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उदयस्वरूप और यशवीर संधू पर आरोप तय

उदयस्वरूप और यशवीर संधू पर आरोप तय Updated Sun, 27 Nov 2016 01:19 AM IST
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उदयस्वरूप और यशवीर संधू पर आरोप तय
उदयस्वरूप और यशवीर संधू पर आरोप तय - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

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दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट (डीइआई) के बहुचर्चित शोध छात्रा नेहा शर्मा हत्याकांड में आरोपी उदयस्वरूप और यशवीर संधू पर आरोप तय कर दिए गए हैं। कोर्ट ने उदयस्वरूप पर हत्या, दुष्कर्म और साक्ष्य नष्ट करने में आरोप तय किया। यशवीर पर हत्या में सहयोग और साक्ष्य मिटाने के आरोप में केस चलेगा।
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बता दें, दिल्ली निवासी रक्षपाल शर्मा की बेटी नेहा डीईआई संस्थान में नैनो टेक्नोलॉजी में शोध कर रही थी। 15 मार्च 2013 को संस्थान की लैब में धारदार पेपर कटर से उसकी हत्या की गई थी। खुलासे के लिए छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया।

इसके बाद पुलिस ने संस्थान के प्रमुख अधिकारी के रिश्तेदार उदय स्वरूप और लैब असिस्टेंट यशवीर सिंह संधू को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि उदय स्वरूप ने दुराचार में नाकाम होने पर नेहा की हत्या की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, लेकिन 22 जुलाई 2013 को प्रदेश सरकार की सिफारिश पर जांच सीबीआई को दी गई।
सीबीआई ने पांच जनवरी 2016 को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। डीएनए परीक्षण से साफ हुआ कि नेहा की हत्या रेप के बाद की गई थी। सीबीआई ने उदय स्वरूप के खिलाफ हत्या (धारा 302), दुराचार (धारा 376) और साक्ष्य मिटाने (धारा 201) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया जबकि यशवीर सिंह संधू को क्लीन चिट दे दी     गई। 
लेकिन कोर्ट ने पुलिस और सीबीआई दोनों की चार्जशीट का संज्ञान लिया। कोर्ट में दोनों ओर के अधिवक्ताओं की लिखित और मौखिक बहसें तमाम बार हुईं। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता सुनील माथुर, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गजेंद्र सिंह और आलोक सिंह ने यशवीर संधू को केस से डिस्चार्ज करने और केस की पुन: जांच कराने को प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोर्ट ने दोनों ही प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए।
अपर जिला जज (नवम) अनमोल पाल ने अपने आदेश में कहा कि उदयस्वरूप ने डीईआई की नैनो बायो टेक्नालाजी लैब में नेहा शर्मा के साथ लैंगिक संबंध स्थापित किए। लैब टेक्नीशियन यशवीर संधू के सहयोग से पेपर कटर और पिपैटी को तोड़कर धारदार हथियार की तरह प्रयोेेग करते हुए नेहा की हत्या कर दी।
साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से छात्रा के मोबाइल, लैपटॉप गायब कर दिए। लैब में बिखरा खून साफ कर दिया। उसकी कार को किसी अन्य स्थान पर खड़ा कर दिया। यशवीर संधू को धारा 201 आईपीसी में जमानत करानी होगी। अब 23 दिसंबर को वादी का बयान होगा। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रघुवीर सिंह राठौर, सुखवीर सिंह चौहान ने पैरवी की। वहीं अभियुक्त पक्ष की आर से सुनील माथुर और सुब्रत मेहरा ने की।
--। कोर्ट में चिल्लाया उदय स्वरूप
कोर्ट में शनिवार को दोनों आरोपियों के साथ उनके परिवारीजन भी मौजूद थे। कोर्ट का आदेश सुनकर कटघरे में खड़ा उदयस्वरूप चिल्लाने लगा कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसका कोई कसूर नहीं है। इस पर कोर्ट ने उससे कहा कि अभी कोई निर्णय नहीं है। विचारण के लिए बिंदु तय किए गए हैं। विचारण के बाद ही निष्कर्ष निकलेगा।
--। नेहा के पिता ने कहा, संघर्ष जारी रहेगा
नेहा शर्मा के पिता रक्षपाल शर्मा ने कोर्ट के आदेश पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि अभी न्याय के लिए आधा रास्ता तय हुआ है। आगे भी संघर्ष करता रहूंगा।  पूरा भरोसा है कि न्याय मिलेगा।  बता दें, रक्षपाल शर्मा हर तारीख पर हाजिर रहते हैं।


सबसे अहम साक्ष्य डीएनए परीक्षण रिपोर्ट बनी
बता दें, सीबीआई ने 64 गवाह बनाए हैं। कई साक्ष्य जुटाए हं। इसमें सबसे अहम साक्ष्य डीएनए परीक्षण रिपोर्ट रही। रेप की आशंका के चलते बनाई गई स्लाइड से डीएनए सैंपल लिया गया था। इसका मिलान उदय स्वरूप के डीएनए से कराया गया था। दुष्कर्म की पुष्टि होने पर सीबीआई ने दुष्कर्म की धारा भी बढ़ा दी। इसके बाद आरोपी उदयस्वरूप को कोर्ट ने दोबारा जेल भेज दिया था। वह अब तक जेल में ही है। 

कब क्या हुआ
- 15 मार्च 2013 को शोध छात्रा का लैब में कत्ल।
- 16 मार्च 2013 को छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन।
- 17 मार्च 2013 को लैब के पास से लैपटॉप मिला।
- 18 मार्च 2013 को संस्थान परिसर में मिला मोबाइल।
- 22 अप्रैल 2013 को नेहा हत्याकांड के आरोपी हिरासत में।
- 23 अप्रैल 2013 को नेहा हत्याकांड के आरोपी गिरफ्तार।
- 16 जुलाई 2013 को चार्जशीट सीओ कार्यालय भेजी गई।
- 18 जुलाई 2013 को कोर्ट में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।
- 22 जुलाई 2013 को केस सीबीआई को ट्रांसफर किया।
- 10 फरवरी 2014 को दोनों आरोपी जमानत पर हुए रिहा।
- 5 जनवरी 2016 को सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट लगाई।
- 12 मई 2016 को यदयस्वरूप दुष्कर्म के आरोप में भेजा जेल।

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