PUBG बैन: आखिर इतना बड़ा गेमिंग का साम्राज्य कैसे खड़ा हुआ?

बीबीसी Updated Thu, 03 Sep 2020 10:10 PM IST
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भारत में पबजी पर प्रतिबंध
भारत में पबजी पर प्रतिबंध - फोटो : File

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वैसे तो भारत सरकार ने 118 मोबाइल ऐप्स को बैन किया है। इसमें गेमिंग ऐप से लेकर डेटिंग, बिजनेस और दूसरी तरह के ऐप शामिल हैं। लेकिन हर जगह चर्चा पबजी मोबाइल गेम बैन की ही हो रही है। प्रतिबंध के बाद पबजी अब आप मोबाइल पर तो नहीं खेल सकते लेकिन डेस्कटॉप वर्जन अब भी काम कर रहा है।
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भारत सरकार के इस फैसले से कुछ बच्चे भले ही नाराज हों, लेकिन गेम को खेलने वाले बच्चों के माता-पिता ने इससे सबसे ज्यादा खुश हैं। पबजी खेलने के बच्चों की लत से सबसे ज्यादा वही परेशान थे।


माता-पिता की परेशानी का आलम ये था कि 2019 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'परीक्षा पर चर्चा' कर रहे थे तो एक अभिभावक ने उनसे पूछा, "मेरा बेटा 9वीं क्लास में पढ़ता है, पहले वो पढ़ने में बहुत अच्छा था, पिछले कुछ समय से ऑनलाइन गेम्स के प्रति उसका झुकाव ज्यादा बढ़ गया है। जिसकी वजह से उसकी पढ़ाई पर फर्क़ पड़ रहा है। मैं क्या करूं"

सवाल पूरा होने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पबजी वाला है क्या?"

उनके इतना कहते ही पूरा ऑडिटोरियम ठहाकों से गूंज उठा। जाहिर है ये ठहाके भारत में पबजी की लोकप्रियता को बयान करने के लिए काफी हैं। क्या अभिभावक, क्या बच्चे और क्या प्रधानमंत्री - ऐसा कोई नहीं जिसने पबजी का नाम नहीं सुना हो।

प्रधानमंत्री मोदी ने उसी चर्चा में कहा था - ये समस्या भी है और समाधान भी। लेकिन डेढ़ साल बाद इसे समस्या मानते हुए उन्हीं की सरकार ने इसे बैन कर दिया।

इसके बैन होने के बाद इस गेम को खेलने वाले पबजी के पोस्टर बॉय नमन माथुर ने यूट्यूब पर एक लाइव किया। इस लाइव को एक समय में 80 हजार लोग देख रहे थे। नमन ने इस बैन के बारे में ट्वीट कर कहा, 'तूफान आ गया है'। बैन के बाद के उसके वीडियो को लगभग 60 लाख लोग देख चुके हैं।

भारत सरकार के इस नए क़दम को चीन पर डिजिटल स्ट्राइक पार्ट-3 के तौर पर भी देखा जा रहा है। पिछले दस सालों में ऑनलाइन गेमिंग के मार्केट ने अपना जाल ऐसे फैला लिया है कि अब दुनिया के सबसे तेजी से उभरते हुए मार्केट में से एक माना जा रहा है।

आसान शब्दों में इस गेमिंग बाजार को समझने के लिए आप ये समझें कि जब पैसा देकर कोई सामान खरीददतें हैं तो आप खर्च करने के पहले 5 बार सोचते हैं।

लेकिन ऑनलाइन मोबाइल गेम खेलते हैं तो इसका खर्चा शुरुआती दौर में नहीं होता। इसलिए लोगों को लगता है कि पैसे खर्च भी नहीं होते और मजा भी ले लेते हैं। इसी तरह ऑनलाइन मोबाइल गेम का बाजार बढ़ता जाता है। हालाँकि इसे प्रोफेशनल तरीक़े से खेलने में और नए-नए लेवल पर जा कर खेलने में पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं।

गेमिंग कंपनियां पहले आपको इसे खेलने की आदत लगाती हैं और फिर बाद में पैसे बनाती हैं। आसान भाषा में इस व्यापार को ऐसे समझा जा सकता है।
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