सीख: पेशे में सफलता के लिए आध्यात्मिक रूप से दो चीजें बहुत जरूरी

धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 30 Jul 2019 09:55 AM IST
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आध्यात्मिक ताकत का महत्व
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भारतीय संस्कृति में आध्यात्म और दर्शन का बहुत महत्व है। आध्यात्म से जहां एक ओर मन को शान्ति और सुखद अनुभव की प्राप्ति होती है तो वहीं भारतीय दर्शन से जीवन को सफल बनाने में कई तरह की प्रेरणाएं मिलती है। पेशेवर तौर पर किसी व्यक्ति को अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आध्यात्मिक रूप से उतना मजबूत होना चाहिए जितना पेशेवर सफलता प्राप्त करने के लिए जरूरी है। दो ऐसी चीजें जो किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने में बड़ी भूमिका अदा करता है।
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स्वयं की ताकत पर करें भरोसा न की दूसरे पर
अक्सर देखा जाता है व्यक्ति अपनी शक्ति न होने के कारण दूसरों पर ज्यादा निर्भर रहता है। अपने अंदर की शक्ति को बढ़ाने के लिए रोजमर्रा के जीवन में छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान दें। जैसे कि एक दिन में आप कितने बातें बोलते हैं? अगले दिन उन्हीं बातों को कहें, लेकिन पिछले दिन की अपेक्षा लगभग आधे शब्दों का इस्तेमाल करके इसे कहने की कोशिश कीजिए। ऐसा करके आप लोगों से संवाद कम नहीं कर रहे, बस शब्दों का इस्तेमाल आधा कर दिया है। निश्चित तौर पर इससे भाषा में आपकी कुशलता भी बढ़ेगी और तब आप देखेंगे कि आपने अपने भीतर स्वयं की शक्ति विकसित कर ली है। अगर आपके भीतर अपनी कोई निजी शक्ति ही नहीं होगी, तो आप दूसरों की राय के मुताबिक ही जिएंगे। 
अपनी ताकत को बढ़ाने के बजाय हम सहारों को बढ़ाने में लगे हैं 
उदाहरण के तौर पर मान लिया जाए कि आप खुद चलने में सक्षम नहीं हैं तो आप छड़ी का सहारा लेते हैं, इसमें कोई हर्ज नहीं। लेकिन यह मत सोचिए कि छड़ी ही आपकी ताकत है। यह ताकत नहीं है।आप जो हैं, वही आपकी असली ताकत है। इस शक्ति को बढ़ाने के बजाए हम सहारों को बढ़ाने में लगे हैं। आप तभी मजबूत कहलाएंगे, जब आप कम से कम मदद के बिना खड़े हो सकें। अगर आप कम से कम मदद के बिना खड़े हो सकें तो इसका मतलब होगा कि आप मजबूत हैं। इसका मतलब हुआ कि आप कहीं भी जा सकते हैं।
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