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कोविड-19 के लिए माइक्रोसॉफ्ट का WHO से करार

डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Sat, 28 Mar 2020 05:40 AM IST
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सार

  • माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्य नडेला ने ट्वीट कर दी सूचना
  • त्वरित डेटा एनालिसिस, क्लाउड और डिवाइस साइबर सुरक्षा में डब्ल्यू.एच.ओ. को मिलेगी मदद
  • रिमोट लोकेशन से काम करने की प्रक्रिया को भी बढ़ावा मिलेगा
  • सुपर कम्प्यूटर समिट पहले ही खोज चुका है कोरोना उपचार के संभावित 77 उपयोगी यौगिक

विस्तार

बहुराष्ट्रीय टैक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने कोविड-19 से उपजी वैश्विक उठापटक के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) से करार किया है। इसकी सूचना कंपनी के सीईओ सत्य नडेला ने ट्वीट के जरिए साझा की है। दुनिया भर में उथल-पुथल मचाने वाले कोरोना के संदर्भ में होने वाली शोध और डेटा एनालिसिस के बहु-स्तरीय काम में डब्ल्यू.एच.ओ. को इससे बड़ी मदद मिल सकती है।
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इस साझेदारी के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैडरॉस का शुक्रिया अदा करते हुए माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने कहा है कि त्वरित डेटा एनालिसिस, रिमोट लोकेशन से काम करने के सिस्टम (उनका इशारा माइक्रोसॉफ्ट टीम्स नाम के वर्कप्लेस टूल से है) और क्लाउड में मजबूत साइबर सुरक्षा के साथ ही डब्ल्यू.एच.ओ. की कम्प्यूटर डिवाइसों पर भी साइबर सुरक्षा देने के लिए उनकी कम्पनी अपने प्रयासों को दोगुना करने में भी कोई कसर नहीं उठा रखेगी। कंपनी के सीईओ नडेला ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टैडरॉस को धन्यवाद देते हुए कहा है कि कोविड-19 से जूझ रहे डब्ल्यू.एच.ओ. और उसके सभी सहयोगी संस्थाओं का हम हर तरह से सहयोग करने के लिए तत्पर हैं।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में एक साक्षात्कार में सत्य नडेला ने कहा था कि उन्हें पूरा भरोसा है कि कोविड-19 से उपजी आर्थिक उठापटक का उनकी कंपनी मजबूती से सामना करेगी और अपनी विविधता भरी व्यापारिक गतिविधियों से इस संकट से पार पा जाएगी। माइक्रोसॉफ्ट का ‘टीम्स टूल’ आज के परिप्रेक्ष्य में वर्क फ्राम होम करने वाले आईटी पेशेवरों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।


सुपरकम्प्यूटर समिट ढूंढ चुका है 77 उपयोगी  स्माल मॉलीक्यूल ड्रग कंपाउंड
त्वरित डेटा एनालिसिस की ही जहां तक बात है तो हाल ही में एक और दिग्गज बहुराष्ट्रीय कम्प्यूटर हार्डवेयर कंपनी आई.बी.एम. ने हाल ही में अपने सबसे सशक्त सुपरकम्प्यूटर समिट को कोविड-19 वायरस की संभावित दवाई खोजने के काम में लगाया। इसमें कंपनी ने व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ साइंस एंड टैक्नोलॉजी पॉलिसी, अमेरिकी ऊर्जा विभाग तथा अन्य कई संस्थाओं के साथ मिलकर शोधकर्ताओं को महामारी विज्ञान, बायोइन्फॉर्मेटिक्स और मॉलीक्यूलर मॉडलिंग के लिए लाखों गणनाओं को बेहद तेजी से करने में सक्षम अपने सुपरकम्प्यूटर समिट को लगाया।

थोड़े ही समय में शोधकर्ता 8000 यौगिकों (कंपाउंड) में से 77 ऐसे उपयोगी छोटे आणविक औषधीय यौगिक (स्मॉल मॉलीक्यूल ड्रग कंपाउंड) खोजने में सफल हो सके हैं जिनको लेकर अब आगे की शोध और तेजी से की जा सकेगी-इस उम्मीद के साथ कि कोविड-19 के उपचार के लिए दवा की खोज में इन 77 को लेकर सीधे प्रयोग किए जा सकेंगे। सुपर कम्प्यूटर न होता तो इतनी गणनाओं में बरसों लग जाते।

वर्क फ्राम होम का नया आयाम सामने आ सकता है...
इसी संदर्भ में एक रोचक स्थिति यह भी बनी है कि कोविड-19 के चलते आईटी क्षेत्र की कई दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अनायास ही यह आजमाने का मौका हालात ने दे दिया है कि उनके जटिल से जटिल ऑपरेशनों को भी संचालित करने के लिए कंपनियों की टीम को ऑफिस आने की जरूरत नहीं है। अनेक कंपनियों की कई देशों में बैठी टीमें या एक ही देश में हजारों मील की दूरी पर बैठी टीमों के सदस्य अपने-अपने घरों से बैठकर ही सभी गतिविधियों का संचालन कर पा रहे हैं, तमाम तरह की तकनीकी इमरजेंसियों के समाधान कर पा रहे हैं।

बड़े आलीशान ऑफिसों से लैस ये कंपनियां कोविड-19 से उबरने के बाद भी इस रिमोट कार्यप्रणाली को आजमाने की सोचने लगे तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। बिना कार्यदक्षता प्रभावित हुए कम खर्च में काम-कम से कम ऑफिस, काफी कुछ वर्क फ्राम होम...।
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