ललिता के द्वारे गूंजे गीत, लगाए जयकारे

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vinod kumar singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 12 Apr 2019 01:51 AM IST
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navratri - फोटो : प्रयागराज

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वासंतिक नवरात्र के दौरान बृहस्पतिवार को घरों और शक्तिपीठों में भगवती के छठे कात्यायनी स्वरूप का दर्शन, पूजन किया गया। सिद्धपीठों, देवी मंदिरों में दिन भर पाठ और अनुष्ठान हुए। मंगला आरती से लेकर शृंगार के पूर्व और फिर शृंगार दर्शन केलिए रात तक दर्शन, पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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मीरापुर स्थित सिद्धपीठ त्रिपुर सुंदरी राजराजेश्वरी ललिता देवी मंदिर में देवी आभूषणों संग ग्यारह प्रकार के फूलों से सजीं। मंदिर परिसर में महिलाओं की टोली ने जमकर देवी गीत गाए तो बेटियों ने नृत्य करते हुए सभी को मंत्रमुग्ध किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर, पीसी वर्मा, महेंद्र मालवीय आदि की देखरेख में परिसर में श्रद्धालुओं के दर्शन और भंडारे की व्यवस्था की गई। कई समितियों की ओर से निशान भी चढ़ाए गए।


सिद्धपीठ कल्याणी देवी मंदिर में देवी कल्याणी दस भुजाओं के साथ कात्यायनी स्वरूप में सजीं। भक्तों की ओर से ध्वजा पताका के साथ ही हलुआ पूड़ी का प्रसाद चढ़ाया और बांटा गया। आचार्य सुशील पाठक, अनिल पाठक, दिलीप पाठक, श्यामजी पाठक की देखरेख में भगवती का मनोहारी शृंगार कराया गया। साथ ही दर्शनाथियों की व्यवस्था की गई।

अलोपीदेवी स्थित सिद्धपीठ अलोपशंकरी में पालना झुलाने, दर्शन, पूजन को होड़ रही। श्रद्धालुओं का पूजन एवं पाठ करने के लिए आने का क्रम पूरे दिन बना रहा। चौक गंगादास स्थित खेमामाई मंदिर में कंचन मालवीय की देखरेख में भगवती नवदुर्गा आभूषणों तथा फूलों से सजीं। महिलाओं की टोली की ओर से भजन संध्या हुई। इसी तरह हनुमत निकेतन के दुर्गा मंदिर, शास्त्रीनगर तिराहे स्थित देवी मंदिर, सुल्तानपुर भावा स्थित काली मंदिर, हाईकोर्ट पानी टंकी स्थित देवी अष्टभुजी मंदिर, मुट्ठीगंज स्थित कालीबाड़ी, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर स्थित अष्टभुजी माता मंदिर, भारद्वाज आश्रम परिसर स्थित कालीबाड़ी, कटरा कालीथान में श्रद्धालुओं की कतारें लगीं।

प्रयागराज। चैत्र नवरात्र के तहत 12 अप्रैल को सुबह 10.18 बजे से 13 अप्रैल को सुबह 8.16 बजे तक अष्टमी तिथि होगी, उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी। इस प्रकार अष्टमी तिथि की महानिशा पूजा 12 अप्रैल शुक्त्रस्वार को की जा सकेगी। ज्योतिर्विद आदित्य कीर्ति त्रिपाठी के मुताबिक प्रतिपदा और अष्टमी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु तेरह अप्रैल को ही अष्टमी का व्रत रखेंगे।

शिरडी साई पालकी शोभायात्रा मीरापुर हनुमान मंदिर से चौदह अप्रैल को शाम चार बजे निकाली जाएगी। यह यात्रा अतरसुइया, रानीमंडी, लोकनाथ, मुट्ठीगंज होते हुए मुंशी राम प्रसाद की बगिया पहुंचकर पूरी होगी। सचिव धर्मेंद्र कुमार मित्रा के मुताबिक बाबा की पालकी शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

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