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Coronavirus In Uttar Pradesh Live: नोएडा में चार और संक्रमित मरीज मिले, यूपी में संख्या बढ़कर हुई 70

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का कहर देश में लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को कोरोना से जम्मू-कश्मीर और गुजरात में एक-एक लोगों की मौत हो गई। वहीं, यूपी में भी लगातार संक्रमिता का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।

29 मार्च 2020

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Sp baghpat said

28 मार्च 2020

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प्रयागराज

रविवार, 29 मार्च 2020

प्रयागराज में लॉकडाउन में चोरी छिपे बेची जा रही शराब, निर्धारित रेट से कई गुना ज्यादा ले रहे दाम

लॉकडाउन में चौतरफा पुलिस की तैनाती होने के बावजूद चोरी छुपे शराब बेची जा रही है। पिछले 4 दिनों में धूमनगंज, करेली और कीडगंज थाना क्षेत्र में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें लोग शराब के साथ पकड़े गए। खास बात यह है कि लॉक डाउन के दौरान शराब के लिए निर्धारित रेट से कई गुना ज्यादा दाम वसूला जा रहा है।

लॉक डाउन के दौरान शराब बेचे जाने का पहला मामला 24 मार्च को पकड़ में आया। जब करेली पुलिस ने यमुना कछार के पास से करेलाबाग निवासी सिकंदर निषाद को 10 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया। उससे पता चला कि वह चोरी छुपे बेचने के लिए शराब लेकर जा रहा था और पिछले कई दिनों से इस काम में लगा हुआ है।

इसी के अगले दिन यानी 25 मार्च को धूमनगंज के नीवा में दो लोगों को एक पेटी अंग्रेजी शराब के साथ पकड़ा गया। पकडे गए दोनों व्यक्तियों ने अपना नाम अशोक नगर निवासी मोहम्मद तालीम और बेली निवासी मोनू पाल बताया। इसी तरह 26 मार्च को बैरहना में झूंसी निवासी सतीश जायसवाल को क्वाटर की 65 बोतलों के साथ गिरफ्तार किया गया। लगातार सामने आ रहे मामलों से साफ है कि चौतरफा कड़ी सुरक्षा के बावजूद शराब बेचने वाले अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। 

सूत्रों का कहना है कि लॉक डाउन की चलते चोरी छिपे शराब बेचने वाले तय रेट से कई गुना ज्यादा दाम भी वसूल रहे हैं। ¹65 के पौव्वे के लिए 200 से ढाई सौ रुपए तक लिए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जार्जटाउन के अल्लापुर, करेली के यमुना कछार, कीडगंज नई बस्ती, धूमनगंज के नीवा, शिवकुटी के नया पुरवा, दारागंज की बख्शी, अलोपी बाग, अतरसुइया के रानी मंडी में चोरी छिपे शराब की बिक्री की जा रही है। इस मामले में पुलिस अफसरों का कहना है कि अवैध रूप से शराब बेचे जाने की शिकायतें मिली थी जिस पर कार्रवाई की गई है।
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CoronaVirus: जेलों से छोड़े जाएंगे कैदी, अधिकतम सात साल की सजा पाने वालों को ही मिलेगी राहत

#LockDown: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने यूट्यूब, व्हाट्सएप के माध्यम से शुरू की कक्षाएं

बसें चलने की अफवाह पर प्रयागराज में जुटी छात्रों की भीड़, बुलानी पड़ी पीएसी, हंगामा

roadways bus roadways bus

कोरोना इफेक्ट: 30 मार्च से शुरू होगी 345 कैदियों को छोड़ने की प्रक्रिया

कोविड 19 कोरोना वायरस की वजह से नैनी सेंट्रल जेल से करीब 345 और रेंज स्तर से करीब 1100 कैदियों को छोडने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो जाएगी। नैनी सेंट्रल जेल के सात साल की सजा पाने वाले तीन कैदियों की सजा एक हफ्ते से लेकर 15 दिन में पूरी होने वाली है, इसलिए उन कैदियों ने पैरोल पर जाने से मना कर दिया है। दूसरी तरफ 14 वर्ष की सजा पाए 60 साल से ऊपर के 69 बंदियों के बारे में शासन और समिति की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। जिससे उनके पैरोल की उम्मीद धूमिल हो गई है। 

गौरतलब है कि कोविड 19 कोरोना वायरस के संक्रमण से जेल के कैदियों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सात साल की सजा पाने वाले और इतनी ही समयावधि की धाराओं ने निरुद्ध विचाराधीन बंदियों के साथ 14 साल की सजा पाए 60 साल से ऊपर के बंदियों को जमानत और पैरोल पर छोडने का निर्देश दिया था। शासन के आदेश पर नैनी सेंट्रल जेल से सात साल की सजा पाने वाले 48 सजायाफ्ता बंदियों, सात साल तक की सजाओं में निरुद्ध 300 विचाराधीन कैदियों और 14 साल की सजा पाए 60 साल से अधिक 69 बंदियों को मिलाकर कुल 417 की लिस्ट शासन को भेजी गई थी।

जिस पर शनिवार को प्रदेश की कारागार समिति की ओर से निर्देश आ गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि 69 में से एक की 28 मार्च को रिहाई हो गई है। डीआईजी जेल बीआर वर्मा ने बताया कि पूरे रेंज की आठ जेलों से करीब 1100 कैदी एवं बंदियों को जमानत व पैरोल दी जाएगी। 14 साल की सजा पाने वाले बंदियों के बारे में कोई निर्देश नहीं आया है। रिहाई की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी। 
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मोरारी बापू का पंडाल लगाने आए कारीगर भी लॉकडाउन में फंसे

prayagraj news
संत मोरारी बापू की कथा के लिए पंडाल और कॉटेज निर्माण के लिए आए मेरठ के नौ कारपेंटर लॉकडाउन में फंस कर अब भूख से लड़ रहे हैं। तीन दिन से वह शहर के रेलवे स्टेशनों और बस अड्डभनों पर वाहनों की तलाश कर रहे हैं, ताकि घर पहुंच सकें। लेकिन दर-दर भटकने के अलावा कुछ नहीं मिला। उनकी मदद के लिए अबतक न संस्थाएं सामने आई हैं न सरकार। ऐसे में अब भूख से मरने की बजाए पैदल छह सौ किमी का सफर तय कर घर पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।

जानी मानी टेंट सेवा प्रदाता कंपनी लल्लू जी एंड संस के के साथ मिलकर संत मोरारी बापू की कथा के लिए जर्मन हैंडर स्टाइल वाले भव्य पंडाल का निर्माण करने वाले मेरठ के कारीगर अब यहां लॉक डाउन में फंसकर मुसीबत के मारे फिर रहे हैं।
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इलाहाबाद विवि में छात्रसंघ के नाम पर कमेटी बनाकर की खानापूरी 

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कमेटी तो बना दी लेकिन इसका गठन खानापूरी तक ही सीमित रह गया। इस कमेटी की एक भी बैठक नहीं हुई और अब कोरोना संक्रमण के कारण यह बैठक अनिश्चितकाल के लिए टल गई है। कार्यपरिषद की आगामी बैठक के एजेंडे में भी छात्रसंघ के मुद्दे को शामिल नहीं किया गया है। 

पूर्व कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू के कार्यकाल में इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ को समाप्त कर छात्र परिषद के गठन का निर्णय लिया गया था। यह निर्णय पहले एकेडमिक काउंसिल और इसके बाद एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में हुआ था। हालांकि विश्वविद्यालय और संघटक महाविद्यालयों में भारी विरोध के कारण छात्र परिषद का गठन नहीं हो सका। केवल सीएमपी डिग्री कॉलेज में ही छात्र परिषद का गठन हुआ था। प्रोफेसर हंगलू के इलाहाबाद विश्वविद्यालय छोड़कर जाने के बाद छात्रों ने छात्रसंघ बहाली की मांग शुरू कर दी। 

छात्रों की मांग को देखते हुए कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर आरआर तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली होनी चाहिए और उसके बाद इस मुद्दे को प्रस्ताव के रूप में एकेडमिक काउंसिल की बैठक में रखा गया। 27 फरवरी को हुई इस बैठक में बहाली के मुद्दे पर सीधे  तौर पर तो कोई निर्णय नहीं लिया गया लेकिन इसके लिए कमेटी का गठन कर दिया गया। तय हुआ कि कमेटी जल्द ही बैठक कर छात्रसंघ के स्वरूप पर चर्चा करेगी और इसके बाद कमेटी की रिपोर्ट एक अन्य वृहद कमेटी के समक्ष रखी जाएगी।

वृहद कमेटी छात्रसंघ के स्वरूप को अपनी मंजूरी देगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला कार्यपरिषद की बैठक में लाया जाएगा और वहां छात्रसंघ की बहाली पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी। फिलहाल छात्रसंघ बहाली के लिए बनी कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई। जब  छात्रों ने कमेटी की बैठक तत्काल किए जाने की मांग शुरू की और इसके लिए आंदोलन हुआ तो उन्हें आश्वासन दिया गया कि जल्द ही बैठक होगी, लेकिन इसी बीच कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने लगा।

विश्वविद्यालय में परीक्षाएं, बैठक, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस आदि सभी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए। उधर, विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की आगामी बैठक के लिए जो एजेंडा जारी किया गया, उसमें छात्रसंघ बहाली के मुद्दे को शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में छात्रों को छात्रसंघ बहाली के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है
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प्रयागराज में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की सूचना से हड़कंप

झूंसी के चकहरिहरवन गांव में एक युवक के कोरोना पॉजिटिव मिलने की सूचना से हड़कंप मचा हुआ है। बताया जाता है कि 25 वर्षीय युवक गुलाल यादव में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। ग्रामीणों की सूचना पर उन्हें बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोरोना होने की पुष्टि नहीं हुआ है। 

कोरोना संदिग्ध को भेजा गया अस्पताल

शनिवार को घूरपुर क्षेत्र के एक गांव में मुंबई से आए युवक की तबियत खराब होने से गांव के लोग कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका से भयभीत हो गए। गांव वालों ने घूरपुर पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई करने की मांग की लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। जिस पर गांव के लोग एसडीएम बारा से मिले । उनके आदेश पर दलवाबारी गांव निवासी युवक को स्वास्थ्य विभाग की टीम इलाज और जांच के लिए अस्पताल ले गई।
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लॉकडाउन से मुक्त किए गए किसान, कर सकते हैं कटाई और मड़ाई

किसानाें को फसलों की कटाई, मड़ाई, बुआई आदि के लिए नहीं रोका जाएगा। इतना ही नहीं उन्हें उपकरण, कीटनाशक, बीज, खाद आदि की भी कमी नहीं होगी। इन्हें आवश्यक वस्तुओं में शामिल कर लिया गया है तथा इनकी आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी। हालांकि, खेती के दौरान किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सामुदायिक दूरी से संबंधित निर्देशों का पालन कर रहे हैं।

रबी की फसलों की कटाई और मड़ाई शुरू हो गई है, लेकिन कई जिलोें में किसानों को इससे रोके जाने की शिकायत हुई थी। दूसरे जिलों से आने वाले थ्रेशर, कंबाइन हार्वेस्टर तथा अन्य उपकरणों को भी रोक दिया गया है। इसके अलावा बीज, कीटनाशक आदि की दुकानें भी बंद हैं, लेकिन अब इन्हें भी आवश्यक सेवाओं में शामिल कर लिया गया है। इस संबंध में डीएम भानुचंद्र गोस्वामी की ओर से शनिवार को आदेश जारी किया गया।

इसके तहत खाद, बीज, खेती से संबंधित रसायनों की थोक एवं फुटकर दुकानों से पहले की तरह ही बिक्री होगी। सड़क और रेलवे के माध्यम से इनकी ढुलाई भी जारी रहेगी। इसके लिए आवश्यकतानुसार मजदूरों को पास जारी किया जाएगा। कृषि से संबंधित उपकरणों के ले जाने पर रोक नहीं होगी। खेती से संबंधित अन्य काम भी होंगे। किसानों को रोका नहीं जाएगा।

रिटायर डॉक्टरों की भी ली जाएगी मदद

कोरोना वायरस से बचाव के क्रम में जरूरत पड़ने पर रिटायर डॉक्टरों की भी मदद लिए जाने की योजना बनाई गई है। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने शनिवार को सीएमओ से विगत 10 वर्षों में रिटायर डॉक्टरों की सूची मांगी है। उन्होंने सीएमओ से यह भी कहा कि रिटायर डॉक्टरों से बात कर लें कि उनकी किसी भी समय जरूरत पड़ सकती है। इसके लिए तैयार रहें। डीएम ने बेली अस्पताल का निरीक्षण भी किया तथा तैयारियां देखीं। प्राइवेट वार्ड में सीलन पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी वार्ड को देखने के अलावा आवश्यक वस्तुओं की बाबत जानकारी ली। डीएम ने मॉकड्रिल कराके तैयारियों को परखने का भी निर्देश दिया। 
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बिना स्कूल गए 31 मार्च को रिटायर हो जाएंगे साढ़े सात हजार शिक्षक

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत साढ़े सात हजार शिक्षक 31 मार्च को रिटायर हो जाएंगे। कोरोना के चलते पूरे प्रदेश में लॉकडाउन होने से परिषदीय विद्यालयों में अवकाश चल रहा है। ऐसे में शिक्षक सेवा के अंतिम दिन स्कूल नहीं जा सकेंगे। स्कूल बंद होने के चलते शिक्षकों एवं कर्मचारियों का विदाई समारोह नहीं हो सकेगा। शिक्षकों के रिटायरमेंट के अंतिम दिन ही उनके सारे भुगतान करने का निर्देश सचिव बेसिक शिक्षा परिषद रूबी सिंह ने दिए हैं। 

सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों को रिटायरमेंट के देयकों का नियम संगत भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पत्र के बाद वित्त नियंत्रक बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर अवकाश ग्रहण करने वाले शिक्षकों कर्मचारियों की जानकारी मांगी है

31 मार्च को सेवानिवृत्त होंगी रूबी सिंह

सचिव बेसिक शिक्षा परिषद रूबी सिंह भी 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो जाएंगी। प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहने वाली रूबी सिंह की शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी हुई है। वह प्रयागराज की मूल निवासी हैं।
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