Navratri 2020 Durga Ashtami: महाष्टमी आज, करें कन्या पूजन और जानिए मां महागौरी पूजन विधि और मंत्र

धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 24 Oct 2020 07:28 AM IST
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navratri 2020: नवरात्रि के आठवें दिन देवी दुर्गा के 8वें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है।
navratri 2020: नवरात्रि के आठवें दिन देवी दुर्गा के 8वें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है।

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Navratri 2020 Maha Ashtami Durga Ashtami: आज नवरात्रि महाष्टमी का पर्व है, जिसे दुर्गाष्टमी भी कहते हैं। नवरात्रि के आठवें दिन देवी दुर्गा के 8वें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। मां महागौरी की उपासना करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती है। इसके अलावा नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर महागौरी की आराधना से व्यक्ति को सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। 
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माता महागौरी का स्वरूप:  Navratri 2020 Durga Ashtami Maa Mahagauri Puja Vidhi
नवदुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी का रंग गोरा हैं, इसलिए इनका नाम महागौरी पड़ा हैं। माता की पूजा अर्चना करने से समस्त पापों का नाश हो जाता है। दुख, दरिद्रता और कष्ट भी मिट जाते है। मां की पूजा से कुंडली दोष भी दूर हो जाता है। शादी विवाह में आई हुई परेशानियों को दूर करने के लिए महागौरी का पूजन किया जाता है, क्योंकि महागौरी का पूजन करने से कुंडली का कमजोर शुक्र भी मजबूत हो जाता है और दांपत्य जीवन सुखद होता है साथ ही पारिवारिक कलह क्लेश भी मिट जाते है।
अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन का महत्व:  Navratri 2020 Kanya Pujan
नवरात्रि पर अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इस दिन कुंवारी कन्याओं को घर पर बुलाकर उन्हें पूजने और भोजन कराने की परंपरा होती है। मान्यता है कि कुंवारी कन्याओं में माता दुर्गा का स्वरूप होता है और नवरात्रि पर उनकी नौ दिनों तक आराधना करने के बाद कन्या पूजन कर उनकी विदाई की जाती है। वैसे तो नवरात्रि के हर दिन पर कन्या पूजन का महत्व होता है लेकिन अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है।

कन्या पूजन में 9 कन्याओं का पूजन श्रेष्ठ माना जाता है। सबसे पहले सभी कन्याओं के पांव धोएं फिर उन्हें टीका चंदन लगाकर उनकी आरती करें। कन्याओं की आरती करते समय मां का ध्यान करें क्योंकि ये 9 कन्याएं मां के 9 रूपों को दर्शाती हैं। फिर कन्याओं को भोजन करवाकर इन्हें भेंट स्वरूप कुछ दक्षिणा दें।

दुर्गाष्टमी पूजन विधि:  Maha Ashtami Durga Ashtami Puja Vidhi 2020
महा अष्टमी के दिन प्रातः उठ कर स्नान करने के बाद माता की प्रतिमा को अच्छे वस्त्रों से सुसज्जित करें और देवी भगवती की पूरे विधि और विधान से पूजा करनी चाहिए। मां के पूजन के लिए लाल फूलों का उपयोग करना चाहिए। पूजा के बाद मां को खीर, हलुआ और मिठाइयों का भोग लगाएं। इस दिन कन्या पूजन का भी विशेष महत्त्व है। कन्या पूजा में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कन्याओं की उम्र 2 से 12 वर्ष तक हो। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन घर में हवन करवाना बड़ा ही शुभ होता है।

मां महागौरी बीज मंत्र
श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।

महागौरी मंत्र
माहेश्वरी वृष आरूढ़ कौमारी शिखिवाहना।
श्वेत रूप धरा देवी ईश्वरी वृष वाहना।।
ओम देवी महागौर्यै नमः।

अष्टमी तिथि  शुभ मुहुर्त
हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार 23 अक्तूबर दिन शुक्रवार को सुबह 6 बजकर 57 मिनट से अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। जो अगले दिन यानी 24 अक्तूबर की सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। नवमी तिथि 24 अक्तूबर को सुबह 6 बजकर 58 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो 25 अक्तूबर की सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी।
 
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