आगरा का सावनः सावन आते ही गूंजने लगता था, छज्जे पे दो चिड़िया बैठीं...

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Updated Thu, 23 Jul 2020 02:22 PM IST
विज्ञापन
सिमला गुप्ता, मोहल्ला मिश्रान, फतेहाबाद
सिमला गुप्ता, मोहल्ला मिश्रान, फतेहाबाद - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

सार

सास सुनाती थी मेघ मल्हार 

विस्तार

छज्जे पे दो चिड़ियां बैठीं पंख पसार के.... कच्चे नीम की निबौरी सावन बेग अइयो रे... बाबा जी के बाग में दो चिड़ियां चीं चीं करती हैं... और झूला तो पड़ गयो, अंबुआ की डार पे जी... सावन का महीना लगा नहीं कि गीत हर तरफ गूंजने लगते थे। उस सावन की तो बस यादें ही बची हैं।
विज्ञापन

मेरी शादी 48 साल पहले हुई थी। मुझे याद है कि पूरे सावन महिलाएं ज्यादातर हरे कपड़े ही पहनती थी। हरियाली अमावस्या, हरियाली तीज, नाग पंचमी, रक्षाबंधन और प्रत्येक सोमवार को तो खास तौर से पहने जाते थे। हरी चूड़ियां, हरे कंगन पहने जाते थे। प्रकृति में हरियाली छायी होती थी और मन में भी।
सास सुनाती थी मेघ मल्हार 
घरों में आंगन जरूर होता था। इसी में झूले डलते थे। जैसे ही रिमझिम फुहारे शुरू होती थीं, वैसे ही महिलाएं काम छोड़के झूलों पर आ जाती थीं। बहुएं झूलती थीं, सभी सास (चचेरी सास, तयेरी सास सहित) पास में खड़े होकर मेघ मल्हार गाती थीं। देवरानी-जेठानी, ननद-भाभी के बीच हंसी ठिठोली होती थी।

लंबी भुजरिया उगाने की लगती थी होड़
रक्षाबंधन से 15 दिन पहले से ही घरों में मिट्टी के पात्रों में गेहूं की बुआई कर दी जाती थी। रक्षाबंधन वाले दिन तालाब में उनको विसर्जित कर भुजरियों को घर लाया जाता था। जिसके बाद पड़ोसी, परिचित आते और घर में बेटियों को दान दक्षिणा देकर भुजरिया लेकर जाते थे। भुजरिया लेकर तालाब में प्रवाहित करते समय गाना बजाना हुआ करता था। अब सब किस्सा बनकर रह गया है।  - सिमला गुप्ता, मोहल्ला मिश्रान, फतेहाबाद 
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X