15 साल में भारतीय क्रिकेट में धोनी ने क्या बदला?

Vimal Kumarविमल कुमार Updated Tue, 24 Dec 2019 12:02 AM IST
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महेंद्र सिंह धोनी
महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : ट्विटर

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देखते ही देखते ना जाने कैसे वो 15 साल पलक झपकते ही बीत गए। आज भारत में महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास लेने की अटकलों पर ज्यादा चर्चा हो रही है बजाए उनके खेल के। निश्चित तौर पर धोनी अपने करियर के आखिरी पड़ाव में चूकें हैं, लेकिन 15 साल से लगातार अलग-अलग भूमिका में अपने चाहने वालों का मनोरंजन करने वाला यह खिलाड़ी अद्भुत शख्सियत वाला रहा है।
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सचिन तेंदुलकर की तरह ये न तो मुंबई के नामी घराने से आता था जहां पूत के पांव पालने में नजर आ जाते हैं। न ही ये राहुल द्रविड़ की तरह कर्नाटक से आता था, जिसके लिए अपने ही राज्य में रोल मॉडल के तौर पर गुंडप्पा विश्वानाथ हुआ करते थे। नई सदी की शुरुआत में झारखंड से किसी क्रिकेटर का भारत के लिए लिए खेलना ठीक वैसा ही था, जैसा 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी के अलावा किसी और का प्रधानमंत्री बनने के बारे में सोचना, लेकिन, धोनी के पूरे करियर की कहानी तो अनहोनी को होनी करने वाली ही रही है।
विकेटकीपर के तौर पर जब पार्थिव पटेल और दिनेश कार्तिक के बीच लगातार टक्कर चल रही थी जो ना जाने धोनी कैसे तूफान की तरह आए और इन दोनों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय टीम के दस्तानों को ऐसे अपने हाथों से चिपकाया कि अगले एक दशक से ज्यादा समय तक उनके प्रतिद्वंद्वियों ने भी मान लिया कि वाकई में माही जैसा कोई नहीं।
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विनम्रता ही धोनी का गहना है

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