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उत्तर प्रदेश

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

Lockdown: ई-रिक्शा चालकों को मिलेंगे एक-एक हजार रुपये, ऐसे कर सकते हैं आवदेन

लॉकडाउन में आगरा जिले के ई-रिक्शा मालिक, चालकों को सरकार की ओर से एक हजार रुपये की मदद दी जाएगी। इसके लिए ई-रिक्शा चालक संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों के मोबाइल नंबरों पर मांगी गई सूचना दे सकते हैं। 

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अनिल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से रिक्शा चालकों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इससे आगरा के आरटीओ में पंजीकृत 3200 ई रिक्शा चालकों के बैंक खातों में एक हजार रुपये की धनराशि स्थानांतरित की जाएगी। 

ई-रिक्शा स्वामी, चालक अपने बैंक खाते का नंबर, आईएफसी कोड, गाड़ी का नंबर एआरटीओ के मोबाइल नंबर 9412937339, आरआई 9711422289, पीटीओ 9532110490 पर भेजें।
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लखनऊ में सुबह साढ़े नौ बजे से शाम छह बजे तक वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध

कोरोना का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लखनऊ में आज से सुबह साढ़े 9 बजे से शाम 6 बजे तक किसी भी तरह के वाहनों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति चार पहिया या दो पहिया वाहन से घूमता पाया गया तो वाहन सीज कर लॉकडाउन उल्लंघन का केस दर्ज किया जाएगा। 

ड्यूटी पर तैनात आवश्यक सेवाओं और आवश्यक आपूर्ति से जुड़े कुछ लोगों को ही वाहन से आने-जाने की छूट रहेगी। पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय व डीएम अभिषेक प्रकाश ने बृहस्पतिवार को यह आदेश जारी किया। 

इसमें कहा गया है कि दूध, सब्जी, दवा या राशन खरीदने के लिए लोग आसपास की दुकानों तक पैदल ही जाएं। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
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पहले चरण में 11 लाख मजदूरों के खाते में भेजे गए एक हजार रुपये : सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को जानकारी दी कि पहले चरण में राज्य के 11 लाख से ज्यादा श्रमिकों को उनके खाते में 1,000 रुपये भेजे गए हैं। जिससे उनकी आजीविका चलती रहे। इसके बाद यह लाभ 20 लाख मजदूरों तक पहुंचाया जाएगा। 


सीएम ने कहा कि जितने भी ठेला, खोमचा, रेहड़ी, रिक्शा, ई-रिक्शा, पल्लेदार, या अन्य सेवाएं देने वाले लोग हैं, इनके लिए एक सर्वे कराकर हमने प्रशासन को आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाई है। स्वाभाविक रूप से इस समय लॉकडाउन के कारण इन सभी का कार्य प्रभावित है। इन सभी को भरण-पोषण का भत्ता दिया जाना चाहिए। ऐसे दैनिक काम करने वाले लोगों को भी हम धनराशि उपलब्ध करवा रहे हैं।

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ताजमहल

अलीगढ़ः लॉकडाउन में विधायक ने मंदिर में परिवार के साथ की पूजा, कहा दुनिया को बचाने के लिए किया हवन

शहर विधान सभा क्षेत्र के विधायक संजीव राजा लॉकडाउन की परवाह किए बिना महावीरगंज स्थित मंदिर में स्वजनों के साथ हवन-पूजन किया। शहर में इसको लेकर चर्चा का बाजार गरम है।

लोग कह रहे हैं कि जब विधायक ऐसा करेंगे तो जनता को धार्मिक स्थलों में जाने से किस नैतिक अधिकार से रोका जाएगा। वहीं, संजीव राजा का कहना है कि वह कोरोना वायरस के संक्रमण से विश्व को बचाने के लिए विशेष तौर पर हवन-पूजन करने गए थे।

महावीर जयंती के दिन संजीव राजा अपने स्वजनों के साथ हनुमान मंदिर में हवन-पूजन किया। बच्चे और महिलाएं सहित करीब 15-20 लोग इस अनुष्ठान में शामिल हुए। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब लॉकडाउन में सभी धर्म स्थल बंद हैं तो विधायक हवन-पूजन करने लोगों के साथ कैसे पहुंच गए।

हवन-पूजन के दौरान सामाजिक दूरी एवं मास्क आदि का ख्याल रखा गया या नहीं। इस संबंध में विधायक संजीव राजा का कहना है कि महावीरगंज मंदिर प्राचीन व पवित्र मंदिर हैं। वह हर साल हनुमान जयंती पर यहां आते हैं।

इस बार वह विशेष तौर पर कोरोना संकट से विश्व को बचाने के लिए प्रार्थना करने हनुमान बाबा के पास गए थे। उनका कहना है कि पूजा के दौरान सामाजिक दूरी एवं अन्य तमाम तरह की सावधानी बरती गई।

वह सिर्फ पांच परिवार के साथ हवन-पूजन करने गए थे। लॉकडाउन में मंदिर खुले होने के संबंध में उनका कहना है कि लॉकडाउन के दौरान पुजारी मंदिर में आते हैं। आरती होती है। भगवान को भोग लगाया जाता है। भगवान को भूखे नहीं छोड़ा जा सकता।
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कोरोना का खौफ: डॉक्टरों ने संदिग्धों का सैंपल लेने से खड़े किए हाथ 

मेडिकल कॉलेज में कोरोना के सैंपल लेने के लिए पर्याप्त मशीन नहीं हैं। वीडियो लैरिंगो स्कोप की मदद से डॉक्टर मरीज की सांस की नली में ट्यूब डालते हैं। ऐसे में डॉक्टर को मरीज से संक्रमण फैलने का खतरा कम रहता है। 

कॉलेज प्रशासन ने शासन को इस मशीन की खरीद के लिए पत्र भेजा था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। अब फिर से कॉलेज ने शासन को पत्र भेजा है। बताया गया कि डॉक्टरों ने भी मरीज को ट्यूब डालने से हाथ खड़े कर दिए हैं।

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सिर्फ एक ही वीडियो लैरिंगों स्कोप है। जो कि एनेस्थीसिया विभाग के ऑपरेशन थिएटर में रखी हुई है। चूंकि, कोरोना वायरस के चलते मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। 

कई कोरोना संदिग्ध मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसे में डॉक्टर उनकी सांस की नली में ट्यूब डालते हैं। यह ट्यूब वीडियो लैरिंगों स्कोप में देखकर डाली जाती है। इससे डॉक्टर को मरीज से संक्रमण फैलने का खतरा कम रहता है। 

चूंकि, आइसोलेशन वार्ड की किसी भी मशीन अथवा वस्तु का उपयोग दूसरी जगह पर नहीं किया जा सकता है। ऐसे में इन वार्ड के लिए अलग से वीडियो लैरिंगो स्कोप की जरूरत है।
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