहौल-स्पीति में 12, ऊना में 23 मामले सामने आए हैं।  प्रदेश में 8205 एक्टिव केस हैं। शुक्रवार को 490 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे। कोरोना से मौत का कुल आंकड़ा 602 पहुंच गया है।
... और पढ़ें

चाय की दुकान चलाने वाले श्याम की दो बेटियों ने एक साथ पहनी खाकी

पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय डरोह के दीक्षांत समारोह में दो सगी बहनें और दो भाई आकर्षण का केंद्र बन गए। एक परिवार से दो सगी बहनें ट्रेनिंग के बाद पुलिस विभाग में हो गईं। वहीं, एक और परिवार से दो सगे भाइयों ने भी ट्रेनिंग के बाद खाकी पहनी। मंडी जिले के द्रंग के पास मैगल गांव से श्याम लाल और काजो देवी के घर जन्मी सुमन (23) और शालू (20) पुलिस में एक साथ भर्ती हुईं।

पिता श्याम लाल गांव में ही चाय की दुकान चलाते हैं।  उधर, मंडी जिले के गांव बरोट के रहने वाले साहिल (22) और अमित (20) भी सगे भाई हैं। दोनों एक साथ हिमाचल पुलिस में भर्ती हुए और दोनों का पुलिस प्रशिक्षण भी एक साथ ही पीटीसी डरोह में हुआ। इनके पिता प्रेम चंद निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।
... और पढ़ें

ग्रीन गोशाला योजना से बायो गैस उत्पादन पर प्रदेश की मदद करेगा केंद्र

ग्रीन गोशाला और अन्य योजनाओं पर केंद्र सरकार हिमाचल की मदद करेगा। केंद्रीय विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह ने मुख्यमंत्री को राज्य में ग्रीन गोशाला योजना के लिए ऊर्जा उपकरण विनिर्माण हब की स्थापना करने और दूरदराज के क्षेत्रों से बिजली की निकासी के लिए हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। हिमाचल सरकार ने केंद्र सरकार से पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन को राज्य के स्पीति क्षेत्र और चिनाब बेसिन से बिजली की निकासी के लिए प्रभावी योजना बनाने का आग्रह किया।

यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार को तीसरी ग्लोबल नवीकरण ऊर्जा निवेश बैठक और एक्सपो, पुनर्निवेश 2020 में मुख्यमंत्रियों के प्लेनरी सेशन के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चिनाब बेसिन और स्पीति क्षेत्र में 6000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता चिन्हित की गई है। स्पीति क्षेत्र में 880 मेगावाट के मेगा सौर पार्क के विकास का कार्य एसजेवीएनएल को आवंटित किया गया है।

इन दोनों क्षेत्रों में बिजली की निकासी के लिए प्रभावी योजना तैयार करने की जरूरत है। राज्य के लोगों को जंगलों में चीड़ की पत्तियां और लैंटाना के रूप में प्रति वर्ष लाखों टन जैव ईंधन उपलब्ध होता है। बिजली उत्पादन के लिए उपलब्ध क्षमता का दोहन को राज्य सरकार ने ‘पाइन नीडल बेस्ड ब्रीकेट’ का आरंभ किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में नई जलविद्युत नीति-2019 लाई गई है। कुछ बिंदुओं पर अभी अधिसूचना जारी होनी है।

जयराम ठाकुर ने आरके सिंह से प्रदेश के लिए ऊर्जा उपकरण विनिर्माण हब स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार निर्माताओं को अन्य जन उपयोगी सेवाओं के अलावा आकर्षक दरों पर बिजली देगी।  ठाकुर ने कहा कि पांगी घाटी एक ऐसा क्षेत्र है, जहां ग्रिड कनेक्टीविटी नहीं है। स्थानीय स्तर पर लाइनें बिछाकर ऊर्जा वितरित की जा रही है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से आग्रह किया कि सभी परिवारों को यह सुविधा प्रदान करने में राज्य सरकार का सहयोग करें।
... और पढ़ें

सर्वदलीय बैठक बुलाकर उलझ गई सरकार, शीत सत्र के पक्ष में विपक्ष

शीत सत्र को टालने का फैसला लेने से पहले विपक्ष ने जयराम सरकार को उलझा दिया है। सर्वदलीय बैठक के बाहर जहां विपक्ष के विधायक सत्र को टालने का दबाव बनाते रहे, जबकि बैठक में कहा कि विपक्ष सत्र चलाने के पक्ष में है। अब यह सरकार तय करे कि इसे शिमला में करवाना है या धर्मशाला में। कोरोना संकट के बीच तपोवन में सात दिसंबर से होने वाले शीत सत्र को सरकार मार्च तक टालना चाह रही थी।

अब इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर या मंत्रिमंडल ही अंतिम फैसला लेगा। प्रदेश विधानसभा परिसर में शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, माकपा विधायक राकेश सिंघा और निर्दलीय विधायक होशियार सिंह मौजूद हुए। मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि इसमें सबकी राय ली गई। राय सत्र को बुलाने के बारे में आई है। हालांकि, यह बात आई है कि सत्र को धर्मशाला के बजाय शिमला में भी किया जा सकता है।

यह सरकार को ही तय करने को कहा गया है कि वह क्या करना चाहती है। इस तरह विपक्ष ने गेंद सरकार के पाले में डाल दी है। अब सरकार की उलझन यह है कि यह सत्र अगर धर्मशाला के तपोवन में नहीं होता है तो इससे एक परंपरा टूटेगी। कांगड़ा और शिमला दोनों ही कंटेनमेंट जिले घोषित किए गए हैं। यहां कर्फ्यू तक लगाए गए हैं। ऐसे में संक्रमण से बचते हुए सत्र का आयोजन करना आसान नहीं है। 

बाहर कांग्रेस विधायक ही कर रहे सत्र बुलाने का विरोध 
लगता है कि इस मुद्दे पर भी विपक्ष बिखरा हुआ है। बाहर कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सुुक्खू इस बारे में विरोध भी जता चुके हैं कि कोरोना काल में सत्र को बुलाने का अभी कोई औचित्य नहीं है। इसे आगे भी टाला जा सकता है। दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की राय कुछ और ही है। वह सत्र का आयोजन करवाने के पक्ष में हैं।  
... और पढ़ें

नौ माह बाद आवास से बाहर निकले दलाईलामा, धूप का लिया आनंद

कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले 9 माह से मैकलोडगंज स्थित अपने निवास से बाहर नहीं निकले धर्मगुरु दलाईलामा ने शुक्रवार को घर के बाहर मैदान में खिली धूप का आनंद लिया। दलाईलामा ने खिली धूप में शारीरिक अभ्यास भी किया। इस दौरान धर्मगुरु ने काफी देर तक धौलाधार की खूबसूरती निहारी। 

दलाईलामा को प्रकृति को निहारने के पलों को उनकी सेवा में लगे बौद्ध भिक्षुओं ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। यह पहला मौका था कि दलाईलामा का कोई फोटो उनके घर के बाहर पिछले 9 महीने में पहली बार खींचा गया हो। दलाईलामा दफ्तर के निजी सचिव सेटन सामदुप ने कहा कि धर्मगुरु मैकलोडगंज स्थित अपने निवास के बाहर धौलाधार की खूबसूरती को निहार रहे थे। इन पलों को बौद्ध भिक्षुओं ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। 

कोरोना महामारी फैलने के बाद 85 वर्षीय धर्मगुरु दलाईलामा ने सभी सामाजिक कार्यक्रम रद्द कर किसी भी बाहरी व्यक्ति से नहीं मिलने का निर्णय लिया था। पिछले 9 महीने से दलाईलामा अपने दफ्तर के निजी सचिवों तक से नहीं मिले हैं। डॉक्टरों की सलाह के चलते निवास के भीतर ही अपने दफ्तर तक धर्मगुरु नहीं आए हैं।

निवास के भीतरी हिस्से में दलाईलामा के पास सिर्फ डॉक्टर और 4 सेवादारों को ही रहने की इजाजत है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति दलाईलामा से न तो  मिल सकता है न ही उनके पास जा सकता है। मार्च और अप्रैल माह में तो दलाईलामा बिल्कुल अज्ञातवास जैसे माहौल में थे। 
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X