स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 14 Nov 2020 01:38 PM IST
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खेल मंत्रालय ने अगले चार साल में खेलो इंडिया योजना के मार्फत 500 निजी अकादमियों को आर्थिक सहायता देने के लिए नए प्रोत्साहन ढांचे की घोषणा की है, इसके तहत निजी अकादमियों को उनके खिलाड़ियों की उपलब्धियों और गुणवत्ता, कोचों के स्तर, खेल के स्तर, खेल विज्ञान सुविधाओं की उपलब्धता और स्टाफ के आधार पर अलग अलग वर्गों में बांटा जाएगा।
2028 ओलंपिक के लिए प्राथमिकता के तौर पर चुने गए 14 खेलों को शामिल किया गया है। खेलमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'इस तरह की संस्थाओं को सहयोग करना जरूरी है ताकि दूर दराज के इलाकों से प्रतिभाओं को तलाशा और तराशा जा सके। इसके जरिए सभी अकादमियों खासकर बुनियादी ढांचा बेहतर करने की दिशा में प्रयास कर रही निजी अकादमियों को मदद मिलेगी।’
ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग ने इस पर कहा, 'यह निजी अकादमियों का मनोबल बढाने की दिशा में बढ़ा कदम है। इससे उन्हें आगे भी विश्व स्तरीय आधारभूत संरचना तैयार करने में मदद मिलेगी।’ गगन नारंग भी निजी अकादमी ‘गन फोर ग्लोरी’ चलाते हैं।
सार
राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह आगे की ओर बढाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
विस्तार
खेल मंत्रालय ने अगले चार साल में खेलो इंडिया योजना के मार्फत 500 निजी अकादमियों को आर्थिक सहायता देने के लिए नए प्रोत्साहन ढांचे की घोषणा की है, इसके तहत निजी अकादमियों को उनके खिलाड़ियों की उपलब्धियों और गुणवत्ता, कोचों के स्तर, खेल के स्तर, खेल विज्ञान सुविधाओं की उपलब्धता और स्टाफ के आधार पर अलग अलग वर्गों में बांटा जाएगा।
2028 ओलंपिक के लिए प्राथमिकता के तौर पर चुने गए 14 खेलों को शामिल किया गया है। खेलमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'इस तरह की संस्थाओं को सहयोग करना जरूरी है ताकि दूर दराज के इलाकों से प्रतिभाओं को तलाशा और तराशा जा सके। इसके जरिए सभी अकादमियों खासकर बुनियादी ढांचा बेहतर करने की दिशा में प्रयास कर रही निजी अकादमियों को मदद मिलेगी।’
ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग ने इस पर कहा, 'यह निजी अकादमियों का मनोबल बढाने की दिशा में बढ़ा कदम है। इससे उन्हें आगे भी विश्व स्तरीय आधारभूत संरचना तैयार करने में मदद मिलेगी।’ गगन नारंग भी निजी अकादमी ‘गन फोर ग्लोरी’ चलाते हैं।