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सावन में शिव की आराधना के लिए क्यों जरुरी है यह संदेश
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अलीगढ़ : दो गोली सीने में और एक गोली गर्दन में लगी थी सचिन के

पिसावा में सोमवार को जिला पंचायत सदस्य दिनेश कुमार एडवोकेट के भतीजे सचिन की हत्या के बाद मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम में सचिन के शरीर में तीन गोलियां पाई गई हैं। दो गोली सचिन के सीने में लगी हैं, एक गोली गर्दन में लगी है। गोलियां 12 बोर और 15 बोर के तमंचे से मारी गई हैं। पुलिस अंदाजा लगा रही है कि सचिन के ऊपर एक साथ दो लोगों ने गोलियां चलाई। जो गोली गर्दन में लगी है वह 15 बोर की है। सीने में 12 बोर की गोलियां लगी हैं। एक गोली सीने में ऐसी जगह लगी है, जिससे उसका हॉर्ट बर्स्ट हो गया।
पूर्व चेयरमैन सहित चार नामजद
हत्याकांड में मृतक सचिन की पत्नी सीमा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें चार लोग नामजद हैं, जबकि दो अज्ञात में दर्ज हैं। जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, उनमें पिसावा के दमुआका निवासी राजू पुत्र भागचंद, गजेंद्र पुत्र भागचंद, आकाश पुत्र मनवीर निवासी जट्टारी टप्पल और मनवीर पुत्र किशन सिंह निवासी जट्टारी टप्पल शामिल हैं। इसके अलावा दो अज्ञात हैं। मनवीर पूर्व चेयरमैन हैं। एफआईआर में कहा गया है कि 2 दिन पहले उसके पति ने बताया था कि पूर्व चेयरमैन मनवीर उसकी हत्या की योजना बना रहा है। मनवीर के गनर के यहां कुछ बदमाश भी आकर रुके हैं ।
सीओ के नेतृत्व में एसआईटी जांच करेगी: एसएसपी
सचिन हत्याकांड में एसएसपी मुनिराज जी ने बताया पिसावा के गांव बिजलियां में सोमवार को दमुआका का रहने वाला सचिन कुछ दवाएं खरीदने आया था। यहीं पर हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज चेक किए हैं। मृतक पक्ष की ओर से चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जबकि दो अज्ञात हैं। जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है उसमें एक पूर्व चेयरमैन भी हैं। मृतक के ऊपर भी आठ मुकदमे दर्ज हैं। पूर्व में दोनों पक्ष एक दूसरे के ऊपर मुकदमे दर्ज कराते रहें हैं। सीओ के नेतृत्व में इस मामले में एसआईटी गठित कर दी है। वह इस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।
मनवीर के बेटे का पर्चा निरस्त करवाने पर शुरू हुई दुश्मनी
मारे गए सचिन और पूर्व चेयरमैन मनवीर के परिवार के बीच जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में एक पर्चा निरस्त कराने को लेकर दुश्मनी शुरू हुई थी। सचिन के पिता वीरपाल सिंह ने मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि मनवीर का बेटा एक बार जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहा था और उनका छोटे भाई भी चुनाव लड़ रहा था। मनवीर के बेटे ने चुनाव कार्यालय में जो दस्तावेज दाखिल किए, उनमें गड़बड़ी थी। उनके छोटे भाई ने गड़बड़ी प्रशासन में जाहिर कर दी। इसके बाद से ही मनवीर पक्ष उनके परिवार से दुश्मनी मानने लगा था।
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अलीगढ़ : इगलास अपहरणकांड में पुलिस ने एक बदमाश दबोचा

कोतवाली पुलिस ने अलीगढ़ निवासी कारोबारी सुरेंद्र जिंदल के अपहरण के बाद फिरौती लेकर छोडऩे के मामले का 15 दिन बाद पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अपहरण करके फिरौती वसूल करने वाले एक बदमाश को दबोचा है। इससे एक तमंचा व 10 हजार रुपये बरामद किए हैं। वहीं पांच आरोपी अभी फरार हैं। एसपी ग्रामीण अतुल शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि मंगलवार को इंस्पेक्टर मानवेंद्र त्यागी के नेतृत्व में एसआई चरन सिंह ने हाथरस रोड पर तोछीगढ़ मोड से आरोपी संतोष पुत्र रामबिहारी निवासी गांव महामौनी थाना मुरसान (हाथरस) को पकड़ा था। इसके कब्जे से एक तमंचा व 10 हजार रुपये बरामद करने का दावा किया गया है।
 
कारोबारी से वसूली गई फिरौती की धनराशि में से इसके हिस्से में 80 हजार रु पये आए थे। 70 हजार इसने खर्च कर लिए। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया है। घटना के मुख्य सरगना जयपाल पुत्र परसादीलाल निवासी नगला हरिकन्ना थाना इगलास, विनोद जाट पुत्र राजवीर सिंह निवासी महामौनी थाना मुरसान (हाथरस), विनोद निवासी पथैना, भरतपुर (राजस्थान), पिंटू निवासी राया (मथुरा), राकेश निवासी लालपुर थाना इगलास फरार है। इनकी गिरफतारी के लिए दबिश दी जा रही है।
 
एसपी ने बताया कि अपहरण की योजना राकेश व जयपाल ने मिलकर वर्ष 2017 में बनाई थी। इसके बाद जयपाल जेल चला गया। लॉकडाउन से पहले जेल से छूटकर आने पर उसने पिंटू को योजना बताई। इसके बाद संतोष के घर पर सभी आरोपितों ने फैक्ट्री मालिक के अपहरण के बाद मोटी रकम वसूलने की योजना बनाई थी। विनोद जाट पुलिस में सिपाही था,जो बर्खास्त चल रहा है। फरार आरोपित विनोद जाट, जयपाल, विनोद के ऊपर एसएसपी ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
 
पकड़े गए आरोपी संतोष पर हाथरस, आगरा, अलीगढ़ जनपद में अपहरण, लूट, धोखाधड़ी, हत्या का प्रयास, गुंडा एक्ट के संबंध में 20 मुकदमे दर्ज है। विदित रहे कि थाना गांधी पार्क के मुहल्ला शीशिया पाडा निवासी स्क्रैप व्यवसायी सुरेन्द्र जिंदल 16 जून को अपनी भौंरा गौरवा स्थित हरी लक्ष्मी एलॉयल स्क्रैप फैक्टरी जाने के लिये अलीगढ़ से अपनी गाड़ी से आ रहे थे। रास्ते में भौंरा मोड़ के समीप स्थित एक कोल्ड स्टोर के समीप पीछे से स्कार्पियो गाड़ी लगाकर रोक लिया था।
 
व्यवसायी को बदमाशों ने खुद को एसओजी टीम से बताते हुए कहा था कि तुमहारे खिलाफ कोतवाली इगलास में वांरट है। व्यवसायी के विरोध करने के बाद भी पुलिस वर्दीधारी गैंग ने फैक्टरी जाते समय भौरा गौरवा मोड़़ से कार सहित अपहरण कर लिया था। व्यवसायी से उसके ही फोन से घर पर फोन कराकर उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी बात कराकर फिरौती में छह लाख रुपए की रकम वसूलने के बाद छोड़ा था।
 
 पुलिस से बर्खास्त सिपाही है विनोद जाट मास्टरमाइंड, जो फरार चल रहा है
अलीगढ़। व्यापारी के अपहरण में फरार बदमाश विनोद जाट पुलिस का बर्खास्त सिपाही है और पिछले कुछ वर्षों में कई जघन्य वारदातों को अंजाम दे चुका है। मूल रूप से हाथरस के मुरसान के आसपास के क्षेत्र का रहने वाला विनोद जाट सन 2016 में पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया था। उस पर आरोप था कि वह अपराधियों को मदद पहुंचाता है । इस अपहरण कांड में वह अभी भी फरार चल रहा है और वही इस कांड का मास्टरमाइंड है। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि उसके पुलिस में कुछ कनेक्शन अभी भी काम कर रहे हैं।
 
व्यापारी के पूर्व कर्मचारी राकेश ने विनोद जाट को पूरा मामला सौंप दिया था
अलीगढ़। व्यापारी के अपहरण कांड में विनोद जाट को सुराग देने में व्यापारी के ही यहां काम करने वाले राकेश नाम की एक कर्मचारी की एवं भूमिका है राकेश नाम के इस कर्मचारी को व्यापारी की प्रत्येक गतिविधि मालूम थी और वह उसके कारोबार के बारे में भली-भांति परिचित था राकेश नहीं यह पूरा मामला विनोद जाट को सौंपा इसके बाद विनोद जाट ने इस अपहरण कांड की स्क्रिप्ट तैयार कर डाली पूरी प्लानिंग विनोद जाट ने राकेश के सहयोग से की और घटना को अंजाम भी विनोद जाट ने दीया
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अलीगढ़ : अप्रैल-मई-जून की जमा करानी होगी फीस

पब्लिक स्कूल डेवलपमेंट सोसाइटी ने मंगलवार को जिले की पहली आनलाइन प्रेसवार्ता आयोजित कर अपनी समस्याएं रखीं। पदाधिकारियों ने कहा कि कई अभिभावक फीस जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सक्षम लोगों को फीस जमा कर स्कूलों का सहयोग करना चाहिए। स्कूल फीस माफ नहीं होगी। साथ ही कहा, जो अभिभावक कोरोना काल की वजह से परेशान हैं। वह लिखित प्रार्थनापत्र लेकर प्रधानाचार्य से मिलें। उनका सहयोग करने के लिए तैयार हैं। ऐसे अभिभावकों से किस्त समायोजित करवाकर फीस ली जाएगी। वहीं, बच्चों को आनलाइन कक्षा में बैठाएं ताकि वह निरंतर पढ़ते रहें।
ब्रिलिएंट पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य श्याम कुंतैल ने कहा कि कुछ लोग भ्रांति फैला रहे हैं कि तीन महीने की फीस जमा नहीं करनी है। जबकि शासनादेशों के अनुसार सक्षम अभिभावकों को फीस जमा करनी है। जिनकी तनख्वाह आ रही है, जिनका काम धंधा शुरू हो गया है। उनको फीस जमा करानी चाहिए। अगर फीस जमा कराने में दिक्कत है तो प्रधानाचार्य से मिले। इससे किश्तों के रूप में फीस जमा की जा सकेगी। सोसाइटी के सचिव और हेरीटेज इंटरनेशनल स्कूल के संचालक राकेश नंदन ने कहा कि अभिभावकों का सहयोग हमेशा मिला है। इस समय परेशानी उस समाज को है, जिनका धंधा बंद है। तनख्वाह नहीं मिल रही। ऐसे पांच या दस प्रतिशत लोग हैं। बाकी सक्षम लोग हैं, उनको आगे आना चाहिए और फीस जमा करनी चाहिए। हम अच्छी से अच्छी शिक्षा देंगे। लेकिन अभिभावकों को भी विद्यालय के आर्थिक संकट पर ध्यान देना होगा।
सोसाइटी के अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने कहा कि जो माहौल खराब कर रहे हैं। वह अपने बच्चों की फीस खुद जमा कर चुके हैं। हम लोग सभी का सहयोग करेंगे। हम ऐसा वादा भी कर रहे हैं। 95 प्रतिशत अभिभावक बच्चों के लिए अच्छा स्कूल चुनते हैं। वह जानते हैं, हम बच्चों को क्या भविष्य दे रहे हैं। अभिभावक फीस जमा करने की स्थिति में हैं तो फीस जमा कराएं।
अलबरकात पब्लिक स्कूल के ज्वाइंट सेक्रेटरी अहमद मुज्तबा ने कहा कि स्कूल के निजी खर्चे हैं। शिक्षकों, अभिभावकों को तनख्वाह देनी है। बिजली बिल बन रहा है। साथ ही अब सैनिटाइजेशन, मास्क पर भी खर्च हो रहा है। ऐसे में सक्षम अभिभावक स्कूलों का सहयोग करें।
मेरठ से सीआईएस से जुड़े विशाल ने कहा कि बच्चों को आनलाइन पढ़ाई के लिए पंजीकृत किया जाए। जिससे उनका डाटा भी रहे, जो अभिभावक परेशान हैं, उनके लिए स्कूल हर संभव मदद करेंगे। वहीं कुछ ऐसे विद्यार्थी भी हैं, जिनके पास आनलाइन सुविधा नहीं है। उनके लिए नोट्स कॉपी कराए जा रहे हैं।
संत फिदेलिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल फादर सन्नी कोट्टूर ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने आनलाइन के लिए विभिन्न माध्यमों को चुना है। इन माध्यमों पर खर्च होने वाली राशि को अभिभावकों के ऊपर नहीं डाला गया है। ऐसे में अगर अभिभावक समय से फीस जमा करेंगे तो विद्यालय प्रबंधन भी बच्चों को आनलाइन बेहतर शिक्षा देने के लिए हर संभव प्रयास करता रहेगा।
रेगुलर से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं आनलाइन
अमर उजाला ने जब सवाल किया कि आनलाइन कितने प्रतिशत बच्चे पढ़ रहे हैं। इस पर आईआईएमटी के सचिव पंकज महलवार ने कहा कि स्कूली कक्षाओं की अपेक्षा आनलाइन बच्चों की उपस्थिति ज्यादा दर्ज हो रही है। अगर कुछ बच्चे घर में गैजेट्स की वजह से उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं तो वह वीडियो को देखकर भी पढ़ाई कर सकते हैं।
ये रहे मौजूद
अंजू राठी, एमके शेरवानी, सिस्टर ज्योत्सना, आरती मितल, स्वप्निल जैन, कल्पलता चंद्रह्रास, अनूप गुप्ता, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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अलीगढ़ में छह साल के बच्चे सहित 21 लोग कोरोना पॉजिटिव

जनपद में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। तालानगरी के 4 मजदूर, जिला जेल के 2 एवं 2 बैंककर्मी सहित 21 लोग संक्रमित हुए हैं। जनपद में मरीजों की संख्या बढ़कर 675 तक पहुंच गई है।

जेएन मेडिकल कॉलेज एवं प्राइवेट लैब से 21 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बड़ी संख्या में मरीजों के निकलने से जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। तालानगरी के 45,35,50 और 24 वर्ष के मजदूर संक्रमित पाए गए हैं। केनरा बैंक के 28 वर्ष एवं 35 वर्ष के अधिकारी संक्रमित हैं।

28 वर्ष का बैंककर्मी हरदोई एवं 35 वर्ष का बैंककर्मी बिहार के भागलपुर का निवासी है। जिला जेल से 19-19 वर्ष के दो युवक संक्रमित हैं, जबकि आईटीम लोधा के अस्थायी जेल का 22 वर्षीय युवक चपेट में आया है। गंगाविहार कॉलोनी, न्यू विष्णुपुरी की 62 वर्षीय महिला, जीवनगढ़ का 32 वर्षीय युवक, लाल डिग्गी की 61 वर्षीय महिला, इकरा कॉलोनी का 38 वर्षीय युवक भी संक्रमितों की सूची में शामिल हैं।

सासनी गेट का 28 वर्षीय युवक, नौरंगाबाद का 38 वर्षीय युवक, बीमानगर का 45 वर्षीय व्यक्ति, कीलपुर खैर की 33 वर्षीय महिला, आवास विकास प्लेटिनम टॉवर, वैष्णव मनोर अपार्टमेंट का 6 वर्षीय बालक, सुरेंद्रनगर बेला मार्ग का 62 वर्षीय बुजुर्ग, नगला कलार मेलरोज बाईपास की 21 वर्षीय युवती एवं गोपालपुरी पला रोड का 56 वर्षीय व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।

जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि संक्रमित मरीजों को कोविड हॉस्पिटल एवं उनके परिजनों को क्वारंटीन किया जा रहा है। मरीजों के घर के एरिया को सील कर सैनिटाइज किया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

एएमयू में उपद्रव को उकसाने वाला शरजील उस्मानी गिरफ्तार

बीती 15 दिसंबर को एएमयू में हुए उपद्रव और हिंसक घटनाओं को भड़काने का मुख्य आरोपी एएमयू का पूर्व छात्र शरजील उस्मानी गिरफ्तार हो गया है। लखनऊ की एटीएस टीम ने इसको पूर्वांचल से गिरफ्तार किया है। जिसकी पुष्टि अलीगढ़ के एसपी क्राइम अरविंद कुमार ने की है। शरजील के खिलाफ सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन में छात्रों को भड़काने, भड़काऊ भाषण देेकर शहर का माहौल खराब कराने, बवाल कराने सहित कई संगीन धाराओं में सिविल लाइंस थाने में मुकदमे दर्ज हैं।

जिसमें अलीगढ़ सहित प्रदेश की पुलिस की अलग-अलग टीमें इसको कई दिनों से शिद्दत से ढूंढ रही थीं, लेकिन लॉकडाउन के चलते ये बचता रहा। बुधवार को इसको सुरागसी के आधार पर दबोचा गया। पुलिस का कहना है कि शरजील से पूछताछ में एएमयू में हुई हिंसक वारदात के कई अहम खुलासे करने में मदद मिलेगी। मसलन, उसके साथ कौन कौन लोग कहां कहां से आए थे। उन्होंने किस तरह से सहयोग किया। स्थानीय नेताओं की क्या भूमिका रही थी..? खास बात ये भी है शरजील पर जेएनयू के शरजील उस्मानी को बुलाने का भी आरोप है। इसको लेकर भी पुलिस की  गहन जांच पड़ताल चल रही है।


अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में 15 दिसंबर की रात जो हुआ, वह सीएए व एनआरसी का विरोध नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत कराया गया उपद्रव था। इनमें से सात नाम पुलिस ने सार्वजनिक कर दिए थे। कैंपस के सीसीटीवी फुटेज, खुफिया इनपुट और अब तक की पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि इन्होंने कैंपस में सीएए व एनआरसी के विरोध की आड़ में छात्रों को भड़काया-उकसाया। जिसके बाद छात्र पुलिस पर हमलावर हुए।


इनका मकसद सिर्फ इतना था कि पुलिस पर हमलावर होकर किसी तरह माहौल बिगड़े।
पुलिस के अनुसार बीती 15 दिसंबर की रात 8 बजे के करीब हजार-बारह सौ छात्र व बाहरी युवकों की भीड़ ने पहले बाब-ए-सैयद व पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ी और फिर पुलिस पर हमलावर हुए थे। न तो इनकी कोई मांग थी, न एनआरसी या सीएए -जैसे किसी मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे थे। इनके हाथों में सीधे-सीधे पत्थर और अवैध हथियार थे।


ये सीधे आकर पुलिस पर हमलावर हुए और अधिकारियों के समझाने व रोकने पर भी नहीं माने। जब काफी देर तक ये लोग नहीं माने तो मजबूरन पुलिस ने बचाव में आंसू गैस छोड़कर व लाठियां फटकारकर इन्हें करीब तीन घंटे के प्रयास पर नियंत्रित किया गया।


कैंपस के सीसीटीवी, खुफिया जांच व मुकदमों की अब तक की जांच में साफ हुआ है कि यह काम छात्र नेता शरजील उस्मानी, अहमद मुज्तबा फराज, शमीम बारी, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, अमीर उल जैस, नईम अली व जैद शेरवानी ने किया है।
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ये हैं बवाल आरोपी
1- शरजील उस्मानी पूर्व छात्र
2- अहमद मुज्तबा फराज पूर्व छात्र
3- शमीम बारी वर्तमान रिसर्च स्कॉलर
4- सलमान इम्तियाज वर्तमान रिसर्च स्कॉलर
5- अमीर उल जैस एमएसडब्ल्यू छात्र
6- नईम अली एमए छात्र
7- जैद शेरवानी एमएसडब्ल्यू छात्र
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खुलासा: दूसरे प्रेमी से ही करा दी पहले प्रेमी की हत्या

थाना क्वार्सी क्षेत्र के स्वर्ण जयंती नगर में डांसर महावीर की हत्या के मामले का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने प्रेमिका और दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दूसरे प्रेमी से नजदीकी होने के बाद प्रेमिका ने दूसरे प्रेमी की मदद से पहले प्रेमी की हत्या करवा दी। मुख्य आरोपी हालांकि अभी भी फरार है। पुलिस ने गिरफ्तार की गई प्रेमिका और दो अन्य युवकों को जेल भेज दिया है।
बुधवार को पुलिस लाइन में एसपी सिटी अभिषेक और एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि गत 6 जुलाई को क्वार्सी थाना क्षेत्र के स्वर्ण जयंती नगर में डांस सिखाने वाले एक डांसर महावीर उर्फ माही पुत्र शंकरलाल, निवासी नगला डालचंद्र, थाना क्वार्सी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में पता चला है कि संध्या नाम की एक युवती इस पूरे घटनाक्रम में शामिल रही है। उन्होंने बताया कि विवेचना से यह भी पता चला कि मृतक महावीर सिंह उर्फ माही संध्या नाम की लड़की से पिछले 4 -5 वर्षों से प्यार करता था। मुख्य अभियुक्त विनय कटियार उर्फ बिन्नी भी इसी लड़की से प्यार करता था। विनय अपने आपको उसका मंगेतर बताता था। पुलिस के मुताबिक 6 जुलाई को विनय कटियार उर्फ बिन्नी ने ही सुबह संध्या से कहा कि वह महावीर को फोन करके बुलाए । इसके बाद संध्या ने 11:00 बजे महावीर को स्वर्ण जयंती नगर के साईं रेस्टोरेंट में बुलवाया। उससे मिलकर वापस जाते समय ही संध्या के दूसरे प्रेमी विनय ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज में भी इन लोगों की यह गतिविधि साफ देखी जा सकती है।
इस मामले में मृतक पक्ष की ओर से विनय कटियार उर्फ बिन्नी पुत्र स्वर्गीय नरोतम सिंह जाटव निवासी नगला मानसिंह थाना गांधी पार्क, गिरीश कुमार उर्फ छोटू पुत्र रामस्वरूप निवासी नगला मानसिंह, सुभाष कुमार पुत्र रामसनेही निवासी निवासी नगला मानसिंह, संध्या उर्फ लक्ष्मी पुत्री ओमप्रकाश नौरंगाबाद छावनी आंबेडकर नगर कॉलोनी थाना गांधीपार्क को नामजद किया गया था। पुलिस ने संध्या, गिरीश और और सुभाष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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3 महीने पहले विनय ने आत्महत्या की कोशिश की थी, माही ने बचाने को दिया था खून
अलीगढ़। विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि इस मामले में मुख्य आरोपी विनय कटियार ने संध्या के लिए अपनी जान देने की कोशिश की और गोली मार ली थी। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां मृतक महावीर ने उस समय खून देकर उसकी जान बचाई थी। महावीर को क्या मालूम था कि जिसकी जान वह बचा रहा है, कुछ दिनों बाद वही आदमी उसकी जान ले लेगा। पुलिस के मुताबिक मृतक महावीर उर्फ माही जो डांस क्लास चलाया करता था करीब 4 -5 वर्ष पूर्व संध्या उर्फ लक्ष्मी भी उससे डांस सीखा करती थी। इसी दौरान दोनों के प्रेम संबंध हो गए। संध्या उर्फ लक्ष्मी के साथ पढ़ाई के दौरान विनय प्रताप उर्फ बिन्नी कोचिंग किया करता था। जहां पर दोनों की दोस्ती हो गई और धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। संध्या उर्फ लक्ष्मी, महावीर उर्फ माही से भी दोस्ती रखती थी और बातचीत करती रहती थी। विनय उर्फ बिन्नी को यह बात बर्दाश्त नहीं होती थी। उसके द्वारा संध्या के इंस्टाग्राम एकाउंट व फेसबुक के पासवर्ड की जानकारी होने की बात भी सामने आयी है, जोकि उस पर नजर रखा करता था।
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प्रेमिका के साथ दो युवतियां और भी थीं, डोसा खा कर चली गई थीं
अलीगढ़। विनय उर्फ बिन्नी संध्या को अन्य किसी ओर के साथ नहीं देखना चाहता था। इसीलिए उसने अपने साथियों के साथ महावीर उर्फ माही को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। संध्या के माध्यम से फोन करवाकर साईं रेस्टोरेंट स्वर्ण जयंती नगर अलीगढ़ में बुलवाया। जहां पर संध्या की एक दूसरी महिला मित्र भी साथ थी। संध्या के कहने पर माही वहां आ गया संध्या द्वारा अपनी महिला मित्र के फोन से विनय प्रताप उर्फ बिन्नी को उसके आने की सूचना दे दी और संध्या ने मोबाइल से आउटगोइंग कॉल डिलीट कर दी थी। जिसकी जानकारी उसकी महिला मित्र को नहीं हो सकी थी। दोनों लड़किया डोसा खाकर वहां से चली गईं और महावीर उर्फ माही अकेला मोटरसाइकिल से चला गया।
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गोली मारने से पहले प्रेमिका को लेकर हुई थी तकरार
अलीगढ़। विनय उर्फ बिन्नी व उसके दो अन्य साथी मोटरसाइकिल से पहले से ही साईं रेस्टोरेंट के सामने चक्कर लगा रहे थे। जहां वह महावीर उर्फ माही के निकलने का इंतजार कर रहे थे। जब महावीर रेस्टोरेंट से निकलकर कावेरी चौराहे की तरफ जा रहा था। उसके पीछे मोटरसाइकिल पर तीनों बैठकर उसके पीछे लग गए और 100 फुटा रोड पर मुड़ने के बाद उसके बराबर-बराबर मोटरसाइकिल चलाने लगे। दोनों में संध्या को लेकर बहस बाजी होने लगी। करीब 11:45 बजे पीपल के पेड़ के पास मोटरसाइकिल रुकवाकर तीनों के द्वारा पहले उसके साथ हाथापाई व मारपीट की गई। बाद में विनय कटियार ने महावीर को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
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जेल जाने से पहले संध्या फूट-फूट कर रोने लगी
अलीगढ़। बुधवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के बाद जब पकड़े गए आरोपियों को जेल भेजा जाने लगा तो प्रेमिका संध्या फूट-फूट कर रोने लगी। उसका रोना देखकर जब मीडिया के लोग उसके पास पहुंचे तो वह महिला पुलिस के पीछे छिपने लगी।
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यह हुआ है बरामद
एक तमंचा, 2 कारतूस 315 बोर, घटना में अभियुक्तों द्वारा पहने गए कपड़े जूते।
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अलीगढ़ : पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर के पैर में लगी गोली, गिरफ्तार

स्टील व्यापारी सुरेंद्र जिंदल के अपहरण में शामिल कुख्यात जयपाल को पुलिस ने बुधवार तड़के मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार कर लिया। बदमाश के पैर में गोली लगी है। जयपाल पर 25 हजार रुपये का इनाम है तथा मथुरा में हिस्ट्रीशीट भी खुली है। उसका एक साथी फरार हो गया।
मडराक थाना क्षेत्र में अजीत आसना पुर के पास बुधवार सुबह लगभग तीन बजे मुठभेड़ हुई। पुलिस को सूचना मिली के अपहरण कांड में शामिल बदमाश हिस्ट्रीशीटर जयपाल पुत्र प्रसादी लाल निवासी नगला हरकाना, इगलास अपने एक साथी के साथ वारदात को अंजाम देने के इरादे से मथुरा रोड पर गतिविधि कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मौके पर पहुंच गई और घेराबंदी कर दी। इस दौरान जयपाल और उसके साथी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जयपाल को गिरफ्तार कर लिया। उसका साथी पप्पू निवासी राया जिला मथुरा अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। पैर में गोली लगने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जयपाल के पास से 315 बोर का एक तमंचा, जिंदा कारतूस, फिरौती की रकम के 15 हजार रुपये, एक मोटरसाइकिल, एक बैग जिसमें पुलिस की वर्दी थी बरामद किया है। 16 जून को लक्ष्मी स्टील के मालिक सुरेंद्र जिंदल का इगलास क्षेत्र में अपहरण कर लिया गया था तथा फिरौती भी वसूली गई थी।
जयपाल पर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों के अलावा दूसरे राज्यों में भी संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। सुरेंद्र जिंदल अपहरण कांड में अब तक दो बदमाश दबोचे जा चुके हैं। मंगलवार को पहली गिरफ्तारी हुई थी। मास्टरमाइंड बर्खास्त सिपाही विनोद जाट और उसके साथी फरार चल रहे हैं। जयपाल की मथुरा कोतवाली में हिस्ट्रीशीट खुली है। उस पर मथुरा, इगलास, अलीगढ़, एटा, हाथरस, इटावा के अलावा हरियाणा के फरीदाबाद में भी मुकदमे दर्ज हैं। उस पर 17 से अधिक मुकदमे संगीन धाराओं में दर्ज हैं। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम ×ð´ थाना मडराक के प्रभारी राजीव कुमार, सब इंस्पेक्टर अमित कुमार, सिपाही प्रेमवीर सिंह, प्रदीप कुमार व सूरज कुमार रहे।
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अलीगढ़: 6 साल के बच्चे सहित 21 लोग कोरोना पॉजिटिव 

मुठभेड़ में दबोचा गया हिस्ट्रीशीटर बदमाश जयपाल।
जनपद में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। तालानगरी के 4 मजदूर, जिला जेल के 2 एवं 2 बैंककर्मी सहित 21 लोग संक्रमित हुए हैं। जनपद में मरीजों की संख्या बढ़कर 675 तक पहुंच गई है। 


जेएन मेडिकल कॉलेज एवं प्राइवेट लैब से 21 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बड़ी संख्या में मरीजों के निकलने से जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। तालानगरी के 45,35,50 और 24 वर्ष के मजदूर संक्रमित पाए गए हैं। केनरा बैंक के 28 वर्ष एवं 35 वर्ष के अधिकारी संक्रमित हैं। 28 वर्ष का बैंककर्मी हरदोई एवं 35 वर्ष का बैंककर्मी बिहार के भागलपुर का निवासी है।


जिला जेल से 19-19 वर्ष के दो युवक संक्रमित हैं, जबकि आईटीम लोधा के अस्थायी जेल का 22 वर्षीय युवक चपेट में आया है। गंगाविहार कॉलोनी, न्यू विष्णुपुरी की 62 वर्षीय महिला, जीवनगढ़ का 32 वर्षीय युवक, लाल डिग्गी की 61 वर्षीय महिला, इकरा कॉलोनी का 38 वर्षीय युवक भी संक्रमितों की सूची में शामिल हैं।


सासनी गेट का 28 वर्षीय युवक, नौरंगाबाद का 38 वर्षीय युवक, बीमानगर का 45 वर्षीय व्यक्ति, कीलपुर खैर की 33 वर्षीय महिला, आवास विकास प्लेटिनम टॉवर, वैष्णव मनोर अपार्टमेंट का 6 वर्षीय बालक, सुरेंद्रनगर बेला मार्ग का 62 वर्षीय बुजुर्ग, नगला कलार मेलरोज बाईपास की 21 वर्षीय युवती एवं गोपालपुरी पला रोड का 56 वर्षीय व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।

जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि संक्रमित मरीजों को कोविड हॉस्पिटल एवं उनके परिजनों को क्वारंटीन किया जा रहा है। मरीजों के घर के एरिया को सील कर सैनिटाइज किया जाएगा। 
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फर्जी आईपीएस बाप बेटे जेल में मांग रहे इंग्लिश टॉयलेट

फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले बाप-बेटे, जिनको पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया, उनकी पहली रात जेल में करवटें बदलते हुए कटी। जेल में बाप बेटे ने इंग्लिश टॉयलेट की मांग कर डाली। इसको लेकर जेल प्रशासन ने दोनों को जमकर फटकारा। यही नहीं सुबह होने पर उन्होंने अपने लिए ब्लैक टी की मांग कर डाली। इस पर भी उन्हें अन्य बंदियों के बीच उपहास का पात्र बनना पड़ा। फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों का पैसा ठगने वाले और लड़कियों से शादी करके उनकी जिंदगी बर्बाद करने वाले अनुज चावला और उसके पिता राजेंद्र चावला को मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद इनको जेल भेजा गया।
बताया गया है कि कभी आलीशान होटलों में ठहरने वाले और लग्जरी गाड़ियों में चलने वाले बाप-बेटे जेल की सख्त हवा से पहले दिन ही टूट गए। पूरी रात दोनों बाप बेटे करवटें बदलते रहे। जेल की सख्त जमीन उन्होंने पहली बार महसूस की थी। इसके अलावा जेल में जब अन्य बंदियों को मालूम हुआ कि यह फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर ठगने के जुर्म में जेल में आए हैं, तो वह भी अनुज चावला और राजेंद्र चावला पर कटाक्ष करने लगे। कुछ बंदियों ने कहा आइए डीआईजी साहब हमारा सेलूट नहीं लेंगे क्या।
रात होते-होते जब सोने का समय आया तो दोनों बाप बेटे करवटें बदलते रहे। सुबह इन लोगों ने एक और हरकत कर डाली। इन्होंने जेल प्रशासन से कहा कि इन्हें इंग्लिश टॉयलेट चाहिए। जब कि जेल में बंदियों के लिए सामान्य शौचालय उपलब्ध हैं। इस पर भी बंदियों ने बहुत कटाक्ष किया। कुछ बंदी बोले अब आप अपनी कोठी में नहीं सरकारी महल में हैं। यहां के तौर तरीके अलग हैं। इस तरह नटवरलाल ठग बाप-बेटे की जोड़ी पहली बार जेल की कठोर हकीकत से रूबरू हुई है। यही नहीं कई सालों तक लोगों पर और अधिकारियों पर रौब झाड़ने वाले इन लोगों के चेहरे पर पहली बार शिकन देखी गई।
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आरटीआई में सूचना न देना पड़ा महंगा

सूचना का अधिकार अधिनियम मेें सूचना न देना ग्राम पंचायत नहल के सचिव एवं सूचना अधिकारी को भारी पड़ गया। तमाम नोटिसों का जवाब न देने और सूचना न देने के मामले में राज्य सूचना आयुक्त ने उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह राशि चार किश्तों में उनके वेतन से वसूल करने के आदेश दिए हैं।
मामला वर्ष 2018 का है। अतरौली की ग्राम पंचायत नहल के बिंटू सिंह ने सूचना का अधिकार के तहत 18 दिसंबर 2018 को किसी मामले में जनसूचना अधिकारी कार्यालय खंड विकास अधिकारी अतरौली से सूचना मांगी थी। जन सूचना अधिकारी ने यह मामला सचिव ग्राम पंचायत नहल व जन सूचना अधिकारी नेमपाल को भेजा। सूचना न मिलने पर प्रार्थी ने आयोग के समक्ष द्वितीय अपील की गई। कई तिथियों पर सुनवाई हुई और आखिर में जन सूचना अधिकारी को नोटिस भी दिया गया, लेकिन वह आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
22 अक्तूबर 2019 को उन्हें एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उन्होंने इसका भी जवाब नहीं दिया और न ही सूचना उपलब्ध करायी। इस मामले में राज्य सूचना आयुक्त राजीव कपूर ने आरोपी सचिव पर 25 हजार रुपया अधिरोपित करते हुए चार किश्तों में उनके वेतन से जुर्माने की राशि वसूल करने के आदेश जारी कर दिए।
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कोरोना जांच कराने पहुंचे पार्षद, वार्ड में कैंप लगाकर कराएंगे सबकी जांच

नगर निगम के उप सभापति पुष्पेंद्र सिंह जादौन एवं मुख्य सचेतक दिनेश गुप्ता सहित कई भाजपा पार्षदों ने कोरोना जांच के लिए अपना नमूना दिया है। जनता की जांच कराने के लिए जल्द ही वार्ड में कैंप लगाने की योजना है।
मुख्यमंत्री एवं पार्टी के निर्देश पर उपसभापति पुष्पेंद्र जादौन एवं दिनेश गुप्ता बुधवार को मलखान सिंह जिला अस्पताल में कोरोना जांच के लिए पहुंचे। बाद में कुछ और पार्षदों ने जिला अस्पताल जाकर नमूना दिया।
कुछ पार्षद अपने परिजनों के साथ नमूना देंगे। उपसभापति पुष्पेंद्र जादौन ने बताया कि मुख्यमंत्री एवं पार्टी के निर्देश पर पार्षद नमूना देकर आम जनता के बीच कोरोना जांच कराने का संदेश देंगे। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जिला, तहसील, ब्लाक एवं वार्ड स्तर पर नि:शुल्क कोविड-19 जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना जांच कराने से किसी प्रकार का नुकसान नहीं है।
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डीआईओएस ने वेबिनार में प्रधानाचार्यों को दिये ई-लर्निंग के निर्देश

माध्यमिक शिक्षा विभाग के डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने वेबिनार का आयोजन कर सीबीएसई और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने गुणवत्ता परक आनलाइन शिक्षण पर जोर दिया। टीकाराम कन्या महाविद्यालय की प्रधानाचार्या इंदू सिंह ने आनलाइन शिक्षण से दूर छात्र-छात्राओं के समूह बनाने का सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि इससे पढ़ाई जारी रखी जा सकेगी।
डीआईओएस ने प्रमुख रूप से ई-लर्निंग कक्षाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा की कोविड-19 महामारी के चलते विद्यालयों में सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग आदि नियमों का पूर्णतया पालन किया जाए। ई-लर्निंग कक्षाओं को व्हाट्सएप, गूगल क्लासेस, जूम एप आदि के माध्यम से कराया जाए और गुणवत्ता परक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनपद अलीगढ़ के शिक्षकों द्वारा वर्चुअल कक्षाओं के लिए वीडियो बनाए गए हैं। जो दूरदर्शन के स्वयं प्रभा चैनल पर प्रसारित हो रहे हैं। इसी प्रकार विभिन्न प्रधानाचार्य ने भी अपने वक्तव्य में कहा की इन कक्षाओं के संचालन में इंटरनेट व गैजेट्स की कमी होने के कारण कठिनाई उत्पन्न होती है।
इन कठिनाई को दूर करने के लिए छात्रों के समूह बनाए जाने का सुझाव डा. इंदू सिंह द्वारा दिया गया। कविता उपाध्याय ने छात्रों के टेस्ट और कॉपियों की जांच पर अपने विचार व्यक्त किए। गूगल मीट वेबिनार का संचालन बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अंबुज जैन ने किया। इस मौके पर डॉ. दीपक पालीवाल, डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. इंदू सिंह, डॉ. विपिन कुमार, सुनीता सिंह, डॉ. अंजू राठी, डॉ. अनिल शर्मा, संजय कुमार, डॉ. रामनरेश यादव, मोहित जैन, राकेश सिंह, कविता उपाध्याय, डिंपी देव, रश्मि सिंह, राम प्रताप सिंह, अदित जैन, शिव ओम शर्मा, वर्षा यादव, भूमिका आदि ने प्रतिभाग किया।
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अलीगढ़ : फर्जी आईपीएस बन कर ठगी करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार

फर्जी आईपीएस अफसर बनकर लोगों को ठगने वाले पिता-पुत्र को पुलिस ने मंगलवार को थाना बन्नादेवी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से डीआईजी रैंक के अधिकारी की प्लेट, उत्तर प्रदेश शासन का मोनोग्राम, गृह मंत्रालय नई दिल्ली के विभिन्न स्टीकर व वाहन पास तथा एनआईए की तरफ से अनुचित तरीके से तैयार की गई जांच आख्या व वॉकी टॉकी, लैपटॉप, टैबलेट आदि गाड़ी से बरामद हुए। पिता-पुत्र की ये जोड़ी नौकरी लगवाने के नाम पर व मुकदमे से नाम निकलवाने के नाम पर ठगी करते थे। बीएचईएल से रिटायर पिता अपने बेटे के डीआईजी होने का हवाला देकर उसकी शादी के नाम पर ठगी को अंजाम देता था।
मंगलवार को एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि मंगलवार को बन्नादेवी क्षेत्र के भीकमपुर मोड़ पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी वहां से आईपीएस अधिकारी के स्टीकर और बत्ती लगी सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा कार संख्या यूपी 32 एचएस 5291 निकली। आमतौर पर किसी अफसर के मूवमेंट की पहले से पुलिस को सूचना रहती है। इस तरह गाड़ी गुजरने पर शक हुआ। गाड़ी को रोका गया। उसमें ड्राइवर के अलावा अनुज चावला और उसका पिता राजेंद्र चावला निवासी 84-समर विहार, थाना मानक नगर जनपद लखनऊ थे। शुरू में तो इन्होंने आईपीएस अफसर होने का रौब झाड़ा। लेकिन जब अलग-अलग पूछताछ की गई तो असलियत उगल दी और माफी मांगने लगे।
पूछताछ में सामने आया कि अनुज चावला ने देहरादून से एलएलबी की पढ़ाई की थी। अनुज खुद को गृह मंत्रालय, दिल्ली में डीआईजी होने का हवाला देता था, जबकि राजेंद्र चावला बीएचईएल से रिटायर है। वह लोगों से कहता था कि उसका बेटा आईपीएस अफसर है। अनुज चावला के कई लड़कियों से संपर्क होने तथा उनसे शादी तय होने के बाद संबंध बनाने और रिश्ता टूटने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने दोनों पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों के साथ ठगी करने वाले व लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने वाले शातिर पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों के खिलाफ थाना बन्नादेवी में मुकदमा अपराध संख्या 352/2020 धारा 170/420/466/468/474 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इनको अदालत में रिमांड के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। जिससे और अधिक गहराई से इनसे छानबीन की जा सके और पता लगाया जा सके कि उन्होंने कितने लोगों की जिंदगियां बर्बाद की हैं। कितनी रकम अब तक ठग चुके हैं।
- डॉ अरविंद कुमार एसपी क्राइम
नीली बत्ती लगाकर घूमने वालों के खिलाफ पुलिस चलाएगी अभियान
डीआईजी व आईपीएस अधिकारी के स्टीकर और नीली बत्ती लगाकर घूमने वाले लोगों के खिलाफ अब पुलिस अभियान चलाने वाली है। एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि इस घटना के सामने आने के बाद अब यह सही समय है कि फर्जी तरीके से अपनी पहचान जाहिर करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जाए। क्योंकि जिले में देखा जा रहा है कि कुछ लोग नीली बत्ती और पुलिस स्टीकर शादी के खुलकर दुरुपयोग कर रहे हैं।
सत्संग में जाकर पिता फंसाता था
राजेंद्र चावला सत्संग में जाया करता था और वहीं अपने बेटे को आईपीएस अधिकारी बताता था। वह सत्संग में इसीलिए जाया करता था क्योंकि वहां पर धार्मिक मत के लोग आसानी से विश्वास करने वाले मिल जाते थे। यहीं से वह अपने बेटे के लिए शादी संबंध की बात चलाता और उनसे पैसा ठगता। इसके अलावा जहां जरूरत होती थी तो बेटा अपने पिता को डीआईजी कहकर प्रस्तुत कर दिया करता था।
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