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नौकरी एवं व्यापारिक वृद्धि हेतु शरद पूर्णिमा पर जरूर कराएं श्री कृष्ण का यह प्रभावशाली पूजन
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पूर्व न्यायाधीश डोगरा बने हिमाचल मानव अधिकार आयोग के सदस्य

हिमाचल के जिला हमीरपुर के वार्ड नंबर 3 निवासी पूर्व न्यायाधीश अवतार चंद डोगरा को प्रदेश सरकार ने आगामी 3 वर्ष के लिए हिमाचल प्रदेश मानव अधिकार आयोग का...

22 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

हिमाचल: लाहौल-स्पीति सहित ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी, देखिए शानदार तस्वीरें

20 दिन क्वारंटीन रहने के बाद आज से सचिवालय में कामकाज संभालेंगे सीएम

बीस दिन क्वारंटीन रहने और कोरोना को मात देकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोमवार से राज्य सचिवालय में कामकाज संभालेंगे। मुख्यमंत्री मंगलवार को कैबिनेट की बैठक लेंगे। इसमें स्कूलों को खोलने समेत कई अहम फैसले ले सकते हैं। अटल टनल रोहतांग के लोकार्पण कार्यक्रम से शिमला लौटने के बाद मुख्यमंत्री पांच अक्तूबर को होम क्वारंटीन हो गए थे।

वह दो अक्तूबर को कोरोना संक्रमित विधायक सुरेंद्र शौरी के संपर्क में आए थे। 12 अक्तूबर को सीएम का कोरोना टेस्ट लिया तो वह पॉजिटिव निकले। तब से शिमला के सरकारी आवास ओकओवर में आइसोलेट रहे। 19 अक्तूबर को कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद से सीएम स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे।

अब पूरी तरह फिट होने के बाद सोमवार को सचिवालय स्थित अपने कार्यालय पहुंचकर लंबित फाइलें निपटाएंगे। मंगलवार को वह सुबह साढ़े दस बजे के बाद कैबिनेट की बैठक लेंगे। बैठक में त्योहारी सीजन के दौरान कर्मचारियों को कुछ तोहफे देने के अलावा कई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं।
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बिलासपुर-लेह रेल ट्रैक से ले सकेंगे 13 वन्य प्राणी सेंक्चुरियों के नजारे

सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिलासपुर-लेह रेल ट्रैक पर 13 वन्यप्राणी सेंक्चुरियों के नजारे भी ले सकेंगे। इस ट्रैक के 2 से 10 किमी के दायरे में हिमाचल की 10 और लद्दाख की तीन सेंक्चुरियां आएंगी। इनमें हिमाचल की 7 और लद्दाख की दो सेंक्चुरी ईको सेंसटिव जोन में शामिल हैं। सभी सेंक्चुरी रेललाइन की जद में आनी थीं, लेकिन उत्तर रेलवे और वन विभाग ने ऐसा प्लान बनाया है कि न केवल इन सेंक्चुरियों को सुरक्षित किया, बल्कि इन क्षेत्रों को रेल ट्रैक का अहम हिस्सा भी बनाया जाएगा, ताकि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिले। इससे वन्य प्राणियों को करीब से देखने का मौका मिलेगा।

रक्षा मंत्रालय का अहम प्रोजेक्ट होने के नाते यह ट्रैक जहां सामरिक महत्व का है, वहीं पर्यटन और व्यापारिक दृष्टि से भी हिमाचल और लद्दाख के लिए यह रेललाइन नए आयाम स्थापित करेगी। इस कारण उत्तर रेलवे इस ट्रैक को विशेष तवज्जो दे रहा है। हाल ही में उत्तर रेलवे के परियोजना निदेशक, यूक्सेल के अलाइनमेंट इंजीनियर और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ अलाइनमेंट सर्वे के लिए लद्दाख पहुंचे थे। (संवाद)

रेल ट्रैक के पास आने वाली सेंक्चुरी
हिमाचल में बांदली, चंद्रताल, कैश, कनवर, खोखण,  किब्बर, कुगती, मनाली, नागरू, सैंज में वन्य प्राणी सेंक्चुरियां हैं, जहां से ट्रैक बनाया जाएगा। इनमें से 7 सेक्चुरियां ऐसी हैं जो ट्रैक के 7 किलोमीटर के दायरे में होंगी। यह ईको सेंसटिव जोन माना जाता है। लद्दाख के हेमिश नेशनल पार्क, कराकोरम वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी और चांगथंग कोल्ड डिजेर्ट वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी में से दो सेंक्चुरी ट्रैक के दो किमी के दायरे में आएंगी। 

अलाइनमेंट सर्वे में विशेष ध्यान रखा कि ट्रैक के अंतर्गत आने वाली वन्यप्राणी सेंक्चुरियों को खत्म करने की बजाय उन्हें सुरक्षित रखा जाए, ताकि ये पर्यटन की दृष्टि से इस रेलमार्ग का अहम हिस्सा बन सकें। हिमाचल में आने वाली सेंक्चुरी की क्लीयरेंस राज्य सरकार से मिल जाएगी, लेकिन लद्दाख की सेंक्चुरी की क्लीयरेंस के लिए केंद्र को आवेदन करना पड़ेगा। - हरपाल सिंह, परियोजना निदेशक, बिलासपुर-लेह रेललाइन
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कोरोना से मौत के मामलों में कांगड़ा को पीछे छोड़ शिमला नंबर वन

कांगड़ा को पीछे छोड़कर जिला शिमला कोरोना डेथ में सबसे आगे हो गया है। जिला शिमला में 63 लोगों की कोरोना से जान चली गई है। डेथ रेट में जिला कांगड़ा शुरू से अब तक सबसे आगे था। इस जिले में 61 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। बीते दिन शनिवार को एक साथ 3 मौत के मामले आने से जिला शिमला का आंकड़ा बढ़ गया है।

प्रदेश में अब तक कोरोना से 245 मौतें हो चुकी हैं। एक्टिव मामलों की बात करें तो मुख्यमंत्री के गृह जिले मंडी में सबसे ज्यादा एक्टिव मामले हैं। यहां 466 लोग अभी भी कोरोना से ग्रसित हैं। इनमें से कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं जबकि ज्यादातर घर में ही आइसोलेट हुए हैं। दूसरे नंबर में जिला शिमला है।

यहां एक्टिव मामलों की संख्या 372 है। प्रदेश सरकार ने कोरोना सैंपल लेने की संख्या बढ़ा दी है। जिला प्रशासन और जिला चिकित्सा अधिकारियों को सैंपल लेने के टारगेट दिए गए हैं। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि प्रतिदिन चार हजार से ज्यादा कोरोना के सैंपल लिए जा रहे हैं।
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चित्रों से कालका-शिमला रेल लाइन का इतिहास जानेंगे लोग

प्रतीकात्मक तस्वीर
राजधानी शिमला के स्थानीय लोग और बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानी अब कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक के इतिहास की जानकारी चित्रों के माध्यम से भी प्राप्त कर सकेंगे। शिमला के ओल्ड बस स्टैंड स्थित बाबा भलखू रेल संग्रहालय के बाहर ओपन एयर म्यूजियम की दीवारों पर भीत्ति चित्र बनाने का काम पूरा हो गया है। कालका शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक के इतिहास और शिमला शहर की खूबसूरती को  चित्रों के जरिये यहां खूबसूरत तरीके से दीवारों पर उकेरा गया है।

रेलवे बोर्ड के सदस्य राजेश अग्रवाल ने बाबा भलखू रेल संग्रहालय का निरीक्षण करने के बाद रेल अधिकारियों को रेल संग्रहालय को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए ओपन एयर म्यूजियम बना कर दीवारों पर कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक के इतिहास और शिमला शहर की खूबसूरती से जुड़े भित्ति चित्र बनाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद कुशल कारीगरों की मदद से ओपन एयर म्यूजियम में दीवारों पर चित्र उकेरे गए हैं।

आर्च शैली में निर्मित चारमंजिला पुल में 34 मेहराबें हैं। यह इंडियन रेलवे में आर्च गैलरी के सबसे बेहतर पुलों में शामिल है। कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक पर 1903 में चलाया गए स्टीम इंजन केसी 520 को भी चित्र के माध्यम से दीवारों पर उकेरा गया है। 117 साल पुराने इस स्टीम इंजन के साथ सफर करने के लिए अभी भी विदेशों से अंग्रेज शिमला आकर बुकिंग करवाते हैं। इसके अलावा शिमला से दिखने वाले बर्फ से ढके पहाड़, रिज मैदान स्थित चर्च और एक चरवाहे को भी चित्र के माध्यम से रेल संग्रहालय की दीवारों पर दर्शाया गया है।

रेल म्यूजियम की एंट्री पर स्टीम इंजन का प्रारूप
रेल म्यूजियम के एंट्री प्वाइंट को आकर्षक बनाने के लिए  स्टीम इंजन का रूप दिया गया है। म्यूजियम के एंट्री प्वाइंट पर लगाया गया स्टीम इंजन का प्रारूप हूबहू 117 साल पुराने स्टीम इंजन की तरह ही दिखता है। मॉडल के भीतर असली स्टीम इंजन की तरह ही कल पुर्जे लगाए गए हैं, जिससे मॉडल में प्रवेश करने पर असली स्टीम इंजन जैसा आभास होता है।
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आठ देवी-देवता, 200 देवलुओं के साथ निकली भगवान रघुनाथ की रथयात्रा

वर्ष 1660 से शुरू हुए कुल्लू दशहरा महोत्सव के इतिहास में पहली बार कोरोना के चलते भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में मात्र आठ देवी-देवता और 200 देवलुओं, कारकूनों और राज परिवार के सदस्यों ने भाग लिया। सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरे का रविवार को शुभारंभ रस्मी अंदाज में हुआ। शाम पांच बजे माता भेखली का इशारा होते ही रथयात्रा शुरू हुई। हर साल हजारों की संख्या में लोग और 300 के करीब देवी-देवता शिरकत करते थे।

इस बार न देव-मानस मिलन हुआ और न ही रथयात्रा में भव्यता नजर आई। हालांकि, आस्था के चलते ढालपुर और शहर में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें बेरिकेड लगाकर आगे जाने से रोका। दोपहर तीन बजे पुलिस के कड़े पहरे में ढोल-नगाड़ों, नरसिंगों और शहनाई की स्वरलहरियों के साथ भगवान रघुनाथ पालकी में सवार होकर ढालपुर मैदान पहुंचे।

रथ पर विराजमान रघुनाथ के दाईं तरफ पीज के अधिष्ठाता देवता जमदग्नि ऋषि चले। इसके अलावा देवी हिडिंबा, बिजली महादेव, देवता आदी ब्रह्मा, लक्ष्मी नारायण, देवता गोहरी, त्रिपुरा सुंदरी और देवता धूमल ने रथयात्रा में शिकरत की। हालांकि दशहरे में इस बार कुल 11 देवी-देवता पहुंचे हैं। न्योता सात देवताओं को था, लेकिन ट्रैफिक के देवता धूमल नाग समेत चार और देवता समारोह में बिना बुलाए पहुंचे।

कोरोना के चलते इस बार मात्र देव परंपरा की रस्में ही निभाईं। रघुनाथ की यात्रा के दौरान ‘अठारह करडू की सौह’ जय श्रीराम के उद्घोष लगे। मान्यता है कि भगवान रघुनाथ का रथ खींचने से पापों से मुक्ति मिलती है। अगले छह दिन तक रोजाना दशहरे की परंपराएं निभाई जाएंगी। 
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पूर्व सांसद सुशांत ने बनाई ‘हमारी पार्टी: हिमाचल पार्टी’, तीसरे राजनीतिक विकल्प का दावा

चार बार विधायक व एक बार सांसद रहे पूर्व मंत्री डॉ. राजन सुशांत ने सूबे की सियासी तस्वीर बदलने को बड़ा कदम उठाया है। सुशांत ने हिमाचल प्रदेश के लोगों को जोड़ने के उद्देश्य से एक नए राजनीतिक दल का गठन किया है। इस क्षेत्रीय दल को ‘हमारी पार्टी: हिमाचल पार्टी’ नाम दिया गया है। सुशांत ने दावा किया है कि यह पार्टी प्रदेश की जनता को तीसरा सियासी विकल्प मुहैया कराएगी।

सुशांत ने कहा कि पार्टी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था, रोजगार, पौंग बांध विस्थापित जैसे स्थानीय मुद्दों के जरिये लोगों को जोड़ने और समस्याओं का हल करने का प्रयास करेगी। प्रदेश में कई बार क्षेत्रीय पार्टियां बनीं लेकिन बनाने वालों पर अस्तित्व का संकट था। इसीलिए वह लंबे समय तक नहीं चलीं। उन्होंने कहा कि जीवन में किया गया संघर्ष ही मेरी ताकत है और इसी को देखते हुए जनता सहयोग करेगी। सुशांत का यह विकल्प पंडित सुखराम और महेश्वर सिंह के बाद तीसरा बड़ा प्रयास है।

वाईडब्ल्यूसीए शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान सुशांत ने पार्टी की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह पार्टी सिर्फ हिमाचल के लोग चलाएंगे और इसकी सरकार दिल्ली में बैठे किसी सम्राट के सूबेदार के तौर पर नहीं बल्कि हिमाचल के लोगों के हित के लिए काम करेगी। प्रदेश में तेरह लाख बेरोजगार हैं जिन्हें नौकरी देने के लिए काम नहीं हो रहा। करुणामूलक आधार पर भी नौकरी देने में भेदभाव किया गया है और लोग परेशान घूम रहे हैं।

यही हाल रहा तो प्रदेश में गुजरात की तरह बड़ा बेरोजगारी आंदोलन होगा। प्रदेश की भाजपा और कांग्रेस की सरकारें सिर्फ मौज उड़ाने के  लिए लोन ले रही हैं और बड़े प्रोजेक्टों को खुद बनाने के लिए लोन लेने के बजाय दूसरी कंपनियों को महज दस से बारह प्रतिशत की रॉयल्टी पर दे रही हैं। हिमाचल में पैदा हो रहे बच्चे पर अस्सी हजार का उधार का बोझ डाला जा रहा है। पुरानी पेंशन स्कीम बंद कर करीब डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों के साथ अन्याय किया गया है। अगर कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था नहीं बदली जाती तो सभी विधायकों व सांसदों की भी पेंशन 2003 के बाद नए नियम के अनुसार दी जाए। 

अडानी-अंबानी को दे रहे फायदा
सुशांत ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज सरकार खुद नहीं बना रही बल्कि अडानी-अंबानी को दिए जा रहे हैं। यही नहीं, जिस सेब को बाग से 25-30 रुपये में खरीदा जा रहा है, उसे बाद में हिमाचल के लोगों को ही 100 रुपये में बेचा जा रहा है। हिमाचल में जल, वन व भूमि शक्ति है जिसमें अपार संभावनाएं हैं। लेकिन भाजपा और कांग्रेस संसाधन लुटाने में एक-दूसरे को पछाड़ने में जुटी हैं। सतलुज को प्रदेश के पहाड़ों से पानी मिलता है लेकिन हमारे बजाय उसके पानी पर हक के लिए पंजाब और हरियाणा लड़ रहे हैं। 

शांता को बताया युधिष्ठिर, मंशा पर उठाए सवाल
सुशांत के निशाने पर प्रदेश की वर्तमान भाजपा और पूर्व कांग्रेस सरकारों के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार भी रहे। नाम न लेते हुए युधिष्ठिर की संज्ञा दी और कहा कि जो आज की भाजपा सरकार की गलतियों पर सवाल उठा रहे हैं, उनकी गड़बड़ी सामने लाने की मंशा में ही गड़बड़ी दिख रही है। 

संघर्ष की कर रहे तैयारी, सरकार को हिलाएंगे
सुशांत ने बताया कि पार्टी तीन से छह महीने में कार्यकारिणी गठित कर सूबे के हर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी के चुनाव के लिए अभी से जुटेगी। ओल्ड पेंशन स्कीम और सीमेंट उद्योग की मनमानी के खिलाफ अगले तीन महीने में बड़े आंदोलन किए जाएंगे। उन्होंने पंचायत चुनावों में शामिल न होने की बात कही। उन्होंने कहा कि पार्टी मुद्दों पर आधारित राजनीति करेगी।
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प्रदेश में 31 अक्तूबर तक साफ रहेगा मौसम, केलांग में 0.9 डिग्री पहुंचा पारा

प्रदेश में 31 अक्तूबर तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार  राज्य के विभिन्न भागों में पिछले चौबीस घंटे में न्यूनतम और अधिकतम तापमान 1 से 2 डिग्री चढ़ा है। राजधानी शिमला सहित अन्य पर्यटन स्थलों में रविवार को दिन भर मौसम साफ रहा और बाजारों में स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रही।

प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान केलांग में 0.9 डिग्री जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। शिमला का न्यूनतम तापमान 10.6, सुंदरनगर 10.3, भुंतर 8.7, कल्पा 3.6, धर्मशाला 11.8, ऊना 11.6, नाहन 19.5, केलांग 0.9, पालमपुर 10.5, सोलन 8.5, मनाली 5.2, कांगड़ा 12.2, मंडी 10.0, बिलासपुर 11.5, हमीरपुर 11.3, चंबा 10.0, डलहौजी 9.6 और कुफरी 9.8  डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

शिमला का अधिकतम तापमान  शिमला 20.7, सुंदरनगर 28.3, भुंतर 27.2, कल्पा 18.0, धर्मशाला 22.2, ऊना 33.7, नाहन 28.5, सोलन 29.5, कांगड़ा 29.5,  बिलासपुर 31.0, हमीरपुर 30.8, चंबा 26.9, डलहौजी 13.7 और केलांग 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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