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एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान
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बालिग को है अपनी मर्ज़ी के व्यक्ति के साथ रहने का हक, परिवार को हस्तक्षेप का हक नहींः हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि लड़का-लड़की स्त्री और पुरुष अपनी मर्जी से जहां, जिसके साथ रहना चाहें रह सकते हैं। अभिभावकों, कोर्ट या पारिवारिक रिश्तेदारों को उनके जीवन की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा है कि बालिग लड़का या लड़की अपनी पसंद से जिसके साथ रहना चाहें रह सकते हैं। मगर कोर्ट ने परिवार द्वारा उन्हें परेशान करने से एवं जीवन स्वतंत्रता हस्तक्षेप करने से रोकने का आदेश देने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। मगर याचीगण को छूट दी है कि वह नियमानुसार परेशान करने वालों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई कर सकते है।

यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने रेशमा देवी व अन्य की याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है और अपने पति के साथ रह रही है। उसके परिवार वाले उसे परेशान कर रहे हैं। अपर महाधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने याचिका को यह कहते हुए खारिज करने की मांग की, कि याची ने 6 सितंबर 2019 को शादी की तो उस समय वह नाबालिग थी।

नाबालिग को संरक्षण देने का अधिकार माता- पिता को है। याचिका पोषणीय नहीं है। किन्तु कोर्ट ने कहा कि याची वर्तमान में 18 वर्ष से अधिक आयु की है, बालिग है। उसे अपनी मर्जी से जहां चाहे रहने का अधिकार है।
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Prayagraj Corona Update: प्रयागराज में कोरोना के चार नए केस, सभी मुंबई रिटर्न

मुंबई के कोरोना के सामुदायिक प्रसार का असर प्रयागराज में बढ़ता जा रहा है। बुधवार को इसके चार नए मामले सामने आए हैं। मुंबई से लौटा मेजा के जनवार का दंपती पॉजिटिव मिला है, वहीं हंडिया और करछना का भी एक-एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। ये दोनों व्यक्ति भी मुंबई रिटर्न हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सभी को क्वारंटीन किया गया था। संक्रमण के नए मामले आने से जिले में तीन और हॉटस्पॉट हो गए हैं। 

मुंबई से लौटे पति-पत्नी स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की ओपीडी में आए थे। वहां के चिकित्सकों ने लक्षण देखने के बाद संदिग्ध वार्ड में भर्ती किया था। दोनों का नमूना मंगलवार को जांच के लिए भेजा गया था। बुधवार को दंपती की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो दोनों को कोटवा-बनी एल-1 हॉस्पिटल शिफ्ट कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर हंडिया के रसाल ग्राम का 40 वर्षीय युवक पॉजिटिव आया है। वह 14 मई को मुंबई से ट्रेन से आया था।
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सद्गृहस्थ संत दद्दा जी की अस्थियां संगम में विसर्जित, फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा और राजपाल यादव भी पहुंचे, देखें तस्वीरें

एल-1 हॉस्पिटल प्रयागराज में पानी और खाने को लेकर कोरोना मरीजों का हंगामा

कोटवां-बनी स्थित कोविड-19 लेवल-1 हॉस्पिटल में शुक्त्रस्वार को भर्ती कोरोना मरीजों ने जमकर हंगामा किया। आइसोलेशन वार्ड से बाहर आकर उन्होंने जमकर आक्त्रसेश जताया। कहा, ‘घंटों से पानी के लिए परेशान हैं। शुक्त्रस्वार को पानी की समस्या सुबह से रही। कई बार चिकित्साधिकारियों से इसकी शिकायत की गई लेकिन किसी ने नहीं सुना। चिकित्साधिकारी कहते रहे कि अभी मोटर चलेगी लेकिन मोटर नहीं चली। लिहाजा हम अपना दैनिक काम भी ठीक से नहीं कर पाए।’ 

उधर, कोविड-19 लेवल-1 हॉस्पिटल के नोडल इंचार्ज डॉ. वीके मिश्रा ने बताया कि मरीज नल की टोटी खुली छोड़ दिए थे। इससे सारा पानी निकल गया। टंकी खाली होने के बाद मरीज हंगामा करने लगे। वहां ड्यूटी पर मौजूद फार्मासिस्ट मोटर चलाने गया तो एमसीवी उखड़ गई। उसे बनवाने में समय लगा। उसके बनने के बाद पानी की समस्या दूर हो गई। सीएमओ ने भी कहा कि ताजा पानी की समस्या हुई थी। मरीज ताजा पानी का प्रयोग नहाने के लिए करते हैं। एमसीवी ठीक कराकर ताजा पानी की व्यवस्था कर दी गई।
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प्रयागराजः एक जून से 20 रूटों पर रोडवेज बस चलाने की तैयारी, फिलहाल 30 यात्री ही करेंगे सफर, जानें कौन-कौन से रूट हैं शामिल

रेलवे द्वारा 200 ट्रेनों के संचालन की घोषणा के बाद अब  यूपी रोडवेज ने भी एक जून से प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर बस संचालन की तैयारी की है। इस संबंध में रोडवेज मुख्यालय ने प्रयागराज परिक्षेत्र क्षेत्र समेत प्रदेश के सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वह अपनी सभी बसों को 30 मई तक फिट कर दें।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए बसों में अधिकतम 30 यात्री सवार किए जाएंगे। बताया जा रहा है अभी रोडवेज द्वारा केवल उन मार्गों पर बसों का संचालन किया जाएगा, जहां यात्री की पर्याप्त संख्या के साथ आय भी ज्यादा होती है। इसके लिए 20 रूट चिन्हित किए गए हैं। बस संचालन के साथ ही रोडवेज सभी यात्रियों का ब्यौरा भी अपने पास रखेगा।  
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कैबिनेट मंत्री नंदी पर हमले के आरोपी दिलीप मिश्रा को पुलिस ने भदोही से लिया हिरासत में

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर रिमोट बम से हमला करवाने का आरोपी पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा बृहस्पतिवार को भदोही से हिरासत में ले लिया गया। एक दिन पहले पकड़े गए खान मुबारक गैंग के शूटर नीरज सिंह ने पूछताछ में खुलासा किया था कि दिलीप ने उसे नैनी निवासी प्रॉपर्टी डीलर समेत दो लोगों की हत्या के लिए सुपारी दी थी। फिलहाल पुलिस देर रात तक दिलीप से पूछताछ में जुटी रही। हालांकि इस बारे में पुलिस अफसर कुछ भी बताने से इनकार करते रहे।
 
एक लाख के इनामी अमेठी निवासी नीरज सिंह को पुलिस ने एक दिन पहले यमुनापार के औद्योगिक क्षेत्र स्थित माया देवी स्मारक शिक्षण संस्थान लवायन कला से गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था की पूछताछ में नीरज ने जानकारी दी कि चाका के पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा ने उसे 2 लोगों की हत्या की सुपारी देकर यहां बुलाया था। पुलिस ने नीरज के साथ ही उसके बेटे शुभम मिश्रा को भी गिरफ्तार किया था।
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यूपी के राजकीय महाविद्यालयों में इस साल नहीं होंगे प्रवक्ताओं के तबादले

प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में इस साल प्रवक्ताओं के तबादले नहीं होंगे। कोविड-१९ के मद्देनजर तबादले की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। इसी वजह से तबादले के लिए अब तक आवेदन भी नहीं लिए गए। प्रवक्ताओं के तबादले अब अगले साल ही किए जा सकेंगे। राजकीय महाविद्यालयों में हर साल तकरीबन डेढ़ सौ प्रवक्ताओं के तबादले किए जाते हैं और इसके लिए प्रवक्ताओं से आवेदन भी लिए जाते हैं।

यह प्रक्रिया मार्च-अप्रैल से शुरू हो जाती है और आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मई-जून में तबादले की लिस्ट जारी कर दी जाती है। तबादले के लिए पहले ऑफलाइन आवेदन लिए जाते थे लेकिन बाद में उच्च शिक्षा निदेशाालय ने इसमें बदलाव करते हुए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू कर दी। यह व्यवस्था दो साल से चल रही है। हालांकि कुछ प्रवक्ताओं ने सवाल उठाए हैं कि जब ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था है तो तबादला स्थगित करने की क्या जरूरत थी।

फिलहाल समय अब बीत चुका है। इस बार तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं लिए गए और अब तय हो गया है कि प्रवक्ताओं के तबादले अब अगले सत्र में ही हो सकेंगे। कॉलेजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती वर्तमान सत्र की परीक्षा का आयोजन कराना है। सभी कॉलेज इसी कार्य में व्यस्त है, सो कॉलेजों में भी तबादले से संबंधित कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि कार्मिक विभाग ने प्रदेश के सभी विभागों में इस साल तबादले की प्रक्रिय को स्थगित कर दिया है। इसी के तहत प्रववक्ताओं का तबादला भी स्थगित किया गया है। तबादले अब अगले साल किए जाएंगे।
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शिक्षिका को शादी से इंकार करने पर सहकर्मी ने किया ब्लैकमेल, भेजे गंदे वीडियो और मैसेज

ट्रांसफर(सांकेतिक)
शादी से इंकार करने पर दारागंज में रहने वाली शिक्षिका को उसके ही सहकर्मी ने ब्लैकमेल किया। चुपके से खींची गई अश्लील तस्वीरें रिश्तेदारों को भेजकर उसे बदनाम कर दिया। साथी जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत पर दारागंज पुलिस ने आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

शिक्षिका ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि कुछ दिनों पहले तक वह वाराणसी स्थित एक स्कूल में कार्यरत थी। वहां स्कूल की एक अन्य शाखा में तैनात वीरेंद्र पटेल उर्फ वीर से उसकी मुलाकात हुई आरोप है कि धीरे-धीरे मेलजोल बढ़ा कर वीरेंद्र ने एक दिन उसे नशीली दवा खिलाकर अचेत कर दिया और फिर उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो बना लिया।
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प्रयागराजः एक लाख का इनामी शूटर नीरज सिंह नैनी में गिरफ्तार

वकीलों को राहत के मामले में सुनवाई टली, ट्रस्टी कमेटी ने की हाईकोर्ट से आदेश वापस लेने की मांग

देशव्यापी लॉकडाउन के कारण जरूरतमंद वकीलों व मुंशियों की आर्थिक सहायता देने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को ट्रस्टी कमेटी ने वापस लेने की मांग की है। कमेटी की अर्जी पर हाईकोर्ट ने बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को अपनी आपत्ति तीन जून तक दाखिल करने का निर्देश दिया है। अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता अर्चना सिंह ने महाधिवक्ता की उपस्थिति न होने के कारण सुनवाई टालने की प्रार्थना की। 

कोर्ट ने उप्र बार कौंसिल को ट्रस्टी कमेटी की अर्जी पर आपत्ति तीन जून को ट्रस्टी कमेटी के साथ अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल को देने का निर्देश दिया है  ताकि वीडियो कांफ्रेंसिंग से चार जून को मामले की सुनवाई की जा सके। यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने जरूरतमंद वकीलों व मुंशियों की आर्थिक सहायता देने के लिए कायम जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। 

मालूम हो कि हाईकोर्ट ने ट्रस्टी कमेटी को एक सप्ताह में वकीलों की आर्थिक सहायता देने के लिए योजना बनाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि यदि ट्रस्टी कमेटी के पास धन नहीं है तो वह बैंक से लोन ले और सरकार उसकी गारंटर बने। ट्रस्टी कमेटी ने इस आदेश को वापस लेने की अर्जी दी है जिस पर चार जून को सुनवाई होगी।

वकीलों को मदद देने के मामले में बार कौंसिल ने पहले ही धन नहीं होने की बात कहते हुए अपने हाथ खड़े कर दिए थे। बार एसोसिएशनों ने कई वकीलों की मदद की है। किन्तु मुंशियों की आर्थिक सहायता देने के लिए अब तक सरकार  या कोई संगठन सामने नहीं आया है जबकि हाईकोर्ट ने मुंशियों के लिए नियम तय करने का सरकार को निर्देश दिया है।
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Prayagraj Corona Update: कोरोना के तीन नए मामले आए सामने

मुंबई से लौटे 52 वर्ष के एक व्यक्ति के परिवार के तीन और लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है । जांच के लिए उनका स्वाब सैंपल मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भेजा गया था। शुक्रवार की सुबह तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। रिपोर्ट आने के बाद तीनों को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया है। ये सभी मुंबई से 16 मई को लौटे हैं और अपने घर में ही क़वारंटीन थे।

52 वर्ष के व्यक्ति की जांच 25 मई को ही कराई गई थी । रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे पहले एल -1 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। लेकिन, हालत खराब होने से उसे स्वरूपरानी में ही एडमिट कराया गया है। यह व्यक्ति मुंबई में रहकर वेब पोर्टल में काम करता था । लॉकडाउन की वजह से कई वर्षों बाद बारा तहसील के चंदैया वारी स्थित अपने घर आया है। उसका घर गांव के किनारे पर है और मुंबई से आने के बाद वह अपने घर पर ही क्वारंटीन था ।
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69हजार अध्यापक भर्ती मामला:  हाईकोर्ट ने तलब की विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट, 30 मई को होगी सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के जूनियर बेसिक स्कूलों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के सवालों के गलत उत्तर को लेकर दाखिल याचिकाओं पर विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट 29 मई को पेश करने का निर्देश दिया है । मामले की 30 मई को सुनवाई होगी।कोर्ट ने जानना चाहा है कि उत्तर कुंजी जारी करने से पहले अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर समुचित विचार किया गया या नहीं।

यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने रोहित शुक्ल ,अंशू सिंह सहित दर्जनों याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिकाओं पर वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा, विभू राय आदि ने पक्ष रखा।

कोर्ट ने कहा है कि पुनर्मूल्यांकन एवं स्क्रूटनी के लिए कोर्ट विशेषज्ञ नहीं है।सरकार के वकील का कहना था कि राज्य सरकार ने उत्तर कुंजी जारी कर आपत्ति मांगी थी। इन पर विचार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई। कमेटी ने आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही 18 जनवरी 19 को रिपोर्ट पेश की है।

याचियों का कहना है कि कई सवालों के उत्तर विकल्प गलत है,तो कुछ के दो उत्तर विकल्प है। जिससे परिणाम सवालों के घेरे में है।सरकार का कहना है कि सवालों व उत्तरों को जारी कर आपत्ति मांगी थी। विशेषज्ञ कमेटी ने जांच कर रिपोर्ट दी है। याची भी परीक्षा में बैठे है।चयन प्रक्रिया में कोई अवैधानिकता नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर संशोधित उत्तर कुंजी जारी कर परिणाम घोषित किया गया है। इस पर कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट तलब की है। सुनवाई 30मई को होगी।
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69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती: आर्थिक पिछड़ों को आरक्षण देने पर जवाब तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं दिए जाने को लेकर दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस मामले को विचारणीय मानते हुए सरकार से तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

शिवम पांडेय और अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया सुनवाई कर रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई सुनवाई में याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने कहा कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के लिए मांगे जा रहे ऑन लाइन आवेदन में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं है जबकि आर्थिक आरक्षण 13 अगस्त 2019 में ही लागू किया जा चुका है। 

भर्ती प्रक्रिया बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली 1981 के नियम नौ के तहत की जा रही है जिसमें स्पष्ट प्रावधान है कि भर्ती के समय लागू आरक्षण नियमों और शासनादेशों का पालन किया जाएगा। अधिववक्ता का कहना था कि संसद ने संविधान के अनुच्छेद 16 में 103 वें संशोधन के जरिए आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का प्रावधान जोड़ा है।

इसके बावजूद भर्ती में आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं देने से अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकार का हनन होगा। 13 अगस्त के शासनादेश में स्पष्ट है कि आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को सभी सरकारी नौकारियों की सीधी भर्ती में दस प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। कोर्ट ने इस मामले को विचारणीय मानते हुए प्रदेश सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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