सिर्फ इनका पाठ ही आपको हर कामयाबी दिला सकता है

Rakesh Jhaराकेश कुमार झा Updated Mon, 29 Sep 2014 02:34 PM IST
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effect of reading mantra and mythological book

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अगर आप राम कहें या ओम का जाप करें तो उसका अर्थ जानें या न जानें कोई फर्क नहीं पड़ता। राम का अर्थ नहीं भी पता हो, और किसी को हिंदी या संस्कृत नहीं आता हो तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता। यह साबित करने के लिए किसी लंबे चौड़े प्रमाण की जरूरत नहीं है। किसी भी भाषा को जानकार हों, मंत्र का असर समान ही होता है।
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ईशावास्य शोध संस्थान औरंगाबाद के निदेशक स्वामी शाश्वती आनंद का कहना है कि पारायण का भी वही असर होता है। इसके लिए जरूरी है कि इस प्रयोजन के लिए उपयुक्त ग्रंथों का स्वर छंद के साथ मंगलाचरण और पुष्पिका सहित पाठ किया जाए।


मंगलाचरण किसी भी अध्याय या प्रकरण के शुरु में की जाने वाली वंदना है तो पुष्पिका अध्याय पूरा होने पर उस प्रकरण का क्रम, संक्षेप और उद्देश्य की घोषणा है। मंगल श्लोक और पुष्पिका उस ग्रंथ को पुस्तक की श्रेणी से निकाल कर मंत्र के स्तर तक उठा देते हैं।
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पाठ का चमत्कारी प्रभाव

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