जम्मू-कश्मीर से लगती हिमाचल के चंबा की सीमा पर अब होगी लंबी दूरी की गश्त

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Updated Wed, 03 Jun 2020 10:59 AM IST
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संजय कुंडू को प्रभार सौंपते पूर्व डीजीपी एसआर मरडी
संजय कुंडू को प्रभार सौंपते पूर्व डीजीपी एसआर मरडी - फोटो : अमर उजाला

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आतंक के लिहाज से संवेदनशील जम्मू-कश्मीर से लगती हिमाचल के चंबा की सीमा को सुरक्षित करने के लिए अब हिमाचल पुलिस की टीमें लंबी दूरी की गश्त किया करेंगी। पदभार संभालने के बाद डीजीपी संजय कुंडू ने अमर उजाला से बातचीत में यह बात कही। कुंडू ने कहा कि प्रदेश की सीमाएं कई राज्यों से लगती हैं और हर राज्य के साथ अलग-अलग तरह की चुनौतियां हैं। कुंडू ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आए दिन आतंकी वारदातों और संदिग्धों के आने-जाने की सूचनाएं आती रहती हैं।
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ऐसे में हिमाचल उनके लिए पनाहगाह न बन जाए, इसलिए हिमाचल के चंबा में अब जेएंडके से लगती सीमा पर लंबी दूरी की गश्त के अलावा कॉम्बिंग व समय-समय पर रूट मार्च को सशक्त अवरोध के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की लगातार समय समय पर समन्वय बैठकें कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि शिमला धर्मशाला में नगर निगम बनने के बाद अब वहां पुलिस कमिश्नरेट लागू करने के लिए भी सरकार से संपर्क कर प्रयास किए जाएंगे। वहीं, चीन से लगती करीब 200 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की चुनौती पर उन्होंने कहा कि सीमा पर तो सेना, आईटीबीपी जैसी विभिन्न एजेंसियां मुस्तैद हैं।
लेकिन राज्य के अंदर किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि की हर तरह की छोटी बड़ी सूचना के लिए सूचना तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। डीजीपी ने आगे कहा कि पुलिस के लिए वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती अपराधियों को सजा दिलाने की है। पुलिस के सजा दिलाने के ग्राफ में सुधार लाने के लिए घंडल स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के अलावा न्यायाधीशों और पूर्व न्यायाधीशों से जांच अधिकारियों के लिए विशेष लेक्चर भी दिलवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए नशे की तस्करी और अवैध खनन भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। ऐसे में इन दोनों ही चुनौतियों से रणनीति के तहत निपटा जाएगा। इसके लिए सूचना तंत्र को मजबूत करने के साथ ही तकनीक का उपयोग करने और दस खनन चौकियां बनाकर वन, उद्योग व पुलिस संयुक्त रूप से इसपर कार्रवाई करेंगी। वहीं, महिला व बाल अपराध को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। 
बीटी व गश्त प्रणाली पर देंगे जोर
डीजीपी ने कहा कि गुड़िया केस के बाद पुलिस की धूमिल हो चुकी छवि को दुरुस्त करने के लिए पुलिस के व्यवहार व काम में बदलाव का प्रयास किया जाएगा। पुलिस बीट और गश्त प्रणाली के अलावा अधिकारियों को खुद क्राइम स्पॉट का दौरा करने के कदम उठाए जाएंगे। वहीं, नशे पर नकेल के लिए छोटे तस्करों पर नजर रखकर बड़े खिलाड़ियों को दबोचने का प्रयास करेंगे। कुंडू ने कहा कि साइबर अपराध बड़ी चुनौती है जिससे निपटने के लिए नागरिक को सूचना, शिक्षा व संचार के माध्यम से ऐसे अपराधियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। वहीं साइबर लैब को अत्याधुनिक बनाने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। 
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