कोरोनाः 6 घंटे की ही है जिंदगी एक पीपीई किट की मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 40 किटों की आवश्यकता पड़ती है

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Thu, 14 May 2020 05:04 PM IST
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पीपीई किट
पीपीई किट - फोटो : AMAR UJALA

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अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रस्त मरीजों के इलाज में लगे डॉक्टर जिस पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट किट का इस्तेमाल करते हैं उसकी जिंदगी सिर्फ 6 घंटे की है। उसके बाद उसके को डिस्पोजल कर दिया जाता है। दोबारा से फिर नई के इस्तेमाल में लानी होती है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक भविष्य में फिर से इस्तेमाल किए जाने वाली किट के प्रयोग करने पर विचार चल रहा है। लेकिन अभी तो वन टाइम इस्तेमाल वाली किट उपलब्ध है। मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी प्रोफेसर हारिस खान कहते हैं एक किट की कीमत ₹800 से ₹14 सौ के बीच तक हो सकती है । जेएनएमसी के कोविड वार्ड में 12 चिकित्सकों, 12 नर्सों, 8 अडेंटेंट्स और 8 सफाई कर्मियों की चार टीमें दिन-रात कार्य कर रही हैं। इस तरह 40 पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट किट की आवश्यकता प्रतिदिन रहती है प्रोफेशनल हारिस कहते हैं रीयूज हो सकने वाली किट भविष्य में उपयोग में लाई जा सकती हैं लेकिन अभी यह दूर की बात है । डिप्टी मेडीकल सुप्रिंटेंडेंट डा. अब्दुल वारिस के अनुसार कोविड वार्ड में 6 मरीजों का इलाज किया जा रहा है।  जबकि 10 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं।
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