शनि की साढ़े साती और ढैय्या, ज्योतिष में क्या हैं इनके उपाय

ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 07 Dec 2019 07:12 AM IST
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शनि ग्रह न्याय के देवता हैं। शनि लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए ज्योतिष में इन्हें कर्मफलदाता माना गया है। ये मकर और कुंभ के स्वामी हैं। शनि तुला में उच्च और मेष राशि में नीच भाव में होते हैं। कुंडली में शनि की महादशा 19 वर्ष की होती है। शनि की चाल सभी ग्रहों में से सबसे धीमी है। यह एक राशि से दूसरी राशि में जाने तक ढाई वर्ष का समय लेते हैं। शनि की साढ़े साती सात साल की होती है। शनि की साढ़े साती और ढैय्या से व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार की परेशानियां आती हैं। लेकिन जिस व्यक्ति के लिए शनि शुभ होता है वह मालामाल हो जाता है।
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