धर्म परिवर्तन किसी लड़ाई का हल नहीं

Aligarh Bureauअलीगढ़ ब्यूरो Updated Fri, 23 Oct 2020 12:30 AM IST
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बिल्लू चौहान
बिल्लू चौहान - फोटो : CITY OFFICE

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हाथरस कांड के विरोध में गाजियाबाद में वाल्मीकि समाज द्वारा धर्म परिवर्तित कर बौद्ध धर्म अपनाने की घटना पर यहां वाल्मीकि समाज की तीखी प्रतिक्रिया आई है। समाज के प्रमुख नेताओं ने कहा है कि यह वैसे लोगों का निजी निर्णय है। मगर इस पर हाथरस कांड से जोड़कर निर्णय लेना गलत है। इस तरह का कदम किसी लड़ाई का हल नहीं हो सकता। हक के लिए लड़ना तो समझ में आता है। मगर धर्म परिवर्तन गलत है। हमें कानून पर भरोसा है।
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- हम जिस जाति से हैं, उसी जाति में रहकर अपने ऊपर हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ लड़ेंगे। कहने को हम किसी धर्म में चले जाएं, मगर कहलाए वाल्मीकि ही जाएंगे। हमारे मोहल्ले व परिवार के तमाम लोगों ने ईसाई धर्म अपनाया है। मगर लोग आज भी उन्हें वाल्मीकि ईसाई कहते हैं। जाति या धर्म परिवर्तन से कोई लड़ाई नहीं लड़ी जाती। हां, हाथरस कांड को लेकर जो हुआ है, उसमें इतना जरूर कहूंगा कि हिंदू होकर भी हमें हिंदू सरकार में उत्पीड़न झेलना पड़ा। न्याय के लिए लड़ना पड़ा। सवर्ण सपोर्ट नहीं करते। कभी मंदिर में जाने पर पीटा जाता है तो कभी नलकूप पर जाने पर पीटा जाता है। सरकार ऐसी घटनाओं पर रोक लगाए तो कोई अपना धर्म क्यों परिवर्तित करेगा। मगर मैं गाजियाबाद के लोगों से कहना चाहूंगा कि उन्होंने गलत किया है। अलीगढ़ में कोई ऐसा करेगा तो मैं उन्हें समझाऊंगा और मनाऊंगा।
- श्यौराज जीवन, राष्ट्रीय सफाई आयोग के पूर्व सदस्य
-गाजियाबाद में क्यों हुआ, इस पर तो टिप्पणी नहीं कर सकता। मगर अलीगढ़ में न तो ऐसा है और न होने देंगे। हमारी संविधान और सरकार में आस्था है। हमें कानून पर पूरा भरोसा है। हमने लोकतंत्र में अपनी बात हाथरस कांड को लेकर रखी। वो अलग बात है कि सरकार माने या न माने। हमें कष्ट इस बात का है कि हम कहलाते हिंदू हैं, मगर हमें उस दर्जे के साथ इस हिंदू सरकार में न्याय नहीं मिलता है। इसके लिए ही हाथरस कांड में हमने अपनी लड़ाई लड़ी और जरूरत हुई तो आगे भी लड़ेंगे।
- बिल्लू चौहान, प्रदेश महामंत्री सफाई मजदूर संघ
- गाजियाबाद के लोगों की अपनी आस्था है। वो कोई निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। धर्म परिवर्तन पर कहीं कोई पाबंदी नहीं है। मगर हमारे यहां ऐसा कुछ नहीं है। न हमारी जानकारी में है। रहा सवाल हाथरस कांड को लेकर उनके निर्णय का तो सरकार से हमने जो मांग की, सरकार ने हमारी हर मांग मानी है। अब हमें सीबीआई जांच व न्यायालय पर भरोसा है। जो भी जांच में सामने आएगा, उसके अनुसार न्यायालय अपना फैसला सुनाएगा।
- प्रदीप भंडारी, अध्यक्ष नगर सफाई मजदूर संघ
खुफिया तंत्र जुटा रहा इनपुट
गाजियाबाद में जो कुछ हुआ है, कहीं ऐसा यहां तो नहीं होने की अंदरखाने तैयारी चल रही। इसे लेकर खुफिया तंत्र यहां इनपुट जुटा रहा है। इसे लेकर लगातार टीमें मोहल्लों में टोह लेती फिर रही हैं।
प्रदीप भंडारी।
प्रदीप भंडारी।- फोटो : CITY OFFICE
श्योराज जीवन
श्योराज जीवन- फोटो : CITY OFFICE
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