15 दिन में कागजात दिखाने पर नहीं भरना पड़ेगा चालान

Aligarh Bureauअलीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 14 Sep 2019 01:06 AM IST
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मोहम्मद तौहीद आलम
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अलीगढ़। संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), इंश्योरेंस सर्टिफिकेट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल और परमिट सर्टिफिकेट तत्काल नहीं दिखाने पर चालान काटे जा रहे हैं।
लेकिन अगर आप तुरंत कागजात नहीं दिखा पा रहे हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपका चालान तो काटा जाएगा, लेकिन 15 दिन के अंदर कागजात दिखाने पर चालान रद्द भी हो जाएगा। लेकिन जितने एक्ट में चालान काटा गया है। उसके हिसाब से 100-100 रुपये देने होंगे। यह कागजात यातायात पुलिस या आरटीओ नियम 139 के तहत यह प्रावधान है कि ट्रैफिक पुलिस के मांगने पर चालक 15 दिन के अंदर संबंधित दस्तावेज दिखाने का दावा कर सकता है।
ट्रैफिक पुलिस को उसे कागजात दिखाने के लिए 15 दिन का समय देना होगा। मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के धारा 158 के तहत एक्सीडेंट या अन्य विषम परिस्थितियों में चालक को सात दिन के अंदर संबंधित कागजात दिखाने होंगे। अगर ट्रैफिक पुलिस चालान कर भी देती है तो चालक के पास कोर्ट में जाकर इसे खारिज कराने का विकल्प रहता है।
इस संबंध में आरटीओ प्रवर्तन फरीदुद्दीन का कहना है कि मोटर व्हीकल रूल्स 139 के तहत अगर चालक उस वक्त सभी कागजात होने का दावा करता है तो उसे 15 दिन के अंदर सभी कागजात दिखाने होंगे। अगर 15 दिन के अंदर वो सभी वैध कागजात दिखा देता है तो उससे चालान की राशि नहीं ली जाएगी बल्कि चालक को धारा 177 के तहत जिस-जिस भी कागजात के लिए चालान हुआ है। 100 रुपये के हिसाब से प्रत्येक धारा के लिए रुपये अदा करने होंगे।
नए नियम में संशोधन की जरूरत
वहीं न्यू मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माने के कड़े प्रावधान होने से लोगों में भय का माहौल है। बता दें कि तीन सवारी के बैठाने या नाबालिग के वाहन चलाने पर कड़ा जुर्माना का प्रावधान है। इस पर अधिवक्ता गिरीश राघव का कहना है कि सरकार को ट्रिपल लोडिंग पर जुर्माने के प्रावधान में संशोधन करने की जरूरत है। उनका कहना है कि अगर अगर कोई व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ बाइक से कहीं जा रहा है और उसके साथ में एक बच्चा है तो ऐसी स्थिति में वो क्या करे। चार साल से बड़े बच्चे होने पर उसे ट्रिपल लोडिंग माना जाता है और जुर्माना लगा दिया जाता है। एएमयू के पॉलीटेक्निक के छात्र मोहम्मद आजम और रेहाना अंजुम का कहना है कि मैट्रिक के बाद हमें गाड़ी की जरूरत पड़ती है। नए नियम के तहत हम बाइक या स्कूटी नहीं चला सकते हैं। ऐसे में हमें काफी मुश्किल होती है। सरकार को इस मामले में भी सोचना चाहिए। 16 साल के बाद लाइसेंस मिलना चाहिए।
धारा 139 के तहत 15 दिन में कागजात दिखाने का प्रावधान पहले भी था और संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में भी है। जबकि 16 साल से अधिक उम्र के बच्चे 50 सीसी से कम क्षमता की गाड़ी के लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें माता पिता की स्वीकृति लेनी होगी। - फरीदुद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन।
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